Up next
11 Views · 17/02/15
12 Views · 20/02/02
Inqilab-e-Islami K Samrat | H.I Yawar Abbas
0
0
29 Views·
24/07/29
In
Other
Record date: 30 may 2021 - انقلاب اسلامی کے ثمرات
AL-Mehdi Educational Society proudly presents new Executive Refresher Course for the year 2021 under the supervision of specialist Ulema and Scholars who will deliver though provoking lectures Every Weekend.
These video lectures are presented by aLmehdi educational society, Karachi for our youth.
For more details visit:
📡 www.almehdies.com
🖥 www.facebook.com/groups/almehdies
🎥 www.youtube.com/almehdies
🎥 www.shiatv.net/user/Al_Mahdi_Edu
Show more
Transcript
[0:00]झाल कि अल्लाह मनुष्यत्व 999 जिम की सलाह रहमान और रहीम कि
[0:20]अल हमदुलिल्ला ही रब्बुल आलमीन अस्सलातो वस्सलाम हजारों की लंबी या एवं
[0:26]अश्लील मैं अभी दहला हिलाल अमीन अलर्जी सुमित ऑफिसर माय ब्राह्मणत्व फ्लॉवर्स
[0:36]इन वैल्यू समय मुहम्मद स यह वाला है ऋग्वेद तत्व भिन्नता हेयरी
[0:46]एनल मासूमीन अल्लादीन आघाव वन फॉर्म ओर रिच सभ्यता और हुकुम ततहीर
[0:53]और लुट कर दो जो अलार्म क्लॉक ज्यादा आधा अहमद महीन कॉल
[1:00]रसूल्लल्लाह सल्लल्लाहू अलैही वा आलेही व सल्लम आंवला मधुमति इंतजार उर्फ राज
[1:14]ए के पुत्र गाने मातरम और नौजवानों ने अजीज थे फादर थे
[1:19]खत्म रजत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहू अलैही वा आलेही व सल्लम है कि
[1:28]दबाने मुबारक से जारी होने वाली इस मसूड़ों मारूफ प्रक्रिया पर कि
[1:35]इमाम ख़ुमैनी और मोहब्बतें हवेत और उसके साथ इंकलाब ए इस्लामी के
[1:43]जो सम्राट हैं और हसरतें कि इस मौजूद ऊपर ऐसा देश के
[1:50]तेल में उतारे शायद आपकी सदन में पेश करना मकसूद है में
[1:53]पहुंचे मारूफ अतिशेष रसूल्लल्लाह सल्लल्लाहू अलैही वा आलेही व सल्लम का कौन
[1:57]है क्या आपने इरशाद फरमाया मेरी उम्मत के बेहतरीन आर्म होल में
[2:06]से जो अमल है वह इंतजार फर्ज है से 12 चुके हैं
[2:15]कि इमाम अली सलातो सलाम का इंतजार करना मुख्तलिफ तरीकों से आई
[2:22]एम अलैहेमुस्सलाम तो सलमान सोमी अली सलातो सलाम ने इस सिलसिले के
[2:27]कि गु फरमाइए के आगे जो सिलसिला जो होने वाला है जो
[2:32]अमावस रात और सलाम ने जूस फरमाना है और उसकी जो तब
[2:39]सिला है कि इस बार जो गुप्तगू है वह यही लव से
[2:41]इंतजार पर है से मुकद्दमा स्तन जो कि मुझे जाना है एक
[2:47]मुमताज तरह की थी के सिलसिले में यह कौन सा मुमताज और
[2:53]मुमताज़ रेहटि है सलवार दीजिए मोहम्मद वाले मोहम्मद पर है को लाइक
[3:01]और सल्वाटोरे मोहम्मद वालों में सुंदरता है अजय को मैं तुम्हें ममता
[3:11]जी ने आखिरी कौन है उसकी शुरुआत क्या है क्योंकि हममें से
[3:16]हरेक की ख्वाइश है के मामले सलातो सलाम का सही मुमताज और
[3:19]बन सके अब तो सही इंतजार करने वाला बन सके और जो
[3:22]जिम्मेदारी खुदा ने और अन्य हम पर आयोजित की है उसको सही
[3:29]तौर पर आधार कर सके और वजह है कि हमारी की जिंदगी
[3:36]में जो अहम तरीन ज़िम्मेदारी है वह विलायत का दे पाए ए
[3:40]आर रहमान का दिखाया हफ्ता दे पाए है और यह बहुत में
[3:48]इस दफा करने वाले को मंत्र कहते हैं और हटी मुंतजिर कहते
[3:54]हैं यहां पर है सुनील गुप्ता व्यापक हित में कदम आदि तौर
[3:56]पर एक दो ल मंजिलें फिर हंसने मतलब अ मैं इंतजार कमाना
[4:02]या तो यह सकता है कि हम शुद्ध तैयार करें हैं और
[4:07]सब कुछ खुदा पर छोड़ दें तो कि खुदा खोज ऐसे अल्लाह
[4:15]पैदा कर ले और खुदा ऐसी एकमात्र जारी करें कि दूर हो
[4:21]जाए ठीक है नगरिया हो सकता है इस इंतजार का मानना ही
[4:23]होगा कि जिस तरीके से मिसाल दी जाती है छोटे बच्चों के
[4:28]लिए पेश करूं कि आपने किसी को अगर अपने हम मेहमान बुलाया
[4:31]है तो अगर आपने अपने आप किसी को मेहमान बने इस तरह
[4:35]मेरी तरफ से मेरी तरफ से को इंतजार था अपने किसी को
[4:42]अपने घर में मानपुरा है अपने घर मेहमान बुलाए किसी को तो
[4:44]आप इसका एक तरीका है कि आपने उसको फोन करके मेहमान को
[4:48]बुला लिया और फिर भी बिस्तर पर आराम से सो जाएं जब
[4:52]वह आएगा तब देखेंगे अब कि क्या यह मुनासिब इंतजार हैं तो
[4:57]क्या आप घर में मेहमान को बुलाकर बिल्कुल इस मैदान की चादर
[5:03]और ऐसा तरफ कुल वल्लाह नहीं मांगा है उसका व कुल को
[5:08]तब कुछ समझ गया प्लेट जाए तो कि क्या के मेहमान खुद-ब-खुद
[5:14]जाएगा सारी चीजें खुद-ब-खुद पहरिया हो जाएंगी जो इस मेहमान कि शायद
[5:17]नए शाम चीज है वह खुद-ब-खुद बयां हो जाएगी तो हर कोई
[5:22]भी मां पूर्ण इंसान इंतजार करो इंतजार नहीं मानेगा इसको घबरा तो
[5:27]कहेगा इसको अपने आप से धोखा तो कहेगा इसको उस मेहमान की
[5:33]शान में तोहीन तो कहेगा ना मैं इंतजार रहेगा एक दूसरा शब्द
[5:39]है जो अपने आप किसी को मेहमान बुलाता है तो अपने आने
[5:41]वाले मेहमान का इंतजाम करता है जो उसकी जाया निशान है जो
[5:47]उसके मुताबिक इंतजार का जुर्माना हो सकता है वह तमाम करता है
[5:50]तो आपको यह जो इंतजार का मानना है कि इंतजार का मानव
[5:55]सुकून तो नहीं है एक हफ्ता बाद लोगों ने यह नगरिया भी
[6:00]पेश कर दिया कि हदीस आगे कहती हैं कि जब आप तसरीफ
[6:02]लाएंगे तो जो जिस तरीके से जमीन ज़ुल्म व जौर से पूर्व
[6:07]होगी आप इसी तरीके से जमीन को फॉलो इन सादतपुर कर देंगे
[6:13]तुम फरमाते हैं मौला जब आएंगे तब जमीन गुना से जून से
[6:15]पूर्ण हो जाए तो इसका मतलब यह समझते हैं और कहते हैं
[6:20]कि हमारी जिम्मेदारियां खूब जुल्म करो तो है क्योंकि उनके आने के
[6:24]लिए दुनिया में जून से पुराना है तो हम पहले दुनिया को
[6:26]झंझारपुर कर दें ताकि वह आ जाएं अवश्य भाई जी एक रिमाइंडर
[6:31]सलातो अस्सलाम को बुला रहे हैं जून के जरिए है है यानी
[6:36]एक आद दिन को तड़प कर रहे हैं दुबई जरिए जिसने अदालत
[6:41]को काम करना है उसको ढूंढ पूरा पुकारा जाता है महत्वपूर्ण नहीं
[6:47]है में बहुत वादे कोई भी क़ुबूल नहीं करता चाहे मुसलमान ना
[6:51]भी वहां पर इंसानी उसको कुबूल नहीं करती कोई ज़ुल्म कभी है
[6:54]मैं तो इंतजार का माना क्या होगा आ कौन-कौन सा ममता तौर
[7:00]पर जल जाएगा कौन सा मंत्र मंत्र हटी है मैं इंतजार का
[7:06]मानव डीएक्टीवेशन नहीं है मैं इंतजार का मानव शहर फाइल हो जाना
[7:13]नहीं है अतः बाद लोगों का कहना यह है कि हिमालय मुर्सलात
[7:14]वसल्लम ने फरमाया के घर के अंदर चले जाओ और एक कोने
[7:19]में बैठ जाओ ना जाने क्या क्या भींच कि इस इन आदेश
[7:25]की बाकायदा तस्वीर तस्वीर मौजूद रहे थे है बालों का इंतजार का
[7:32]मतलब क्या घर के अंदर बैठ जाओ 387 है मलाइका है ना
[7:37]कि वह कौन सिर्फ इतना थे कब मिलूं उन जब इतना बरपा
[7:39]हो तो ऊंटनी के उस बच्चे की मां ने हो जाओ न
[7:44]जिससे धोया जाता है न जिस पर सवारी की जाती है और
[7:47]इसका मतलब क्या है इस जानवर को भी किसी कोठरी में बंद
[7:51]कर दो बस यह उड़ा दिए इस चीज की थी कि यह
[7:56]कहना चाहते है मौला कि सारी कॉम जो इमाम को ही मानती
[8:00]है वह घरों में रह जाए तो कि पशु लिए तैयार कर
[8:06]लेगा मेरा यह इंतजार है ही मुमकिन एस का इंतजार दस्तावेज़ करेंगे
[8:10]या इस इंतजार इस सुत और इस खामोशी और इस गफलत के
[8:15]नतीजे में अभद्रता जाएंगे तो कि मुमकिन नहीं ऑफिस कंधार माने या
[8:22]ऐसे सब्सक्राइब अवतार से समझाएं जो काफी लोग हजरत कैसे उठे और
[8:26]उसके मामलात से उसको ना दुश्मन सदस्य उसके पास न दोस्तों राशियों
[8:29]नो सर यह बताओ कि दुश्मन क्या कर रहा है ना यह
[8:32]बताओ कौन लोग जरूर के लिए कोशिश कर रहे हैं ये कौन
[8:36]लोग हैं जो मैदान में मौजूद है कुछ नहीं पता उसको क्या
[8:41]था इंतजार काम आ रही है क्यों जब मोना आ जाएंगे तब
[8:45]सब कुछ ठीक हो जाएगा तो मैं ठीक हो जाऊंगा यह उन
[8:49]कर दे रहे हैं कि यह बिल्कुल वैसी है जब कुएं में
[8:53]उतरा मुस्लिम अलैहिस्सलाम को मॉल आने भेजा है तो बहुत लोगों ने
[8:57]यही कहा वहां कि जब खुद हुसैन आ जाएंगे तब हम देखते
[9:02]होंगे तो नतीजा क्या हुआ है तो अब बताइए मौला हुसैन नरेश
[9:08]राठौर सलाम कर्बला जाने के बजाय अगर कुएं के हालात बेहतर हो
[9:11]जाते और वहां के लोग सही इंतजार करने वाले होते हैं और
[9:16]मौला आते हैं और यह सारे मिलके इतने जात को दारुल हमारा
[9:20]को उठाकर बाहर फेंक देते हैं उसकी कीमत को खत्म करते और
[9:23]इस हुकूमत को मौला हुसैन के हवाले करते तो हालात क्या होते
[9:29]हैं और क्या हाल है दोस्तों स्वागत है तो बिल्कुल हालात बदल
[9:35]जाते ना कि नहीं यह बता देता कैश विड्रॉल गुर्जर खुद आ
[9:38]जाएगी तब हम एक्टिव होंगे बड़े नाम आपने देखा मुक्त रहेंगे बड़े
[9:46]नाम हिंदू मुस्लिम के साथ देना शुरू कर देने किसका जनाबे मुस्लिम
[9:50]का साथ देना जो श्यमवा उ ने पराज मंसूब नुमान अहमद ने
[9:59]भेजा है जिसको उसका साथ नहीं दे रहे कह रही तभी मामा
[10:01]आएंगे तब देखेंगे मुस्तैद रहेंगे है तो अब बताइए जो कुएं में
[10:06]अगर कुछ कर सकता था और उसने ना किया है इमाम हुसैन
[10:10]के लिए आपके मेरे नजदीक को क्या है अलैहिस्सलाम हेलो अतुल हाल
[10:14]है अगर कर सकता हूं ना किया हो उसकी बात नहीं कर
[10:19]रहा जो मजबूर एक खेत में पड़ा है जो कुछ कर सकता
[10:23]हूं और करने वालों ने किया जहां वे मुस्लिम जनाबे हल्दी जैसे
[10:27]लोग लिख लेने निकले वहीं से ए कि जब राजनीतिक हालात सिर्फ
[10:32]इसका पर लेकर जाओ खुद को उच्चतर खुदा से छोड़ दो यह
[10:34]महाशय इस काबिल नहीं रहा है क्या-क्या उच्चतर खुदा को रास्ता दे
[10:40]दिया है तब चलो इज्जतदार से मिल जाते ना यह सब है
[10:41]ना ही मौजूद तो यह जो दोसर से उन सारे लोगों में
[10:46]यह मुमताज़ अगर आप नहीं आ रहे हैं इन्हें अपने इन्होंने अपने
[10:51]आपको खैर फाल्गुनी कर लिया दी एक्टिव नहीं कर लिया घर में
[10:54]बैठ जाते हैं है इसका मतलब है कि यह माना नहीं है
[10:57]इंतजार का के डिटेक्टिव हो जाए और घर के अंदर भेजा कुछ
[11:02]ना करें और इंतजार करें उस समय लाइव सुन्नत हिलाई के जारी
[11:07]होने का कोड खुदा करेगा सब कुछ होता है तो इतना नहीं
[11:09]करता कि आपके आगे जो निवाला रखा है ना दस्तरखान पर खाना
[11:13]रखा है आप यह सोच कर बैठ सकते हैं आप छोड़कर के
[11:18]गोदामों तक पहुंच जाएगा अब तो यह मान्यता व को लगा कि
[11:22]सामने खाना रखा हो गया ख़ुदा कुछ खिलाएगा अ ये तो खून
[11:25]है कि नहीं तो हाथ बढ़ाने का तैयार है इंसान उच्च के
[11:29]लिए आगे बढ़ने को तैयार नहीं है मैं इंतजार कमाना है इंतजार
[11:35]के महान नेता माना है इंतजार का जो रहे बारे में बहुत
[11:37]दम पर मानते हैं इंसान का एक्टिव होना विलायत के लिए और
[11:42]यह एक्टिवेशन 24 घंटे की एक्टिवेशन है कि यह वह मंत्र नहीं
[11:50]है जो एक क्वेश्चन में ठीक है दूसरे में कमजोर हो तो
[11:53]कि 24 घंटे के अंदर यह एक्टिवेट 24 घंटे में क्या कहेंगे
[11:59]बच्चे करेंगे तो आपको सोना तो है यह सोचता भी है तब
[12:04]डिफ़ाल्ट में ड्रायर के लिए अ कि इसकी नींद भी दिमाग बढ़ाने
[12:07]के लिए कैसे हो कि कैसे Tubelight के लिए जब यह इसलिए
[12:14]सो रहा है कि इस बटन को आराम देता कि सुबह उठकर
[12:16]कभी होकर काम कर सके अब कि 24 का आराम विभाग है
[12:22]पर शामिल हो गए न हो गया बटन शामिल हो गया फिर
[12:26]जब यह निकलता है सुबह उठकर कामों के लिए निकलता है तो
[12:28]इसका हर कम विलायत के दिमाग के नहीं है इसके हमलों में
[12:33]इसका इसका सारी जिंदगी का जो सोचना है जो करना है वो
[12:38]क्या है विलायत का दिखा कि हर कदम जहूर के लिए ऐसा
[12:46]कि जुमे का दिन मौला से मखसूस है एक छोटे बच्चों की
[12:51]एक डिस्कस जानती उन्हें बच्चों से पूछा बच्चे के सारे अपने ऐतबार
[12:54]से जवाब दे रहे थे कि का जिम्मा का दिन हजरत के
[12:59]लिए मखसूस है का मामला को कभी याद करना चाहिए काजू मेरु
[13:01]ऊ में बढ़ोतरी पूजा रखता है बोलो कब याद करें बहुत से
[13:07]बहुत दूर निकल पड़ते हैं यह कौन का है यो यो उनका
[13:13]हक है कि जब दुआ नुस्खा पढ़ी जाएगी आज लाल मस्जिद कहा
[13:18]जाए तब याद किया जाए हां यह कमजोर मुझ जैसे कमजोर मंत्र
[13:23]की अलामत है और जो कभी मंत्रों का वह क्या करेगा वही
[13:25]याद नहीं करता वह याद रखता है याद करने वाले और याद
[13:32]रखने वाले बहुत पर है यार तू वह करता है जो भुला
[13:38]देता है और नहीं बोला था वह हमेशा याद रखता है है
[13:41]है तो यह जो इंतजार कमाना इंतजार कमाना है इंसान का अपने
[13:47]आपको विलायत के लिए एक्टिव करना वह कैसे होता है जब इंसान
[13:54]अपने यात्रा पर माहौल के ऐतबार से हंसा सुनाओ उसको मालूम मैंने
[13:56]हो तो उसके तरफ में हो क्या रहा है या उसको अपने
[14:00]साथ क्या हो रहा है न उसको अपने बारे में मालूम है
[14:04]नाथ राय के बारे में मालूम है मैं तुझे नहीं मालूम होगा
[14:09]तो हंस साथ नहीं होगा साथ नहीं होगा तो कभी एक्टिव नहीं
[14:11]होगा इंसान का व्यक्ति होता है जो मतलब महसूस हो जैसी आपको
[14:18]कोई खतरा महसूस होता है कुछ समय चाहिए भी बचाते लेकिन अगर
[14:23]खतरा ही महसूस ना हो तो इंसान अपने आपको बचाएगा कभी भी
[14:26]मैं जय श्री महा से हवा चलती है और कोई खास कर
[14:30]रहा है आपकी आंख कितना पाता ख्याति खुली रहती बन जाती है
[14:34]कि आप फौरन उस खतरे को महसूस करके बंद हो जाती है
[14:39]अपने आपको बचाने के लिए के मैं इसी तरीके से जब आप
[14:44]अपने हाथ तरफ से हस्सास होंगे और हंसता होने के लिए जरूरत
[14:46]क्या है क्या बस यही अपराध के बारे में मात्रा चाय आप
[14:51]एक घर की बात करें मोहल्ले की बात करें इलाके की बात
[14:56]करें शहर की मूल की दुनिया की याद जब उत्साहित होंगे जब
[15:01]आप को सही मान उम्र आधारशिलाओं जब आप जानते हो क्या रहा
[15:04]है दुनिया में हो को सबसे ज्यादा बताइए सबसे ज्यादा किस चीज
[15:07]के सिलसिले को धोखा दिया जाएगा सबसे ज्यादा विधायक ठीक है धो
[15:14]कर दिया जाएगा इंसान को उसे मालूम भी नहीं होगा आया विलायत
[15:17]दबा कर रहा है वेलवेट खराब चल रहा है मैं इतना खतरनाक
[15:23]तरीन समान है जिसमें आप और हम आ गए इतना हंसा तरीन
[15:28]दबाना है आपके सामने सारे दुनिया के अंदर हो रहा है आजकल
[15:30]कितना सस्ता है हमारी जगह एक मंत्री को ये सोचना नहीं चाहिए
[15:36]यह सारा दुनिया में जो हो रहा है इसमें उसकी पोजीशन क्या
[15:43]है कि उसके अपने हिस्से का काम क्या है हो जाएंगी अगर
[15:45]कोई सूरत हाल हो और फौजी को यह मालूम ही न हो
[15:49]इसकी जिम्मेदारी कि यह काम करेगा कितनी अच्छी बहु जी हो जाऊं
[15:54]तो यही नहीं मान उसकी ड्यूटी क्या है इसे करना क्या है
[15:56]तो यह जो दूर के सिलसिले में आप और हम सारे इतनी
[16:01]हास्य देख रहे हैं दिन-ब-दिन लम्हा लम्हा कितना करीब 2,000 है मामला
[16:07]है कि हमने साफ किया कि हमारी जिम्मेदारी बनती है या मारी
[16:11]ड्यूटी क्या होती है हमें कहां खड़ा होना चाहिए क्या सोचना चाहिए
[16:14]तो यकीनन हमें सोचने की जरूरत है है क्योंकि खतरा यह लाख
[16:21]रह चुका है कि परवरदिगार ने अपनी सुन्नत जारी कर देनी है
[16:24]किसी का इंतजार नहीं करना है कि वह जब सुन्नत फैलाई जा
[16:31]रही होती है तो फिर वहां पर किसी का इंतजार नहीं होता
[16:35]जब सुनना फैलाई जा रही हूं तो 72 ही थे ना डुबो
[16:37]है व्रत से अ जो अलार्म कितना इंतजार किया जिन्होंने अपने आपको
[16:41]हमारा क्या बुजुर्ग है मामू सा इंतजार कर को मौज उन्होंने नहीं
[16:46]किया हो रहा है तो यह जो रहेगा का मसला नहीं आप
[16:52]बहुत खतरनाक गए अब यह बहुत खतरनाक हिस्से में दाखिल हो चुका
[16:55]है सिलसिला अ कि आपने बाहर रहा वह सुना होगा कि बुजुर्ग
[16:59]का कहना कि लगता है सारी की सारी दुनिया आमादा हो चुकी
[17:04]है दूर के लिए सिर्फ जुहूर भरे शरीर का मंत्र यह पाकिस्तान
[17:10]और हिंदुस्तान का इलाका यह तैयार हो जाए तो दूर हो जाए
[17:14]तो कौन-कौन है पाकिस्तान में और हिंदुस्तान में हमारे और आपके इलावा
[17:20]अ हैं अब बताइए अगर कब तक खुदा Android करेगा इतनी बड़ी-बड़ी
[17:25]निशानियां दिखाने के बाद भी फसलों के धोखे में बाधक आज भी
[17:31]धोखे में आज उनकी समझ में नहीं आ रहा है सारी दुनिया
[17:32]कह रही है कि फिलस्तीन की हीरोइन मदद कर रहा है वह
[17:37]बहुत सारे लोग यह बात मत करो सब लोग अभी जिस वजह
[17:41]हमारे अपने लोग हैं कि फिल्म को बात समझ में नहीं आ
[17:46]रही यह समझ में नहीं आ रही है समझ में समझना चाहिए
[17:48]नहीं रहे हो तू कितनी बड़ी बड़ी निशानी है जो आपने हमने
[17:53]खुद देखिए ना अभी भी तू कितनी बड़ी बड़ी निशानी है जो
[17:57]यह सारी की सारी जॉइंट चलावे सलामी के बाद श्रृंखला में हराने
[18:01]की सूरत में दबाइए अ आज शाम को मैंने इस सदी का
[18:06]मुमताज़ तरह की यह अ लिए रिमाइंड आर रहमान अभी बरसी आने
[18:12]वाली है ना दिमाग को यानि कि तीन चार दिन के बाद
[18:13]तमाम को में हनीमून तरह की है सदी के इस नजर से
[18:20]आप उनको देखिए किमाम को मैंने इस सदी के अंत तक रहती
[18:26]चाहिए अब बताइए मुमताजीर फर्जी तौर पर जिम्मेदार नहीं है कि दाउद
[18:30]के लिए कोशिश करें यकीनन है लेकिन अगर मुमताजीर अपनी फर्ज और
[18:37]अपने आप से निकलकर पूरा एक इलाका तैयार करते हजरत के दूर
[18:41]के लिए हैं हैं अब बताइए सच्चे दिल से बताइए बगैर किसी
[18:46]उसके कि बगैर किसी विचार के बताइए हजरत अगर तसरीफ आएंगे दुनिया
[18:51]के किसी इंसान से पूछो कि हुकूमत की सतह पर सबसे बड़ी
[18:57]कौन से हुकूमत हजरत नियुक्त करेगी का हुकूमत थी तथा पर सबसे
[19:03]बड़ी हुकूमत धर्मराज के दूर होते ही या दूर से पहले सबसे
[19:05]ज्यादा कौन से हुकूमत नेचुरल कर रही है जो मदद कर रही
[19:09]है हजरत के दूर के लिए क्या जवाब देगा हर आदमी है
[19:13]और इस हुकूमत के पीछे कौन है कि इस हुकूमत को अमली
[19:22]शकल दिया किसने दिए आज जो कुछ भी इस्लाम और हक के
[19:27]दिशा में हो रहा है और जो कुछ भी इनके अलावे सलामी
[19:32]के बाद जो इरान कर रहा है इसके पीछे कौन है का
[19:34]पहला आदमी कौन है सदी का अतिशय हुकूमत बनाकर दिखाइए अ आप
[19:40]अकेले तैयार नहीं हुए दूर के लिए पूरी एक हुकूमत आमादा करके
[19:47]ही व्रत को क्या तशरीफ़ लाइए अ कि कोई पूजा आपसे मुझे
[19:54]अगर कोई पूछे के इंकलाब स्वामी ने दिया क्या है तो हमारे
[19:57]साथ से तो काफी है इतना ही कहना कि इंकलाब ए इस्लामी
[20:01]ने तो हमें कासिम सुलेमानी दिया है यही काफी है भगत जी
[20:06]कि यह किस्मत सबका भला वह इंसान है काजल राघवानी कि यह
[20:12]अबू मेहंदी चाहिए किस मजहब के लोग हैं किसने दिए हैं यह
[20:18]लोग ओं है जिसने हमारे के किसने तबीयत कि यह लोग आज
[20:20]तो यह मन में जो कुछ भी हो रहा है और यह
[20:24]हिमायत और यह दूसरा तो रही है कौन से हुकूमत कर रही
[20:28]है वह नसरत अ है या आगे चलकर अभी जो और मसला
[20:33]है बहरा में कौन मदद कर रहा है अभी यह तो फिर
[20:38]चीन की जगह है और अभी वह नहीं है इस जंग में
[20:38]आप सवाल और सारे सवाल है अपने आप दबा लें इस जंग
[20:43]में यह पत्थरों से लड़ने वाले लोग मिर्च अदरक ऐसे रहे हैं
[20:50]ए पत्थर से मिसाइल हां कैसे करेंगे पास है कि वहां से
[20:56]हुकूमत ए इस्लामी ने हर महादेव पर जहां कोई मजरूआ कर हुआ
[21:02]है मसाले हुए हुकूमत हम इसे खड़ी है और अधार्मिक इसका समय
[21:05]है यह किसने लगाया यह पौधा जो आए समझ दे रहा है
[21:11]हैं और अगर सबसे बड़ी दलील चाहिए तो खोमैनी साहब ने ज्योति
[21:17]हैं इस्लाम को वह सबसे बड़ा जॉन इस उपाय हजरत इमाम खुमैनी
[21:21]ने दिया है वह अतुला खान मनाई की सूरत में दिया है
[21:25]कि यह बहुत कम को किसी पर भी ऐड किया है ए
[21:31]कौन है जिसमें तबीयत करके है ब्रम्हानंदम इस्लाम को दिया है घृत
[21:38]लव ऊ है और इस जैसे न जाने कितने समय रहते हैं
[21:41]और आप और हम महसूस करने की जरूरत खबर चीजों को दूर
[21:45]करने की जरूरत है इस दुनिया में इस लेख है मेरे पास
[21:50]यह कहना है कि दुश्मन सबसे ज्यादा जो आपको मुझे बहता है
[21:55]और हवा करता है वह सोशल मीडिया कि सोशल मीडिया में आकर
[22:00]बहुत को तस्वीर का शिकार करता है एक बहु राशि बात करता
[22:04]है एक गैर में फूल बात करता है और आम आदमी उससे
[22:05]जो है मुझे भी जाता है इतनी बड़ी-बड़ी याद इतनी बड़ी-बड़ी निशानियां
[22:11]देखकर आ कि वह सोशल मीडिया आपको ले जाता है कहीं और
[22:13]और तस्वीर का कोई रोता दिखाता कोई और है हैं अब बताइए
[22:20]पूरा सोशल मीडिया पूरी यह सगुनी लॉबी पूरी है वहाबी लॉबी सबसे
[22:25]ज्यादा किस एडिट कर रही है को सबसे ज्यादा इनको किससे दुश्मनी
[22:33]है को सबसे ज्यादा पर किस अभिमानी कर रहे हैं वह घरेलू
[22:35]चीजों के बाद क्योंकि हुकूमत से करेंगे चीजों की हुकूमत ने उसकी
[22:41]क यादव चेक करेंगे तो कि सोशल मीडिया पर आप लिख कर
[22:45]चेक कर ले YouTube पर चेक करने फेसबुक पर चेक कर ले
[22:47]जो पहुंच गई की गई है जो तो वहीं की गई है
[22:51]है लेकिन सूरज पर थूकने से कोई थूक सूरज तक खुल जाएगा
[22:58]अब कि हर इस बूढ़ा आदमी के ऊपर आएगा आ कि आने
[23:01]वाला वक्त असहयोग का है आने वाला वक्त ऐश्वर्या बात है क्या
[23:08]विमानों समाज अल्लाह ताला पर जो शरीर का है तो बस एक
[23:15]एक एक खाली और तबियत ठीक हुई नहीं है कुछ चिकन रूलर
[23:20]से खूनी कैसे बने जो हमारे लिए जरूरी है ना इस तरह
[23:24]में भी उनका चेहरा की थी बंदा इसका रास्ता क्या है वाणी
[23:28]की सिरप में मौजूद है उनकी जिंदगी में मौजूद है में आए
[23:33]तो लमीनी ने जुमे के खुद पर में बयान किया का इमाम
[23:37]ख़ुमैनी को पता है किस चीज तय इमाम ख़ुमैनी बनाया वह कहते
[23:43]हैं ना मर जाएंगे इतने ना किसी और चीज ने इमाम ख़ुमैनी
[23:45]का खास सब वही है जो और यह सिलाई का खास होता
[23:50]है वह क्या परवरदिगार से पहले वे से आम इंसानों शेरावत का
[23:56]डा मेरे परवरदिगार से राहत वो कम पहले से राहत मोकम आम
[24:02]इंसान उधर आता मौसम यह तीन रहते हैं ना ए क इन
[24:07]तीनों राजपूतों में बम को मिली कमान पर है है है वहां
[24:11]पर आप सुनाओ भाई निभा रहे थे और रिपोर्टर ने पूछा है
[24:16]खुदा पर कितना है तुम्हारा पैसा आदमी को जहां में रिपोर्टर ने
[24:19]पूछा क्या आप जो अभी जहां दूसरे का करोड़ों आदमी आप का
[24:23]इस्तकबाल कर रहा है अब क्या फील कर रहे हैं अब क्या
[24:27]फील करना चाहिए इस मौके पर आ कि अगर इंसान कर रहा
[24:31]था खुदा से नहीं हो तो यकीन शैतानी विद्रोह किसके अंदर लेकिन
[24:34]अगर उसका रास्ता खुदा से हो तो जब उनसे सवाल किया नाखून
[24:39]जवाब नहीं दिया है को उच्चतम चाहिए संभाल नहीं समझ पा रहे
[24:42]हैं तीसरी दवा नाम को मैंने का कोई कुछ भी नहीं कर
[24:46]रहा फिर पलटकर कहते हैं तो जितने नीचे खड़े हैं अगर यह
[24:52]मुर्ताघ मैंने भी कह तो मैं अपने हाथों से पीछे नहीं बैठूंगा
[24:57]आ मैं इतना है तुम्हारे अल्लाह के ऊपर अ मैं इतना रावता
[25:01]खुदा से मोहकम पर यह रास्ता लोगों से कैसा है वह आपके
[25:05]सामने आ कि लाहौर मसल जाणियां अजय को आज रात बजे का
[25:22]लोगों को लोगों से राहत से कट तो आप का आलम बताइए
[25:26]को मत बनाइए लोगों को निजात दिलाने के लिए अ कि घर
[25:29]के अंदर रास्ता यह है कि आप पहुंच पड़े जमाई ने फ्रांस
[25:34]अपनी रोटियों को लिखा है इंटरनेट पर मौजूद है इंग्लिश में मौजूद
[25:37]है उर्दू में मौजूद है वह बहुत बढ़िया जाकर जो पिज़्ज़ा कुरान
[25:42]से लिखा है उससे मालूम होता है कि अपने घर वालों का
[25:46]रास्ता कैसा टाइम आंखों में इनका अ कि पूरी मसरूफियत के बावजूद
[25:50]दिन का एक वक्त का किचन अपनी जिम्मेदारी मिली बता दूं कि
[25:54]घर के अंदर हम तो तरफ और भी नहीं कर सकते हैं
[25:58]आप के घर का किचन घुमानी नहीं इमाम ख़ुमैनी होने के बाद
[26:04]और शुरू से घर का एक पत्ता किचन अपने जिम्मे था बर्तनों
[26:10]से लेकर और आखिरी का आंतक है है और इसमें कहीं जोरू
[26:14]के गुलाम नहीं हो रहे थे वह तो है ना तथा बुर्का
[26:20]क्लोज लूप पैर की जूती है माशाल्लाह कि यह अगर इसकी मदद
[26:24]करूंगा तो तुम्हीं हो जाएगी कि ऐसा कोई फैसला नहीं था कि
[26:30]यह रावता आम इंसानों द्वारा बताए और रहने पर शराब बता ए
[26:36]रसूल अल्लाह से एक ऐसा रास्ता तो आपके सामने ना जब यह
[26:40]सलमान रुश्दी ने हवा सब दिखाई थी फैला पटवा किसने दिया और
[26:44]आखरी फतवा अ कि सलमान रुश्दी के कत्ल का फतवा किसने दिया
[26:49]है घृणा मजबूत सबसे पहले बोले तुम हमको और आखिरी आदमी है
[26:58]की वजह क्या थी बात कि अगर मोस्टेड यह सलमान रुश्दी नहीं
[27:02]था पूरी mi6 बनाने की ब्रिटिश गवर्नमेंट थ्रू उसके बोलने के उसके
[27:07]लिए उसके खिलाफ बोलने की तो जरूरत चाहिए ना आज़ादी चाहिए मैं
[27:13]बोला का नाश रास्ता कैसा था मौला-ए-कायनात तरह तैयार अनंत सदन बुखार
[27:18]है शरीर बुखार का आलम और शिष्य का रिश्ता है हां बेटा
[27:24]वर्ग के बेटे कहते हैं क्या बाबा आज हम ना जाइए ना
[27:29]जब की बात है बाबा भैरवनाथ जाइए बारिश भी बहुत ज्यादा है
[27:33]और आपकी तबीयत भी सही नहीं है किमाम को मैं नहीं कहते
[27:35]हैं एक दिन नागा करना तुम्हें नहीं पता कि महिला की बारगाह
[27:39]में एक दिन न जाए तो जब नुकसान कितना है कि आमिर
[27:42]मॉर्निंग की बार गांव में न जाऊं तो मुझे ऐसा है कि
[27:47]जैसे मेरे जिंदगी नहीं है मेरे लिए नहीं रुके गए थे कि
[27:51]खातेगांव को इन हमलों ने एक ऐसा रास्ता है हमको मैंने से
[27:56]और यह वही बोला है कायनात की उधर नुसरत और मदद की
[28:01]जिसने आपको मैंने को यहां तक पहुंचाया हाथ देखते हैं हमें देखते
[28:04]हैं कहां पर है दिमाग को मैंने यहां पर में मेज़ दाईं
[28:10]तरफ एक पत्थर जो चुप रहा है अजीत कर रहा है कब्र
[28:16]अ कि का आप मैं उसी गांव में तवस्सूल किया हमें और
[28:19]मोमिन से अभिनेता शिप्रा हुए पत्थर निकाल दिया खाब की ताबीर के
[28:26]लिए तुलना कश्मीर के पास गए वह इस पॉइंट से माहिर थे
[28:28]तब ख्वाब की ताबीर के लिए बाजार गया था कश्मीर से मखाने
[28:34]पूछते मैंने यह ख्वाब देखा है मालूम है तो लक्ष्मी नहीं है
[28:37]उसकी आखिर क्या थी कि आंवला कश्मीरी फरमाते हैं कि तुम इरान
[28:41]वापस जाओगे मौला-ए-कायनात की मदद और नसरत से यह अरोड़ा जो है
[28:49]यह पत्थर जाएगी शांति हुकूमत है जिसको तुम मौला की मदद से
[28:55]उखाड़ देखोगे तो कि लाभ सुनाओ कि बगैर हेलमेट के और उनकी
[29:03]अनुसार थोड़ी आंखों में ईंधन सकते हैं बगैर उनकी बाहर गांव में
[29:07]खूबसूरत घोषित किए बगैर हमें जन्मदिन की बधाइयां है बगैर या अली
[29:13]गए खूनी मगर कुमारी बन सकता है कि यह नहीं है यही
[29:16]मदद है जिसने मामलों में ने बनाया उन्हें अ कि जिला बहराइच
[29:21]एक ऐसा रास्ता है सलामुल्लाह अलैहा से हुकूमत बन गई है हुकूमत
[29:25]बन गई है लाइव इंटरव्यू हो रहा है है ए लाइव इंटरव्यू
[29:31]में एक लड़की ने जब सवाल करने वाले ने सवाल किया कि
[29:36]आज 14 साल के बाद जब शहर आज की सीरत सलामुल्लाह अलैहा
[29:38]कृषि रथ को आप ने अमन है कि नहीं है कि यह
[29:44]गर्म दबा खातून है इस ने कह दिया क्या आज 14 साल
[29:50]के बाद इतने अर्से पुरानी जो निर्धारित है वह बिल्कुल नहीं है
[29:56]इस क्रीम का जुमला लाइव नष्ट हो गया आप कि चला बता
[29:59]रहा था ऐसा शहर तबाह तो इतने हंसा अगर तोहरा के सिलसिले
[30:05]से कोई नहीं है और 1 घंटे आधे घंटे के अंदर टीवी
[30:11]पर हैं और फरमाते हैं बनवाने व लिए यह कि जितने लोग
[30:13]इसमें इन थे सब को नौकरी से बर्खास्त करता हूं और हुक्म
[30:19]जारी करता हूं इस खातून को सरेआम फांसी दी जाए इसकी दबाने
[30:24]से जो जूमला निकला है इसे यहां पर चेहरा की तोहीन की
[30:27]है इतने पास से फिर बहुत में बहुत बाद कोलंबस दाखिल हुए
[30:34]और उन्हें मसले को हल किया इतने साथ रहने के चलते थे
[30:40]आखरी बात मोला हुसैन अ है मौला हुसैन का के बाद आपको
[30:44]मालूम में आई एम करने की बहू नकल करती है कि हमने
[30:46]नहीं देखा फिर जब मुस्तफाबाद घर में पढ़ते थे हमको में नहीं
[30:51]कोई दो रकअत नमाज उन्होंने ऐसी पड़ी हो के जूस में शुरू
[30:53]करने और खत्म करने पर इमाम हुसैन पर तिरिया ना किया हो
[30:58]तो पर मानती हैं उनके आंसुओं को पोछने के लिए तौलिया ना
[31:03]काफी होती थी अब कि ऐसा है तब आता भाई तू चौथा
[31:09]से ऐसा तबस्सुम खन सैयद 14वीं बार काम है कि तमाम हुसैन
[31:12]से इस कदर जुड़े हुए थे जब तो कुछ कहना जब इंकलाब
[31:16]जाए तो लोगों ने कहा कि शायद हम जो यह हमने कुछ
[31:19]किया है तो तकलीफ में वर्मा आते हैं जो चीज होती है
[31:20]घाट में कुरान था एक बार उसने खाकर छिपा की तस्वीर थी
[31:24]और फरमाता है अगर कोई के समझता है कि उसने कुछ किया
[31:28]तो गलत समझता है हम अगर इंकलाब लाए हैं तो यह दो
[31:32]चीजें कुरान एक इमाम हुसैन जिसकी वजह से इंकलाब लेकर हैं यह
[31:35]जिन्होंने मदद की हमारी ई कि यह तस्वीर दिमाग को मैंने के
[31:41]सामने आती नहीं है इसने लोग समझ नहीं पा रहे थे वह
[31:42]समझ में तो एक आम आदमी यह मौलाई बहुत ज्यादा अहम है
[31:48]निगम वाला है यह ज्यादा बड़ा आधार है हनुमान जी से आ
[31:52]और आखिरी बात हवस बाद तमाम कि मैंने जो कि इराक की
[32:00]सदी जंग कि उसे जंग में हवाई हमने हवाई हमले में सबसे
[32:03]इंपोर्टेंट जो है वहां का पायलट उस पायलट ने दरख्वास्त दी के
[32:11]मुझे साथ मोहर्रम को छुट्टी चाहिए 2 घंटे की चुके खेती यह
[32:15]दरखास्त रद्द हो गई रद्द होने से मुरादिया के अगले आदमी के
[32:20]पास चली गई उससे बड़े आदमी के बाद चली गई इधर का
[32:25]उधर घूमते घूमते घूमते आंख नहीं तैयार हमने या विशाल जन को
[32:27]लिस्ट किया है इरान इराक की आखिरी लड़ाई के बाद बर्खास्त आ
[32:32]गई कि क्या कह रहा है साथ मोहर्रम को 2 घंटे की
[32:37]खाली छुट्टी चाहिए मजा नहीं लिखी विशेश्वरगंज आगे बढ़ रही है वह
[32:40]डर का स्वागत है इमाम ख़ुमैनी को भेजी गई इतनी अंदर खास
[32:45]तो गई है वजह क्या इसके अंदर साथ मोहर्रम लिखा हुआ है
[32:48]इसके अंदर 2 घंटे साथ मोहर्रम लिखा है इसलिए इसकी अहमियत है
[32:53]हमारे ने तप किया इस पॉइंट को अ है और फिर जब
[32:57]रास्ता हुआ तो उन्होंने फरमाया कि तुम्हें छुट्टी तो चाहिए साथ मोहर्रम
[33:00]को 2 घंटे की क्यों चाहिए वह बताओ तुम सोचेंगे कि को
[33:05]पहचान चुके अतिथि छुट्टी नहीं मिल रही थी इस ने पलटकर इमाम
[33:09]ख़ुमैनी को बताया कि मुझे साथ मोहर्रम को 2 घंटे की इसलिए
[33:11]छुट्टी चाहिए कि हम हमेशा से साथ मोहर्रम को इमाम हुसैन की
[33:17]पानी की सभी लगाते हैं मुझे 2 घंटे की छुट्टी चाहिए ताकि
[33:22]जाकर वहां 2 घंटे की ड्यूटी करूंगा वापस आ जाऊंगा बालों में
[33:25]कंपनी ने क्या कहा हमारी पलट कर कहते हैं कि तुम्हें छुट्टी
[33:32]मिलेगी शर्त पर गावों के शर्ट यह मांग को यह कहते हैं
[33:33]कि इस चैनल पर छुट्टी लूंगा क्यों उन दो घंटों में 14
[33:38]क्लास मेरी नियत से मनुष्य के नाम पर पड़ा है तो छुट्टी
[33:43]देता हूं इतनी अहमियत इमाम खुमैनी के नजदीक सभी ने हुसैन नहीं
[33:47]की थी कि उसे अप्लाई जाने वाली पानी की थी कि ऐसा
[33:50]नहीं हो सकता कि यह सब इमाम हुसैन के पास रहो और
[33:54]वह दुनियां को पलट दें उनके पास मौला-ए-कायनात की मोहब्बत नवम हुसैन
[33:58]की मोहब्बत ना और वह सब कारनामा कर दें जो कुछ भी
[34:02]किया वह कहते हैं जो हम हर चीज आ रही व सय्यदुश्शोहदा
[34:05]जा रही हमारे पास जो भी है सब इमाम हुसैन कर दिया
[34:11]बहन को कौन है मां रूप और है जब यह हमारा थोड़ा
[34:16]चलाते नजर आ रहे हैं आ रहे अभी यह सिलसिला आ आपने
[34:18]देखा नहीं इंटरनेट पर साथ नहीं है मैं तीन दिन बाद अब
[34:23]पूरा दिन अपने आपको मशरूम करते हैं द्वारा किया जाने वाला कि
[34:27]मोहर्रम माता पूरे 10 दिन ज्यादा रही होती रहेगी और मौसम के
[34:33]अपने एवं बाहर गांव में 12 एवं उत्तमता का दबाकर रुद्रधारी पूरे
[34:36]बैठते हैं और करते सारे के सारे हमने देखा नहीं है दुश्मनों
[34:44]में कुछ भी समझाता हूं हम कुछ भी करने लगते हैं ऐसा
[34:48]नहीं है दोनों तस्वीर के अगर कोई गलत रूप दिखाता है तो
[34:50]सही रूप को तलाश करें तब फैसला करें इंसान बनना यकीनन दो
[34:55]के रह जाएगा नुकसान हो जाएगा इस साल बाद पूरे मोहम्मद वॉल्यूम
[34:57]कम करो कि प्रियंका वे इस्लामी हजरत दशहरा की दुआएं आज सालार
[35:07]जंग में क्या किया और सारे जग में हक मामलों में आठ
[35:14]साल की हो जाएंगे इराक के साथ इराक की हिमायत में 55
[35:19]मूल कणों की खोज रही थी तो है जो इरानी कमांडर ने
[35:23]उनका कहना है कि हमने जो फौजी पकड़े मुखालिफ के 55 मुख्तलिफ
[35:26]उनको के फौजी ने पकड़े हमने इसका मतलब यह बचपन वाले की
[35:33]फौज धर्म उठा देना रात के साथ डेढ इंच से इनका अपना
[35:38]सदस्यता बनी सदन वह खून हम इन्हें ताला तक नहीं जाने देता
[35:40]था फौजियों मखाना पर जो इरानी सुंदरता मनहूस इस मैं अपना सदाव्रत
[35:47]का मुख्यालय मुकाबिल पर 55 बजे नया नया निकला बे अभी आप
[35:54]मजबूती नहीं है फिर आठ साल के बाद जंग आर्ट साल जंग
[35:55]लड़ना आप उनसे पूछे कि आप किस किस बुनियाद तरह थे जिससे
[36:01]पूछेंगे वह पलट कर कहता है कि हम सिर्फ याद चेहरा यहां
[36:07]पर फोन पर लड़ रहे थे हमारा महारानियों मददगार सिर्फ याद रख
[36:11]रहा था था कि हमारे मदद के लिए जनादेश पास इलेक्ट्रॉनिक ऑफिस
[36:15]थे हर आदमी कहना यही है और तुम्हें पता है ऋग्वेद के
[36:21]अलावा खुदा ने जिस को सबसे ज्यादा ताकत दिए जिसके ताकत अपनी
[36:23]सुपुर्दगी है वह सिर्फ ऐसे गए थे इनसे जोड़ेंगे तो कामयाब यह
[36:27]हमारी भी जिम्मेदारी है अ तो यही कैफियत हम अगर ममता इधर
[36:33]होना चाहते हैं यकीनन चाहते हैं हमें एक हरेक की जिम्मेदारी है
[36:35]कि खुदा से रास्ता मारा मोह मोह व किया इंसानों हमारा रास्ता
[36:41]मोड़ कमो अहले बैत तमाम अहले वतन हमारा खत्म हो कम बिल्कुल
[36:44]सूंघते गुप्त से ए क्या हो रहा है आपको क्या इमाम ख़ुमैनी
[36:52]का हसरत हूं जैसे रास्ता कैसा था कि विमान कंपनी ने आ
[36:56]हजरत हजरत कि साथ में खुद को फना कर दिया है तब
[36:59]हनुमान जी बनाए में आए मिस्बाह ने अपने लेक्चर में सुनाया का
[37:02]मेरा जाना हुआ मदीने मदीने में मुक्ति है वहां भी मुक्ति है
[37:09]उस मूर्ति का कहना यह है जब उसे पता चला कि यह
[37:12]ईरान से आए हैं और यह कहने के करीब लोगों में से
[37:16]हैं तो पलट के इनसे उन्होंने कहा कि मैं पढ़ा लिखा आदमी
[37:18]हूं मैंने तारीख पड़ी है उस मूर्ति का सब्सक्राइब आंखों मेन के
[37:24]लिए मुक्ति कहते है वहां भी मुक्ति कि वह कहता है कि
[37:27]मैंने तारीख पड़ी है खूनी को भी पड़ा है और कैसा रात
[37:31]को भी देखा है मेरे मेरी अपनी ताबीर यह मेरी अपनी समझ
[37:33]नहीं आता है यह खोला पर आस्था के बाद अगर इस्लाम की
[37:38]तारीख में कोई शक्तियां थे वूमेन है है इसके बाद पहले मालूम
[37:44]है क्या कहता है वाले ने खुद को कैसे बना किया और
[37:49]हजरत हत्या के तार रूप बने वह पलट कर हम इस वहीं
[37:50]अगर बात है क्या तो फिर उससे पूछता है यह बताओ वह
[37:54]कौन है कि इसके लिए खूनी जैसा इंसान कहता है कि मेरी
[37:59]जो है ना मेरी जरूर है और जो मेरी जान है जो
[38:04]मेरा उसूल है वह किसी के पैर की खास पर फिदा कब
[38:08]वह किसी कौन है कि वह किसी कौन है फिर ने बताया
[38:14]कि वह किसी कौन है कि आपने खुद को कैसे - कर
[38:15]दिया राज्यों से उतर कर तारु बन गए ओ मैं इतना भरपूर
[38:21]रहता वृद्धों और सारी कोशिश किसके लिए अति भावुक होने की की
[38:25]सारी जितनी भी हुकूमत बनाई है यही कहा था कि हम सिर्फ
[38:29]जरूर के लिए रुख मत बनाना चाहते हैं कि ताकि यह ग्रह
[38:33]तसरीफ पाएं तो हम पूरी एक हुकूमत दर्द की जनता पेश कर
[38:35]सकें कि आपके हुकूमत हम तो गुलाम है आप असली हक इन्हें
[38:41]है है तो हमारी जिम्मेदारी भी है यह क्या है बे तुम्हें
[38:44]सबसे देते बिल खूबसूरत ऐसे व्यक्ति अपने रास्ते को मजबूत करें और
[38:50]यह नहीं चलेगा कि कभी याद करेंगे कभी बात नहीं करेंगे अब
[38:52]कि अगर उनको याद रखना है कि सभी यह चाहते हैं तो
[38:56]उनको अपने वजूद पर हुकूमत का हांक तें ओ तो फिर आपके
[39:01]मेरे हुजूर पर उनकी हुकूमत चलेगी ना किसी और के हुकूमत चलेगी
[39:04]परवरदिगार से दुआ के साथ बारेला कहने वाले को सुनने वाले को
[39:09]विलायत का जमा करने की तौफीक हिदायत वर्मा दीन को सही माना
[39:15]में समझने की तौफीक हिदायत वर्मा हां यदि इन पर अमल करने
[39:18]की तौफीक हिदायत वर्मा व बना तक अब नुकसान तत्सम ईंधन का
[39:24]यह और हम और राशि मीन है
0 Comments
sort Sort By
- Top Comments
- Latest comments
Up next
11 Views · 17/02/15
12 Views · 20/02/02
