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Paigham-e-Gadeer Amanat-e-Elahi | H.I. Rooh-ul-lah Rizvi
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Record date: 25 Jul 2021 - پیغام غدیر امانت الہی
AL-Mehdi Educational Society proudly presents new Executive Refresher Course for the year 2021 under the supervision of specialist Ulema and Scholars who will deliver though provoking lectures Every Weekend.
These video lectures are presented by aLmehdi educational society, Karachi for our youth.
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Transcript
[0:00]झाल के बावजूद विरला ही मिनट शहीद तो अंदर अजीम बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम अ
[0:20]है अल्हम्दुलिल्लाह जिलाधीश लाया ब्लॉकों में दिखाता खोलो खोलो उन कि भला
[0:28]यह पीना है म गोला दून वाला यह यह कल मुझे तहत
[0:36]दून अ इस समय सलातो अस्सलाम वालेकुम अशरफी लंबी या सेवर मोड
[0:43]सलीम हाफ बना वह बेल्ट आलमीन अभिलंब और शामिल मुस्तफा मोहम्मद ने
[0:52]एक अलिखित कई अभिनेताओं शिरीन अल्लादीन आधा बहु अनुसार बता हरहुं तत्व
[1:04]ही रॉक ओं में ला सैया मक्की अतिउल्लाह इलाकों में कमाने नाम
[1:14]लुट यह वाला मिनाल तो राधे मां कदम हिल फिदा है के
[1:21]समान की इनायत क्यों सूद के लिए एक मर्तबा पर मोहम्मद वाले
[1:27]मोहम्मद सल्ला वर्क ओं कर दो कि इस पर मुकदमे में के
[1:37]साथ मैं अपने इस मौजूद की जाने आने की कोशिश करूंगा तो
[1:40]उम्मीद है के दुश्मन मेरे दोस्त मेरे भाई मुझसे छोटे जो मेरे
[1:46]भाई यहां मौजूद है बताओ जो के साथ इस मतलब कुछ देंगे
[1:50]अ ए हैंड राम की तरह कि इस कायनात का निर्धारण भी
[1:58]दो अरकान पर मुश्तमिल है घर सिस्टम के अंदर दो रुको हैं
[2:01]उसके एक उसका हार्डवेयर होता है और एक उसका सॉफ्टवेयर होता है
[2:07]मिसाल के तौर पर हमारे पास मोबाइल होता है अपने मोबाइल का
[2:12]एक हार्डवेयर होता है और मोबाइल का एक सॉफ्टवेयर होता है अगर
[2:17]यह सॉफ्टवेयर उस मोबाइल के हार्डवेयर के मुताबिक इंस्टॉल नहीं किया जाए
[2:23]तो यह मोबाइल किसी काम का नहीं रहेगा मिसाल के तौर पर
[2:26]हमारे पास लैपटॉप है लैपटॉप में विंडो नहीं डालेंगे तो लैपटॉप किसी
[2:32]काम का नहीं रहेगा बहुत अच्छा लैपटॉप है आपके पास बहुत अच्छा
[2:34]मोबाइल है आपके पास लेकिन जब तक उसके अंदर उसका जो सॉफ्टवेयर
[2:39]है जो ऑपरेटिंग सिस्टम है वह उसके अंदर नहीं डाला जाएगा और
[2:43]वह ऑपरेटिंग सिस्टम के जिसके मुताबिक इस हार्डवेयर को बनाया गया है
[2:47]मिसाल के तौर पर अगर मैं मेरे पास मोबाइल है वो Android
[2:51]है और मैं उसके अंदर विंडोज डालना था तो कभी भी है
[2:56]नहीं हो सकता ठीक है मेरे पास लैपटॉप है वह विंडो सिस्टम
[2:57]है उसके ने में कोई और ऑपरेटिंग सिस्टम डालना चाहूंगी मुमकिन नहीं
[3:02]है वह किसी काम का नहीं रहेगा तो है हर सिस्टम के
[3:07]अंदर ऐसे ही है है निर्धारण के अंदर रूह उसकी मौजूद है
[3:11]एक उसका जिस्म मौजूद हैं कि अगर यह रूप या उसका सॉफ्टवेयर
[3:16]और यह SIM है उसका हार्डवेयर आपस में सिंह ना हो आपस
[3:18]में मजबूत ना हो तो कभी भी वह निर्धारण वह सिस्टम व
[3:25]हार्डवेयर आपको कोई फायदा पहुंचा नहीं सकता बहुत अच्छा बेहतरीन सिस्टम दुनिया
[3:29]का बेहतरीन लैपटॉप हो लेकिन अगर इसको ऑपरेटिंग सिस्टम और नहीं है
[3:33]कि जिसके लिए इस हार्डवेयर को बनाया गया है आप उस हार्डवेयर
[3:40]को इस्तेमाल नहीं कर सकते हो आपको आपके मकसद तक पहुंचा नहीं
[3:42]सकता यादव स्टाइल आपके अंदर पीएम मानते हैं कि निदान है इस
[3:49]कायनात के अंदर सिस्टम मौजूद स्कैन आपके अंदर निर्धारण मौजूद स्कैनर के
[3:53]नेता मौजूद थे तो इस त्यौहार थे सॉफ्टवेयर हार्डवेयर के इस त्यौहार
[4:01]यह तक अपनी निदान है उन्होंने बताया कि लें इस कायनात को
[4:04]खड़ा किया है और इसका घाट में धकेल दिया इधर हम समय
[4:09]इंसानों समय तमाम मखलूकात शामिल तमाम निदान शामिल है यह सूरज का
[4:17]निकलना यह चांद कहां ना यह अवतार है यह जमीन या आसमान
[4:21]यह समंदर यह हैवानात यौन परिचय देंगे जितने तमाम मखलूकात हैं यह
[4:25]सिस्टम का हिस्सा हैं लेकिन इस सिस्टम के अंदर इसकी खासियत है
[4:29]कि इसके अंदर हमारा इश्तिहार नहीं है ए डेफ्ट इमरती से चर्चाओं
[4:35]सूरज को निकाल दूं चर्चाओं पलटा खाया भूख नहीं हो सकता ठीक
[4:37]है जब चाहे मैं इग्नोर करूं जब है रात कर दो नहीं
[4:42]हो सकता मैं तमाम काम वह इक प्यारा जो खुदावंद अमिताभ ने
[4:47]मुझे नहीं दिए मैं वह अंजाम नहीं दे सकता मिसाल के तौर
[4:49]पर मैं बगैर पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता मैं फ़िदा में
[4:53]उड़ नहीं सकता बहुत सारी बहुत सारी चीजें जो खिलाफ उतारने हमें
[4:56]नहीं दिया माह बाद उसके लिए तैयार नहीं है अच्छा ठीक है
[5:02]दादा ने इस सिस्टम की खासियत हम अपने ध्यान में रखते हैं
[5:07]कि इसके अंदर जो तब दीदी का कि जो इश्तिहार है वह
[5:12]तुझे भूलने हमें नहीं दिया कि इस तक विधान के अंदर इस
[5:17]हार्डवेयर के अंदर तब्दीली का यह तैयार इंसान को फलों में निकाल
[5:20]ले नहीं दिया है कि फिर दूसरी से पहले के इस त्यौहार
[5:25]से जो तक निर्धारित है उसका मेंबर और मरकज खुद आनंदपाल की
[5:30]तो हित और मोहम्मद वाले मोहम्मद अलैहिमुस्सलाम कि बिल आया था अब
[5:36]वही शत्रुघ्न दास के ऊपर आ कि प्लानेट बात क्यों इस बात
[5:41]में नहीं है यह मुसलमान से कि हमारी बहन यह चीज मौजूद
[5:43]व्याख्यान कर रहे हैं यह इस स्काई नाथ का महबूब स्कैनर कमरकस
[5:50]हिंदुस्तान की मिलाया और उसके औलिया की बुलाया था मैं चाहूं या
[5:57]ना चाहूं मैं मांगू या ना मानू इससे फर्क नहीं पड़ता कि
[6:00]दोनों बिल्कुल ऐसा ही है कि मैं अल्लापुर है लेकिन मुझे कल
[6:07]करने वाला अवतार है मेरे मानने या ना मानने से मेरा खालिद
[6:13]तबदील नहीं होगा आ कि मुझे मारने वाला हूं जब मौत देने
[6:18]वाला मेरी रूह को पास करने वाला खुद कंडोम रोकता है मैं
[6:20]मांगू यह कमा लूं मुझे यार देने वाला खुदा बंदे बुरा हाल
[6:25]है हां बिल्कुल ठीक आना है कि उक्त इलाही फ़्यू सर्च प्वाइंट्स
[6:31]ओं है जो पहला ही अगर वह इस दुनिया में किसी के
[6:32]निशान तक पहुंच रहा है किसी मखलूक तक पहुंच रहा है तो
[6:37]जो वास्तव फिर से मोहम्मद वाले मोहम्मद अलैहिमुस्सलाम मैं मानो या ना
[6:41]मानो यह काफी को भी अगर कोई फेस पहुंच रहे कोई अल्लाह
[6:45]की नेमत पहुंच रही है वह साथ दे रहे हो कि वह
[6:49]इस दुनिया के अंदर जिंदगी गुजार रहा है कि वह अल्लाह की
[6:54]रहमत हों से फायदा हासिल कर रहा है वह मान रहा था
[7:01]माने ना माने ना माने लेकिन यह तमाम सिस्टम मौजूद ने इसे
[7:04]मानने या ना मानने से कोई फर्क क्यों नहीं पड़ता बिल्कुल ऐसे
[7:10]यह महिला को ना मानूं जब भी अल्लाह मेरा ख्याल है अल्लाह
[7:13]मोहल्ला मुझे याद देने वाले अल्लाह मुझे मौत देने वाला अल्लाह आपको
[7:19]देने वाला मेरा मान हमार नाम आने से फर्क नहीं पड़ेगा बिल्कुल
[7:23]इसी तरह कोई एल्बम तरह तो सलाम को वास्ते फेस माने या
[7:28]ना माने तो से पहले बेहतर ऐश्वर्या तो अस्सलाम को प्रधान उतार
[7:31]के फैंस का जो वास्तै रूद्र अवतार की तमाम नेअमतें पहली बार
[7:37]तरह तो अस्सलाम की दोपहर हम तक पहुंच रही है यह माने
[7:38]या ना माने इस सिस्टम के अंदर कोई तब्दीली नहीं ला सकता
[7:43]है ऐसा नहीं है कि अगर काफी है और वह बिल्कुल नहीं
[7:48]माने तो वह अनुष्का खा लेता खुदा नहीं रहेगा यह शहर तरह
[7:51]से राठौर सलाम को व्हाट्सएप है ना माने तो आप जूस तक
[7:55]नेमतें आ रही है उसका वास्ता उसका सबसे पहली बात नहीं है
[8:00]नहीं ऐसा नहीं हो सकता मानने ना मानने से इसका कोई ताल्लुक
[8:02]नहीं यह चीज मौजूद है खुदा मुद्दे सिस्टम ऐसा बनाया इस कायनात
[8:08]का निर्धारण इस तरह कर दो हैं तमाम नियम हैं इनके जरिए
[8:13]हम तक पहुंच रही है मैं मानूंगा सामान कैसे मिलाए थे तक
[8:15]अपनी इस तक ईंधन के अंदर पहले लेफ्टओवर सलाम की विलायत हम
[8:21]कैसे मिला तक अपनी मेरा मानने या ना मानने से उन्हें कोई
[8:27]विलायत छीन नहीं सकता था हैं इनकी विलायत महल प्रेशर तो सांखला
[8:31]मुकाबले तक अपनी नकली है है इसका मेरे मानने या ना मानने
[8:38]से कोई फर्क नहीं पड़ेगा मैं नहीं हूं मैं मानूं दोनों सूट
[8:40]तो मैं इनको यह मिलाया जता है की गई है मेरे इंकार
[8:44]करने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा इतना जरूर भेजेंगे मोहम्मद वाले मोहम्मद
[8:51]अ कि अ हैं यह स्टाइल नाथ का हार्डवेयर इसके अंदर मेरा
[8:57]कोई अमरुद हल नहीं है क्यों नहीं रहेगी स्टाइल आपका सॉफ्टवेयर भी
[9:04]अ कि मुजफ्फर के है कुत्ते शीघ्र निदान है जैसे उनके निमित्त
[9:10]असली अ कि जो कंपनी ने इसे आइडियोलॉजी भी कहते है कि
[9:14]यह में जश्रे ईद ख़ुदावंदे होता है ले बताया मुझे के लिए
[9:19]क्या है क्यों क्योंकि जरूरी है कि निद्रा में तस्वीरें यह सॉफ्टवेयर
[9:25]और हार्डवेयर आपस में सिंह को इनकी सिंधु सभ्यता मौजूद हो ऐसा
[9:28]ना हो कि मैं Android के मोबाइल के अंदर विंडो इंस्टॉल करने
[9:32]की कोशिश करने वाले करूंगा तो नतीजा नहीं निकलेगा स्कैनर सॉफ्टवेयर है
[9:38]जो खुद के लिए अगर मैं इसके अलावा कोई और सॉफ्टवेयर इस
[9:43]लाइन के अंदर दाखिल करने की कोशिश करूंगा सिर्फ एक मकसद यह
[9:50]नतीजा नहीं आ कि यह दबाव करवा दी की तरफ लेकर जाएगी
[9:53]क्यों क्योंकि इसके अंदर से सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करना था वह सॉफ्टवेयर
[10:00]इसके अंदर डाला नहीं किया जैसा सॉफ्टवेयर के लिए याद में बनाया
[10:03]गया था यह वह सॉफ्ट नहीं है बल्कि यह किसकी और हार्डवेयर
[10:08]सॉफ्टवेयर है कि इंस्टोल किया जाता है लेकिन यह जो लास्ट ऑप्शन
[10:11]है यह जो सॉफ्टवेयर को तक देना है सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करना
[10:18]है यह जो तस्लीम मूरे इन कटिहार इन के अमल का इनके
[10:20]ऊपर में अमल करनी है ना करूं इनको मैं को कॉल करूं
[10:24]या ना करूं इनका जब तक हम इंसानों के इश्तिहार से मौजूद
[10:29]विशाल देता हूं मैं कि रसूले अकरम सल्लल्लाहू अलैही वा आलेही व
[10:33]सल्लम एवं अधिग्रहण विभाग के ऊपर आ अजय को के लोगों को
[10:43]बता कर गए कि अगर निजात चाहते हो तो मेरे पास इसकी
[10:49]पैरवी करनी है के लोगों ने पैरवी की नहीं की अक्सरीयत मुखालिफ
[10:52]हो गई थी ऐसा क्या हुआ कि वह तस्वीर ही निदान के
[10:56]खुदावंद मुताबिक ने इंसान की हिदायत के लिए भेजा था खां मुमताज
[11:02]फूल का शिकार हो गया यह व्यापार या रसूल अल्लाह की हिम्मत
[11:05]के गौरवमई इतिहास की व्याख्या 25 हालात जिसके नुकसानदायक आज तक हम
[11:13]देख रहे हैं अरे यह क्या हुआ यह इंसानों ने अपने एक
[11:16]रिश्तेदार के साथ गलती थी अ सवाल यह की बजाय अगर अ
[11:20]और अल्लाह की बात मानी तो प्यार कैसा आ यो यो हनी
[11:25]अगर मैंने अलग ही बात मान मीणा अशरफ-उल-हक यह बात मान ली
[11:29]थी तब प्यार का फायदा नहीं अल्लाह ज़बरदस्ती यह तकनीक यह चीज
[11:32]अप्लाय करवा देता है बिल्कुल उसी तरह है कि हम इसे लाइक
[11:36]एंड हैं अभी बच्चों के तहत होने वाले इंटर का इंतजार न
[11:41]करें कि मुझे संभाल लिया जाए है और मैं मुझे कहा जाए
[11:45]कि आप अपने एक रिश्तेदार के साथ जरिए आपको तैयार है कि
[11:47]आप जो जवाब लिखना चाहे वह जवाब लिख दे लेकिन आया अगर
[11:51]मैं अपने प्यार के साथ एक गलत जवाब लिखूंगा तो क्या सही
[11:57]नतीजा निकलेगा आ तो सही नतीजा नहीं निकलेगा फिर मैं टीचर से
[12:02]बोलूं साइड रिएक्शन है एग्जामिनेशन हॉल है वहां पर कि मसूद मौजूद
[12:07]है उसे बोलूं कि भाई आपने मुझे बोला कि मैं कोई बड़ी
[12:10]का जवाब लिखूं या नहीं जवाब मैंने लेकिन मैं आपको थोड़ी लिखना
[12:13]तो मैं जो चाहे लिखूं मुकेश नहीं भाई आपने अपने एक रिश्तेदार
[12:18]के साथ सही जवाब लिखना है यदि आपने अपने एक रिश्तेदार के
[12:22]साथ सही जवाब लिखना है ऐसा नहीं हो सकता कि अगर यह
[12:24]कहा जाए कि आपको तैयार है तो अब गलत जवाब लिखिए आप
[12:28]अगर गलत जवाब लिखेंगे तो उसका नतीजा भी गलत निकलेगा गलत जवाब
[12:35]का कभी भी सही नतीजा नहीं निकल सकता लें जो तश्तरी उम्र
[12:38]10 भजन मोहम्मद वाले मोहम्मद पर है [संगीत] कि उजाला तस्वीर उम्र
[12:50]के अंदर इंसान को यह तैयार दिया वह इसी तरह तैयार है
[12:53]है कि इंसान अपने एक रिश्तेदार के साथ सही व्यवस्था करें-सि है
[12:59]और उसके बाद सही नतीजों तक पहुंचे और आज का हमारा इन
[13:04]है तमिलनाडु सब पीरा मस्त फकीरा मऊआइमा का पूरा उन्होंने अ यह
[13:09]बता दिया कि उनको इस कायनात का जो हार्ट हार्डवेअर है इसका
[13:12]एक सॉफ्टवेयर है वह कौन सा सॉफ्टवेयर है वह तुम्हें बता रहे
[13:19]हैं हां यह सही है या गलत है यह हक है यह
[13:19]बातें ले है कि अब अगर तुम चाहते हो कि तुम हिदायत
[13:28]पाव अगर तुम चाहती हो कि यह कायनात जिस मकसद के लिए
[13:30]खर्च की गई है तो उस वक्त तक पहुंचो तो तुमने अपने
[13:33]एक रिश्तेदार के साथ सही फैसला करना है ए पागल तुम सही
[13:39]फैसला नहीं करोगे तो पूरी कायनात कभी भी उस नतीजे तक इंसान
[13:43]तो नहीं पहुंचा सकते हैं कि मुझे ऑफिस वियर है जो किस
[13:48]हार्डवेयर के लिए तस्कीन दिया गया उस सॉफ्टवेयर का नाम भी बुलाया
[13:50]था जो में इसे मिलाएं थे इसलिए कहते हैं यह 12th कमीनी
[13:55]और यह सॉफ्टवेयर मिला था तसल्ली हुई कि जिस कारण हुक्म दिया
[13:58]गया कि देखो किस्मत अवस्थित रहना क्योंकि अगर तो इससे होता मस्तिष्क
[14:04]रहे तू नतीजा निकलेगा यह Idea और यह सॉफ्टवेयर जब तक हो
[14:07]जाएंगे आप अपनी तरफ बन जाएगा तो यह एक हफ्ते की जान
[14:11]है इंसान को ले जाने की सलाह दी है करते हैं मगर
[14:16]तो मिलाया के अलावा कोई और सॉफ्टवेयर तक ईंधन के अंदर डालने
[14:19]की कोशिश करोगे तो यह सॉफ्टवेयर कभी भी यह ट्रिक कभी भी
[14:24]तुम्हें नतीजा नहीं देगा जो आज हम उधर है तो क्या सब
[14:29]बना संबंध बनाकर इंसान अपने इश्तिहार से गलत फैसले कर रहा था
[14:35]अगर इंसान अपने प्यार के साथ वह तालीमात जो रसूल अल्लाह ने
[14:38]इंसान को ताकि उनको अपना आता उनको कबूल करता तो कभी भी
[14:43]गुमराही का शिकार नहीं होता है कि राधा जाने अब हम देखते
[14:48]हैं कि यह ऐसा है आती और बुनियादी मसलों पर के जिसकी
[14:50]ज्यादातर तो जरूरी है मिलाया खाली नारा लगाने का नाम नहीं है
[14:56]हमारे दिनों के अंदर यह चीज आ गई है कि हम मसलन
[14:59]जो मी राजेश शर्मा तो अस्सलाम को खरीफ है पहला फसल मानते
[15:03]हैं अब हम यहीं अब हम विलायत के निदान को कॉल करने
[15:06]वाले नहीं ऐसा नहीं है लाजमी ही है यकीनन होना ऐसे ही
[15:12]चाहिए है हल्दी आधा हमारा यह लेकिन अब इसके अंदर हम इस
[15:14]से बहुत दूर है बस तस्वीर रिवायात हम टमाटर ले आया तेरे
[15:20]हवाले से कि रेलवे क्रैश राठौर सलाम फरमाते हैं कि इंसान के
[15:23]मैं पूरी जिंदगी इंसान हमारे अंजाम दिया अच्छे नहीं कमा रन जानते
[15:28]नमाज से पड़े हज पड़े हज करे रोजे रखेंगे अपनी जिंदगी के
[15:31]अंदर सत्ता वगैरह था करें लेकिन अगर अल्लाह के वली की विलायत
[15:37]के मां तहत जिंदगी ना बुला ले तो उसके हमार क़ाबिले क़ुबूल
[15:40]नहीं है एक रिवायत मैं आपके सामने इमाम अली सलातो सलाम की
[15:46]पर अमिताभ की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर हैं है
[15:51]मां फल बातें केयर लव अंदर चोलन पामर लहू व शाम नहा
[15:58]रहा हूं मत असत्य भ्रमित या बहुत ज्यादा अगर वह अपनी तमाम
[16:06]रास्तों के अंदर नमाज अंजाम दे करें अपने तमाम के अंदर रखे
[16:13]थे कि हर साल हत्या बैतुल्लाह अंजाम दे अपना तमाम-तमाम माल अल्लाह
[16:17]की राह में खर्च कर दे बलम यार विलायत आवरी अल्लाह है
[16:23]लेकिन वह अल्लाह के वली की विलायती मार्फत नाम रखता हूं अच्छा
[16:30]ख्याल रखे नहीं पर यह वाली हूं मार्फत रखे क्या करें उसके
[16:33]माथे है जिंदगी गुजारें वह या कुंजर मियां मामले ही ललित ही
[16:41]मिलेगी और उसकी जिंदगी के तमाम के समान है कि उसकी जिंदगी
[16:47]में जो कुछ अंजाम दे रहा है वह कुछ विलायत की हिदायत
[16:53]के मुताबिक अंजाम पाएं अगर ऐसा नहीं हो रहा है ओ कान्हा
[16:56]एल्बम का गाना लोहामंडी शाहगंज के मुताबिक हासिल है कि उसे इसके
[17:04]तमाम हमारे का सवाब नाद अंकित ने बुनियादी मसलों है है कि
[17:08]वह विलायत कि जिसका अंतिम भर रहे होते हैं अब हमारे बैंकों
[17:13]में क्या आता है कि जब हम एलोवेरा कहते हैं कि नमाज
[17:18]पढ़ते रोते रखते रहो है जान देते रहो लेकिन विलायत नहीं हुई
[17:20]तो तुम्हारे हमारा कुबूल नहीं है हमारे चैनल में फौरन रेड चीफ
[17:24]बदला जाता है कि हम समझते हैं कि नमाज मिसाल के तौर
[17:28]पर हाथ खोल कर नहीं पड़ा उसकी बात हो रही है हवाई
[17:29]जहाज मिसाल के तौर पर कौन तालीमात के मुताबिक यानी 13 चहल
[17:34]बयान कि उसकी बात हो रही है नहीं ऐसा नहीं है जब
[17:38]बहन बात करने के चाहे तो नमाज पढ़ते हो इसका मतलब मैं
[17:39]मिलता आप यह है कि अगर तुम सही नवाज है भी पढ़ो
[17:43]यही वह सही नाम है जिसकी तालीम पहले बैठे हुए दिए अगर
[17:48]तुम सही है जब अंजाम 2 ऊ है लेकिन उसके बावजूद भी
[17:54]अगर तुम विलायत नहीं रखोगे तो तुम्हारे यह माफी को कबूल नहीं
[17:58]है और यह हमारा हिसाब से हमारी हमारा जश्न हमारा दर्द हमारी
[18:05]नवाजे कि हमारे नारे हमारी अदा ने हमारी अधिकारी यह सब कि
[18:08]सब कुछ भूल जाओ हम अहले बैत अलैहिमुस्सलाम की विलायत रखेंगे उद्दीन
[18:12]मोहम्मद वाले मोहम्मद है कर दो कर दो कि हज़रत पैगंबर मुहम्मद
[18:22]वाले मुहम्मद प्रभात कर दो कि आप यहां सही और गलत का
[18:31]मन की बातें ही नहीं बल्कि सही गलत तो गलत है यकीनन
[18:35]गलत पहले बात करते हैं उससे ही कमाल की बात करना यादव
[18:37]अगर हम मिशनरियों को देखते हुए आगे बढ़े तो हमें विधायक की
[18:43]अहमियत का अंदाजा होता है यहां जब एलेक्स रात वस्सलाम कि हमें
[18:47]सुकून दे रहे फैलाया से समस्यों के लिए तैयार करने का है
[18:51]इसका मतलब यह नहीं कि हम काली दबा निकल आर्मी इस पर
[18:55]आयत का दम भरते नहीं इसका नतीजा यह है कि अमल में
[18:58]इसको दाहिर होना पड़ेगा में व्यतीत हम देखते हैं कि यह इंसान
[19:05]की इश्तिहार रोवता लड़कियां घर खुदा को जो वादा प्लान के अंदर
[19:09]मौजूद है यह क्या है क्या भैया को क्यों भेजा यूजर हुआ
[19:12]लगती है कुछ लेता क्यों दिन को पूरी दुनिया के ऊपर आता
[19:15]है राज्य कर दो आज तक वाले नहीं हुआ क्यों कि के
[19:20]लोग साथ देने वाले नहीं थे अमीरों ही खूबसूरत तस्वीर नहीं पा
[19:26]सकी क्यों क्योंकि साथ देने वाले ने इमाम हसन अलैहिस्सलाम तो असल
[19:29]नाम सुन करने पर मजबूर हुई क्यों क्योंकि लोगों ने साथ नहीं
[19:35]दिया था वह असली उम्र के जिसकी ताकत अल्लाह नवाज अपराधी लोगों
[19:39]ने उसकी मुखालफत की लोगों ने इस पर अमल नहीं किया था
[19:43]है और इसी तस्वीर विलायत जाने हम देखते हैं कि यह सूर्य
[19:49]किरण को गति रुक दिया गया वहीं इसी दिन देवता या यह
[19:53]रसूल बल्ले वर्मा उन्हें राहिल का मतलब एक वैल्यू सफल हम अलग
[19:56]कार्यशाला का अगर तुम यह अंजाम नहीं दिया यह पैगाम इसका इलाज
[20:02]नहीं किया यह लोगों तक नहीं पहुंचा तो को या कार्यालय जवाब
[20:05]नहीं दिया ऐसा मत इसका यह मतलब नहीं आऊंगी मिलल पुस्तकालय रहा
[20:10]है कि तुमने गया है अगर यह नहीं किया जो तू भी
[20:12]जवाब नहीं मिलेगा नहीं रसूल अल्लाह की जो मेहनत है जिसने अहमद
[20:17]ने रसूले अकरम ने उठाइए और रस मिलाकर उससे पहले हुआ था
[20:23]उसने रसूले अकरम तक जो 124000 अंबिया में जोवे मत उठाइए अकादमी
[20:26]व महिला लेक्चरार तो वस्त्र और कि इस विलायत का ऐलान न
[20:32]होता तो तमाम की तमाम सहमते रहेगा जा रही थी क्यों है
[20:35]क्योंकि बोले शाम वह दक्षिणी निशान को धवन ने मुख्तार ने इंसान
[20:40]की निजात के लिए पदार्थ दिया है वहां पर नहीं हो पाता
[20:45]और जब वह करनी हो तो हो पाता बिल्कुल ऐसे यह उपाय
[20:47]हार्डवेयर आपको दे दिया है और अब आपके पास कोई सही सॉफ्टवेयर
[20:52]नहीं है डैड को चलाने के लिए नतीजा क्या निकला नतीजा यह
[20:55]निकला जाणे इंकार किया जब लोगों ने इनकार किया लोगों ने कुछ
[21:00]इलाही होते को मानने से इंकार की और नहीं माना नतीजा यह
[21:03]निकला कि यह आज तक लोग गुमराह का शिकार है आज तक
[21:07]यह दुनिया फसाद का शिकार है रहे भ्रम और तब एक जुमला
[21:12]कहते है कि अगर रसूले अकरम के बाद कि यह विलायती ताहिर
[21:17]अशरफी विलायत तक नहीं मिला की बात नहीं हो रही है तो
[21:22]कोई चीज नहीं सकता हमारा इस पहल के बाकी मकान सिर्फ है
[21:24]वह तक अपनी मिलाकर पढ़ने है बाद पकाते तक नहीं मिला है
[21:28]पर भी है लेकिन आप पर्सन गेट या बाद पकाते ऐसे भी
[21:32]मौजूद है जो अमीर मोमिनीन अली सलातो अस्सलाम की तकलीफ नहीं मिला
[21:36]है जो पायल है लेकिन तस्लीम उम्र के अंदर जब हाकिमियत का
[21:40]मसला आता है जब वह शुरुआत अवस्था था जब खिलाफत का मसला
[21:42]आता है तो वहां पर अभी हम उनके अलावा अधिकार जो अपराधों
[21:47]की पैरवी करते थे कि पशु बुनियादी मसलों है वह हाकिमियत तथा
[21:51]वह बुनियादी मकसद खिलाफत कथा श्रवण रसूल के ऐलान के बाद उम्मीद
[21:58]इस ऐलान को कुबूल कर लेती इस वक्त में इलाही को मान
[22:05]लेती है तू पौर पचास-साठ साल का अरसा एक नस्ल तबीयत जाती
[22:07]मासूम के तेरे इश्क दा मासूम के देर हुकूमत के तारे में
[22:14]इस्लाम में मुनासिबत नाम की कोई चीज़ बाकी ना बचते अनुसार खत्म
[22:19]हो जाते लेकिन हुआ क्या उपवास नहीं जा कर दिया गया वह
[22:22]जेपीसी जांच कर दिया गया के पश्चात जब यहां पर हुक्म दिया
[22:27]जा रही आयु रसूल पहले मांग सिलाई का मतलब एक वॉल्यूम द
[22:29]फुल फॉर्म ऑफ बल्लभ तनिषा लता यहां मुराद अच्छी तुला या ज्यादा
[22:35]खुदा के रेस्ट घबराई नहीं हम लोगों से लोगों के शर से
[22:38]आपको बचाएंगे अब तक अपनी विलायत लोग नहीं छीन सकते हो मम्मी
[22:42]जी ने भी नहीं उनके हथियार ही नहीं इसके ऊपर अ के
[22:45]लोगों ने कहा के हक को घास किया तो श्री उम्र के
[22:50]अंदर और यह किसकी निर्मला यह लोगों की मलाई रसूल का काम
[22:54]है बुलाया जाए लोगों का काम है मानना ना है और आज
[22:58]तक लोगों का काम मानने उनकी जिम्मेदारी है कि वो रसूलल्लाह के
[23:04]इस हुकुम के निवास की कोशिश करें सबसे पहले खुद जिम्मेदार ऑफिस
[23:07]जाने की बिल्कुल यह उम्र क्या है कि इसकी हकीकत क्या है
[23:14]खाली हमारे नारे लगाने से हम एल्बम तलेसरा तो अस्सलाम की विलायती
[23:17]मां तहत करार दे दिया जाएंगे या नहीं है और अब हम
[23:22]यह समाज है कि नहीं इसका ताल तो हमारे अमल से भी
[23:25]है इसका ताल्लुक हमारे निदान से भी इसका ताल्लुक हमारी जिंदगी से
[23:28]भी है तो अब हमें इसकी तब यूज करनी पड़ेगी को ज्यादा
[23:33]यह मैंने सिलाई हमारी जिम्मेदारी है कि हम सबसे पहले कुछ कमियां
[23:37]और फिर इस अमानत को दूसरों तक पहुंचाएं है ताकि लोग मालूम
[23:43]हो कि अगर इस दुनिया के अंदर और आखिरत में तो यकीनन
[23:48]लेकिन इस दुनिया में भी अगर इंसान रिचार्ज चाहता है तो वह
[23:51]बर्तन अस्सलातो वस्सलाम की विलायत के बगैर मुमकिन नहीं है कि अवैध
[23:57]रूप से जवन मोहम्मद वाले मोहम्मद पर अ अजय को कि पर्यावरण
[24:05]यह बात रहे कि हमारे अभी दुनिया के अंदर क्या किया जा
[24:09]रहा है दुनिया के अंदर है तो इंसान की जान भी नहीं
[24:13]है जो वर्ड व उससे और उसकी आईडियोलॉजिक दरमियां पास नहीं जाती
[24:16]है जाहिर है मिसाल के तौर पर आ कि मैं हूं विशाल
[24:20]को मानूं महल में तरह सलमान को मानूं एक हफ्ते के अंदर
[24:26]में जो अपनी रहो दुनिया को से सरोकार नहीं कि आपको मालूम
[24:31]है है लेकिन जब आप इस दुनिया के अंदर इंप्लिमेंटेशन की बात
[24:34]करेंगे कि इस दुनिया के अंदर कि Star कानून अप्लाई किया जाएगा
[24:37]इस दुनिया के अंदर किसका हमने ऑफिस किया जाएगा तो अब आप
[24:43]ना अल्लाह की बुनियाद और उसके रसूल की मांग ली है नो
[24:47]टेंशन की बात नहीं है और जैसे मैं यह मामला शुरू करूंगा
[24:48]के यहां पर इंप्लीमेंटेशन भी फोन के टावर नहीं होंगे उनके एक
[24:54]दामाद होंगे अब यहां मेरा और दुनिया का टकराव शुरू हो जाएगा
[24:56]उसे से सरोकार नहीं है कि आप उससे तो सरोकार नहीं है
[25:02]कि आप चाहे वह दुनिया के अंदर क्या आपकी तरफ है कि
[25:06]आपकी कमी रखते नहीं आप इंप्लिमेंट किस किसको कर रहे हैं आप
[25:08]निर्धारित किस-किस को मांग रहा है कमर दूरी पर मोहम्मद वाले मोहम्मद
[25:13]पर अ हेलो हाउ आर यू कि प्याज बारीक ज्यादातर बच्चे होना
[25:28]जरूरी है कि अगर अमिताभ बच्चन है तो कभी भी आम तरह
[25:32]तीर की तबीयत सही तौर पर अंजाम नहीं दे सकते हैं आज
[25:36]इतनी ताकत की गई है इतनी रिवायत हमारे पास देखो इस मसले
[25:42]को नहीं भूलना नहीं 279 तरी हमारे पास है लिए तरह सलातो
[25:45]अस्सलाम ने हमें चाहिए नंबर 10 और दूसरा कथित तो यह ऐसी
[25:51]दो बुनियादी चीजें हैं जो तुम्हें तुम्हारी पसंद से जुड़े रखेंगे तो
[25:55]कि अगर तुमने इसके अंदर जरा बराबर कुत्ता ही की तो गुमराह
[26:01]का शिकार हो जाओ कि प्याज अब हम है पहले आया तो
[26:06]इसे मैसेज आया तय जब आप इसको ऐसा सिस्टम नहीं करने की
[26:08]कोशिश करेंगे खत्म हो जाएगा कि क्यों है बैक करने की नमाज
[26:12]पढ़ते रोजे रखते रोए सब कुछ करते रोल लेकर वह मार खा
[26:17]बिल्कुल नहीं है जब तक तुम मेज़ सलातो अस्सलाम की विलायती मां
[26:23]तहत जिंदगी नागरिक मिसाल के साथ में इसको बाद लेकर उत्साहित पहले
[26:26]भी पहन कर चुका है कि लेबल मौसम की है तंत्रकारी है
[26:33]जो विलायत के मौजूद हैं और चेतक रिबन तकरीर है उसके आकार
[26:36]में उन्होंने विशाल दिया मिला है कि बोला अगर यह स्थिति हमारे
[26:40]पास रिवायात है अगर हम देखें सोचते हैं कि भई एक हमेशा
[26:43]नमाज पढ़ रहे गुरुदेव रख रहे एग्जाम दे रहा है तमाम उपयुक्त
[26:48]अंजाम दे रहा है तमाम मुकुल आपको अदा कर रहे हैं लेकिन
[26:50]ऐड की मिल्कियत नहीं रख रहा है तो उसको इन चीजों का
[26:55]जवाब नहीं मिलेगा क्या वजह रही है Lenovo दिलाना मुझे मिलाकर नहीं
[26:58]है नहीं 19 साल से बातें करते हैं कहते हैं कि अगर
[27:03]हम मैं उस मिसाइल को अपने पाकिस्तानी शहरों की तस्वीर लेते हुए
[27:09]कि अगर हम यहां कराची से लाहौर जाना चाहते हैं है और
[27:13]हम बस अड्डे पर जाकर कोई सवारी बस में बैठ जाते हैं
[27:17]है तो हम कुछ बस में बैठने के बाद चाय तस्बीर पढ़े
[27:21]चाहे कुरान पढ़े चाहे बहुत अच्छे अखलाक से पेश आएं चाहे जूस
[27:26]जाए लोगों के सामने लोगों को अच्छा तवा जो करें अच्छा रास्ता
[27:29]रखें पूरे रस्ते जो है वह तस्वीर पढ़ते नया प्लांट पढ़ते नहीं
[27:31]बातें करते ने हम लोग और नहीं पहुंच सकते हैं क्यों क्यों
[27:38]क्यों क्यों गलत बस में बैठ गया है अब मैं सवार हो
[27:43]गया गलत बात के अंदर और अब मैं तस्वीर पड़ रहा हूं
[27:46]पसंद सारी कर रहा हूं मैं नमाज पढ़ा हूं मैं क़ुरआन पढूं
[27:49]सफर की तरह किए जा सकते हैं ध्यान दे रहा है है
[27:52]अब मैं कोई पहुंच गया तो मैं खुद बताया जाए शिकायत कि
[27:58]अल्लाह मैंने कितने हमार अच्छे-अच्छे अंजाम दिए लेकिन जो मकसद था मेरा
[28:02]यह नोजल और पहुंचना था तुमने मुझे यह और नहीं पहुंचाया बल्कि
[28:07]मैं को इंटरपोल की जिसके बाद दूसरा शक है यह जो पॉइंट
[28:12]है यह बस में बैठा व्हाट आईएस नहीं बैठा बल्कि फिलहाल जाना
[28:16]तो नौकरी बस में बैठा लेकिन उसने अच्छे हमारा जहां नहीं दिए
[28:19]उसे नमाज नहीं पढ़ी उसमें रोज नहीं रखी है उसमें तस्वीर नहीं
[28:24]पड़ी उसने कुरान नहीं पड़ा है लेकिन अगर वह लड़ाई जाए लोग
[28:29]उसे अगर बदला कि यह लड़ाई झगड़ा भी हो जाए और वह
[28:30]विपणन तथा पूर्ण करें वह मर भी जाए तो भी लेकिन इस
[28:35]जूस सिस्टम है जो गाड़ी है इससे नीचे ना होते उसकी लाश
[28:40]उसी गाड़ी के अंदर मौजूद तो उसकी लाश कहां पहुंचे कि उस
[28:46]मकसद तक पहुंच जाएगी तब आंवले का वह जानती हो मैं क्यों
[28:48]दूं कि हां निदान की बात हो रही है में चमक शेखर
[28:52]की बात करते सिस्टम की खासियत है हाउ टो इजीली पहले बेहतर
[28:59]S8 और सलाम ने हमें तब बच्चों दिलाइए सोनू निगम कहते हैं
[29:03]कि हमारा कुबूल नहीं है जितने हमारे जानते तो कबूल नहीं है
[29:06]क्या दैनिक जिस डायरी के अंदर तुम बैठे हो यह गाड़ी तुम्हें
[29:11]निजात नहीं दे सकती जितेंद्र अग्रवाल अंजाम हो कि अगर तुम्हें गाड़ी
[29:17]तो सही ड्राइवर का इंतजार कर लिया सही निदान कर तरह कर
[29:23]लिया अब तुम्हारे कमाल भी नतीजा देना शुरू कर देंगे एक आखिरी
[29:28]रिवायत इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम के सामने बयान करता हूं अहमद तमाम अ
[29:32]कर दो थे यूनिवर्स यौन शोषण सीढियां कैलाश राठौर सलाम सिर्फ यह
[29:42]चैनल फ्री डिश के मुखालिफ हैं हम एक ही उन्हें बर्मा गांव
[29:49]तबारक व ताला नौ धन्नो कुंद्रा यह इस्लाम दांत विलायत कुनै मजा
[29:58]आ और सुनाओ नमिता ग्रह के महत्व मंहत मन उस पॉइंट को
[30:02]उस मुसलमान कौम को को एक अजीब दूंगा के जो मुसलमान कौम
[30:09]अपना इमाम अपना हाथ के अपना सरपरस्त अपना रह पर एक कुछ
[30:12]ऐसे हम हो रहे करो हकीकत में उसकी विलायत से जिंदगी गुजारें
[30:19]जो जाए रहे और नई ज़मीन अल्लाह अल्लाह की जाने फैसले नहीं
[30:23]है वह इनका नजर आया तो फिर हमारे यहां पर रतन तपिया
[30:29]चाहे यह मत यह मुसलमान है जिसको फाड़ देने की बात कर
[30:35]रहा है चाहे यह अपने आमाल के अंदर लेख और पुस्तकें ही
[30:37]क्यों न हो है और उसके बाद मुझे अपने गोपाल वर्मा रेला
[30:42]फोनों और मैं उस पॉइंट माफ कर दूंगा मैं है कि स्पर्म
[30:48]को अंतिम राहत इनफील्ड इस्लाम हर उस काम को भी जो एक
[30:53]मुसलमान कौन है लेकिन उसके सिर पर कई किताबें नृत्य मिला यह
[30:57]तक उन्हें अमानुल्लाह हो चुके ऐसे यह मोह के मुनह पर के
[31:03]मां तहत उसकी विलायत में जिंदगी गुजार रही हो कि जो आदिल
[31:06]है और अल्लाह की जाने से इनकार न तेरा यह तो फी
[31:12]अनूपशहर दाल मतन मसीहा कि चाहे हुकूमत अपने जिंदगी अपनी मुरादे आमाल
[31:17]के अंदर मजा लूट का शिकार हो गुनाहों का सितारों का धमाल
[31:22]करें कि मैं इसको पक्ष दूं क्यों नहीं कितने अजीब हुआ था
[31:31]अ है हनी इंसान अपने ने कमाल अंजाम दे रहा है लेकिन
[31:33]क्योंकि उससे अपनी सपने आपको एक अल्लाह ईश्वर की वर्दी यह कमियां
[31:42]मिलाया के तहत करार नहीं दिया जा सकता है है और यह
[31:46]पौन ऐसी है कि जो शायद इस दूसरी पंक्तिबद्ध गुना कारों कि
[31:53]अगर इन क्या कमाल इंफ्रा दी जिंदगी को कम पर किया जाए
[31:58]मुआयना किया जाए तो शायद के गुनहगार हो लेकिन इसके बावजूद फंदा
[32:01]उतार कह है कि मैं इनको माफ कर दूंगा क्यों ए पी
[32:06]के गोमेज इलाही हातिम का इंतज़ाम किया था कि मृतक है जिसे
[32:11]हम आपको इन उना अपने लिए वह अल्लाह का बनाया हुआ था
[32:17]अ कि वह आदित्य यादव बहन के गुनाहों को माफ कर दूं
[32:19]इससे बाकी जो विलायत कि स्पीकर जो निभाया था यह सामने बयान
[32:25]हुई है यही गुणों की मगफिरत और इन हवाले से यह हमारे
[32:30]सामने बार उनके पास हमारी जिम्मेदारी बनती है यह हुकुम जो रसूल
[32:32]अल्लाह को दिया गया कि इसको यह ब्लैक किया जाए इसको दूसरे
[32:37]तक पहुंचाया जाए अगर यह नहीं अंजाम दिया गया तो का तमन्ना
[32:39]भी ज्यादा जो सारा का सारा बना हुआ सिस्टम बना हुआ काम
[32:44]था वह सब्सक्राइब चल जाएगा इसके निमित्त हमारी भी जिम्मेदारी है है
[32:49]कि हम उस पर राहुल को घर-घर लोगों तक पहुंचाएं सबसे पहले
[32:54]तो समझे थे कि क्या इस विलायत से मुराद खा लिया खाली
[32:57]ना लगा देना है में आया इस विलायत से मुराद खाली कल
[33:01]Amazon पर जारी कर देना है में आया इस विलायत से मुराद
[33:08]खाली मस्जिदों के अंदर नहीं लगाना है धुंध की विलायती दवाई देना
[33:10]ज्यादा एक कॉल रिवायत है कि सामने बयान करते चलो इमाम बाक़िर
[33:14]अलैहिस्सलाम कि नस्ल ही रिवायत है आप फ़रमाते हैं कि इस्लाम पांच
[33:20]चीजों पर इस्लाम की बुनियाद रखी गई है मैं नमाज इन द
[33:25]कार रोजा और हज और पांचवें विलायत और फिर फरमाते हैं है
[33:32]कि जो बुनियादी चीज रहनी दाण की पूरी अच्छे वह मजाक है
[33:37]वह मिलाया है क्या क्या इसकी आवास पर किसी लब्बैक कह दिया
[33:42]और कौन सी मिला है यह उबले विलायत से शरीर मिला है
[33:44]तो यूं लगा दी वह मिलाया तो यह ओमेगा 3 को बयान
[33:48]की गई थी मैं निकल आए थे वहीं एडिटर श्री ही विलायत
[33:51]के जितना वक्त रसूलल्लाह में दिया अगर उस विलायत को मनमोहन कपूर
[33:58]कर लिया जाए उस विलायत के तहत अपने आप को ले जाया
[34:03]जा एप्स नतीजा क्या निकलेगा नतीजा निकलेगा कि वह कार्यालय सालत रसूले
[34:07]अकरम ने अंजाम दिया तो तमाम हम यह श्राद्ध जो है वह
[34:11]सलाम ने अंजाम दिया उन नतीजा देने लगेगा वह इंसान को उसके
[34:13]हाथ अब तक इंसान को जो कमाल तक पुस्तकालय स्कैनर के जरिए
[34:19]पहुंचाना था कब मुमकिन है कि जब यह ख्याल और सॉफ्टवेयर आपस
[34:22]में सही हो जाए और इसे की निर्बाध हमारी जिम्मेदारी बनती है
[34:27]कि सबसे पहले हम समझे गौर करें और सोचें आया इसकी हकीकत
[34:31]क्या है और जब एक नतीजों तक पहुंचे तो फिर उसका इलाज
[34:35]करें लोगों तक पहुंचाए आ मैं अपने दोस्त है तब तक पहुंचाएं
[34:40]तथा जोशी है पहले उनको समझाया तो ऐड सुंदर है जो है
[34:42]ऋषि अपराध उन पर किस प्रभाव को पहुंचाया जाए तो है जो
[34:46]उन्हें समझ आ जाएगा कि इस दुनिया में भी अक्षर तो यकीनन
[34:50]लेकिन इस दुनिया में भी अगर इंसान मिल जाता है तो वह
[34:52]मोहम्मद वाले मोहम्मद अली सलातो अस्सलाम की मिला मेहतो यकीनन इस जान
[34:57]लुटाना शुरू करें तो मैं सबसे पहले इस अमानत की जिम्मेदारी हमारी
[35:02]बनती है कि हम तो विलायत कदम बढ़ते हैं हम उसके ऊपर
[35:06]कितना अमल किया गोष्ठी कितनी तकलीफ बहुत सारे हमारा बयान हुए बहुत
[35:09]सारे ऐसे हमारे जो इस निभाई है कि हमने के लोगों को
[35:14]खाना खिलाया जाए दोनों की दावत की जाए सत्कार दिए जाएं क्यों
[35:17]ताकि यह प्रभाव कि मैं दूध अर्घ्य प्रदान दूसरों तक पहुंचे और
[35:22]इसी तरह के खतियान में भी रसूले अकरम ने अमित या अ
[35:26]प्ले लिस्ट मौजूद है वह गाय भी को पहुंचाएं व की औलादों
[35:32]को पहचानो यह कयामत तक के सिलसिला जारी रहे क्यों क्योंकि इस्लाम
[35:36]इंसान तमाम इंसानियत सुविधा देने के लिए हाजिर असलम के जमाने के
[35:43]मुसलमानों को इजाजत नहीं देनी थी तमाम इंसानियत को ले जाते हैं
[35:46]जब तमाम इंसानियत को जाते हैं जो तमाम इंसानियत को इसे कुबूल
[35:52]करना पड़ेगा वह मुकेश दुदावत मुहाल हम सबको अहले बैत अलैहिमुस्सलाम की
[35:57]चीज़ों को समझने उनकी विलायत को समझ उनकी विलायत के मार्फत रखने
[36:00]उस पर अमल करने और उसकी तबीयत करने की तौफीक अता फरमाएं
[36:05]है का दिमाग में तो माना कि दोनों नेता जी हनुमान हमें
[36:07]उनके अलावा अनुसार में शुमार फरमाए इंकलाब के स्वामी को इमामे ज़माना
[36:11]कि आदमी अंकल आप से मुत्तसिल परमार हम सबको उनकी हिमायत की
[36:16]तौफीक अता फरमाए ल पन्ना टप्पल में नाइन उमाकांत असलम ना टीम
[36:19]में हम अधिकारियों और हमर राशि मीन में मोहम्मद वाले मोहम्मद सलामत
[36:27]है झाल
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