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Current Affair | H.I. Naqi Hashmi
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Record date: 06 Jun 2021 - حالات حاضرہ
AL-Mehdi Educational Society proudly presents new Executive Refresher Course for the year 2021 under the supervision of specialist Ulema and Scholars who will deliver though provoking lectures Every Weekend.
These video lectures are presented by aLmehdi educational society, Karachi for our youth.
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Transcript
[0:00]झाल का अवसर मिला ही मिनट सहित आणि लाइनर अजीम इस बीच
[0:20]मिला है रखना जो रहीम है और हम धो लें पहले ही
[0:26]अस्सलातु वस्सलाम में आंवला यह ले हा बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम व मिनरल मोमिन और
[0:33]जलन की सजा को महमदुल्लाह आलू यह एवं हनुमान उपासना अब हम
[0:39]इन्हें मध्य नजर वह बदल तब्दील बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम का पुलिंदा महज कुंभ विवाह
[0:48]सिद्ध यंत्रों को मूलाह से मस न प्रावधान है कि पुराण चाहिए
[0:54]दो बहुत ही मुख्तसर सी आयात अ मैं इसमें कि खुदा से
[1:04]मुखातिब हो के रसूल अल्लाह से यह कैसा है के मुनीम को
[1:10]है या यह कहिए आप कह दीजिए हमारा प्रभाव में आ पहुंचा
[1:15]दीजिए क्या पर ऑन की कमी यह है कि में आइसक्रीम विवाह
[1:22]जा मैं तुम्हें की नसीहत करता हूं खुदा कह रहा है ए
[1:27]रसूल आप यह बात कह दीजिए कि मैं तुम को यह नसीहत
[1:33]करता हूं मेरे वॉइस विक्रम विवाह बुरा क्या है का अंत अपूर्व
[1:37]लिल्लाह तय काम करो अल्लाह के लिए हैं मसलन अपराध चाहे दो
[1:45]हो जाओ ग्रुप बन जाए लो तुम्हारा साथ नहीं के पुरोधा अ
[1:51]कि कोई तुम्हारा साथ नदी अकेले रह जाओ का बयान करना है
[1:59]तुम्हें है कि अल्लाह के लिए तय आम मैं अभी बातें दौरान
[2:04]और इसी तरह जो दूसरी या पहली आयत जो मैंने पढ़ी हैं
[2:08]उसमें यह था कि मुंबई में से कुछ ऐसे मर्द कसरत होते
[2:14]हैं ए मैन एंड वूमेन अरे चालू सदा कुमावत द्वारा लेंथ अपना
[2:17]अल्लाह से किया हुआ वादा सच्चा कर दिखाते हैं ई-मेल घुम्मन पाछ
[2:23]है कि जो अपने सफर को मुकम्मल कर चुके अपने किए वादे
[2:28]को पूरा कर चुके वर्मिन हूं या इंतजार कुछ हैं जॉब इंतजार
[2:30]कर रहे हैं वह बदलों तब्दील और और आनुवांशिक तौर पर कहते
[2:37]हैं अल्लाह की सुन्नत में तब्दीली आने वाली नहीं में मौजूद हमारा
[2:42]हिलाते हजरा लेकिन क्योंकि या आम इमाम ख़ुमैनी अलैहिर्रहमा की बरसी से
[2:48]32वीं बरसी तो 32 साल हो गए हुए नींबू चिकन को कि
[2:52]इस दुनिया से गए हुए हमसे बिछड़े हुए 32साल मुकम्मल हुए कि
[2:59]वाकई अगर कोई शख़्सियत हमारे ज़माने में इन आयात का दूध लेना
[3:05]याद के मैंने तो उस करार किया का प्रयोग करना है अल्लाह
[3:09]के लिए छाया के लिए हो चाहे ग्रुप बना लो बन गया
[3:13]बहुत अच्छी बात है नहीं तो कल तो करेंगे है और दूसरा
[3:14]यह कि अल्लाह से कि वह रात को पूरा कर दिखाया यह
[3:18]बड़ी बात है मुनि इनमें से कुछ ऐसे होते हैं जिन्हें दहेज
[3:23]याद भी होता है जो उन्हें ग्लास से किया है हम तो
[3:27]उन्होंने में से सही इसमें मिनट में बहुत मैं अपनी बात कर
[3:29]रहा हूं कि हमें तो याद ही नहीं चला सबने को यह
[3:32]भी किया है अल्लाह का हेयर याद नहीं है वर्क यह सारे
[3:36]हेयर याद है कंपनी में क्या ऐड किया है तो मालिक से
[3:38]क्या है तो दुकान पर किया है किया है तो बिजनेस में
[3:41]क्या है कि है तो जॉब पर क्या है कि है कि
[3:45]यह बात है तो यहां से हैं लेकिन वह अपने अल्लाह से
[3:49]वादा किया था कि कुछ तय करके आए थे हमें तो याद
[3:55]ही नहीं कैसा कुछ टाइप किया था बादल वाकई आपके समाने कि
[3:59]अगर कोई एक बड़ी बात से सी इस इनायत का मिस आप
[4:04]और मिसाल है तो वह समय नींबू चिकन जैसी असीम 7 है
[4:07]कि जिन्होंने जब कयाम किया तो वहां पर अकेले थे और बुजुर्गों
[4:12]को याद होगा जवानों को तो अच्छा अच्छा मिला है इसलिए उन्हें
[4:18]इतना याद नहीं है हमारे बुजुर्गों को याद होगा अ है कि
[4:21]जब पुरानी पोजीशन एप्लाई नारे लगा रहे थे दो तीन बड़ी बुनियादी
[4:26]बातें की उन्होंने अ 123 खुद अनुष्का ने बड़ी बुनियादी बातें की
[4:30]हैं पहली बात क्या है इस्लाम की हाकिमियत कि इस्लाम को का
[4:37]हुकूमत करने का हक नहीं है मैंने मिला दिया कि खाली एक
[4:43]तैयार नहीं है बल्कि यह उसका हक है कि इस्लाम ये दुनिया
[4:49]पर हुकूमत बनाए कि अब यह मौज़ू ए दिल मुश्किल बहुत सा
[4:58]हमने इस्लाम को कुशल नो सेंस के बाद कुशल 300 साल पहले
[5:03]जो तब्दीली आई है दुनिया के अंदर सनत इंकलाब फ्रांस का इंकलाबी
[5:07]कबीर फिर रसिया का इंकलाब किसने कहा यह दिन तो अफीम है
[5:13]दीन तो नशा है और कुछ नहीं करना है मुसलमानों ने हर
[5:19]चीज अल्लाह पर छोड़ रखी है को संभालो अपने मूल को अल्लाह
[5:25]दिखेगा अब है अरे संभालो अपनी गलतियों को अल्लाह दिखेगा अरे भाई
[5:28]अपनी मर्जी से अपने हुकूमत के अंदर खत्म करके छह इंसानों के
[5:35]पोस्टरों और सीटों पर लाओ अल्लाह दिखेगा है यानी हम तो वह
[5:37]लोग से कि मिलते ही नहीं थे न है और आहिस्ता-आहिस्ता जो
[5:42]यहूदियों और ईसाइयों ने इस्लाम के लिए नजरिया पेश किया था कि
[5:45]यह तो कुछ अख़लाक़ी उसूलों का नाम है इस्लाम कुछ अक्ल आती
[5:51]उसूलों का नाम है और अल्लाह और उसके बंदे का रक्त बस
[5:54]यह इस्लाम है तो सौरव को मौत कि अदालत धन लक्ष्मी रावत
[6:02]है बल्कि अमीरों तरक्की के लोगों की तबीयत कैंडी क्रश तसव्वुर रिश्ता
[6:11]के शाम की को इस तरह की तस्वीर तस्वीर पेश की जाएगी
[6:13]बल्कि हम और इस आई है तो और यह उद्यत और अध्ययन
[6:19]जितने भी थे आस्था-आस्था आस्था-आस्था आस्था-आस्था कि इस्लाम के किसी सिस्टम आई
[6:26]कि इस्लाम के किसी सिस्टम आई रोल के काबिल नहीं थे इस
[6:32]तिमाही किरदार के काबिल नहीं थे अच्छा काश ऐसा सिर्फ वषरें में
[6:38]हो रहा था अब हम इस नतीजे पर पहुंची होती आली यूनिवर्सिटीज
[6:40]दानिश गाय हमारी स्थिति में पहुंची होती हैं तब भी कोई बात
[6:45]नहीं बात से आगे की थी कि कि बहुत से आगे की
[6:51]थी कि है कि यह नजरिया आयशा इसका हमारे मरकज में मोबाइल
[6:54]मियां में पहुंच गया था वहां पर भी इस्लाम के सिस्टम आई
[7:01]किरदार को किताबों में लिखा तो गया था मजबूरी देखना अ कि
[7:04]यदि हमारी फ्रिल मौजूद और पर बात करती है किताबों में करती
[7:12]है का व्रत बात करती है मौकों पर लेकिन किताबों में करती
[7:16]है अमरुद मारूफ नहीं अनिल बनकर यह मोनू है किताबों में है
[7:22]कि आपको रोक में भी है अगर गलत काम आपके इलाके में
[7:24]हो रहा है आप को रोकना है कि यह अखिल आर्थिक मुआवजे
[7:29]के तौर पर किताब में तो है लेकिन अमेज़न अगर कोई काम
[7:34]करें यह घरों से गानों की आवाज आ रही हैं और कोई
[7:35]दवा का खतरा है कि यार यह ठीक नहीं है शीला के
[7:38]घर से गाने की आवाज आई ठीक नहीं है कौन-कौन विरोध करता
[7:43]है लोग जो बेचारा सूरत करें उसके व्यवहार हो जाते थे यार
[7:49]तुम्हें क्या जरूरत पड़ी है जो करवा कर दो अरे लोग भाई
[7:51]बाहर आ गए चलो फिर घर में करते थे अब तो बहुत
[7:54]टाइम लगा रहे हैं ट्रेंड में गाने बजाएं ही आबादी में ट्रेंड
[7:59]में गाने बजाएं कि कब क्या हुआ आप कौन होते रोकने वाले
[8:02]हैं यह था यह बातें सुनने को मिल जाया करती नंबर पर
[8:06]मारो किताबों में यह काम है अल्प एक्जाम है इस प्रेस किताबों
[8:13]में तबीयत नौजवान और इंसान किताबों में और हुकूमत इस्लामी का याद
[8:19]दिलाना निजाम कि जिस बुनियाद पर आप अपने दुश्मन से गए कि
[8:22]तुम्हें हक नहीं है कि तुम हमारी ज़मीन की मां दुनियां को
[8:26]लेकर जाओ यह बात तो यह बात तो हुकूमतें नहीं करती यहां
[8:31]इंसान क्या करेगा ठीक है भाई हमारे मुल्क के अ कि हमारी
[8:36]गैस है हमारा बिलकुल है हमारा ऑयल है हमारा मुल्क है हमारी
[8:39]मदद या आते हैं कि हमारी मर्जी हम जरूर शेयर करें हमारा
[8:44]बल्कि हमारे पड़ोसी हैं हमारी मर्जी है जिससे जो रास्ता रखें भगवान
[8:49]सर्वर पर कैसा हो इरान समरसता कैसा हो कि यह बातें सब
[8:55]मुश्किल है करना मुश्किल हैं यदि आपका क्या दखल है इसमें आप
[9:02]का क्या रास्ता समय यानी आप तैयार थे कि हमारा मूर्खता राज
[9:05]होता रहा है पाम आयल होता रहे हो कि इस्लाम का कोई
[9:11]कर नहीं देना असलम का कोई रोल नहीं देना है इन दोनों
[9:15]के लोग यह भी अ और एक होता है तो फ्रेंड्स इस्लाम
[9:20]के किरदार की मुख़ालिफ़त से तुम्हें इस्लाम तो अ खिलाफ कथित जन
[9:24]नसीहतों का मजमून है बहुत ज्यादा हुआ जाती बाद का नाम है
[9:28]तो अनुसार उठा लीजिए मैं एक ग्रुप था जो कहना था कि
[9:33]इस्लाम को असलम हक ही नहीं है कि वह क्लिक करें इंसान
[9:35]के स्टोर में की उम्र में एक और ग्रुप था ड्राइवर मौजूद
[9:41]रूबरू करवाया भी आपसी तकरार में कहा कि वह दीनदार ऐसे दीनदार
[9:44]थे के कि जो रसूल अल्लाह से भी ज्यादा दमदार थे फैमिली
[9:50]से भी ज्यादा दमदार थे कि दिन इतवार मुकद्दस है कि इसको
[9:53]सियासत में मदाखलत नहीं करनी चाहिए जानी वहीं के तत्व उसकी वजह
[9:59]से एक ग्रुप दीन को कमजोर होने की वजह से कि यह
[10:03]सर्कुलर लोगे यह सर्कुलर रैली की दुनिया भी साइकिल है दुनिया भी
[10:10]साइकिल है कि दीन तो इस्तांबुल ही नहीं है कि आप इसका
[10:12]किरदार इतना बड़ा किरदार उसको देंगे छोटा सा हल्दी और एक मजा
[10:19]वह हमारे एक गुरु है दीन को इतना मुकद्दस बनाता है जाता
[10:23]है कि असलम अधीन को हिरासत में वृद्धि न होना चाहिए ढूंद
[10:26]स्पर्म आयल होता है व्यापार मौजूद जिनका नाम रखा है दिन ईसा
[10:32]कुलर है कि उनको दिनी उनको दुनिया भी सर्कुलर कहां के जो
[10:34]इस्लाम के मुकाम को गिराते हैं है और जो इस्लाम के मुकाम
[10:39]को इतना उठा देते हैं कि रसूल अल्लाह और इमाम अली अलैहिस्सलाम
[10:41]से भी ज्यादा दिन को समझते हैं इनको का यह दीदी सर्कुलर
[10:48]हैं कि भीम को उसका हक अगर आप दें टुकड़ा ने भी
[10:50]है जब मिला कुरान की याद उठाइए कि पुराण उठाइए तर्जुमा पढ़ना
[10:57]शुरू कीजिए जो नहीं पड़ते जब नहीं पड़ते थोड़ा-थोड़ा उनकी राय कायम
[11:00]नहीं है हमें जो कुरान की राय का एवं नहीं है है
[11:04]तो फिर हम सब आरा अपनी-अपनी बेस्ट करते हैं अपने-अपने नजरिया पेश
[11:10]करते हमें कुरान की राय कायम नहीं है जबकि क़ुरआन का सिंपल
[11:13]तरीका मा पढ़ने वाले मैं उनकी तस्वीर की बात नहीं कर रहा
[11:17]मैं गहराइयों में जाने की बात नहीं कर रहा मैं कुरान का
[11:22]सादा तर्ज़ुमा पढ़ने वालों से ए मैं कहता हूं कि आया इंशाल्लाह
[11:27]आपने कहीं नहीं तो बड़ा कहीं ना कहीं तो सुना अगर अभी
[11:29]तरह से नहीं पड़ा है अब तो भाई दोस्तों ताकि लोग साथियों
[11:38]हमारे बेटों जवानों दौरान को अल्लाह की का आखिरी किताब है हमारी
[11:41]आखिरी किताब है है हमारे नबी पर आई है ये दुनिया जब
[11:47]तक रहेगी इससे बेहतर किताब नहीं आ सकती आएगी नहीं जामा आएगी
[11:53]नहीं आ नहीं सकती का मतलब ही नहीं है की हिदायत के
[11:57]लिए सबसे इंपोर्टेंट किताब है इससे बड़ी कोई किताब हिदायत की नहीं
[12:02]है है और वह दावे जिससे सबसे ज्यादा कम पढ़ा-लिखा और समझा
[12:05]जाता है या कुछ मामलों में यह खिताब है जिसे सबसे कम
[12:11]पढ़ा और उससे भी कम समझा जाता है समझने वाली किताब तो
[12:13]हम कहते हैं जो सवा की किताब हमारी तो यह दौरान सवा
[12:17]की किताब है हिदायत की किताब नहीं है जब चाहिए उतर रही
[12:22]है हिदायत के लिए आपको मालूम है दौरान एक साथ पूरा नहीं
[12:23]उतरा रसूलल्लाह व ऊपर शिवाय वह जो शपथ हम कहते हैं और
[12:30]वह भी नजूल जो है वह कल्बे रसूलल्लाह पा रहे हैं हां
[12:34]मालूम है ना आपको अंतद्र्वंद्व कमाना क्या है पंचशील ध दृश्यों में
[12:41]करने को कहते हैं जब जब ज़रूरत पड़ती रही कुरान की याद
[12:43]आती रही इस हम कहते तंजील लेकिन एक साथ जब इमरान मसूद
[12:48]और सिर्फ सर्वे कार्य में रसूल के कालों पर और वह कल
[12:53]क्यों बनाया वह अवाम पर नहीं आया है वह असुर लेबल पर
[12:55]आया है जो हम डेफिनेशन में कहते हैं हंस लो फल कौन
[13:00]वह अंधला एक दफा में खुदा कि फिजा ने वसूला कि कल
[13:06]पर भेजा है लेकिन हमारे राष्ट्र के लिए जहां जरुरत पड़ती रही
[13:09]याद आती रही बड़ी बात ऐसी बात जहां जरूरत पड़ती है आयात
[13:14]आती रही है कहां-कहां की जरूरत और कि रही वहीं जहां कोई
[13:17]मसाला तथा को इधर पेश इस अचूक उधर परेशान था और कोई
[13:23]बड़ा भाई क्या हो रहा होता था ताकि कोई गलतियां भी करते
[13:28]थे मैं आपसे सुनी यह बात कि अगर कोई व्यक्ति सभी कर
[13:33]दिया करते थे तो वह भी डरते थे कि आया हमारी यह
[13:36]बात कही रसूलल्लाह को वहीं के जरिए पहुंचना गई हो और वह
[13:38]मुसलसल खबर आते रहते थे कि हमारा पता नहीं चल गया जो
[13:42]हमने कल किया था इसका मतलब क्या है मैंने कुरान की आयात
[13:44]रसूलल्लाह पर आ रही हैं जैसे-जैसे तकाजा बनता जा रहा है वाकई
[13:51]दाउद का स्वर्ग यह किताब राज्य यह किताब हिदायत है कि हमने
[13:55]इस किताब को विधायक के लिए पढ़ना है आप बड़े शहरों के
[13:59]तरीके में को देखें तो आपको हमारी यह बाजू है वह मौजूद
[14:04]नहीं और हमने इसकी बहुत ही है बड़ी बात से हो जाएगी
[14:05]कि इस्लाम का पेस्ट माई किरदार है है इसका एक पार्ट है
[14:13]हुकूमत हुकूमत और कुदरत को कहते हैं अगर हो तो अदालत का
[14:19]काम होता है रिलीज बाद अदालत का बाप काम कर सकते हैं
[14:21]दलित आप अकेले तन्हा बगैर इसे शराब के अदालत टाइम कर सकती
[14:25]कि आप मैं बार-बार यह विशाल दे दूंगी और फिर तैयार कभी
[14:30]किसी बहुत बुरी हालत में हुआ करता था सड़कों के ऐतबार से
[14:34]और पानी के ऐतबार से जो गटर का पानी बाहर करता था
[14:36]यहां पर तक खुदा का शुक्र है काफी कंट्रोल हो गया है
[14:39]लेकिन मैंने इसी नंबर पर दो बार पहले भी दुष्कर्म किया है
[14:43]कि हमारे पास अगर था पत्र कुदरत ना हो तो मिस प्यार
[14:44]रखेंगे अपने ना अपने इलाके के गठन लाइन हो गई सही कर
[14:49]लें अ की सड़कों को सही करने मलबूस विशाल दे रहा हूं
[14:52]आपको ताकि लंच पर हो जाए आप मेरी बात से जब आपके
[14:56]पास इतने शेयर आज भी नहीं है कि आप अपने इलाके के
[15:01]छोटे-छोटे मस्सा हल कर लें हम कह रहे हैं कि अमरीका जैसे
[15:05]से मार को ललकारना के भाई हमारी जमीन छोड़ो सऊदी अरब की
[15:07]जगह ना भाई अपने प्रेशर को खत्म करो हमारी मर्जी हम जैसे
[15:12]सब्सक्राइब करें हमारी मर्जी है के रसिया हकूमत घाटिया ने हमला कर
[15:19]दिया वाले स्थान पर 1990 1980 हमारी मजबूरी है कि हम जो
[15:21]है वह अपने लोगों को भेजूं या ना भेजूं नहीं इस बारी
[15:25]है हमारी फौज को हमारी हुकूमत को हमारी उस जमाने की मशहूर
[15:30]भी ऐसी गलतियों को मजबूर किया जाता है क्या भाई जिहाद को
[15:33]उधर ज्यादा बना दो अगवानी जेहाद मक्कूमठ बना दो और उसके बाद
[15:39]अपनी फौजों के साथ दखल करो भगवान शान में नौजवानों को डायल
[15:42]करो और सुदृढ़ वाओ और नजरिया उनके वहां भी कर दो कि
[15:47]अब यहां तक कि हमने कर दिया और यह कहने पर अगली
[15:50]बार हमें नहीं पता कि क्या होने वाली है कि जब Bigg
[15:53]Boss सारे वापस पलटेंगे अब क्या होगा फिर अ कि यह तो
[15:59]करेंगे जूनून है जुनूनी क्यों है वह भी तो आप हुए कहा
[16:04]कि हाथ करो काफ़िरों के मुक़ाबिले में और उसके बाद जो भी
[16:06]अल्लाह के निशान को नहीं मानता हु कर दो हैं यदि आपने
[16:11]भेज दिया था अब जब वह सारे हो गए रसिया वापस चला
[16:16]गया इनको आपने पाकिस्तान में जगह नहीं थी आओ भैया अब जब
[16:18]आ रहे हैं तो उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा खोलो हमने तो
[16:22]बिल्कुल मत टाइम करनी है जिसके बारे में और के अलावा उनके
[16:28]अंदर फंस गए अब आप फंस गए मापने का भाई रुक जाओ
[16:28]हमने तो मैं तैयार किया तो वापस आ जाओ व हमने तुम्हारे
[16:32]सॉफ्टवेयर लगाया था ना मत सभी सॉफ्टवेयर उसको वापस निकालो तो कि
[16:36]उनका जी हम निकालते अगर आप यह अभी आपको मारेंगे हमले में
[16:40]कि Bigg Boss क्योंकि उन्होंने हमले शुरू कर दिए पुलिस पर उन्होंने
[16:43]हमले शुरू कर दिए मस्जिदों में उन्होंने और फिर बाद में बच्चों
[16:48]के स्कूलों पर किसने अब देखिए यह तुम्हारे बनाए लोग थे लेकिन
[16:52]बनाई क्यों है क्योंकि हम सऊदी अरेबिया के कहने पर चलते थे
[16:55]9th मे इतनी रत यार आज भी नहीं थे कि हम जगह
[16:58]सऊदिया की मर्जी के बगैर पाकिस्तान में कुछ कर सके अमेरिका के
[17:02]मुताबिक पाकिस्तान में घुस कर सके इतने हथियार अभियान को नहीं थे
[17:05]यह मेरी हालत थी और है अभी भी अब हम निकले नहीं
[17:08]है इससे खुदा ना करे कि इन दोनों से निकलकर पर चाइना
[17:12]और रसिया की खोज में कर दें हमारी धारा मधुर है इस
[17:13]वक्त अपने पांव पर खड़े होने का सोचते ही नहीं है क्या
[17:17]भाई स्थित लाल भी कोई चीज होती है अपने हाथ में अपने
[17:21]इतना बड़ा मॉल कर लिया हे दिया है कि इतना बड़ा बिल्कुल
[17:24]जाने दिया और इसमें जितनी नेअमतें रखी है अल्लाह ने अगर तुम
[17:26]चाहो सुपर पावर बन सकते हो यह पानी तुम्हारे पास है यश
[17:31]बहुत मेरे पास है जैसे पहाड़ तुम्हारे पास है जैसे जरिए जमीन
[17:33]तुम्हारे पास है या सिर्फ पानी का निजाम बिछा हुआ है चुनाव
[17:39]से लेकर जून तक तुम्हारे पास है जैसी महंती ओझा कशावान तुम्हारे
[17:43]पास है और खाने 108 महंत और जयप्रकाश दूसरी यह का ने
[17:48]भी है यानी कम पर खाने हो जाते हैं कि तुम यह
[17:52]लोग खराब कर दी है आधे घंटे की बिजली बंद कर देते
[17:56]हो कभी शक्ल में लगाते हो कभी गैस की लगाते हो इतना
[18:00]ताकतवर मुल्क है तो मैं 10 ही नहीं हो रहा कि बड़ी
[18:01]ताकतें मिलकर तो हत्या कर रही हैं इसमें उनके साथ क्या कर
[18:05]रही है तो इसके अंदर ही नहीं हो रहा है कि अब
[18:11]यह सब कैसे करेंगे कि जब तक आप इस्लाम को वहीं रसूल
[18:17]अल्लाह का इस्लाम वही पुराने जो अंबिया सारे MB यह अपने जमाने
[18:20]की बड़ी ताकतों से टकरा रहे हैं आया ऐसा है या नहीं
[18:25]पुराने ग्राहकों के साथ पढ़ाई तो इंशाल्लाह लेकिन अभी पढ़ा नहीं आपने
[18:27]और से जो आपने सुन रखा है कि हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम फ्रॉम
[18:31]से टकरा गए हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम नंबरों से टकरा गए सारे अंबिया
[18:37]कल सुबह उठकर मैं कहूं आजकल ज्यादा छोड़ दे रहा हूं कि
[18:42]आप पूरा उत्पन्न इंशाल्लाह तो इसमें एक साथ बहुत सारे MB का
[18:46]रस करा और उनके कामों का तज़किरा मौजूद है कि भाई हम
[18:47]भी आए हुवे कहां आए थे क्या बात है और अपने काम
[18:51]से कहीं घूमने नहीं मानी अलावा गया यह बातें अलमदुल्ला सुबह उठकर
[18:56]तहसील के साथ या यूं कहिए इस माल के साथ लेकिन ज्यादातर
[18:58]अंबेडकर चक्कर आ गया है सुरा युद्ध में तो देखिए उसको पता
[19:02]चला है कि यह तो हम भैया के प्रवेश है कि जो
[19:06]खूनीपुर चिकन शुरू कर रहे हैं यह तो मिहिर अवश्य रसूलल्लाह जो
[19:08]काम शुरू कर रहे हैं तो हम कि बेशक रसूल ने क्या
[19:12]कहा है पूजा इलाहा इल्ला तो फिर यह पहला पैगाम क्या कुरान
[19:15]का अ का पहला पैगाम क्या इस्लाम का पहला पैगाम किया है
[19:19]रसूल अल्लाह का रसूल का पहला परिणाम जब शुरू किया लोगों को
[19:24]तरसना लोगों को अपनी तरफ फलाना लोगों को इस्लाम की दावत देना
[19:27]को योनि का लोग नमाज पढ़ो पहुंच गया नमाज पढ़ो पहुंच गया
[19:33]रोजा रखो पहुंच कुमार गया है चलो चलो चलें नहीं हुआ है
[19:38]हमने पूरे दिन कहते हैं अस्थमा पूरे दिन में नहीं आए अ
[19:41]कम 80 धुंध में आए कहां बोलो ला इलाहा इलल्लाह सफल हो
[19:48]पहला हुकुम कहो ला इलाहा इलल्लाह और निजात पा जाओ अजीब है
[19:53]जो अलार्म मैं सल्ले अला मोहम्मदीन वा आले मुहम्मद दाखवा कर दो
[20:02]अजय को कर दो हुआ है यहां पर मारेगा सुबह अल्लाह कहो
[20:22]ला इलाहा इलल्लाह और तू फ्री हूं फल आप आप जाओ ला
[20:24]इलाहा इलल्लाह कहो वाला बजाओ और यह कितना इंपोर्टेंट कर लें मैं
[20:30]कितना इंपोर्टेंट करें ला इलाहा इलल्लाह सिवाए अल्लाह के कोई और खुद
[20:35]आण नहीं सिवाय अल्लाह के कोई और अल्लाह नहीं यह जमने वाली
[20:41]ला इलाहा कोई हिला नहीं सिवाय अल्लाह के इलल्लाह तय बनता है
[20:46]कितना इंपोर्टेंट है कि आप से पूरे दिन के अंदर इंशाल्लाह जो
[20:52]नमाजी हैं उन नमाजियों से दिन में कितनी मर्तबा हलवा जाता है
[20:55]के अंदर है आपको के अजान में है ला इलाहा इलल्लाह जी
[21:00]हां जाना है अ कामत महिलाए भाई लल्ला है फिर नमाज में
[21:06]है ला इलाहा इलल्लाह है ना मैं इसी में दबा ला इलाहा
[21:14]इलल्लाह भाई इतना इंपोर्टेंट जुमला है कुछ हद तक है यादव यह
[21:22]तमाम खूबियों से अ में गिर गिर गिर पड़े मोहम्मद बुक और
[21:28]सुनाओ कि इतना इंपॉर्टेंट मौजूद शिमला है इलाहा इलल्लाह कि जो आपकी
[21:36]सफलता के लिए काफी है तो फ्री हूं फल आप आ जाओ
[21:41]है और इतना इंपोर्टेंट है कि हमसे रूठ जाने कितनी मर्तबा करवाया
[21:46]जाता है जाहिर है लल्ला ला इलाहा इलल्लाह क्यों भाई है इसलिए
[21:50]कि इसका ही असल में असल मसला यह है कि आपने पहले
[21:56]अपनी तो हित को बेहतर करना है और तो ही दी है
[22:01]कि आप शिवाय खुदा के बतिया तमाम सुविधाओं से जहां छोड़ें अल्लाह
[22:04]की ताकत के अलावा मुख्य समाचार पत्रों से सांस छोड़ें बरात करें
[22:11]जो अल्लाह है और अल्लाह अकबर है अल्लाह भी और अल्लाहो अकबर
[22:13]भी है सबसे बड़ा है है यानी दूसरे अश्वों अलग मुकाबले में
[22:19]ही नहीं आओ अल्लाह की इबादत करो आओ सलाह को मानो तो
[22:23]कि अगर अल्लाह ला इलाहा इलल्लाह की बुनियाद पर अ कि अगर
[22:30]यह इतना बड़ा मौजूद है तो उसको समझने की जरूरत है कि
[22:34]जितना बड़ा मौजूद है है इसे समझने की जरूरत है कर दो
[22:41]कि अल्लाहुम्मा सल्ले अला मोहम्मदीन वा आले भी अपना त्यौहार पर जाना
[22:47]है कि अगर इसकी तसरीफ करें वह बात करें तो यह वही
[22:52]करवाएगी इसके लिए सारे अंबिया इस दुनिया में आए थे है इसकी
[22:56]अहमियत पर और बात कर रहा हूं बनने के बाद काफी हो
[23:00]चुकी है लेकिन फिर बात कर रहा हूं कि रसूल का ताजा
[23:03]बयान में इस्लाम हमसे नमाज में इतनी मदद करता है अब मैं
[23:05]इसको आप कह रहा हूं कि यह वह हुकुम और परिणाम है
[23:10]ला इलाहा इलल्लाह की जिसका सारे अंबियां ने अपने जमाने में आकर
[23:16]हम ब्याने सबसे ज्यादा इसी मुद्दे पर काम किया है लोगों से
[23:19]हराया भूपति मत करो लोगों से कहा है कि और जो फिरौन
[23:23]और न मरू थे हमसे आकर मिलूंगा अपना आदमी मत बनो अपना
[23:28]बंदा मत बनाओ अल्लाह अनुसार लभर हुसैन के अनुसार फरमाते हैं कि
[23:31]तुम्हें तो अल्लाह ने अवसाद पैदा किया है तो मैं अवसाद पैदा
[23:35]किया किसी और की बंदगी मत करो अल्लाह की बंदगी में आजादी
[23:37]है अल्लाह की बंदगी में आजादी है दोबारा अल्लाह की बंदगी में
[23:44]आ जाती है और अगर आप अल्लाह के अलावा किसी को भी
[23:47]है या अल्लाह के साथ किसी और को भी अगर आप अपना
[23:50]इलाज मानते हैं अपना रख मानते हैं अपना खुदा मानते हैं हैं
[23:55]या आप उसकी इबादत में किसी भी तरह से या उसकी इताअत
[23:59]में किसी भी तरह से शिवाय खुद आकर तो आप भी समझे
[24:03]कि आप अभी तक पुष्परस हैं चाहे आपका बहुत मिट्टी का बना
[24:06]बनाओ आप अभी तक बुत परस्त हैं खुदा न खास्ता कहीं अपने
[24:12]पार्षद की पैरवी करते हुए पुराने का है कि बहुत से ऐसे
[24:15]लोग हैं जिन्होंने अपना इला अपनी ख्वाहिश साथ को बनाया हुआ इलाहुग
[24:19]हवा अपनी ख्वाहिश आपको अपना अलग बनाया हुआ कुरान कह रहा है
[24:24]तो जिन्होंने अपनी भूख शांत को या अल्लाह के अलावा किसी भी
[24:26]चीज को अपना इलाज बनाया हुआ है अंबाला का और क्या था
[24:30]परिणाम कि भई यह भूतों को छोड़ो ई एम जाहिरी तौर पर
[24:36]लाख जॉब मनवाते इंतजार छुड़ाओ और क्यों अल्लाह की इबादत में जो
[24:39]यह कौन था और अभी इससे आगे बढ़ेंगे गंभीर तरह काम शुरू
[24:44]हो गया था अभी हमारी बहन हमारी दावत अभी तो हिस्से आगे
[24:49]बढ़ी भी नहीं थी अंबिया की जमाने में कि पैगाम कत्लेआम शुरू
[24:52]हो गया अंबाला का कत्लेआम शुरू हो गया ब्रांड है और अंकिता
[24:56]ना मम्मी को हल करते रहे हो बनी सवाल की तरफ रिश्वत
[24:57]देकर फणीधर चूर्ण चालू कराने का यह तुम नाहक MB क्लिक करते
[25:02]रहे हो क्यों क्योंकि यह विचार है यह कहते ला इलाहा इलल्लाह
[25:07]खाओ अब यह ग्रह है जो भी मौजूद रसूल अल्लाह और अल्लाह
[25:08]और उसके बाद वाली बात ही नहीं भी अभी तुम यहीं पर
[25:12]झगड़ा शुरू कर दिया था और अपने हाथों से अपने अंधे कत्ल
[25:16]किया और उसके बाद वे रसूलल्लाह जैसे ही आते अल्हम्दुलिल्लाह खुदा का
[25:19]शुक्र है ताकत के साथ आते हैं और उसके बाद हुकूमत बना
[25:24]लेते हैं मदीने में आपको मालूम है 10 साल की हुकूमत मदीने
[25:26]में खत्म हो गई है 10 साल 1372 बीके 10 साल यहां
[25:29]के हुकूमत में हो गया लेकिन वह लोग के दो अच्छा जी
[25:34]नहीं थे अल्लाह को अपना अल्लाह खुदा मानेंगे उन्होंने आप पर जंग
[25:40]शुरू कर दी आपको यकीन आएगा कि 10 साल में रसूल अल्लाह
[25:43]ने 80 जनरल हैं 80 800 रसूल अल्लाह ने लड़ी हैं सिर्फ
[25:50]10 साल में इसका मतलब है घर में तो बैठे नहीं आप
[25:54]80 जंग लड़ने वाला घर में कहां पड़ सकता है और अक्षर
[25:56]में मलाइका है ना साथ हैं पता है आपको एक हादसा रसूल
[26:00]लेकर नहीं गए मोर इस नंबर परेशान हुए जॉब्स ने मुझे लेकर
[26:04]जा रहे हैं तो अगर यहां पर बात कही थी नागिन 3
[26:07]महीने मेरी जगह पर अपना है क्या राज़ी नहीं हो कि तुम्हें
[26:09]मुझसे वहीं इस बात है कि जो हज़रत हारून होते गुस्सा से
[26:14]यह रिवायत यहां पर है यह मैं तुम्हें अपना खलीफा बनाकर जा
[26:17]रहा हूं अपने बाद अपना नुमाइंदा छोड़कर जा रहा हूं जैसे ही
[26:22]दौरान जैसे तौरात लेने के लिए हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम कोई टूर पर
[26:24]गए थे और हां अरुण को छोड़कर गए थे मैं भी अभी
[26:28]जा रहा तुम्हें आखिर है यानी यह शक्तियां दाव हवाई ले इस्लाम
[26:31]में ऐसी जगह होती हैं अब अगले इस्लाम 10 साल के अंदर
[26:35]80 जगह तिल से लड़ रही हैं ज्यादातर मुनाफिक नहीं मना सकते
[26:40]जब विष्णु कुमार का कहना कि तमाशा होती है ना जिसको आप
[26:42]पर मेहरबान जिसको आपने जब वह जिसको आपने सिर्फ ट्रेन का यह
[26:47]मुसाफिर जाग रही है यह भी नहीं जरूरी है अभी हमारी काफिरों
[26:49]मुशरिकों से देंगे काफिरों मुशरिकों से 80 जाएंगे रसूल हैं अ है
[26:55]क्योंकि पैरों में ला इलाहा इलल्लाह ज्यादा मिला इलाहा इलल्लाह है क्या
[27:00]जिससे आप बढ़ते हैं जिसकी वजह से झगड़ते हैं रसूल अल्लाह ला
[27:03]इलाहा इल्लल्लाह के जरिए आपसे कुछ छीन रहे हैं जो आपका पैसा
[27:07]वसूले जा रहे हैं आप की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं
[27:10]क्या आपकी इज्जत नाम उस पर डाल रहा है क्या हो रहा
[27:14]है रसूलल्लाह क्या चार हैं आपसे कि आप इतना मुखालफत कर रहे
[27:16]हैं आप इतनी तंग कर रहे हैं उसे रसूल जब मैं क्या
[27:20]कह रहे हैं रुल गहरा यह जो सिस्टम बना हुआ है ना
[27:24]कि लोग लोगों को इंसान इंसान को अपना धंधा बना लेता है
[27:27]कि इंसान इंसान को अपना धंधा बना लेता है एक इंसान कई
[27:32]दलित कब बंद हो जाता है दो इंसान कहीं शोहरत का मंदा
[27:36]हो जाता है 3 अपनी ख्वाहिश साथ का बंद हो जाता है
[27:41]चार छोटे-छोटे मसालों मुश्किलात अल्लाह को भूल जाता है छोटी मुश्किल आ
[27:45]जाती है अलग भूल जाता है साध्वियां शादी हो रही है अच्छी
[27:47]खासी पहचान बच्चियां जतिन शादी का सीजन शादी का जमाना है कि
[27:54]जब खत्म रिचार्ज खत्म हो गया है वजह यह कि आप पर्दा
[27:57]करती थी जब शादी हो रही है ना शादी के अंदर हजारों
[27:59]नहीं होता क्या नहीं यानि छोटे-छोटे मोहब्बत के ऊपर इंसान कि यह
[28:05]इंसान छोटी-छोटी मौकों पर खड़े प्रबंध चाहिए छोटी-बड़ी मोहब्बत पर अल्लाह को
[28:09]भूल जाता है और पता नहीं किस-किस को अपना बना लेता है
[28:14]किस-किस चीज को अपना खुदा बना लेता है यह आपस में शामिल
[28:18]है दोस्तों उसमें शामिल है यह फिश हाथ में शामिल हैं में
[28:23]मदद कब इंसान अपने वफादारों को अपना खुदा बना लेता है इसलिए
[28:28]ला इलाहा इल्लल्लाह इंपोर्टेंट है जैसी रसूल ने फ़रमाया दुनिया समझ गई
[28:32]दुनिया समझ गई वह लोग के जो इंसानों को अपना मैं अपना
[28:36]अ बनाते थे अपना बंदा बनाते थे जिसमें अमरीका शामिल है इस्माइल
[28:43]शामिल आज का नाम रुष एमएलए फ्रॉम शामिल उत्सुकता अ है अब
[28:46]इन दो समझ में आया कि हम हुई बात कर रहा है
[28:48]जो रसूल अल्लाह ने कही थी यह मैंने वही बात कर रहा
[28:52]है जो मलाइका इन आपने कही थी यह तो वही बात कर
[28:56]रहा है जो अंबानी कही थी यह कह रहा है कि भाई
[29:00]पहले महाले में इरान आजाद होगा आ है क्योंकि या उसमें लिखा
[29:07]तय किया हुकूमत है सिया अब हम है 66 जमीन है हम
[29:11]रसूलल्लाह के निजाम को पहले स्मरण यहां टाइम करेंगे और हम कहेंगे
[29:14]ला इलाहा इलल्लाह रख मैं निकला इलाहा इलल्लाह तो आपके पैमाने पर
[29:17]इसका मतलब क्या था इसका मतलब यह था कि अमरीका अल्लाह इसराइल
[29:22]का सऊदी अरब या अल्लाह अपनी पार्षद लाला अपने वफादार ला हर
[29:28]एक खेल शुरू हो गया ना जनप्रतिनिधि वहां रसूलल्लाह पर अच्छी जगह
[29:35]उस व्यक्ति की गई थी यहां पर एक ही दिशा में आठ
[29:40]साल तक एक जन्म सिलहट साल यह अलग बात है कि दुनिया
[29:41]पूरी आगे सद्दाम के पीछे जो मैंने अकेले थे युवराज ने खेला
[29:46]था मूल तत्व से सपोर्ट नहीं थी हम कहीं पाकिस्तान सपोर्ट कर
[29:49]रहा था हम गए इन थ्य फर्स्ट प्रेयर व्हेन और शाम और
[29:53]मुझे सपोर्ट कर देना है अब हम ही अल्हम्दुलिल्लाह पाकिस्तान की अवाम
[29:57]भी गई है लव धनियां भी आई है रात कि हम भी
[30:00]यह शिवाय हर जगह से लेकिन हम कि नहीं दुनिया वाले जैसे
[30:05]सद्दाम के पीछे थे ऐसे मुसलमान बहुत सारे मुल्क ईरान के पीछे
[30:08]पैसा नहीं था अकेला लड़ रहा था आर्ट साल जंग पौने तीन
[30:14]लाख शहीद आठ साल में पौने तीन लाख लोग शहीद हुए 10
[30:19]लाख के करीब जख्मी 10 लाख जख्मी किसे कहते दूसरा जख्मी यह
[30:22]मैं 338 लाख ऐसे किचन के इतने खतरनाक जख्मी है किसी का
[30:28]पांव नहीं है किसी का हाथ नहीं है किसी आंखें नहीं है
[30:33]इतने खतरनाक जख्मी 338 लाख-लाख सवार लोग जख्मी हैं जो केमिकल बम
[30:36]के जख्मी है केमिकल मुन्नू अब यह जो दर्शाया गया सद्दाम को
[30:39]दिया है जर्मनी ने कई आसमानों हमने नया बम बनाया है जिसको
[30:45]आसमां उसके शराब देखो इन्होंने हेल्प चौक एवं 62 जगह पर स्टार्ट
[30:48]लिया है अपनी अवाम पर भी गिराया सद्दाम ने और इरान की
[30:53]अवाम पर गिराया केमिकल बम गिरा दिए हाइड्रोसील बम गिरा दिया यह
[30:57]सब इस्तेमाल हुआ है कि इस इलेक्शन में क्यों को मैंने का
[31:04]कसूर क्या था वहीं जांबिया की आवाज थी वह जरूर का कहना
[31:06]था वह जो मालिक है ना सिर्फ टेस्टी वह शीघ्र शाम की
[31:10]भाषा थी जो सब अपनी दुनिया चाहते थे कि आपकी दुनिया को
[31:12]बजाएं तो चाहते थे कि दुनिया को अच्छा बनाएं आप याद रखिएगा
[31:17]यह वे तरह उस अलार्म दिया या आपकी दुनिया से कुछ नहीं
[31:22]लेंगे यह दुनिया से लेने नहीं आए यह आपको देने नहीं आए
[31:23]इन्होंने हमेशा आपको दिया है आपसे कभी कुछ लिया नहीं है और
[31:28]जब यह भी कहते हैं कि अल्लाह के अलावा किसी के पास
[31:31]ना करो तो उसमें भी आपकी का फायदा होता है उनका कोई
[31:32]फायदा नहीं होता है कि आप पर साथ मर की तरह से
[31:36]रहेंगे और विशाल आप के बाद में आजाद है मामलात में आ
[31:41]जाते हैं हराम खाएंगे नहीं मजबूर न हो जाएंगे सर जॉब ही
[31:43]नहीं है मूल के अंदर सब्जियां जो में बैंक जॉब हैं हर
[31:46]आदमी फिर से सवाल कर रहा है सवाल करा क्या करें multi-national
[31:51]कंपनीज हैं उसके ऊपर चलते हैं क्या करें जॉब करें या ना
[31:53]करें यानि फंस गए इंसान है करें छोटी छोटी दुकान नहीं बनाए
[31:57]तो उसमें यह आम का जूस कि यह जो मिर्ची आ रही
[32:01]है सारी मिलावट बार जा रही हैं अब हमने प्रश्न हुई अपना
[32:02]कारोबार है अपना कार्य ईमानदारी से कर लें 15 इसमें यह बात
[32:07]नहीं है नहीं आप आजाद पाकिस्तान के अंदर किसी ने कहा कि
[32:13]हम भूनेंगे इसे छोड़ देंगे चीनी खराबे खतरनाक चीज है जहर वाइट
[32:17]अगर प्वाइजन हकीकत में को व्हाइट प्वाइजन है तो वह चीनी है
[32:22]जो हेयर से ज्यादा खतरनाक है फ्रंट पर आदमी 4 साल में
[32:23]आठ साल के अंदर पता चल जाता गया दुनिया से लेकिन जो
[32:27]स्वरूप आसन ले जाना पूरी मो0 पूरी कौम को शुगर या डिवाइड
[32:32]शुगर की सूरत में इसका आपको पता ही नहीं चलता ही रहा
[32:33]शाम को मानती है या राम राम सेवक तथा बात करती है
[32:37]पूरे पूरे कौन नस्लों का दावा कर रही है कि आपके सामने
[32:40]है को अब किसी ने फैसला कर लिया पाकिस्तान के अंदर गया
[32:42]हम थोड़े इलाके में बनने लगेंगे हमारे पास जमीन है और उस
[32:45]गंदे से फिर हम बाद में खुद अपने कुल बनाएंगे और कामगार
[32:50]ब्राउन सूगर सवाल करो आप को यकीन है कि नहीं आएगा कि
[32:51]शुगर मिल वालों ने पाकिस्तान में भवानी बनाएं शुगर मिल वालों ने
[32:56]पाकिस्तान में कानून बनाया है क्या आप अपनी मर्जी बिना भी बना
[33:00]सकते हो सुकून इलाकों में शुगर में मौजूद है हां जस्ट शुगर
[33:05]मिल रही है बहुत खूब जहां से गन्ना आई सदा वहां पर
[33:06]घंटा बना लीजिए और पर गिरने से कोई बना लीजिए लेकिन अगर
[33:09]आपने कैसे इस इलाके में शुगर मिल मौजूद आप गन्ने से गुड़
[33:14]नहीं बना सकते हैं शुगर नहीं बना जो वाइट ब्राउन सूगर कैंडी
[33:17]बना सकते क्योंकि कानूनन जुर्म है डीएसई और पता नहीं पुलिस के
[33:21]फन सभा के हमला कर देते हैं और आपको जुर्माना कर देते
[33:24]हैं और स्वाद बराबर गन्ना जाना वह दिखता ही नहीं है यानी
[33:29]सजा लगा देते हैं आपको शर्मा लगाकर उसको बाकी जो सील कर
[33:31]देते हैं अच्छी यहां में जो कुछ भी हो रहा है नहीं
[33:41]हो रहा है नहीं हो रहा है नहीं बन रही हैं नहीं
[33:46]बनेंगी यह मामला खराब क्यों क्योंकि बड़े लोगों से फंसे थे तो
[33:52]अभी आपने सुना इरान के अंदर जो है वह बकरीद अब बिजली
[33:55]कटी है 2 घंटे के लिए प्रदान शेड्यूल गया है तेहरान में
[34:00]मकसद में वह लोग के जो बिजली को बाहर भेजते थे एनर्जी
[34:02]को बाहर देते हैं गैस उनकी बाहर जाती है उनके यहां गैस
[34:06]की शूटिंग हो रही है उन्हें ब्लीडिंग हो रही है अरे यह
[34:10]क्या है पतला और हनी सामने मुद्दा क्या वह वायरस से और
[34:11]उस प्रेस के मोहल्ले का लाल मिर्च और है कि आप अपने
[34:15]मूल के अंदर ही काम करना है चाय आपके पास वापस बार
[34:19]में भी हो अजीब बात है यह कौन से कंपनी ने भाई
[34:20]यो यो व है यह जो मैं कहना था कि वे जब
[34:24]भी आएंगे ना आपको इन्हीं बड़ी ताकतों से आजादी दिलवाएंगे ज्ञान के
[34:26]भाई अपनी मर्जी डे फैसले करो और उनकी मर्जी के मुताबिक फैसले
[34:29]करो इंसानियत के मुताबिक फसलें करो यह रेलवे तरह सलाम में काम
[34:34]था यह अंबिया का काम था और यह हमने पुष्कर ने समझाया
[34:39]है और वह कामयाब हो गए आपको पता है कि दो पुराने
[34:41]नबी हज़रत दाउद सुलेमान जिनको मौका मिला हुकूमत बनाने का अल्लाह का
[34:48]निजाम तीसरे नंबर पर स्लो होता के जिनको 10 साल मौलिक रचना
[34:50]कौन है 5 साल और इमाम हुसैन अलैयहिस्सलाम तीन या चार महीने
[34:54]बस यह काम हुई है पूरी दुनिया में इस्लामी हुकूमत हज़रत आदम
[34:58]अलैहिस्सलाम से लेकर आज तक यह पहली मर्तबा है ऐसा हो रहा
[35:03]है कि इस्लामी नुमाइंदा आपका हक कि आपका मुश्तैद आपका आलम हो
[35:06]यह बच्चे कंट्रोल हल मूसल वेलकम एनी वह स्टैंड लेते हैं और
[35:11]कहते हैं कुरान की ओर एल्वा एडिसन की भाषा के मुताबिक शामिल
[35:14]कृपया उम्र 40 साल हुए अभी परेशान ना हो 40 साल हमारा
[35:19]मुकाबला है जो हजार स्थल पर मुश्तमिल कम से कम 300 साल
[35:24]पहले का निशान है यह जिसका भेद कैसे कहते हैं लिबरल डेमोक्रेट्स
[35:26]है कि पिछले दिनों सोशल मीडिया पर गुस्सैल होते हैं अत इस
[35:30]साल हो गए इनको जो बिलकुल तैयार करते हैं दुनिया को अभी
[35:32]जो आपने काम शुरू किया 40 साल हुए हैं 40 साल के
[35:36]अंदर बहुत बड़े नेता स्थित वाकुना गए जबकि आपके ऊपर चारों तरफ
[35:41]से परेशानियां मुश्किल आ पाबंदियां सांप और शहादतें भी हों आपका एटॉमिक
[35:45]एनर्जी को उस अ टीचर आपका एटॉमिक एनर्जी डॉक्टर बढ़ने लगता है
[35:48]उसका सही कर देते हैं आपका एक हल्का सुनहरा दुनिया को जाकर
[35:53]आजादी की आज़ादी का दर्द देता है उसको सहित कर देते हैं
[35:55]आपके मुंह के अंदर कितने एटॉमिक एनर्जी के लोग शहीद हो गए
[36:00]आपको अंदाजा नहीं आपका डोमिनेंट में शहीद हुआ विचार उसको मुझे अपने
[36:03]सहित किया है वह है जिंदा लाश की सूरत में है जिंदा
[36:06]लाश की सूरत में यूं तो सजा मिली इस बात की उन्हें
[36:08]पाकिस्तान को जो बटर बना दिया है एक हजार के करीब अगर
[36:13]मैं गलत नहीं कर रहा बड़ी शक्तियां जिसमें सैकड़ों किसान मौजूद थे
[36:16]एटॉमिक एनर्जी के इराक में शहीद हो चुके हैं और निशान बने
[36:21]मार दिए यही नहीं सिर्फ यही नहीं हुआ है अगर इस एनर्जी
[36:24]पर किसी ने दिल्ली में काम किया उनकी मर्ज़ी के बगैर फ्रांस
[36:26]में काम चैन की मर्जी के बगैर उन्हें भी सहित किया इन्होंने
[36:30]वह इस साइड थे उन्हें मार है उनकी भी गलत है तो
[36:32]इन्होंने तो असल में पाकिस्तान नहीं दुनिया के किसी मुल्क को अपने
[36:36]पांव पर खड़े नहीं होने देना क्योंकि इस्तेमाल कहते हैं इसी कुएं
[36:40]आप हमेशा हमारे मोहताज रही है अभी सर उठाया है या उन्होंने
[36:45]काट रहे हैं यह मंजू का सर कि तुमने हिम्मत कैसे कि
[36:47]हमने 30 साल तुम्हारे ऊपर कि अली अब्दुल्ला सालेह नानी के बीच
[36:55]इंसान मुश्किल तखत इस साल 30 अभी तुमने जरूरत क्यों से हटाकर
[36:58]फिल्म दबंग-2 में दिया अब्दुल हादी मनसूर तुमने उसको भी काम नहीं
[37:01]रखना और अब तुम कहते हो कि हम सऊदी अरब से निजात
[37:04]पाकर खुद अपने पैरों पर खड़ा होना चाहते हैं अब आप देखकर
[37:09]हंसी क्यों क्या हाल और है पूरी दुनियां से फैसला आता है
[37:10]पूरी दुनियां से जहां सपोर्ट करते हैं यह जंगी जहाज पानी का
[37:15]ह्रास राय हवा में माशा है जमीन पर मोहन सराय दवाई नहीं
[37:19]आ रही है प्रसाद छोड़ दीजिए आप दवाई नहीं आ रही अब
[37:21]ऐसी जगह पर है से मुल्क में इस सेना के मसाइल भाई
[37:24]इन से कब निजात मिल रही है इनके खिलाफ काम होना है
[37:28]कब आपने अपने पांव पर खड़ा होना है तब इस्लाम की आवाज
[37:33]को सुनना है और जब आप यह जमीन आप बनाएंगे आप इंशाल्लाह
[37:36]की ताकत हाथ में होगी और ऐसा ऐसा लॉग इन पावर करेंगे
[37:41]लोन पावर करना सबसे बड़ा अजीब है लोग बात शुरू करें व
[37:46]शेयर करें ऑल ओं पावर दें पावर आफ देंगे तो आप यकीन
[37:51]कीजिए फिर आप इंशाल्लाह अपने इमाम के जहूर की तरफ कदम बढ़ाने
[37:54]शुरू करेंगे मुफ्त मई हो जाइए सिवाय इसके कोई और रास्ता नहीं
[37:59]है सुबह इसकी कोई और रास्ता नहीं है जब लोगों में और
[38:01]बढ़ेगा और लोग अपने फैसले खुद करने की सलाहियत पैदा करेंगे सलाहियत
[38:07]भी जरूरी था बीच और काफी नहीं है सलाह बेहद जरूरी है
[38:09]और जब भी दो कदम इस साल प्रश्न हो जाएंगे ना तो
[38:13]आप समझ जाएं कि अब तक जो कि इमाम ज़हूर नहीं कर
[38:17]रहे हैं उसकी वजह है कि उन्हें उस समय के लोग नहीं
[38:22]मिल रहा है और योजना के लोग मिलना-जुलना भाई इसकी प्रैक्टिस से
[38:24]शुरू हो गई है इंशाल्लाह इंशाल्लाह फिर आने की सूरत में के
[38:31]जिसने ऐसा लगना नियमों को आए श्याम नियमों को है शिक्षामित्रों को
[38:33]फिर फ़लस्तीनियों को फिर अफगानियों को बहनों को यह तो आपको आज
[38:39]यह जो आपको नहीं मालूम तो उसमें ही दिशा में लें उसमें
[38:41]अंब्रेला या मंगल खुद आपने देखा अफ्रीका में नाइजीरिया के लोग शामिल
[38:48]हैं आपने देखा कि पाकिस्तान के अंदर लोग शामिल हैं आस-पास आप
[38:51]देखेंगे इंशाल्लाह कि पूरी दुनियां पूरे इस्लामी दुनिया के अंदर लोग अपने
[38:54]पांव पर खड़े होकर अपनी ताकतों से अपनी हुक्मरानों से पूछ रहे
[38:58]हैं क्या भाई हमारे मुल्क की हमारे मुल्क की मां धनिया हमारे
[39:01]मुक्तिपथ हमारे मुल्क एनर्जी यह कहीं और क्यों जाती है हम गरीब
[39:06]क्यों रह जाते हैं अब यह ट्रेंड शुरू हुआ है जब इस
[39:07]टाइम शुरू होगा इसका मतलब बता लोग अदालत में तलब गार बने
[39:12]अब आप मेरी बात समझे गा देश की तरफ यह वह जिसके
[39:17]जो आ नीरज उसमें कि आपको अगर आप इंशाल्लाह में पढ़िए आपने
[39:21]तो आपको याद होगा कि रस जो बड़ा काम बताया गया है
[39:25]इमाम का आप यह क्रीम का इंशाल्लाह जरूर आएंगे क्या करेंगे ताकि
[39:29]जैसे यह दुनिया भरी होगी जुल्म और चोर से आएंगे और आप
[39:35]इसको भर देंगे अदालत से लहसुन आपने इंसाफ़ और अद्ल से भरेंगे
[39:38]आकर तो वह कब भरेंगे जब हम मैसेज सब के अंदर जुस्तुजू
[39:42]पैदा हो गया दलित कि हमारे अंदर जुस्तुजू पैदा होगी तब्दीली की
[39:45]और फिर वह जुस्तुजू नहीं होगी वह सिर्फ और नहीं होगा उसके
[39:50]लिए हम तैयारी भी करेंगे तैयारी करने का मैदान हो मैंने खुश
[39:53]करने पर हम किया है लवनी को देख लीजिए या मनी पॉइंट
[39:56]को देख लीजिए अब वहां जीवन को देख लीजिए शाम के लोगों
[40:00]देख लीजिए और हम फैला आखिरी फोटो हाथ फलस्तीन को देख लीजिए
[40:02]आप कि जो बड़ी ताकत है सोच रही थी कि जरूरत है
[40:06]हमारे मुकाबले में कोई दुनिया की कोई भी तंग सीमाए कोई भी
[40:11]मुल्क है वहां पर एक छोटी से इस्लामी हूं तहरीक मुल्क नहीं
[40:16]फुटेजेस मी तेरी हमास उसने बयान किया है दुनिया की सबसे बड़ी
[40:19]ताकत के खिलाफ यानि सॉइल जिसके पीछे पूरी दुनियां श्यामबती यह किसने
[40:25]किया है यह रंग रसिया का काम है यह आप चीजों का
[40:29]की आवक कम है इसे अपने ऑन किया करें घबराने की जरूरत
[40:30]नहीं है ऑन करें आप आगे बढ़े हिम्मत और हौसले से अगर
[40:36]आप इंशाल्लाह समझेंगे शोर आ जाएगा आप ताकत की तरफ जाएंगे ताकत
[40:39]लग जाएंगे लम्हा ला ला महाला मुखालिफत भी होने है लेकिन वह
[40:44]आप जानो दिल से खरीद लीजिए कोई मसला नहीं है यह तो
[40:46]हमें करने हैं हम इंशाल्ला आगे बढ़ने के लिए इन तमाम राय
[40:50]से उतरना जरूरी है बहुत शुक्रिया आप लोगों ने बड़े तांबूल सारी
[40:53]बातें सुनी हैं की दुआ करें यही है खुदा इंशाल्लाह हैं अब
[41:00]हम इस पर क्लिक करें जो बातें हमने हैं पूजा इंशाह अल्लाह
[41:04]हमें आपको तो यकीनन लेकिन मुझे भी उससे पहले इस पर अमल
[41:09]करने की तौफीक अता फरमाए और उसके बाद हम इस काबिल हो
[41:10]जाए हमारी गुना का रखे साबित हो जाए कि हम अपने नेम
[41:15]का इंशाल्लाह दीदार कर सकें अपने इमाम की जियारत कर सकें और
[41:19]खुदा में तौफीक दे कि हम ना सिर्फ जियारत कर सकें बल्कि
[41:21]अपने इमाम का उनके बहुत बड़े मिशन उनका साथ भी दे सकें
[41:25]ना सिर्फ विमान का साथ दे सकें बल्कि खुद आमिर तो फिर
[41:29]दे इंशाल्लाह हम उनके सामने अपनी जान का नजराना पेश कर सकें
[41:33]बहुत शुक्रिया ग्रुप वाले मोहम्मद वाले मोहम्मद स.अ.
[41:36]झाल
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