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Shab-e-Qadar Ko Dark Kerny K Qurani Usool | H.I. Yawar Abbas
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24/07/29
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Record date:24 April 2022 - شب قدر کو درک کرنے کے قرآنی اصول
AL-Mehdi Educational Society proudly presents new Executive Refresher Course for the year 2022 under the supervision of specialist Ulema and Scholars who will deliver though provoking lectures Every Weekend.
These video lectures are presented by aLmehdi educational society, Karachi for our youth.
For more details visit:
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Transcript
[0:00]झाल के बाद विलायक महत्वपूर्ण अजीमुल्लाह लुट है अल्हम्दुलिल्लाह करो ब्लाउज जमीन
[0:22]जो अलार्म्स दिखाओ खाना लिए स्वागत है अ अ पर्ल नदी झरनों
[0:30]निरंतर मस्से की नावें विलायती मौलानाओं ने रोल नो मीनिंग्स फॉर है
[0:34]पल्लवी यादव नॉमिनल बाकी ना फिगर एल्बम करूं अ मैं बोला हम
[0:42]दिल दहल नदी ज्यादा नॉमिनल मंत्री नाल दूर हो जाते हैं थे
[0:47]सुन मसाला tva16 मोहल्ला शेयरों के दाम दिया यह खजूर सलील है
[0:53]अभी मै हिला हिला आलमीन कि अलादीन सुमिया ऑफिस समाख्या अहमद पॉपुलर
[1:00]और दिन अभिलाख रस्में मोहम्मद है को पहला अर्घ्य भिन्नता क्रिमिनल मासूम
[1:18]ईद अल मदीना अल्लाह हनुमान हित साधता बाहर घूम ही रॉक ओं
[1:27]को बुलावा नाथूलाल ज्यादा खिमज मा निंद जी हॉल हल्की वृद्धि करेगा
[1:39]कि आम आंवला की मनुष्यत्व 9:00 बजे जिम सलाह रॉ डील ना
[1:44]अंदर ना हो पीला सफेद व माधव कमाल यह लहसुन अदरक लहसुन
[1:52]और खतरे 5min अल्पेश शाह दूध लेने मोहम्मद अली मोहम्मद को अजय
[1:59]को और सुनाओ मैं दुर्गा ने मातरम और ब्रांडेड जींस और इस
[2:10]बार इस माह रमजान उल मुबारक है आज की शब की जगह
[2:16]फादर है और रिवायत के ऐतबार से देते कभी तरीन इस्तमाल यह
[2:22]दिया जाता है कि आज की रात शपथ रहे हैं है वैसे
[2:27]तो सारी ताकतें इस समय पर शुमार की गई है लेकिन जिसमें
[2:31]सबसे ज्यादा ताकि जो है वह आज की रात है एनी 22
[2:36]का दिन गुजार कि जब कि मगरेब होती है जब सूरज शुरू
[2:44]होता है तो शपथ पत्र का आधा होता है और सलामु निहत्था
[2:47]मक्खन फर्ज इराक पूरी की पूरी सलामती है कब तक जब तक
[2:54]नजर तू ना हो जाए है तो यह स्क्रिप्ट बाद और स्किन
[3:01]सिह कि थोड़ा सा अगर माहौल पर और करें और हमारे जरूर
[3:04]नन्हे-मुन्ने बच्चे यहां बैठे हैं कम से कम इनके दिमाग में यह
[3:09]मासूम ना हो जो हमारे दिमागों में शुक्रवार को मॉस्को में आ
[3:13]कि आम तौर पर शपथ पत्र का मकूर मस्जिद में जो वक्त
[3:18]दामाद का एलान होता है हम उसे विषय तत्व होते हैं है
[3:22]कि जिस वक्त मस्जिद में कमाल का ऐलान हुआ है जो शुरू
[3:25]होंगे और जिस वक्त खत्म हो गया तो यही लग रहे हैं
[3:28]कि हम ली है तलवार से शायद नजर है दीवार से अमिताभ
[3:32]का धरना जानते हो जिससे भी पूछेंगे तो यही कहेगा कि जब
[3:37]मगर शुरू होती है तो सरकार शुरू हो जाती है और फिर
[3:42]जब तक शबे कद्र रहती है लेकिन आप मालन अगर हम अपने
[3:44]रवैए पर तवज्जो करें तो हमारे यहां पर अगर से मुराद सिर्फ
[3:50]वह मस्जिद में मुकर्राब जमाल के लिए चयन किया गया है और
[3:52]बहुत खूब तरीका या बहुत खूब और अच्छा तरीका है इस सब
[3:58]मिलकर एक जगह जमा होकर इन हमलों को अंजाम देने जो धरती
[4:02]वेयर माल कि वह सब जानते हैं है आमतौर पर बहुत सारी
[4:08]चीजें जिक्र हुई है फकत यह सब हर्षिल मुखबा गांव में क्या
[4:14]आप शास्त्र में चाहे वह 19 की ओर 21 होते इसकी योग्यता
[4:17]प्राप्त हैं उसमें अब शुरू करें लेकिन इसमें दो और सलवार हुए
[4:24]एक अभिशाप क्वेश्चन ओं कि बहुत सारी यह वृद्धि होती है लगते
[4:30]होती है वरना यह जानता है लेकिन कम से कम उस जैसे
[4:32]इंसान को परवरदिगार शायद उसकी दायित्व भूषण झा ने उक्त का जरिया
[4:39]याद में जो फसल के आसार हैं उसमें एक असर यह जितने
[4:40]पानी के खतरे जो पानी के जितने खतरे जो शुमार पागल नहीं
[4:45]है जितने करते हैं आप उसमें इस्तेमाल पर मानते हैं अपने आप
[4:51]को पोषण देने के लिए इससे ज्यादा गुना आपके बदन से जोड़ते
[4:53]हैं रूप से जोड़ते हैं पर आप पाकीजा होते हैं कि यह
[4:59]अपनी जगह है लेकिन आम आदमी चुके दुनिया भी मुश्किल हालात में
[5:03]गिरफ्तार है दुनियाबी रुझान हाथ में गिरफ्तार है तो सबसे ज्यादा जो
[5:10]चीज उसके लिए मुश्किल बनी हुई है मान अभियां सुधर करने में
[5:13]उसकी तवज्जो और इंतजार है उसकी अटेंशन है और यह टेंशन इंसान
[5:20]की कभी धन की वजह से दूर हो जाती है कभी ज्यादा
[5:24]पेट भरने की वजह से दूर हो जाती है कभी दोस्तों के
[5:26]माहौल की वजह से दूर हो जाती है मोबाइल की वजह से
[5:32]घरों को सब्सक्राइब करना ना आम आदमी जैसा ऑफिस जाता तो फ्रेश
[5:40]होने के लिए आप क्या करते हो गए हैं आप अगर फ्रेश
[5:41]होने के लिए सबसे अच्छा अमल किया है कि आप सा वार्म
[5:45]लेते हो आप आगे नहीं आते हैं खुद को फ्रेंड्स करने के
[5:51]लिए आप नाथ देख रहा है खुदा ने कितना सम्मान किया है
[5:53]शताब्दियों में आप करेंगे इस अपराध में आपकी तवज्जों मानवियत की तरह
[6:01]विदा कह रहा है समुद्र की एकता में घुसल करो इंतजार करो
[6:06]तो मैं पूरी रात जवाब विस्तार से पहले या कार्यक्रमात कि कुछ
[6:11]वर्ष पूर्व दिशा में कोशिश करते हैं तो आप बिलकुल तांगा हो
[6:13]जाते हैं है और यह सरकार का विरुद्ध है कि जिसमें आप
[6:18]वाले धोते बिलकुल फ्रेश अब इबादत करते करते करते करते करते फिर
[6:24]अ क्रीम रहने पर अफवाह रेपो दर करना है है जैसे तथा
[6:28]को सही फ्रेश हालत में दर्द करना था ऐसे ही आपको इंतिहाई
[6:32]को फ्रेश हालत में दर्द करना है सुबह जा रहे हैं और
[6:38]आप जा रहे हैं उच्च वर्ग के लोग नहीं थक गए नींद
[6:41]आ रही है और बहुत सारी जो है भारत के लिए इबादत
[6:46]ने भी हम हटा दिया है यह मेरी रूप कमजोरी है बना
[6:48]आपको पता है कि जो चीज इंसान के में दिलचस्पी का वायरस
[6:52]हो उसमें आदमी सकता है अपना एक होता है कि जिन चीजों
[6:57]से इंसान रघबत रखता है जो चीज़ें इंसान के लिए का बने
[7:02]रख बात होती है जो दिलचस्प होती हैं उसमें आदमी थक जाता
[7:05]है यह फ्रेश होता है है और हम जिस मॉल के लोग
[7:11]हैं अल्लाह कल उसको गर्म हम पर हमारे पास ऐसी मिसाइलें मौजूद
[7:14]है आप बताइए 6 मोहर्रम है मिसाल जड़ों से आप इसको सर्च
[7:18]कर सकते हैं छह सौ ग्राम से जो हमारी मसूड़ों प्याज शुरू
[7:20]होती हैं जो पहली मोहन स्वरूप होते हैं लेकिन छह मोरल हम
[7:26]लोग ज्यादा मशहूर रहते हैं और जैसे-जैसे जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे
[7:32]होते हैं वैसे-वैसे मसरूफियत बढ़ती चली जाती है बाद लोग बोलते हैं
[7:35]जो आठ मोहर्रम से शरीर बात है मौसम तक जागते रहो हैं
[7:39]वह रूप भी होते हैं और अपने आपको मशहूर अक्षय होते हैं
[7:41]कहीं ठंड का अहसास होता है तो कभी थकान का अहसास हुआ
[7:48]है इस आलू खाने से उतरा खाने में ऐश्वर्या ने जो शानदार
[7:50]खाने थे बल्कि जब चाहें दें गरीब उतरती है तो थकान तो
[7:56]पूजा बल्कि दिल में अफसोस हो रहा होता है कभी भी हकदार
[8:01]नहीं हुआ है है वह यह है कि नहीं आ र बिलव्ड
[8:04]पाप दूर होते हैं 12 सवा 2 महीना आपने हात संयोजन में
[8:07]गुजारे जब आर अवेलेबल को आज़ाब जाहिरी तौर पर रुखसत हो रही
[8:13]होती है या थकान हो रही होती है तो उसमें तकलीफ क्या
[8:18]होती है तकलीफ होती है कि वो पिशाब मौजूद हमें ऊपर हम
[8:20]था इमामे हुसैन से मुत्तसिल होने का वह फिर हार्मोंन अभी वे
[8:26]अलार्म खत्म हो रहा है तो यह सब दोस्तों यह क्यों लीजिए
[8:30]तो फिर क्या वजह है कि वहां थकान नहीं है यहां थकान
[8:34]हो रही है कि उसकी एक वजह यह है कि इमाम हुसैन
[8:37]अलैहिस्सलाम के बाहर का ने हम अपने आपको पूरे गुजरात के साथ
[8:42]बगैर तड़प के पेश करते हैं मैं यहां कुछ रुकावटें हैं क्योंकि
[8:49]हम अभी तक नहीं कर पाए चीजों को एहसास नहीं कर पाए
[8:51]किसी से पूछिए आप आशूर के दिन आप आराम करें अ को
[8:56]तैयार हो गया है कि अगर नहीं कुछ नहीं करना आराम करना
[9:05]है अब डबल करेगा अब इसको आप कि रूस को कबूल करेगी
[9:06]कि मैं नहीं आशूर के दिन में आराम करूंगा पूरा दिन नो
[9:11]प्रॉब्लम उन मोहर्रम को बहुत थक गया हूं आंसुओं के पूरे दिन
[9:14]दिल नहीं मानेगा तो कि कोई कहेगा नहीं आपको वह अब बिल्कुल
[9:19]कुबूल नहीं करेंगे इसको कि वह सकता है कि चार दिन हो
[9:24]गए मुझे आराम करते हुए हैं जब मेहनत करते हैं लेकिन अगर
[9:28]आप जरूर कोई तर्क नहीं किया तो कुछ नहीं दिया है ए
[9:31]फोरम दहन में ज्यादा नहीं मालूम अगले साल ये आंसू नसीब हो
[9:37]ना हो योग नहीं होगा यही कैफियत छप्पर के लिए ढूंढ है
[9:42]है हालांकि आपको मालूम है इमाम हुसैन अगर सलातो अस्सलाम बुनना है
[9:48]मौला हुसैन अली सलातो सलाम क्या है बुल्ला मेरे बच्चों इधर इमाम
[9:55]हुसैन शरद को सलाम किया है बाहुल्य क्या मतलब आधार को रोजगार
[9:59]की चिंता महारत हासिल करनी है तो इसी दरवाज़ा बंद हुआ इसके
[10:04]अलावा कोई नरमादा नहीं है है परवरदिगार के गाने तो ही परवरदिगार
[10:12]में दाखिल होने का कोई दूसरा रास्ता ही रखिए सेवा एवं हुसैन
[10:16]मैं इसी तरीके से बाधित हो गई दर्शन होगा कोई बहुत बड़ा
[10:21]त्यौहार मना कर लूंगा यह मुमकिन नहीं है कि कोई शख्स इमाम
[10:27]हुसैन को दर्द करें और खुदा तक ना पहुंचे अ कि इनका
[10:30]नहीं है जिसने मानव संयंत्रों प्रणाम को दूर किया है इसका लाभ
[10:37]कमाया यह है कि वहां तक पहुंच गया और इधर से भी
[10:41]यह जो खुदा तक पहुंच गया वहीं मानूसन तक पहुंच गया है
[10:43]मैं यह नहीं बोलता के अनुसार तक पहुंचे तो पूरा तक नहीं
[10:47]पहुंचा ऐसे ही कोई खुदा तक पहुंचा हो वह हमसे के किसी
[10:51]और हिस्से से पहुंचा है वहीं नहीं सकता था के पास अगर
[10:54]खुदा तक कोई नहीं पहुंचा तो इसका क्या मतलब है इमाम हुसैन
[10:59]तक नहीं पूंछा था कि उसने खुद को इमाम हुसैन तक नहीं
[11:04]पहुंचा है अभी क्योंकि तय है कि यह कुछ प्रमुख बाधा पहुंचाते
[11:07]हैं अब आप बताइए आप कहां प्रॉब्लम है जिस तरीके से समय
[11:13]तंत्र हम गुजार रहे इसमें और जिस तरीके से हम 9 मोहर्रम
[11:16]यह शत्रुघ्न है कि हमारी अपनी अदम्य मानक मसल है हमारी अदम
[11:23]है मानो हुसैन से जो वापस तक की शपथ आखिर क्या वजह
[11:28]है कि इमाम हुसैन का देकर खुद रखा है कोई एक ऐसी
[11:33]जब तक रहेंगे जरूरत है मामू सहना पड़े थे कि कोई और
[11:36]उसके दावों से थोड़ा सा जुए इबादत की है है कि आपने
[11:41]हंसने महिमा हुसैन की ज्यादा तो हम ना हो क्यों है मैं
[11:48]यह इसलिए है बच्चा कह रहा है कि वह परवरदिगार को मालूम
[11:50]है कि यह लोग हुसैन को बहुत चाहते हैं यह साइन अपने
[11:55]आने से जुड़े हुए हैं परवरदिगार यह चाहता है कि तुम हुसैन
[12:02]से सही से जुड़े ताकि पुस्तक गांव में कि हुसैन पुस्तक लेकर
[12:08]आएंगे अब एक अच्छा इंसान और बाघिन और आपका कहना है कि
[12:11]है बुजुर्गों का कहना है कि अगर तुम चाहते हो बाद में
[12:15]उनके साथ में आप एक और झांकियां पेश करके कि मैं आपकी
[12:20]चेतना से Bigg Boss ने आज पूर्व विधायक नहीं कर पाते हैं
[12:23]कुछ नशा लेखक डर कर पाते ना मशहूर आप तो कहते हैं
[12:30]वह उसका कहना यह क्या अगर तुम चाहते हो तो आशूर को
[12:35]खूब धन करो कि अगर चाहते हो या शूर को उधर करो
[12:39]तो मैं सब बेकार उधर करनी पड़ेगी 16 अगर खुदाई की याद
[12:43]करा देना है राहत है आज पूरे इमाम हुसैन की शहादत का
[12:48]दिन है यहां पर इन्हें इतना अच्छा अधीरता बात है कि जो
[12:50]शबे कद्र करता है वह असुर दूर करता है और जो आशूर
[12:56]दूर करता है वहीं कुछ बेहतर करता है पर अगर अगर सरकार
[13:01]सही नहीं हो रही तो आंसू सही नहीं हो सकता आशु अगर
[13:06]सही व गलत उदारा तो खुद को अगर सही तर्क नहीं होगी
[13:08]तो में बहुत ज्यादा इसमें ऐसा नहीं है कि जवानी फैसला आपको
[13:14]नजर आ रहा है पर छह महीने का यह समाधान नहीं फैसला
[13:18]जरूर है लेकिन इन के अंदर जो अंतराल में रखा हुआ है
[13:20]फेस ऑफ़ बराकात उस सर्व वर्क नहीं है एक समय था जब
[13:28]मैं भी खुद एक तरीके होते हैं असुर मुलाकात करीब होते हैं
[13:34]यह अनुसार मैंने इसलिए दिए कि हमें मन मूत हरसूद अ हैं
[13:36]अब वहां पर भी ऐसा हो और यहां पर भी ऐसा हो
[13:40]तो इंसान फिर फिर करें यह तरक्की क्यों न कर रहा था
[13:44]मैं इसमें तब्दीली क्यों नहीं आ रही तो जब इतने बेहतरीन बेहतरीन
[13:49]मौके इंसान गंवा देते हैं का पोर्शन को कल फैजनगर सके अ
[13:55]ये कैसे मुमकिन है कि तरक्की करेगा इस मुद्दे में के बाद
[14:02]आप बताइए और दो क्वेश्चन के बच्चे होते ना एक पूरा साल
[14:05]इम्तिहान की तैयारी करते हैं अच्छे नतीजे के लिए और बाद बच्चे
[14:11]को हैं जोर इंसान की रात तैयारी करते हैं कि आज अगर
[14:14]मैं और आप बैठे कुछ तू कर रहे हैं यह भी सहमत
[14:18]है लेकिन हम कोई लोग नहीं है जो इम्तिहान की तैयारी करते
[14:22]हैं कि इनका कल सुबह पेपर हो है और रात को 110
[14:28]की तैयारी करे मुझ जैसे वह स्टूडेंट जिन्होंने पूरे साल तैयारी में
[14:32]क्यों हो कि यह बैराज से पेपर सुबह में होता है रात
[14:35]में तैयार होती है आज पेपर रात में दिन में तैयारी कर
[14:40]रहे हैं अ है लेकिन अल्लाह का शुक्र है वह बच्चे ही
[14:42]वह बच्चा बेटा है जो बिल्कुल प्रेम दहन की रात की तैयारी
[14:47]ना करें अ अ यह उस अबे तरह बहुत कम रात में
[14:51]तैयारी करता है तो हमारे लिए अलार्म क्लॉक ऑफ है क्या आज
[14:53]भी हम इसलिए बैठे कि परवरदिगार में जो आज आने वाली रात
[14:58]में रखा है यह हमें मिल जाए तो में बना देखिए शब-ए-कद्र
[15:03]उतार देना तो मसाला नहीं सरकार खोज बहुत उतर जाएगी आपके पर्स
[15:07]में में चल खबर को रोक सकते हैं आप गुजरने से रोक
[15:11]सकते हैं कि आप इस रात को अपने कंट्रोल में करने को
[15:17]सुधरने से मुमकिन नहीं है इसका जो कलर है में आया मैं
[15:21]और आप इसमें से गुजर रहे कि नहीं उतरे है मुश्किल है
[15:26]कि मैं और हम इसमें गुजरा कि नहीं किधर है है क्योंकि
[15:30]इतना तो कम से कम होता है जितना कम से कम हर
[15:36]आदमी हासिल करते मामलों में कसीर तरीन इंसान उस जैसा आलू बेहतरीन
[15:39]इंसान अगर सुने बजाएं वो बदन सारा धन ठेकेदारखंड है अगर सुनील
[15:48]पर जाएं हम जाकर और उसके अंदर स्विमिंग पूल में गोता लगा
[15:52]है कम से कम क्या होता है को कम से कम प्रधान
[15:57]जी रहा हो जाता है है है लेकिन गिरा जरूरी है कि
[16:02]यह कहावत भी दूर हो गंदगी यह जरूरी है कि ब दिन
[16:06]तक मौजूद महल भी साफ हो जाए को खाली बोतल लगाने से
[16:12]हो जाएगा आ अरे यार वह तो लगाने के साथ कुछ और
[16:17]भी कोशिश करनी पड़ेगी वह रहेगा जब आपका बता नगर गंदा है
[16:20]तो स्विमिंग वैसे ही अच्छे स्विमिंग पूल्स में आर्डर योद्धा के गंदे
[16:23]बर्तन के साथ दाखिल हो उससे पहले मौजूद होते हैं क्या हम
[16:31]मौजूद होते हैं वहां के पहले बदन को साफ करो मेल को
[16:33]दूर करो तब इसमें बहुत कम लगाओ न आ रही हो जाना
[16:38]है इसका मतलब यह क्या अभी जो चलाएं फादर से पहले तो
[16:42]हम चल रहा था यह वही हम हैं अ कि यह वही
[16:47]हमें यह वही गुसलखाने हैं कि इसके अंदर पहले तुमने खुद को
[16:50]साफ करना है और अगर अभी जरूर जाएंगे अगर इस उसे में
[16:54]कुछ को साफ कर लेंगे आप फर्स्ट कीजिए अब कोई पूछता है
[16:57]उसके अंदर है कि तू कितना और मस्जिद अपने आप को साफ
[17:00]करता है शबे कादर पानी का समंदर नहीं है चमकदार नूर का
[17:07]समंदर है में श्वेत प्रदर समंदर है दुर्गा और अब इसमें एक
[17:14]बहुत अच्छा जानू या आप दाम कितना नूरानी होना चाहिए इसमें में
[17:19]का क्या मतलब दुर्रानी होने का मतलब यह कहावत है कल दूर
[17:23]होनी चाहिए नहीं होनी चाहिए को कत्थक कल तक का मतलब है
[17:28]आंखों से वो दिखना चाहिए नहीं दिखना चाहिए हम देखना चाहते हैं
[17:32]हैं क्या देखना चाहते हैं कमर कम क्या देखना चाहते हैं किस
[17:36]के दिल में हसरत हुज्जत की जरूरत नहीं है में हुई है
[17:40]मैं तो यह चाइना चाय के शत्रुओं नहीं देंगे है अमाउंट से
[17:45]मुलाकात नहीं करेंगे तो यह तैयार हो कि हर एक ही फाइल
[17:51]जगह मोहम्मद राशिद सलीम शेख की जियारत नसीब हो जाए बावजूद सलाम
[17:57]से मुलाकात हो जाए तो कैसे जाएगा 26 आंख में जला सके
[17:59]तो इसमें जिंदगी हो तो है तो यहां कैसे पास होगी जैसा
[18:05]आप बात कर रहे हैं दूरदृष्टा खो शिवाय कदर से अनुसार अंतरिक्ष
[18:08]बाहर हैं मुसलसल कॉपर प्रदेश में रोर है वह असल इमाम हुसैन
[18:13]पर और हैं मुसलमानों में समाना के लिए रो रहे हैं तो
[18:14]यहां के पास जानी चाहिए इसका नतीजा क्या होना चाहिए नतीजा भी
[18:20]होना चाहिए इमाम शेख शब्बीर व में मुलाकात हां भैया आरजू रखेंगे
[18:28]तो होगी है और इस आरजू पर ले जाएंगे बद्री पर में
[18:31]बंधी में क्या होता देखा कि छोटे बच्चों को बाप से अगर
[18:34]कोई चीज के लिए उसे पैसे मांगने आते क्या क्या हाल होता
[18:37]है उसका अ कि कैसे मांगता है बच्चा किसी चीज के लिए
[18:40]आपसे पैसे हैं वहां से पैसे से कि टाइल्स साफ पानी से
[18:45]मां-बाप अगर ना देर हो तो बच्चा क्या करता है अ कि
[18:48]किस खबर इजहार करता है कि थोड़ी देर ज़रा सी देर में
[18:53]होने लगता है थोड़ी देर में ज्यादा रोकता है अ ज्यादा रोता
[18:56]तो मां-बाप का दिल पसीज के करते नहीं करते इसकी जरूरत को
[19:02]पूरा टाइम हमारे हैं बाप कि इमाम उम्र का बाप होता है
[19:07]तो अगर हम छोटे बच्चे की जाए उनकी निर्भरता छोड़कर बच्चों से
[19:13]भी छोटे हैं हम उनकी बाहर गांव में अगर गिड़गिड़ाए और मान
[19:15]गए क्या को चमकदार में क्या मांगे सब मांगे आज नहीं माने
[19:23]तो कब मांगे को गिराकर असल चीज़ क्या है तो हनी है
[19:28]ए पर्सन चीज इमाम से इमाम से वहीं के मान से उनसे
[19:35]मुलाकात यह महाशय नहीं अगर किसी अ को आज रात दिन हम
[19:38]से मुलाकात हो जाए तो कि हिना खान 0 कि पहले तो
[19:44]इंसान खोलें इसका इसको कि मुमकिन है क्योंकि मेज़ से लोगों के
[19:51]जहन में शत्रुता खन मौलाना घृणा की बातें करते हैं हैं हिमांशु
[19:55]मैं कहां मिल सकता हूं मैं कहां वह कहां और ऐसे ही
[20:00]हकीकत अगर आप उनकी हकीकत की बात करें तो हम क्या हम
[20:06]गुझिया भी को देखने तो हम भैया कहां और वह कहां लेकिन
[20:07]आप यह बताइए जब आदि मामले सलातो सलाम से मुलाकात के ख्वाहिशमंद
[20:15]होंगे तो हमारे सिर हाथ व शराब सवाल आपकी जिद छोड़े जा
[20:18]रहा हूं किमाम भगत अच्छे लोगों से मिलते हैं कि विमान से
[20:24]मिलने के लिए बहुत अच्छा होना पड़ता है है या इमाम उज्जैन
[20:32]से लोगों से मुलाकात कर लेते हैं और बाकी सुनाओ ना वह
[20:38]अपने ताले वाले का है का पुतला ठीक किया करता लोहार था
[20:47]कि विमान सलातो सलाम व बच्चों के लिए जल्दी से निकल कर
[20:52]दूं मौला से मिलने की स्थिति अथवा क्या सुनो मौला से मिलने
[20:59]की ख्वाइश थी एक आलिम को चूर्ण बहुत दिन मेहनत की मोड़ों
[21:03]से मुलाकात की थी से मुलाकात की महक जब वह पूरा हुआ
[21:09]अमल तुम्हारा से मुलाकात हुई को मौज पलट के कहा कि देखो
[21:15]इन स्कार और इन वृद्धों के साथ और आज के जरिए हम
[21:20]से मुलाकात की कोशिश मत करो कैसे नकुल होता है हां तेरी
[21:24]मां ने है उसको इशारा किया गाने बंद या वहां के नाम
[21:28]पर सिर्फ वर्मा उसको इशारे से चुप करा दिया था बाद में
[21:32]मामले में मुलाकात की थी एक जगह बैठे थे जाना है तू
[21:36]कौन सी दुकान थी धारा-16 करने वाले लोहार की दुकान भी अ
[21:42]है और से पूछा आलम ने क्या आप इसको यहां ने मामले
[21:46]का मकसद जिसके पास आकर बैठते हैं तो किसके पास एक तालाब
[21:51]ठीक करने वाले के बाद कि हम वाला शर्मा के मकसद से
[21:56]यहां के ठीक बैठते हैं दुकान पर इसकी अ की वजह क्या
[22:00]है मोनिका अभी कुछ देर देखना वह इकाई खातून उसने तालाब दिखाया
[22:04]कि के यह ठीक करना है इसकी कीमत क्या होगी इन्होंने टीम
[22:07]जो लगाई व हैरत में पड़ गए खातिर हल्दी है कि इतनी
[22:12]हिम्मत तो बाजार में किसी ने भी न लगाइए इसकी ई यह
[22:17]त्यौहार कहता कि देखो इसको मैं ठीक करके इंटरनेट में भेज दूंगा
[22:19]यह मोह का देखा यह उसकी जिंदगी में इसका जो रवैया है
[22:26]लोगों के साथ कि मुजफ्फर माता ऐसा रवैया अख्तियार कर ॐ बुराई
[22:29]ना तुम्हारे पास कि यह बहुत बड़ा काम नहीं है एक तवज्जों
[22:36]जरूरी है कि आप से मुलाकात दूसरे तवज्जो के बाद अपनी जिंदगी
[22:41]में रुक कर ले आज कि क्या आम जिंदगी में तुम कल
[22:46]याद रखो कि आपकी ख्वाहिश है कि उनसे मिलना है कि अक्षरा
[22:50]का धर्म अगर आप हिमालय सलातो सलाम दुआ मुलाकात कर पाए तो
[22:55]यह महान है फिर आपको खोल अंदर दो जगह खुद दिलचस्पी बढ़
[22:58]जाएगी आपको दुआएं जो ऑप्शन है कभी पढ़ने में फिर को दिलचस्पी
[23:02]बढ़ जाएगी आपको हमारे कुरान में फिर हर चीज में आपकी दिलचस्पी
[23:05]बढ़ जाएगी क्योंकि सबसे ऊपर औलाद हो गया है मां से मुलाकात
[23:10]कि मुमकिन है हैं हिमांशु रावत व सलाम के व्याख्यान सुन लेना
[23:16]मुझ जैसे लोगों का पर देना है कि बहुत आसान है दिल
[23:20]में बेचैनी पैदा हो जाने के बाद से मिलना है कि यह
[23:24]पैदा करें बर्थडे के शपथ पत्र कैसे तरह होती है एक समय
[23:28]था जब टीम तरीन रहते हैं आज भी उतर जाएगी यह सन्डे
[23:33]नाइट नहीं है कि इस व्यापार तरह तकदीर बदलने की रात है
[23:36]कहां खून की रात है जितनी जिंदगी में ग्रह लगी हुई है
[23:42]सबको खोलने की रात है जितनी बेचैनी है सब को दूर करने
[23:47]की रात है जितना जिंदगी में इस प्रभाव यह सब को दूर
[23:49]करने की रात हैं अ इस बीमारी का मसला नौकरी का मसला
[23:56]औलाद का मसला शादी का मसला घर का मसला मोहन जितने मसाने
[23:58]सब लेकर मालिक की बार गांव में आ जाएं अ यह समझने
[24:04]के मालिक की बारगाह में बैठ जाएं इनको बयान करते हैं एक
[24:09]तरफ करते फिर इनको और फिर मालिक से शुरू करें अ और
[24:13]फिर परवरदिगार की बार गांव में शुरू करें कि परवरदिगार की मशीनें
[24:18]तो हो गए अब इंशाल्लाह तो इसको हल कर देगा आज की
[24:23]रात तूने सारे साल की मेरी तकदीर लिखने है इन मसालों को
[24:25]हल करते इसको एक तरफ करते हैं कुछ देर के बाद अ
[24:29]कि खुदा से बात कब करेंगे फिर अ कि खुदा से तक
[24:35]आधा कप करेंगे तन्हाई का अ का सर्वे कर दें वैसे यह
[24:40]मसाला अगर इंसान तन्हाई में इबादत कर दो उसको अपना लुक्स फ्रेंड्स
[24:43]किमामी इबादत का अपना लेकिन तन्हाई में इबादत करने का अपना लूथरा
[24:49]है तन्हाई से मुगाबे ने कहा कि घरों में चले जाएं और
[24:51]मस्जिद में लगाएं मस्जिद में ही रहते हैं वह कैसे तन्हा हूं
[24:56]मैं मेरे सारे दोस्तों के साथ बैठकर कैसे खुद को तनहा करें
[25:02]हैं का कोई रास्ता है जी रास्ता है कि आज की रात
[25:06]आप एक पुरानी सजा नहीं कर सकते हैं के दरमियान में लोगों
[25:12]के अगर आप सस्ते में चले जाए तो आप लोगों के साथ
[25:17]यह तनख्वाहें है कि अगर आप सजते में चले गए तो आप
[25:25]बताइए आप कौन है यह लोगों के साथ हैं यकीनन बनाए थे
[25:26]मेरे सजदे में सर रखकर अब सिर्फ आप है और आप कर
[25:31]रहे हैं [संगीत] कि आगे सिर्फ आप अख्यर मू के लोगों के
[25:39]दरमियान कमाल तो यही है टेंशन लोगों के धर्म ध्यान रखें फिर
[25:45]भी अपने रब से जुड़ा रहे हो कि इसकी प्रैक्टिस फिल्मों से
[25:51]में को तो जाएगी रिहर्सल क्या लंबा सही था है तू रानी
[25:56]सज्जा पर आपको बता दे दी सौदे में जाते हैं तो खुद
[26:00]अ फैन इंसान कर रहा बताओ झाले असते है वहीं कांग्रेस का
[26:05]कहना है कि जब सस्ते में जाओ खुदा से यहां से बात
[26:10]शुरु करो मालिक कि सर जाहिरी सर बदन का सर तेरी बार
[26:12]गांव में डुबाना मेरी जिम्मेदारी थी अब मेरा दिल डुबाना तेरी दिन
[26:18]उठा रही है तू मेरा दिल दुनिया की अलग-अलग जत्थों में जुड़ा
[26:21]हुआ है दुनिया के ताल्लुकात में जुड़ा हुआ है न जाने कितनी
[26:26]रुझानों में जुड़ा है यह मैं चाहता हूं तेरी तरफ़ मुतवज्जह हो
[26:29]जाइए मेरे बस में नहीं है परवरदिगार से आज मेरा सर डुबाना
[26:35]मेरी जिम्मेदारी दिल को तू अपनी तरफ मुतवज्जे फरमाएं अ इस पूरे
[26:39]तूने उस समय इस तरह अपनी तरफ वो जो दिलानी है अब
[26:43]बताइए कितना लुपस में अंदाज है में आ बैठ जाता है Mi
[26:49]फरमाया करते थे कि अगर बात चाहने वर्क को अहसास हो जाए
[26:53]कि सजदे में जितनी लगत है उसने उनकी बादशाहत में लगत नहीं
[26:58]है तब बात छोड़कर सजदा करते हैं इस सौदे की नजर महसूस
[27:05]कर ली तो फिर समझे सब कुछ पा लिया चद्दर हो गई
[27:12]है कि मुनाजात किलो तक सजते की लज्जत ए पागल मैं प्रैक्टिकल
[27:17]मिसाल से सवाल से बात को पहुंचाने की कोशिश करूंगी सलाह दी
[27:20]कि मोहम्मद वाले मोहब्बत [संगीत] कर दो हुआ है अजीब सवाल खाने
[27:32]में क्या पसंद है आप पूछिए बच्चों से पूछिए बड़ों से पूछिए
[27:34]छोटे से पूछिए मर्दो से पूछिए खबर 3 से पूछिए जिससे आप
[27:39]पूछेगा खाने में क्या पसंद है कि एक जवाब ज्यादा मिलता है
[27:45]वह क्या बिरयानी बटन है मैं बहुत दूर लगा किसी को कुछ
[27:51]बहुत कम होता है इसको यह पसंद हो ठीक है अक्सर लोग
[27:52]कहते हैं बिरयानी पसंद है है एक तो यही एक ब्रैकेट है
[27:59]है यह भी एक इस बुजुर्ग की कटऑफ है उन्होंने कहा वह
[28:03]लोग कहां है जो यह है कि हलाल पसंद है कि बिरयानी
[28:11]तो कह रहे हो बिरयानी मसाला नहीं है लेकिन बिरयानी से पहले
[28:16]सफेद पर जा रही हो कि मुझे हाल पसंद है कर दो
[28:20]है इक्का बादशाह जवानों पर जब बुद्धि प्राणियों के हराम से प्रेस
[28:27]करना है इस सवाल पर निकलता है कि मुझे हलाल पसंद है
[28:29]लेकिन इससे भी हटके जैसे आप और हम कहते हैं खाने में
[28:34]बिरयानी पसंद हैं अ है तो कोई कि बल्कि बाद में क्या
[28:40]पसंद है एक चीज तो कहना है जो लोग कहते हैं वह
[28:41]क्या कहते हैं कर्बला की जा रहा था और खूब चाहिए आज
[28:45]के बाद में क्या पसंद है को या हुसैन पसंद है कि
[28:49]इबादत में क्या पसंद है पसंद है मांस पसंद है लेकिन बिल्कुल
[28:55]आप उसको को फॉलो फोकस करने पुष्कर ने बहुत कम मिलते हैं
[28:58]मुझे पूरा नी सकदा पसंद है कि आप करके देखिए प्रैक्टिकल करके
[29:05]देखिए अब को शुरू में बहुत मुश्किल मसाला है अ ए बिग
[29:11]ए स्कॉलर का कहना है वह कहते हैं कि अगर फर्ज करें
[29:15]अल्लाह सुब्हानहु व तआला ने सजदे में इजाजत दी होती के सिर्फ
[29:22]एक सुभानल्लाह विवादित और काफी है तो कहते हैं दूसरा वाला मुश्किल
[29:25]हो जाता कहना सिर्फ सुभान अल्लाह और सुनाओ दिया तालाब हमने अगर
[29:31]आप पर आधा नमाज पढ़ने दर्द पांच दबा करके देखें तो कि
[29:34]आदत नहीं रह गई यह अपने नहीं किया जाता था के जवानों
[29:38]के अलावा कि हम दार सा दबा करके देखें अ मैं आम
[29:42]आदमी हूं मैं अभी जॉब पढेंगे नमाज हैं मैं दो रकअत नमाज़
[29:47]पढ़े उसमें तरह सजकर जगकर बढ़ाए हैं ए रुक ऐसी कर्बला के
[29:54]देखें अ कि आपकी तवज्जों नहीं है शूट कर सकते हैं आप
[29:57]और हम अ को तवज्जों नहीं है खूब कर सकते हैं आप
[30:03]ना पूछा कि और कौन-कौन सी दुआएं पड़े जो अमल कर रहे
[30:05]हैं दो रकअत नमाज पढ़ रहे हैं इसे ढक दे और बदले
[30:10]में अजय कुमार राठौर हम यह झारखंड में पढ़ते हैं या इसके
[30:13]अलावा पड़ते हैं इसे सही से बड़े अ मैं इसे तवज्जो देते
[30:18]हैं परवरदिगार ने बहुत ज्यादा इबादत नहीं मांगी यह जो मांग यह
[30:21]क्वालिटी से मांगी है जी हां ये अलग बात है जब वह
[30:26]लोग और थे जिनकी बहुत ज्यादा इबादत भी क्वालिटी के साथ होती
[30:29]है है कल सुबह आरोपी आलावा अब हम देखते हैं दादा ज्यादा
[30:35]सस्ते में सुहावना हमने कह दो रकअत नमाज पढ़ने के लिए आए
[30:49]थे आप जानते है दो रकअत नमाज अता की साथ अल हमदुलिल्ला
[30:51]ही रब्बुल आलमीन और साधु क्यों बनना पड़ेगा उसके बाद जब दारू
[30:56]किया पता नहीं चला कि दोनों कब कैसे हो गई क्या होगी
[30:58]इसके बाद अब जगह कद्र करना चाहते हैं तो इसे तवज्जो दे
[31:05]दो कप को प्यार जाए बिल्कुल आराम से खड़े हो हैं जो
[31:08]आपकी जबान पर जा रही हो या करना अब उर्दू तनख्वाह जाना
[31:15]चाहिए अ कि जब आप की जबान पर जा रही हो यहां
[31:18]कॉर्नर साइन मतलब क्या इसका अ कि यादव दूंगा मैं सिर्फ तेरी
[31:25]बात करता हूं कि जब उनकी जुबान पर जारी हो तो क्या
[31:32]हाल होना चाहिए समझ जाओगी ऐसा नहीं है कि आपने नंबर कर
[31:34]हूं कि आप नहीं कर सकते तब बच्चों की ढील कि इस
[31:40]पर ज्यादा गौर न करें कोई आपको रुलाएगा तो आप रोएंगे अ
[31:45]आप कुछ क्यों कनेक्ट नहीं हो पा रहा है मेरे परवरदिगार तो
[31:50]खुद कनेक्ट नहीं हो पा रहा इंसान कि इसकी वजह है कि
[31:55]पूरा साल दूर रहा है है लेकिन आप यह बताइए आप जरा
[32:03]अक्सर लोग गए भारत ने कमल को हरम में दाखिल होने का
[32:05]है उसको कहते इसने दुग्गल में दाखिल होने की इजाजत कि आप
[32:16]मस्जिद आ जाएंगे हाथ में मस्जिद के दरवाजे पर सिर्फ रुक जाएं
[32:21]और लंबे के लिए जज्बा पैदा किए थे बारे में इसने धूल
[32:26]के लिए पहुंचो तो इससे पहले कि इसमें उल जोहा भी में
[32:28]कि एक लम्हे के लिए रुको तो है और रुक के सिर्फ
[32:35]यह तो सब्र करो कि मैं कहां हूं कहां गया हूं मैं
[32:39]मैं अपने आप को तवज्जो करें कि मैं कौन हो अपने आमाल
[32:43]को तवज्जो करो कि मैंने कहां कहां कैसे कैसे पूरा साल खुदा
[32:48]की वसीयत की सुविधा की नाफरमानी की फिर भी उसने मुझे मस्जिद
[32:51]के दरवाजे पर लाकर खड़ा कर दिया है जी हां जो कहते
[32:57]थे कि अगर मच्छर का जो पर्व होता है इतनी भी आंख
[33:03]अगर उतना कम हो जाएं तो यह तरीके यहां तू इस बात
[33:04]की अलामत होता है कि शायद जरीन ने आपको इजाजत दे दिए
[33:11]हैं कि ऐसी आज की रात अगर आप अंजाने में आ जाए
[33:12]मस्जिद में तो आपने तवज्जो देने की मस्जिद के दरवाजे पर खड़े
[33:17]हो जाए मालिक शहीद भगत चाहे तो के मालिक और बाहर गांव
[33:23]में इस्तेमाल करेंगे बार अलार्म है आ गया तो तेरा करम है
[33:25]तरल उस पर तूने बुला लिया मैं इस काबिल नहीं था कि
[33:29]मस्जिद में हूं अल्लाह के घर पर जाना है के बारे लगा
[33:35]तो मुझे इजाजत दे दी और फिर वहां पढ़ोगे खुदा दासगुप्त को
[33:40]करें अ कि नियत याद आ रही है कि नियत का यह
[33:46]करें कि आप कैसे मालिक मैं अंबिया की नया बाद में शब-ए-कद्र
[33:51]में दाखिल हो रहा है कि मैं जनाधार की तरफ से आया
[33:56]हूं बजाना पन्नू की तरफ से आया हूं मैं जरा बेत्रा जी
[33:59]ने की तरफ से आया हूं मैं कि वे पैगंबर की तरफ
[34:05]से आया हूं तो मैं अपने तमाम मासूमीन की नियत में इस
[34:07]सत्र में तेरे घर में दाखिल हो रहा हूं के बारे में
[34:14]साहेब खुलासे किए जाने से आधुनिक इतिहास में वे शहर कि नहीं
[34:17]आ रहा हूं मैं तमाम मोमिन की जानी है की हिम्मत कीजिए
[34:25]आप कहें के मालिक में उनकी नियत में आया हूं जिन्होंने मेरा
[34:30]दिल दुखाया है कि मैंने माफ किया कि मैं उनकी जाने से
[34:36]आया हूं जिन कमर दिल दुखाया है खुदाया है निवेश के शक
[34:42]में मुझे माफ फरमा माफी मांगता वह सब अच्छा लगता है तो
[34:46]दूसरों को करता हूं खुदा की बारगाह में बहुत अच्छा लगता है
[34:50]माफी मांगते हो तो दूसरों को जानता है कि आप कहीं है
[34:59]के बाहरी इलाकों में उनकी तरफ से आया हूं जो विद तुझसे
[35:04]कहां पर है जिनको जगह फादर नसीब नहीं लिया तब बच्चों नहीं
[35:08]है जो नहीं आता करें नॉन की जान से आया हूं मैंने
[35:11]अब बात करने आया हूं बार अलार्म उसको मुंह मेरी तरफ़ तवज्जो
[35:16]भरमा मस्जिद के दरवाजे है मैं बदल जाएगा आदमी है मैं सिर्फ
[35:21]नियत को मशीन कर ले ले ये सब कष्ट खबर बनाकर लूट
[35:27]कर ले अपना अ और फिर देखिए मस्जिद निकाल दो अ कि
[35:31]जब दाखिल होते हैं इन प्राइस जा रात के बाद आपने से
[35:39]इंतिहाई आहिस्ता-आहिस्ता कदम उठाए हैं कि इंतिहाई आस्था आस्था मस्जिद आखिर हूं
[35:47]अ कि यह सब क्यों है ताकि कॉन्संट्रेशन क्रिएट हो जाए कि
[35:51]समझ जो आपकी इजाजत हो जाए खुदा की तरह अ तो फिर
[35:57]आप आए मुहल्ले के बाद फिर मुहल्ले के कुछ तू शुरू हो
[36:00]ये दुनिया के ताल्लुकात को घाटी यह दुनिया की चीजों को काट
[36:05]दिए तब आकर अल्लाह की बारगाह में अपने आपको पेश करें सजाकर
[36:09]पेश करें को खुशबू लगा के आइए उछलकर की आइए तवज्जो करके
[36:14]आइए साफ सुथरा लिबास पहन कर आइए कि यह सारी चीजें इसलिए
[36:20]क्या आप जब यह सारे एक दामाद अंजाम दे रहे होंगे तो
[36:23]खुद ब खुद आ रहा था हो रहे होंगे कि आपदा की
[36:24]बांधा जा सकता हुं और पुराने उसूलों में बहुत सारे उसूल मैंने
[36:31]इश्क़ किया और सुगंधित वस्तुओं की तरह ऑन करते कितने लेते हो
[36:45]और 1000 व् कि हर वर्ष में दर्शन हमें खुदा खैर कि
[36:51]हर फसल में और कितनी बरसने हैं शॉप कुछ नहीं समझ में
[36:58]आ रहा कोई बात नहीं है का जवाब 2 है तो उसने
[37:01]कभी सुन रहे हैं या पढ़ रहे हैं तब मंजू कोशिश करें
[37:04]कि कौन सेट करें कि जो अलार्म को बंद कर दिया कि
[37:09]पहुंचा दिया अब इसके बाद आप अपना प्रमोशन से जुड़े रहे क्या
[37:11]कहते हैं सुबह आने का हां यार ला इलाहा इल्ला टर्न ऑन
[37:17]है तू बुजुर्ग गए तुम रस्ता है तेरे अलावा कोई नहीं है
[37:26]मैं अलवर अलवर अलवर से का मतलब धुंध है हेलो हेलो बॉस
[37:35]मेरी मदद कर मेरी मदद कर मासूमियत ने कहा ना किस तरह
[37:43]को अल्कोहल बॉस क्या करो हंस अनुसार इस वर्दी बाहिर है और
[37:50]सिरा जमा कराएं कंडीशनर है हनी सिंह का मतलब पता है जिस
[37:57]तरीके से आपको पता है जो साइंस के लोग बैठे हैं जो
[37:59]पेट्रोल आप यूज करते हैं यह सही निकलता है वाच्य हित में
[38:05]है कि यह जमीन से जहां से निकलता है इसी आदत निकलता
[38:09]है है कि यह शायद जल्द ही नहीं करती हैं लिए रिफाइन
[38:14]या इस पर रिफाइनिंग करती हैं ज्योति ने इसके अंदर पेट्रोल के
[38:19]अलावा चीज है कि हमको बात करती हैं को खारिज करती है
[38:22]पेट्रोल को प्रेस कर दो में कितनी ताकत हैं कहते थोड़ा बड़ी-बड़ी
[38:28]गाड़ियों को जहां इसको है कि हमारी रूह के अंदर यह क्या
[38:36]है कंडीशनर हमारी रूह के अंदर जो बनाते हैं उसको पाठ करना
[38:38]याद की रात में फिर परवरदिगार ताकत देगा कि आपको खुद और
[38:44]वहां ले जाएगा जहां जहां मेहरात अपने अभिनय को लेकर आए घनश्याम
[38:49]किस चीज से मिलना है को जहन्नम की आग से मुझे अखिलेश
[38:55]कर देंगे और सौरभ भाई नाम लिखा है सिरे को कहो तो
[39:02]है कि मुझे जहांनुम कि आज सिर्फ आवाजे करते हैं है तो
[39:08]क्या खूबसूरत लग है उसके बाद यार अब तो अच्छा हम जा
[39:14]रहे सुरक्षित नहीं है या नहीं का मासूम नहीं या अल्लाह कोई
[39:19]लहर नहीं कहा हंस नाम िनंदा रह यार बाबू कि रूबी याद
[39:24]में सबसे ज्यादा जो चीज इंसान को मानुस है वह क्या है
[39:32]मानता है मोहब्बत अहम से बेस्ट जदीद मोहब्बत करने वाले हैं कि
[39:36]हमारी परवरिश करने वाले हमारी तबीयत करने वाले हैं और कंडीशनर यादव
[39:42]सोमेश्वर अगर इंसान एक तो वापिस पिछले कुछ उस तरह सकें इस
[39:49]तरह कहना चाहिए कि यह हमारी जिम्मेदारी नहीं है कल सुबह आना
[39:57]कार्यालय इलाहाबाद एल्बम्स अल्कोहल डिशनरी एप कि तू आज ऑप्शन ए कभी
[40:07]यह सारे बाद आदर्श हैं दुआ जरूर कबूल करो दो आज और
[40:11]संत कबीर पढ़ो उसके बाद कुरान को खोलकर रख दो बाहरे लाइए
[40:13]किताब तूने मेरी हित के नोजल कि एलियन हासिल की है वो
[40:19]डालते हैं इंसान माफी मांगे के बारे लगा मेरी तरफ से होता
[40:21]है कि पूरी जिंदगी मैंने सुन नहीं खोला लेकिन तूने मुझे मजबूर
[40:28]कर दिया बेहतरीन बाहर गांव में से खोले बैठा हूं मैं मैं
[40:32]इसको अ सामने रखकर इस का वास्ता आप नहीं जाएगा कमर कम
[40:37]170 उसी वक़्त पड़े वह सकता है खुदा तु उससे आयत में
[40:42]जो आपके खोल के सामने निकले आपणी अलार्म करें का जो आया
[40:45]था आपके सामने आई है यो यो कुरान खोलेंगे आप कि शायद
[40:49]को पड़े देखें क्या कह रही है वो आयत न मैं क्यों
[40:55]कौन बात करता है कि अमेरिका नजर आएगा जब मैंने यह चाहा
[41:01]जो खुदा मुझसे बात करें मैं उड़ान भरता हूं कलामे इलाही है
[41:03]गला में लाई आपसे बात करेगा खुद-ब-खुद यह सारी बड़ा कहां थे
[41:09]आज की रात में आ हां सर पर चढ़ा रखा हुआ है
[41:15]सर कुरान रखने का मतलब है कसम खाना है एक बार आएंगे
[41:21]प्रणाम मैंने सर पर रख लिया है आप मैं तेरी मुहब्बत नहीं
[41:27]करूंगा अब कि सरकार को आम रखकर इंसान खसम का है उसके
[41:29]बाद जो की मुख्य खबरें ई यह बकायन लंबे मोहम्मद इब्ने अली
[41:39]गेंद बुलाकर उसे देख रहे हैं आप को खाली खुदा नहीं खुदा
[41:43]के जरिए से मोहम्मद से भी जुड़ रहे हैं अली से भी
[41:44]जुड़ रहे हैं फातिमा से भी अधिक चाहता बात सुनी तो जोड़ना
[41:50]खुदा अ में कितना सादा लिया है इसको हमने अ को पूरा
[41:53]की बाहर गांव में भी है चार दामाद सुनील की बारगाह में
[41:58]मौजूद हैं कि उनके सामने सिर पर कफन उठा कर बात कर
[42:00]रहे हैं है कि हमारे सर पर पुराने दौर अखबार अपनी जगह
[42:06]तो शहद करते हैं या साहेब विलासराव तहत करते हैं हां सर
[42:11]पर कुरान रखे यह करते हैं या अपने आप को बदल देंगे
[42:17]अब मैं आपकी मदद की जरूरत है कि वाकई मदद करेंगे अ
[42:22]का 11वां हुसैन आखिरी बात 10,000 अंतिम हुसैन चीनी रखिए कि आपको
[42:29]नामों से जोड़कर खुदा शब-ए-कद्र में क्या अभी तक भी अगर कुछ
[42:31]कहीं कमी रह गई है तो आप इसमें हुसैन की मांग मुझे
[42:36]चले मैं और तुम हुसैन की बात कहां मेरी चले अ कि
[42:42]आपने अगर आज की रात अपनी और व इनकी ग्यारस पर दस्तखत
[42:47]नहीं करवाया तो कुछ नहीं किया है की जड़ के आगे बिल
[42:54]धनसिह तनाव बढ़ जाएगी सीरियल में खुदा सकते हैं मारुति के मुझे
[42:57]और कहीं पर जाना है मुझे नहीं मालूम कैसे जाना है कि
[43:01]आपने ले जाना है कि मुझे जाना है वहीं पर हूं कि
[43:05]यह सारे मौके आज की रात के तभी और पकाएंगे अब अ
[43:11]मैं अपना वर्दी मतलब ईमेल करना फिर आखरी एक अहम बाद जो
[43:17]बचा के रखी फिर इस तरीके से के जिस तरीके से आप
[43:22]अपने लिए सोच रहे हैं आज की रात अ मैं इसी तरीके
[43:27]से पूरी सोसाइटी के न सोचना है कि यह सोसायटी पर पड़ी
[43:33]हुई गंदगियां यह सोसाइटी में फैली हुई अगर भारत यह साइड में
[43:38]फैली हुई जहालत यह सोसाइटी में फैला हुआ जुल्म किसकी जिम्मेदारी है
[43:45]दूर करना है है भरत भरत की जिम्मेदारी है आज का बेहतरीन
[43:49]मौका के खुदा की बारगाह में इस मसले को हल करवाना है
[43:54]जिस तरीके से अपने लिए परेशान है सर सोसायटी की मुश्किल आपके
[43:56]लिए खुदा की बारगाह में दो बार करें ऑफ कॉमर्स कम दुआ
[44:01]करना जिम्मेदारी है कमर सिस्टम कि खुदा तो फिर वही बात को
[44:07]देखते हैं कि बारे में मुझे तो फिर से कि मैं अमानुष
[44:09]आपको हेल्प कर सकूं यह जो मेरी जिम्मेदारी है जो इंसान सोसाइटी
[44:14]में अपनी जितने माई जिम्मेदारी पूरी नहीं कर रहा गया वह इमाम
[44:21]के जुगाड़ के लिए कुछ नहीं कर रहा था है कि सुख
[44:25]समृद्धि को सजाना इस सुसाइड की मुलाकात पर दूर करना यानि तुर्की
[44:31]बदन है कि इस सोसायटी को इस काबिल बना देना कि हजरत
[44:33]अगर तसरीफ है तो यह काम करें अ है और फिर हम
[44:39]में देख लीजिए आपके घर का इंतखाब करें तो कि जब बेवकूफ
[44:44]अंसारी घातक किया करो लल्ला ने है कि ट्रांस की रात में
[44:50]वर्दी मुश्किल को हल करना है इसी तरह इस्तेमाल मुश्किल रात को
[44:53]हल करना है मैं अपने अंदर वर्ष पूर्व पैदा करना है अपने
[44:58]अंदर वह पक स्वाभिमान सब पैदा करना है जो अपने लिए और
[45:03]सुसाइड के लिए भेज रही हो हां हां तू आज से उतना
[45:09]जितना अपने लिए बहरा हो उतना ही सुबह थी कि मुश्किलात के
[45:11]लिए इंसान की आंख या शुभ है किमाम को या न रहें
[45:15]हमारा के लिए मशहूर है कि ऐसे रोते थे से कोई जवान
[45:20]बेटे की मैयत पर मार्ग का दावा करते थे इस्तेमाल मुश्किल खेल
[45:26]के लिए हैं एक पतली उसके हुए हैं कि अगर हमें सुनाई
[45:31]थी कि मुश्किलात कि जब तक तकलीफ नहीं होगी तब तक के
[45:35]लिए हम नहीं करेंगे अब एक दम आवे न पड़ते हैं जो
[45:40]तरफ अपने लिए दो मानते तो पूरी दुनिया धुंधली मांगे आ के
[45:43]किनारे लाइन मुश्किल आपको हेल्प वर्मा जिस आखिरी दौर पंडित्स हम समझते
[45:49]हैं कि यह मुद्दा सही नहीं है दीनदार नहीं है कमाल यह
[45:52]है कि उसके ने नमाज के समय मांगे जाने है और सामथ्र्य
[45:57]के अनुसार योग है तो आप की जिम्मेदारी नहीं कि उसके लिए
[46:01]हल करें इसको इसके लिए दुआ करें आपको अच्छा लगेगा आपके सोसायटी
[46:04]का एक आदमी ज्यादा में लग रहे हो मैं आपको अपनी पिछली
[46:10]बार आज आजमगढ़ में चलना बंद हो कि यह फिक्र नहीं है
[46:15]कि आदमी हल्का माध्यम से निकल गया है यह हल्का नमाज से
[46:19]निकल गया है यह तीन से निकल गया इसको दोबारा लेकर आना
[46:22]अ एक रिमाइंडर में देरी नहीं है है इस प्लेटफॉर्म ऐड करना
[46:30]है आज अ कि इस फीडर को ताज हासिल करना है तू
[46:34]क्या कर पंजीयन कहते हैं कि शब ई कादर खत्म हो जाए
[46:36]और इंसान अपनी जिम्मेदारी मोहन ना कर सके उसमें सबसे कद्र नहीं
[46:42]की थी आज के इंसान शहद में यह मोहन करें क्योंकि जिम्मेदारी
[46:44]क्या है और फिर उस जिम्मेदारी को हम लाल हमारा आधार कैसे
[46:50]करना है आज की रात को तोहफा है आज शाम की जारत
[46:57]और बहन की जा रहा है वर्दी पाकीज़गी इज्जत हमारी तरह रात
[47:03]है कमर कम यह सब हासिल करना है कि आज की रात
[47:08]कि उस सब का सब कुरान ने यह दावा किया है इन
[47:14]सब के सब काम दहन बहते तक आगाह किया है कि सरकार
[47:20]यानी की दर के युद्ध क् की बंदगी वर्दी और यह तिमाही
[47:28]में मेरे परवरदिगार ने नमाज में यह क्या है क्या के कॉलम
[47:32]दुलारे लाल अमीनुर्रहमान रही मालिकों में दिन यहां का बुद्धू हो अरे
[47:37]यह कौन है या का हसता इन यह बढ़ाने का मतलब मैं
[47:43]सिर्फ तेरी बात करता हूं मैं सर से तुझसे बाद में यह
[47:48]है या खुला ने कहा कि हम मैं एक आदमी है सब
[47:56]इधर-उधर नुमाइंदगी कर रहा है इस मुद्दे पर फर्दे बाकी सब की
[48:04]नुमाइंदगी उड़ान कि रूस हैं इसी तरीके से शब-ए-कद्र मैं भी सबकी
[48:08]तरफ से जॉर्ज एवं है तो ऑफिस में सीओ जाए अल्लाहुम्मा सल्ले
[48:11]अला मोहम्मदीन वा आले मुहम्मद वास जेल्ड फॉर जूम बरेला सही मायनों
[48:15]में शुक्र उधर करने की तौफीक नसीब फरमा अ एक बार लोग
[48:21]जो कुछ भी तो फिर तरफ ने मति रहमतें बरकतें आज की
[48:26]शब में तूने हमारे लिए रखिए उन पर हमको नाज़िल फ़रमाया ऐ
[48:29]एक बार लातूर शहर तब बाद की तौफीक नसीब फरमा इमामे ज़माना
[48:34]शेर तब बात की तो फिर नसीब फरमा बारला आज की शब
[48:40]में गुनाहों को माफ़ फ़रमा बीमारों को छिपाए नियत वर्मा बेरोजगारों को
[48:44]रोजगार हिदायत वर्मा जिन लोगों जो जैसे जहां-जहां मुसीबत में गिरफ्तार हम
[48:49]की मुसीबतों दूर वर्मा ए इस बार लाइन समझ में पर खुसूसी
[48:55]रहमतों बरकतों अनुज वर्मा बारेला इमाम के गुरमैता जीएल वर्मा मांग की
[48:59]रक्षा में जहाजों और शहादत नसीब फरमा अ कि विमान के तमाम
[49:05]दुश्मनों को नेस्तनाबूत वर्मा प्रवक्ता श्याम महोत्सव पर दबाव वर्मा व बनाता
[49:11]खबर मैंने कांत समीर अली ब्रह्म तैयार अमर राही मीन
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