التالي
2 المشاهدات · 25/05/25
6 المشاهدات · 18/05/05
6 المشاهدات · 19/07/25
7 المشاهدات · 24/03/17
12 المشاهدات · 24/02/11
6 المشاهدات · 24/02/26
10 المشاهدات · 18/11/02
9 المشاهدات · 24/06/25
Mah-e-Shaban | H.I Naseem Agha
0
0
5 المشاهدات·
22/08/27
في
محاضرات
Record date: 10 July 2011 - ماہ شعبان AL-Mehdi Educational Society proudly presents new Executive Refresher Course for the year 2011 under the supervision of specialist Ulema and Scholars who will deliver though provoking lectures Every Weekend. These video lectures are presented by aLmehdi educational society, Karachi for our youth. For more details visit: 📡 www.almehdies.com 🖥 www.facebook.com/groups/almehdies 🎥 www.youtube.com/almehdies 🎥 www.shiatv.net/user/Al_Mahdi_Edu
أظهر المزيد
Transcript
[0:00]हुआ था ही धागा बनाना कुंणाल इन हलाल हनुमान पक जाए यह
[0:13]तुरंत बिना बिल ध अब हम यह देखिए फालूदा झाला ही लिए
[0:20]कम सेट उन्हें प्रॉब्लम हल बगल हां अल्लू 5वां मां वालों पानी
[0:34]मां मीन झाल का का बुरा नतीजा यह वाला जहन्नुमवासी ब्रुकिंग्स मीडियम
[0:48]या जावती मिला कि अवधी व पिछड़ी हुई एप्स अच्छी तरह मिल
[1:00]सकेगी प्रभु लिए मदद [संगीत] की [संगीत] वृद्धि फिल्म ब्लू आइज खोली
[1:27]वाले मोहन किताब वेब कानून मूवी ईद है लुट लुट अजय कुमार
[1:50]राजुला कि बिल जला खूब लुटाया शरीर को में लगाई डुबकी कि
[1:58]वह अल्लाह मिसल पाव की तारीख में मलापुरम ईंधन लेकर राज्य यज्ञ
[2:07]पहलू हो लेकिन खूबसूरत वसल्लम ने इरशाद फरमाया कि अल्लाह जैसा अल्लाह
[2:18]मुझे अली को चाहिए था तेरी सूरत मिल गया है कि पैसा
[2:21]अल्लाह मुझे इब्ने अबी तालिब पर जाइए जहां तेरी सूरत मिल गया
[2:28]अब जैसा बनता तुझे चाहिए है मुझे बना लीजिए कि वल्लाह 15वीं
[2:35]पंकज हुए दो कि प्रेशर श्रीमान बाबू सामाजिक व आर्थिक लाभ मुचलका
[2:42]हुं हुं हुं [संगीत] मैं मासूमियत तक नहीं हूं है इसलिए के
[2:56]मैंने तुझे बाहिर जाना बघार नहीं हूं मैं तेरी वहदानियत के अपराध
[3:01]करने वाला हूं कि वे ने गुनाह नहीं किया जुबां पर तेरा
[3:05]अज़ाब दो चंद हो जाता है तेरा जहां पड़ जाता है तो
[3:14]अल्लाह के अनुसार जला-जला लोगों ने इस कि हमारा आपको बात आगोश
[3:21]में उतारा पात वालदैन के साए में रखा बात करी तबीयत दी
[3:24]वह अल्लाह जिसमें हमारी हिदायत खुद भी कि पुलिस के बाद एसिड
[3:33]बाहर दामन के हवाले हुए कर दिया हीरोइन के लिए पुलिस दामन
[3:41]की शान में इतना ही काफ़ी है कि अल्लाह ने उस अजीम
[3:45]तरीन फेल हुए दामन को पूरा मत दूल्हा अनुसार हम मुस्तफा सल्लल्लाहू
[3:53]अलैही वा आलेही व सल्लम के अनुमान से [संगीत] परिचय करवाया वाजी
[4:01]अंतरिम नबी में कितने ताकत थी कि वह अपनी मर्जी से पैदा
[4:07]हो जाता है और अल्लाह की मर्जी हुई अब पंचक को बराबर
[4:11]के लिए और उसके बाद ऐसा हादी और रहनुमा मुग्ध कर दिया
[4:18]के जुड़ा हुआ तो आखरी नबी और फैल गया तो 14 मासूमी
[4:24]में खुलकर सामने आ गया अलार्म हमारे मोहम्मद अजीम उतरी ईएस नबी
[4:30]के जिसकी नुबूवत कई अपराध किए बगैर कोई नबी नबी नहीं बना
[4:36]कोई बलि बलि नहीं बना तो एक खुद नहीं बना कोई अवतार
[4:41]और दाद नहीं बना तो फिर उस नबी की उम्मत को कबूल
[4:48]किए बगैर इंसान इंसान कैसे बन जाएगा अब अदनान सामी की सजेशन
[4:52]बयान की जो करना अल्लाह को था वह अ में आ जाए
[5:01]रिसालत से अंजाम दिलवाया है का काम अल्लाह तथा अपनी नवीन से
[5:07]करवाया था और कुछ कहना अलार्मस दिखाओ प्रॉब्लम इसे करवाया था की
[5:12]जगह शादी अब हमारा नहीं पैसा नहीं तो बिल्कुल हुआ था लेकिन
[5:17]अभी जो दुश्मनों पर तुमने धनखर हमारी जो पत्थर मारे यह तुमने
[5:23]नहीं मारे न भी हमने वाले हैं मैं पहले टॉयलेट महिला ही
[5:29]पिम इरशाद फरमाया सुना दो [संगीत] है तू मेरा नई द है
[5:42]कि जो अपनी मर्जी से कोई नुस्खे को सलाम नहीं करता है
[5:45][संगीत] कि हम जो कहते हैं हम जो नागिन करते हैं उसे
[5:49]हमारा नवीन को बढ़ाता है से पहले नदी पहले भाई कौन है
[5:53]नबी का नूर ए इलाही और वह आखरी नबी कि जिसकी वजह
[6:01]से यह दीन-दुनिया व्रत वितरक का समंदर यह चमकता सूरज यह मेहताब
[6:05]यह फैब्रिक कश्तियां यह तमाम दुनिया केंद्र ने मधुबन करने के लिए
[6:14]कसम खाई वाली स्थिति व जलाली पिन्नी मां हलक ऋतु तमाम अपनी
[6:18]या भला अकबर भाग यह वाला कमरा मुनि प्रवर आश्रम संख्या बराबर
[6:24]गई है दूर वराह बाहरी इलाकों की महक बढ़ती उम्र लंबी तुम
[6:29]और तुम्हारे हस्बैंड के खातिर हम यह सब कुछ सुनने हैं कि
[6:34]जिस नदी के लिए सब कुछ बना उस नबी ने कहा शाहबान
[6:39]मुझे आखिरी नबी का महीना है क्या अजब शान होंगे इस माहे
[6:47]शाबान के के वह आखिरी नबी जिसके लिए दीन-दुनिया फिर जिसके लिए
[6:52]कि तमाम निमाज अजली अवधि जनरलों ने खबर की पुष्टि न पीने
[6:59]पर माया शाहीन थी मुझको आखिरी मंजिल अभी काम है [संगीत] कि
[7:05]क्या बुलंदी भी अता कर दें इस माहे मुबारक कि सामान को
[7:11]हिस्से यानी सीरवी मिला है बहुत आसानी से समझ में आ जाएगा
[7:18]माहे मुबारक हो रमजान अल्लाह का महीना है रमजान के महीने में
[7:26]हर इंसान अल्लाह का मेहमान होता है बजाएं हां भाई रमजान में
[7:33]हर शख्स कि हर मम्मी अफवाह का मेहमान है इसलिए कि रमजान
[7:37]अलार्म इन है अच्छा और उस पर अल्लाह की हत्या हसरतें इंसान
[7:43]पर यह है कि में बहुत ज्यादा मुताबिक औकात में बटर का
[7:49]निर्यात इमामे हसन ने मुझे दबा ही खूबसूरत मसल सलाम वालेकुम मकसूद
[7:59]अहमद मोहम्मद मासूम से शुरू करके अपने घर में अपने बात और
[8:12]हल्ला को नियुक्त कर उसे मंज़ूर किया जाता है से से हम
[8:23]इंसान अश्विन के नाम पर सरकार विचार रखते हैं कि हमारे मेहमान
[8:26]होंगे वह इंसान कितना अजीब हो जाता है जो पूरे एक महीने
[8:34]अल्लाह के नबी है को पूरा एक महीना अल्लाह ने रमजान का
[8:42]अपना अदरक का रनवे महीना रमजान इंसान मेरा मेहमान होता है तुम्हें
[8:46]चाक को अल्लाह ने अपने नबी ने फ़रमाया मेरा महीना यानि माय
[8:49]साबुन में भारतीय मुसलमान अल्लाह के नबी का कि हम मिग विमान
[8:56]होता है कहां हम घरों पर दस्तरखान विशाल शर्मा सुनील मिश्रा में
[9:00]दावत देते हैं कहां हम अपने घरों में हल्दी से हिस्सा की
[9:04]तिलावत करके और विजय प्रकाश सोनकर के जख्म आसुओं के अनुसार शराब
[9:07]को दावत देते हैं कहां अल्लाह के नबी पूरे एक महीने हमें
[9:13]मेहमान रख ले ले कि क्या महिला बांध की फजीलत है कि
[9:18]कि कल्याण आश्रम परिवार इन थे लुट कि अगर बाद सकते हैं
[9:28]कि कहा गया कि हम वाले मोहम्मद पुत्र राहुल कम से कम
[9:32]इस प्रस्ताव में के जो आज से प्यार के आलम में तरह
[9:33]से मात्र है बुलंद आवाज से होना चाहिए सहवास मिल्क सवार लुटेरे
[9:38]माशाल्लाह लुट गया लुट कि अल्लाह के नबी ने हम आप को
[9:46]पहचान लिया कि यह तीन माह शाहबान मुझे अफरीन अभी कमीना मैं
[9:52]बस पर जवानी थिस मैसेज विद 400 मान्य दर्स कि फिल्म हिसाब
[10:02]से बोल सकता हूं मगर पिछले साल से एक अच्छा दूसरा से
[10:07]नया कर्ज लिया है तो हम साथ-साथ उनको तू की तरफ विराजित
[10:14]करें जिनको खुद के जरिए हम तक हद तक पहुंची और उलेमा
[10:16]की तरफ मोहब्बत का इजहार करें जिनको लामा ने दिन-रात एक करके
[10:24]हुए धुंध पथ पर अपनी सजा मिले मासूमियत और बजाय या में
[10:29]मां और प्रोफाइल है मां इस साल अंदर पहुंचाएंगे विश्वकप बात सुनिए
[10:37]अपने वक्त एक सजी मुख्य दृश्य मैं अपने वक्त तय कर दी
[10:44]मालूम मुझे इसमें इक्विल उम्र वो मुझसे न करीना हदीस के लिए
[10:52]वक्त कि पर उन्हें जमा करके पिता भी अश्लील किताबें न पाती
[10:56]यह फल जिन दो कि जिन थमा है जन्नत की जन्नतें म
[11:04]पाती यह जमा है निशान की व्याख्या की चाबियां थीं है जंप
[11:11]कहते हैं बना दिन लहरा दिन बहस से पराधीन शान है पलट
[11:15]मेरे साथ है भेजो कैसे वह घंटा हमारे लिए बहुत बुरा गुजरा
[11:20]वह मिनट हमारे लिए बहुत बुरा भला कहते हैं फिर हम एक
[11:26]शेयर अब्बास धीमी की इस समय जन को पढ़ना शुरू कर दे
[11:30]एक सफर रोज और हमसे बड़ा औकात का आलिम कौन से वक्त
[11:37]इस मासूम से मंसूब और यान का आलम कौन सा दिन किस
[11:42]मासूम से बंद सुबह और मां का लिंग के कौन सा महीना
[11:43]किस मासूम से मंसूब है हमसे बड़ा आलिम कोई नहीं होगा सत्या
[11:47]है कि आगे कुछ तथा बीमा पाचक जणा है जिसकी ब्रह्म आलम
[11:55]ने उद्यान व माने निहायत मेहनत की ओर पहला कदम उठ जाग
[12:05]मुसाफिर लांबा ने और अलार्म का प्रभाव साफ बल झालावाड़ के अ
[12:09]ऑफिस जाने के प्रिंसिपल ने और इसके बाद बेहतरीन सर्विस पर प्यारी
[12:13]उर्दू में हजरत अल्लामा शहीद पुलिस ने कीजिएगा जवाब है मेरे पास
[12:21]अलार्म है सही का निशान हैदर जवादी अलार्म कामु सहित क्यों कहा
[12:28]विशेषज्ञों सुबह आशूर पर शहजादा पर निर्भर पर मजलीस पड़े हैं तो
[12:34]फिर अपनी इज्जत लुट सा देते हुए सीने पर मातम करता हुआ
[12:39]25 सम्मुख खड़ा हुआ नाटक क्योंकि जब पिछड़ा हुआ परिजन निषेध महिला
[12:45]के हवाले कर दी सही नहीं है तो और क्या है [संगीत]
[12:50]ए प्लस बी ने कहा कि हमारी मोहब्बत है मर जाए इससे
[12:53]भी मर जाए चाहिए हिम्मत करते हुए जो उबला मिश्रन जवानी की
[12:58]बेहतरीन शनि साथ हमारा बीच में जाने वाली और इस जमाने में
[13:00]इस सम्मान है बिजनेस की तरफ वो लमहे बड़े-बड़े व मां मैं
[13:06]इसे वाला करूंगा इसके दांत से तहरीर पर ऊंगली का यह बुजुर्गों
[13:10]के लिए नहीं कि मुझे माशा अल्लाह रुदल ध्यान रखनी इलाहाबाद के
[13:15]लिए मुझसे उस नौजवान तड़पने के लिए कि जो मदर थी जिनको
[13:18]पाटिल जिला कैसा है तो जिना जिना नहीं मक़ातिल जून है इसमें
[13:25]हर महीने के बजाय हर महीने के कल्याण के मस्सों सामान दर्ज
[13:31]हैं प्रकाश के हुए दिशा गति मिलती रहेगी हम अपने मोबाइल पर
[13:38]जो कि जिस लेते हुए दो एक-दो दिन में नहीं तीन दिन
[13:42]नहीं से एक चलिए शुरुआत इसे लिखकर यह बड़ा चली करो इसे
[13:45]फॉरवर्ड करें ताकि हमें पता चले कि हमने भी कुछ मिनट करके
[13:50]पहले फॉर द मंकी और फिर आगे बढ़ाया जाएगा तिमाही सामान और
[13:53]उसके बाद उसके दामाद इंग्लिश में 9th दिए शेष भूमि अधिग्रहण कानून
[14:03]निहायत मेहनत करके और इसे हम तक पहुंचाया जिसका तर्जुमा उर्दू में
[14:07]दर्ज मामला माझावास आपको मेरे हाथ में है समाधि जानना चाहिए कि
[14:11]चाकू व हल्दी महीना है है जो हज़रत है बहुत मजबूत चलिए
[14:20]इन रामलीला अल अमीन मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहू अलैही वा आलेही व सल्लम
[14:29]समय आलम मोहम्मद के नाम से मशहूर है है के नाम से
[14:32]मशहूर है तो अगर महीना नाम से मशहूर है तो क्या मतलब
[14:37]है इसका अजीब आदमी से अजीब रिवायत है अजीब हजारे ने इसमें
[14:40]मौजूद मेरे जहन में है लेकिन यह भारत इसलिए पड़ रहा हूं
[14:44]कि हमें देश को लुटते कि हम भी जगह भगवती में पड़ेगी
[14:49]क्या लिखा है के परमाध्यक्ष जुड़ सल्लल्लाहु अलैहि वालही वसल्लम इस महीने
[14:54]में रोज़े रखते और इस महीने के रोम छिद्रों को माहे रमज़ान
[14:57]के रोज़ों से मुतास्सिर कर देते हैं अक्षर मस्जिद यहां मुझे दवा
[15:02]से आज नजर नहीं आया वर्णाक्षर मस्जिद में नमाज मगरिब के बाद
[15:04]नमाजे मगरिब के बाद बहुत से बुजुर्ग और उसमें कुछ इलाकों में
[15:10]जवान तत्व का नवाज माधुरी के बाद जब मौलाना मोहम्मद रफी उड़ा
[15:13]देते हैं तो फिर वह करीब में जाकर रोज एक बार करते
[15:17]हैं और फिर आकर महादशा में शामिल हो यहां से पश्चिम मैसेज
[15:21]लगाने के पास है और यह मेरी नजर नहीं पड़ी वरना बाल
[15:25]ज्यादा कम होने मम्मी कह रहा है और वह भी अल्लाह के
[15:26]नबी की दासी में तालिबान के रोगियों को रमादान से व्यक्ति रोज
[15:31]में को साबुन से पिलाते हैं कि कुछ बारे में आप सल्लल्लाहू
[15:39]अलैही वा आलेही व सल्लम का फरमान है कि शाहीन थोड़ा मजबूरी
[15:42]ना है कि अ जो शख्स इस महीने में एक रोजगार रखे
[15:46]तो अल्लाह के नबी ने फ़रमाया जन्नत उसके लिए वाजिब है सर
[15:52]वाका वाका में बुलंद श्राद्ध महालय महाराज पधारे कोई अमल नहीं है
[15:59]कोई मुश्किल नहीं है कराची में बहुत होती है नतीजतन [संगीत] नौकरी
[16:09]मसाला होता है इस मामले में उन दिनों में इन दिनों में
[16:16]दो दिन की छुट्टी है क्या करेंगे गैस का फ्लेम जो है
[16:22]वह नहीं जाएंगे दाढ़ी पर खड़ी हो जाएंगे ऐसे चेंज नहीं है
[16:35]यह हमें मौका दिया जाता है कि इस क्या हाल ई दिल
[16:39]में तो हिम्मत कर लो कितना अच्छा हो गया मंदाकिनी की तासीर
[16:43]में इस महीने में उनके मेहमान होते हुए रोजगार अख्तर तल ले
[16:46]अब इसे शायद आपको कुछ करने बेहतरीन अहमद है कि हजरत हत्यारे
[16:53]मोहम्मद इमाम जाफर उपाध्यक्ष डा झाला की मदद और सलाह सल्ले अला
[16:58]मुहम्मद मुहम्मद समय जब यह शाहबान का चांद उदार होता तो हज़रत
[17:06]इमाम काज़िम अलैहिस्सलाम तमाम शुभ को जमा करते और प्रति अथाह जानते
[17:11]हो यह कौन सा महीना है कि यह सावन का महीना है
[17:18]और अल्लाह के नबी परमादित्य है परमार्थ एक यह शाहबान मेरा महीना
[17:22]है ताकि डरता आखिर इस हदीस पर कुछ सामान मेरा महीने पर
[17:29]अपनी नगरी की मोहब्बत और बाकी पूर्वज के लिए इस महीने में
[17:33]रोज़े रख लीजिए साहब मेरे नजदीक में रफी अहमद जैदी आधी शानदार
[17:39]के लिए ताकत भी आ गई है आ जाओ फिर सुधार के
[17:45]लिए ताकि जीरा गई अगर हम ये कहें कि हज़रत इमामे सज्जाद
[17:51]चम्मच सुबह में तो फिर मेरे जगने मगर जल्दी मुख्य अगर आवेदक
[17:54]के लाता हूं मेरे जड़ने ताकि यह है कि इस महीने में
[17:58]अल्लाह के नबी किताब सिंह मलिक ने भी की मोहब्बत यार अलावा
[18:00]के पूर्वज के लिए रोजा रखो कि मैं इस महीने में अपने
[18:05]जजमानों चार उम्र के इस खून की पाबंदी करते हुए एक रोजा
[18:11]रखता हूं जानते हैं सर्दी जगह पर एक बात कर दी जान
[18:13]ते नतीजा क्या नतीजा यह है कि अल्लाह के सज्जाद किमाम की
[18:19]भी जो हुकुम की पाबंदी थी उधर से सवा भर कूर फिर
[18:25]अल्लाह के नबी की मोहब्बत में समय की पाबंदी गुलाम नबी की
[18:29]तरफ से भी अभी एक आगे बहुत अजीब अजीब सी बात है
[18:34]जी मध्य से ज्यादा अपनों के फलों और ज्यादा खुश होंगे बस
[18:37]यह खुशी और ज्यादा खुश होंगे अल्लाह के नबी की पुष्टि के
[18:40]लिए अपने सुझाव रखा उनकी तरफ से इस माह शाहबाद में एक
[18:44]खास पल जिल्लत और पूर्व बातें इलाही के लिए रोजा रखत यह
[18:46]तीसरी वरीय द्रौपदी लद्दड़ फलत 9th अच्छा तुमने मेरे भेजे हुए इमाम
[18:56]और मेरे भेजे हुए आपने नबी की मोहब्बत में मेरी पूर्वक के
[18:59]लिए अमन किया लो हम तोहरे नाम जन्नत करते हैं स्वभाव महाप्रभु
[19:04]ज्यादा खराब है के बाद यह रॉक यह है में समाया है
[19:14]मैं तुम्हें अपने नबी की मोहब्बत और खुदा की कुदरत के लिए
[19:18]इस महीने में रोजा रख को कुछ सुधार की कसम के जिसके
[19:22]तब जयपुर अदरक में ट्यूबवैल पर संयम नहीं मतलब हर 2 सलाम
[19:24]की जान है मैं इन्हें अनुसार ने फ़रमाया मैंने अपने पिंपल्स द्वार
[19:30]पर झंडे लहरा सी विश्वविद्यालय सलाम से [संगीत] कि विश्व ना वह
[19:37]पर मानते थे कि मैंने अपने बाबा अमीरुल मोमिनीन अली मिश्रण सुना
[19:43]दो की बाजार में भरमार मैंने अपने बाबा किस रहमान से मिलने
[19:46]पर मैंने अपनी बाबा पहले विमान से सुनाओ ना [संगीत] है कि
[19:52]जो शख्स मोहब्बतें रसूल और दफ्तरों में खुदा के लिए शाहबान विरोध
[19:59]रखिए के दाग धब्बा के लिए और खरबूजे विशाल अ के लिए
[20:01]माहे शाबान में रोजा रखे हैं कि अल्लाह ताला उससे अपना त
[20:07]पर रोबर्टा करेगा तो कि अल्लाह अपना टक रबर देख लीजिए यह
[20:14]तय है कि अल्लाह हर लहज़ा हर इंसान की कि शाहरुख से
[20:17]भी नजदीक है कि प्रभु इल अखरोट मिनट विंध्येश्वरी वृध्दि है यह
[20:26]रावण ने कहा कि मैं एक बंदे कि शहर से भी ज्यादा
[20:31]उसकी सोच से पहले जानता हूं कि क्या सोचेगा और यह हमारा
[20:34]घाघरा शरीर से एक पल यहां तो हर रहेगा हमसे नजदीक है
[20:42]तुम शांत व बल्ला से ठीक है कि तुम शांत कमल आसन
[20:46]अजीब है तो इंसान के अलार्म सेट करो वैज्ञानिक पूरी होना सीखना
[20:50]इंसान के अल्लाह से शत्रु के लिए अल्लाह के नबी ने बेहतरीन
[20:57]हुकूमत माहे मुबारक के शासन में उसकी खातिर 2008 को करार दिया
[21:01]डायरेक्टर्स ना समझे जेम्स को मोहब्बत में और समझ की सुनी विश
[21:08]करेंगे तो मजा आएगा बस वाला दर्शन है कि जब मुझे हम
[21:13]बिलकुल ईईए पूरे में को पूरा हर लहर जाएंगे तरह इंसान तबला
[21:22]के करीब है कि सूरज तो मौजूदा खूबसूरत है है कि सूरत
[21:25]है बाजार जाना के लिए रोजाना एक सूरत हमारे पास लेकिन इस
[21:29]मालिश बाबा ने मुबारक के पश्चिमी इलाकों में से एक बजे लक्ष्य
[21:32]है कि अल्लाह के नबी के अल्लाह के नबी भेजे हुए खजूर
[21:37]चौथे इमाम ने फ़रमाया मैंने अपने बाबा तीसरे विधानसभा चुनाव में प्रभाव
[21:44]मैंने अपने बार्बर पहले हम से सुनाओ कि उन्होंने फरमाया कि मैंने
[21:47]अल्लाह के नबी से सुना आपने फरमाया जो इस माह रमजान में
[21:53]मुझे आखिरी नबी की मुहब्बत हुए दिशा बाण का महीना है और
[21:56]अल्लाह के तक रॉक के लिए रोजा रख लें तो अल्लाह उसके
[22:02]नसीब हो जाता है क्यों नहीं दादी-बुआ अल्लाह तुम्हारी घृत देख सकते
[22:07]हैं पापा में अल्लाह के खातिर रोजगार अगर हम उसके हो सकते
[22:12]हैं दोस्तों हम रखेंगे अलार्म से तरीकों का इस्तेमाल करने के अलावा
[22:15]करीब हुआ रोज हम रखेंगे अदा की मरम्मत के लिए चाहेंगे कि
[22:21]हम अल्लाह से थ्री हो गए थे रोज तो आइए दूसरा जला
[22:26]लीजिए अलावा जलवायु वार्ता इंसान समय सवाल किया शीर्ष आज दिनांक साइन
[22:33]इन ब्लुटूथ दूसरा से पर धंधा फरमाइए अल्लाह तो हर लफ़्ज़ इंसान
[22:41]हर इंसान से नजदीक है कोई भी इंसान हो अल्लाह सीमेंट इंसान
[22:46]का बदला कि नदी के फ़रमाया जब इंसान सजदे में होता है
[22:49]तो सबसे ज्यादा ढूंढ लेता है कि ए पर्सन रुक अमन हल
[22:55]जब इंसान सजदे में होता है तो अल्लाह से सबसे ज्यादा नजदीक
[23:00]देख वह माता है मैं गया तो नजदीक है सचिव क्या मैंने
[23:07]अल्लाह की खातिर सजा के तौर तरीकों के करीब हुआ इसका मतलब
[23:09]है कि मुझे अल्लाह ने तो अपनी मैं अपने प्यार से संडे
[23:14]में चला गया मैं अपने प्यार से समझाएं में चला गया मैंने
[23:18]बाघ पहले से प्लानिंग कि मस्जिद जाऊंगा शुरू करूंगा और शिजुका उठाऊंगा
[23:23]कर्बला पहले तलाश करूंगा उसके बाद जाऊंगा जो खाली जगह होगी वहां
[23:30]पर खड़े होकर मैं अदब व एहतराम से अलग हुए दें सजदे
[23:34]में जाऊंगा मैं बनवाया यह मैं अदरक-लहसुन है जो मुझसे ही अमल
[23:40]मुझे यह मत office-bearers बल्कि लेकिन कोशिश मेरी कामयाबी अल्लाह की इसे
[23:45]कहते हैं काहे ना लूंगी कोशिश हम करेंगे कामयाब अदा करेगा इसे
[23:51]कहते हैं हम सजदे में चले जाते हैं तो तरह की तक
[23:54]वह तो है यह नजदीक हम अपने एक रिश्तेदार से उसके नजदीक
[24:01]होती तो वह में और अपने करीब कर लेता है कि माहे
[24:04]शाबान के प्रमुख धार्मिक बन जाती है कि अगर हम इसमें ऊंचा
[24:08]बांध में इस पहल के तहत में सर्विस मार के तहत में
[24:12]एक रोजा रखते हैं तो हम यह बहुत ज्यादा कर अपनी ताकतों
[24:13]को अपने का अपनी जान पर इस्तेमाल करके हम अदरक नदी हो
[24:19]जाते हैं अगला और बता करके इंसान लगा के अइली हो जाएगा
[24:24]बट वास हैं अ दूसरी मिसाल दे दो चैनों ज्यादा प्राथमिकता न्यू
[24:26]पकड़े या कि पकड़ेंगे बकरा ऐसा कहा जाता है हम कोशिश करें
[24:35]तो हम अपनी कोशिश से अल्लाह के नजदीक होंगे अगर हम कोशिश
[24:37]ना भी करें उससे जितना भी भाग्य है वह अमेज़न नदी के
[24:43]हैं कि वाले जाम से फटी के फरमाया कयामत के दिन इन
[24:50]12 चीजों की बदौलत दुनिया से महेश अलार्म क्लॉक की मजबूत हरियाणा
[24:54]के दिन उसको इज्जत और मत मिलेगी पर जन्नत उसके लिए राजी
[25:02]हो जाएगी है ताकि दूसरी उस समय पर इन्हें दुश्मन तक पहुंच
[25:05]गई कि जो मालिश बांध में रोजा रखेंगे उसके लिए यह स्पंजी
[25:10]लगते हैं रोज कयामत उसे इज्जत मिलेगी यहां किसी को इजाजत मिले
[25:13]तो आप कैसे दूसरा काम कर रहा हूं देखता आप उसको उसका
[25:18]इंतजार करते हुए देखे आपको बखूबी उसका इकरार करने लगते हैं या
[25:21]नहीं यह आपको करके निकल जाते हैं आप इग्नोर करेंगे यह देखिए
[25:26]सब्सक्राइब दे रहा है तो मैं अमरीक सिंह रोड इसमें कुछ है
[25:27]अगर रोज सफेद आपको रिस्पेक्ट दिए जाने लगे उस आलम हर में
[25:34]1589 अपने प्यार से एक रोचक लेने पर छाए इसमें तो यह
[25:39]है कि वह बाजू भरोसा था मेरा तो मैं गुस्सा कैसे रखें
[25:43]तो नहीं साहब आप है साबुन में नियति के मालिक मालिक शाहरुख
[25:45]खान की व्यवहारिक करने के लिए उस पर प्रयोग रोज बुढ़ाती भी
[25:50]है बाजी है वह रोजा रखता हूं इत्यार तेरे पास है तो
[25:55]इसमें बाजू तो कबूल करेगा ही करेगा कि तूने तो अब भज
[25:56]दादी मैं मैंने वही किया और इस माहे शाबान की फजीलत भी
[26:01]मुझे चाहिए तो आप यह समझते अल्फाज लगेगा ना कि अभियान समिति
[26:05]के पास कमी है किसी चीज की इस क्षेत्र लीटर पानी जमा
[26:13]सवा ने जगमाल जनाब स्किन जो ऊंटों को पूर्ण कार्रवाई कर दे
[26:16]और मेरे बेटे हज़रत इमाम मूसा काज़िम मोहम्मद जाकिर उत्पादक पड़े मुक्त
[26:23]मिथिला सलमान खान के बलिया करें तो दिन और रुक जाते हैं
[26:29]ए आर रहमान के बहुत करीबी शादी एडिफिकेशन मेरे रहमान ने कहा
[26:34]कि शव वाहन तुम मेरे दुश्मन के मददगार भ्रमण सूर्य दवा नीति
[26:40]की मददगार होते हुए सपने धमाल भैंस की वृद्धि मैं मैं कैसे
[26:45]खूबसूरत जवान ज्योति को मजबूर हो गया दूंगा उन पर माया तुम
[26:51]अपने ऊंट उसे किराए पर देते हो वृद्धि व श्रीफल सपा ने
[26:57]जमात-उद-दावा जैसे बहुत उठने के बाद से वह किराए पर देगी जैसे
[27:02]अब विशेषज्ञ किराए पर मिलती है है और वह मंसूरी दयनीय नोटों
[27:05]के लिए तिजारत करता था तुम्हारे सर मैं समान तो हमारे दुश्मन
[27:11]के मददगार हो रहे हो बात समझेगा बड़ा मजा नहीं है सब
[27:14]पान तो हमारे दुश्मन के मददगारों हमारा कैसे खत्म अपने होंठों से
[27:17]किराए पर देते हो वह इशारा करता है अब तिजारत कमाल हमारी
[27:22]शादी के खिलाफ मामला बनता है कि जिला गांव पास बहुत समय
[27:28]शरीर को बार-बार सोचिए कि बहन हमें मैसेज सेंड करता है एक
[27:35]मैसेज होता हमारे खिलाफ है हम इसको और अपनों में सेंड करके
[27:38]उसके मददगार हो जाते हैं कि दिखना जाना ज्यादा बढ़ा दो की
[27:44]बजाय जमात प्रमुख के मैसेज को फॉरवर्ड फॉरवर्ड करके उसके मददगार होता
[27:52]है मदद की नाराजगी का इजहार किया सपा ने अपने ना रहेगा
[28:00]बांस ना बजेगी बांसुरी बजा दो [संगीत] कि सलमान जमा शीघ्र माली
[28:10]महेंद्र शर्मा ने फ़रमाया अपने करीबी लोगों को माहे शाबान में रोजे
[28:16]रखने पर आमादा करोड़ भाण का समय अपने करीबी मैं भि है
[28:27]फिर भी है बीवी बच्चे भी हैं शहर भी है बहन भी
[28:33]हैं वाले हैं ए मोहब्बत से प्यार से यह पैगाम उन तक
[28:36]पहुंचा दो महानुभावों से की पद्धति SMS बनाया और उसको मेघनाद यह
[28:45]सब क्या हो रहा है यहां पर नेटवर्क चम्मच गरम जवानी शब्द
[28:52]जो कुछ भी होता है जैसी रिकॉर्ड उडाकर सिलसिला कहां दे देते
[28:55]हैं और वह पूरी दुनिया में एक बस में 41 लाख सपना
[28:59]देख रहे होते हैं कर दो कि जला कर रहा हूं फेसबुक
[29:08]शीघ्र ही कि कोई भी मसाज पाया कि समझ में आया हुआ
[29:09]था इसलिए दोस्तों को डाउनलोड कर दिया फेसबुक पर अब पूरी दुनिया
[29:14]देख रही है कि साहब कराची में शिया जगह-जगह जुलूस वहां पर
[29:17]लगेगी बोलते हैं जरूरत नहीं है कि पुरस्कार होना तुम्हारे समय अपने
[29:25]करीबी लोगों को माह शाहबान में रोजे रखने पर आमादा करो मैंने
[29:28]अर्ज किया इस की फजीलत क्या है फ़रमाया अल्लाह के नबी चर्चा
[29:33]का चांद देखकर तो आपके हुकुम शेख मन आदि यह निविदाकर्ता बहुत
[29:36]बहुत यार के साथ जरूर शेयर बहुत समझ कर कि सपा ने
[29:41]जगमाल ने जब सवाल किया साझेदारी मोहम्मद से फिर माला फरमाइए इस
[29:44]मिशन में फजीलत क्या है आपने फरमाया कि अल्लाह के नबी जब
[29:53]चांद देखते थे मां हिसाब नुमां कहते चांद छुप छुप के जानता
[30:02]माहे शाबान देखते तो आपके हुकुम से एक निंदा करने वाला निर्भर
[30:05]करता है कि ऐलान करने वाला ऐलान करता आप से इससे पर
[30:10]घर से बाहर निकल जाता और जाकर ऐलान करता है ए मदीना
[30:12]मैं रसूले ख़ुदा का नुमाइंदा हूं और उनका फरमान है कि शाहबान
[30:21]मेरा महीना है कि खुदा की रहमत उस पर इस महीने में
[30:28]मेरी मदद करें वह धुंधला निगरानी बहुत याद में अलावा उसकी मदद
[30:32]करें जो इस महीने में अल्लाह उस पर रहमत करें इस महीने
[30:38]में मेरी मदद करें जिससे अल्लाह का न वीजा देने के तुम
[30:40]पर अल्लाह की रहमत वह क्या होगा उसे अल्लाह के नबी कहते
[30:45]और तुम पर अल्लाह की रहमत हो मालूम है क्या होगा वह
[30:50]हमारे यासिर होगा योजना विकसित जाऊंगी हम इस समय चमार होंगे वह
[30:55]नंबर होंगे वह सलमान ए मोहम्मदी होंगे चावल अपने दिला हैंड्स फ्री
[31:01]होंगी दो कि विद्यालय के समीप अधिकतम पर अड्डा कि रहमत उपभोग
[31:05]कि यह नया मैं पहले मदीना मैं अल्लाह के नबी का नुमाइंदा
[31:12]हूं और मिलादुन्नबी का फरमान यह है कि शाहबान मेरा महीने अल्लाह
[31:18]उस पर रहमत करें इस महीने में मेरी मदद करें प्रभु किसी
[31:22]की मदद की जरूरत इसका मददगार अधिक टिप्पणियां व्यापारी हो उसे किसी
[31:26]मदद की ज़रूरत नहीं हम और आपको उस छुट्टियां दे रहे हैं
[31:31]हजरत इंसान को जरूर नाम लेवा है मासूम लहसुन खून को खुशियां
[31:34]दे रहे हैं उन तक प्रधानमंत्री की कहां 14 साल पहले एक
[31:40]बनाने की विधि कनेर कहां यह 1431 जुड़ी में वापिस आसमान में
[31:43]आप लोगों का इस प्रदेश को सुनना पड़ी आपने कई मर्तबा सैनिक
[31:48]रबड़ी आज फिर सुनना इन अभी का पहला मुसलसल है मधुगिरी लगी
[31:55]मौजूद है कि मकबूल अहमद अबरार कैरियर भी मौजूद और अल्लाह के
[31:58]नबी की जानिब से ऐलान करने वाला बेल्ट करें अल्लाह की रहमत
[32:02]उस पर भी इस महीने मेरी मदद करें मदद मांगी अल्लाह के
[32:04]नबी ने मदद मांगी कि में मदद करें मदद करने से उड़ा
[32:14]दिया है मदद करें सम्राज्य का रोजा रखेंगे तो जनक पहुंच रही
[32:18]है खाली रोजगार हो जाएगी समझ में आ रहा है कि अजीत
[32:22]पहुंच गया खाली न भी समझ में आ रहा है पीर पंजाल
[32:27]दोहरा लीजिए यह चौथी मंजिल से अल्लाह के नबी की जानिब से
[32:33]यह दो आफ माहे रमजान माह शाहबान विरोध करने वाले के लिए
[32:35]फजीलत उसकी यह है कि अल्लाह के नबी की दायर की लेकिन
[32:39]आप इस पर रहमत करें तूने रोजा रखकर मेरी मदद की भूमिका
[32:44]अदा की नगरी यह कैसे करें का रोजा रखेंगे तो की पूजा
[32:48]रखें और यह देखिए मैं इसमें बस फ्लिप है लेकिन वक्त अल्लाह
[32:53]के नबी ने हमारी मदद कैसे हो कि मेरी मदद माहे शाबान
[32:55]में रोजा रखने से सलमान पर मानते हैं कि हमारे साझा मिर्च
[33:00]दें कि हमारा कहना ने फ़रमाया जब से मनादिए रसूल ने यह
[33:08]निर्देश दिए है उसके बाद शाहबान का रोजा मुझसे पैदा नहीं हुआ
[33:12]प्रभारी मोहम्मद आरिफ मोहम्मद खान ने फोन कहां है हमारा कहना अच्छी
[33:21]तरह कार कहां है मेघनाद के पैरोकार से मुराद उनके विवाह करने
[33:26]वाला है घाव का शिवराज बनेगी जो कहे कि हमें रोजा रखने
[33:28]कि क्या जरूरत रोज वहां रखे जिसे खाने को ना मिले फिर
[33:32]हम जान के बाद निर्देशन छोड़ देता है इस प्रकार उसे भेजो
[33:37]ताकि मुझे मोहब्बत में ऐसा हो जाए ऐसा दीवाना हो जाए ऐसा
[33:43]दीवाना ऐसा दीवाना हो जाएंगे हसन नसरुल्लाह बन जाए अब दुनिया की
[33:48]सुपर पावर दुनिया दुनिया की अद्भुत सुपर पावर साथ उनके रिश्ते घंटे
[33:53]तय जब खत्म नान हमारा होगा तो हम प्रमेय में शक्ति दिन
[34:03]रातों को नमाज नमाज़ नारी शब्द और इबादत पुजारी के साथ गुजारने
[34:10]वालों और दिन में रोजगार का शो जाने वाला नहीं एक रोलर
[34:15]के सो जाते हैं कि अधिकांश उल्टा मदुगले प्रतिदिन कंटिन्यू दिन भरोसे
[34:23]रहते थे रात भर तमाम शब बहुमूल्य इलेक्ट्रॉनिक इबादत इलाही में और
[34:31]दुश्मन ने 36 दिन के बाद अपने मुंह पर स्याही मलवा दर
[34:34]कहा कि समझ में नहीं आया हसन नसरुल्ला एक है यह दरअसल
[34:40]हजारों है गधा मतलब आगे हर बॉर्डर पर फ्रंट पर हसन नसरुल्लाह
[34:43]उत्तर दूंगा सवाल भेजा मोहम्मद आरिफ मोहम्मद स.अ.
[34:47][संगीत] कि हर बॉर्डर पर फ्रंट पर जहां हमला करने जाति निवास
[34:55]परिसर में उजरा और संरक्षण और इस वक्त एक मशहूर सिंगर शान
[35:01]में गुस्ताखी ना हो जाए उलट समझाने के लिए कह रहा हूं
[35:06]जैसे पुराने व सजाने के लिए एक हलवे की हत्या करता है
[35:07]चाहिए कि तुम अभी इधर मेहल उधर कुंवर गलत के लिए अल्लामा
[35:13]इकबाल के मित्रों कैश विड्रॉल उधर निकली इधर-उधर निकले कुछ रॉथौर मुझे
[35:18]मोहम्मद आरिफ मोहम्मद खान [संगीत] हुआ काजू माला कहना कि ने सलाम
[35:27]की तासीर पैरवी और का मुंह होने का दावेदार है वह मेरे
[35:29]अली के जुमले को चने के जब से मैं अली ने यह
[35:32]सजा स्लीवलेस जानते थे हम तक बताने के लिए पहुंचाने के लिए
[35:38]जूमला का सबसे मैंने मना लीजिए नई जो हुआ हरा यह जब
[35:41]से मैंने बना दिए नबी नबी नबी की जानिब से लाइन करने
[35:46]वाले गाइड सुना तो जब कप चीनी हमें क्या मालूम हम तो
[35:51]सही है पर रखते हैं प्लीज समझिए कि मदीने में जब से
[35:53]मैंने मैंने शाहबान मैं अली इब्ने अबी तालिब ने शाहबान तक कोई
[35:59]रोजा तर्क नहीं किया रोज मुझसे प्रजा नहीं और जब तक जिंदगी
[36:01]का सच राहुल नहीं हो जाता है यह रोजा मुझसे करना होगा
[36:06]भारत ने इसे पढ़ लूं तक नहीं चला फिर कभी मौका मिलेगा
[36:11]टाइम पूरा हो गया तब इशारा कर दीजिएगा नीस फरमाया शाहबानो और
[36:14]हम अजान दो महीनों के रोजे रुष अलग साबुन और रमादान इन
[36:20]दोनों महिलाओं के रोग से तोबा और बख्शिश का मुर्गी में दो
[36:24]है बाबा पर पक्ष बांध पर मतदान तुम जान किसी इसे ढक
[36:31]पहले 10 दिन दूसरे दिन तीसरी तस्वीर रहमत का व्रत और [संगीत]
[36:37]125 का मुद्दा ही रखी रज़ी अल्लाह ताला ने फरमाया कि माहे
[36:45]शाबान और माहे रमज़ान तोबा और बख्शिश यानि रक्षाबंधन में टॉप बात
[36:53]कर ली जाए ताकि रमजान में पक्ष का हल हो जाएगी नहीं
[36:57]पहुंचे सीनियर आई 1953 शाहबान मितवा करें अपने चला है ललसा माहिर
[37:05]जब के लिए भी था कि मोमिन इसे 1 महीने में कम
[37:11]से कम 1 मर्तबा अशरफ-उल-हक पसंद सवा पड़ता है जोर आता है
[37:15]पिज़्ज़ा हट भैया कैसा है इस महीने में ₹1000 का प्रस्ताव ऊपर
[37:21]उद्धव चलता हुआ है इस माह शाहबाद में क्या है अस्सलामु अला
[37:24]हल्दी ला इलाहा इलल्लाहू ही लुटना अनुरक्षित मुजरिम लुट रही है मैं
[37:34]असफल आवाज न्यूनतम बना रिजल्ट असफल दिलाएगा लुट लो कि किसी भी
[37:45]लिए किसी में महीने किसी के लिए किसी मकान गिर पड़ी है
[37:50]जापान के लिए उधर से सवा दो कि अतुबू इलैही अथवा करता
[37:52]हूं जाएगी बात पर अगर आपने फ़रमाया शाहबाद और हम अजान तो
[37:58]अब और मकबरे के निशान नेताओं और रमजान में बख्शिश सॉइल निम्नलिखित
[38:03]अब सपा ने जमा करेंगे नहीं करता आगे बढ़ जाते हैं रिवायत
[38:10]है कि मैं हजरत इमाम हजरत मोहम्मद जब के रोजगार का जिक्र
[38:17]हुआ सब्सक्राइब माय के रोजे रखने की बहुत ज्यादा है इस तरह
[38:25]जिला के त्यौहार की क्या बघवन कि मेरी छड़ी हमारे माहे शाबान
[38:30]में रोजे रखने की बहुत ही ज्यादा फजीलत है हफ्ता के फैंस
[38:37]को मैं यहां पर पढ़ लूं तो मुमकिन है उन अधिकतर प्राथमिक
[38:43]25 प्राथमिक कोई एक ना समझ पाया कहीं और चला जाएगा एक
[38:48]बार इस्लाम ने फ़रमाया महिष बांध में रोज़े रखने की बहुत ज्यादा
[38:55]फल जिला के हत्या के होने ना हक बहाने वाले को भी
[39:00]इन रोगों से फायदा पहुंचता है घृत स्नान हक पल किया वह
[39:08]भी रमजान में रोजे रखे जो मेरे छोटे पैमाने पर माइक उसे
[39:11]फायदा पहुंचा सकते हैं लेकिन एक चीज ध्यान रखिएगा लो कि जिले
[39:18]में रखेगा जोश अपने प्यार से मांस यहां से सिलाई करने से
[39:22]है उसे बहुत सारी चीजों की टॉफी भी नहीं मिलती है कि
[39:27]मिशंस अपने अत्याचार से बहुत सारे काम कर जाता है उसे बहुत
[39:32]सारी ने क्योंकि टॉपिक ही नहीं मिलती है कि यदि कवर है
[39:36]यार बड़ा उनका क्या करूं मौजू में आ रहा है कि वह
[39:40]13 है कि मदीने आया 640 से पहले पृष्ठ पर बाजार में
[39:46]गहराते रिश्तों में क्या-क्या 64 में क्या किया 61 62 63 64
[39:48]64 डिप्रेशन है जो खाने का पर अनुदान एवं शुभ का खाने
[39:53]का वाक्य विन्यास को जरा चुका लूटमार कर चुका उसके बाद आसमान
[40:00]से ने कहा कि मामला तब मेरी कोशिश हो सकती है मैं
[40:03]बिजी रहा हूं दिमाग वाला मेरी कोशिश है सिर्फ याद में बनाया
[40:10]हां अगर इन आमाल को करें तो तेरी वापसी हो जाएगी तो
[40:12]में शामिल बताए हैं कि जज एम में भाग लिया ए साली
[40:19]का मोहरा अपने बाबा अपने भाई अपने चचा के कातिल को अपनी
[40:25]कुर्सियों पर इतना धुंधली अपुन जरिए कर रहे हैं उनको उसको बख्शीश
[40:28]कर रास्ता बता दिया आपने फ़रमाया हम किमामी वक्त है हमारा काम
[40:34]है अब पहुंचाना या अल्लाह की मर्जी है कि उनका हक खुद
[40:37]नौकरी भी नहीं देता क्योंकि नहीं का मत कर देगी राधे श्याम
[40:43]हमारा अरे मोहम्मद अब्बास पहुंची बात पहुं मैं तुम्हें साबुन के रोजा
[40:47]रखने की बहुत ज्यादा फटी लाते अ अगर किसी ने ना यह
[40:49]फ्रिल भी किया और माहे रमज़ान में रोज़े रखे टॉप बातों बातों
[40:55]बातों में उलझाए रख लें तो उसे उत्सव गीत फिर भी नहीं
[41:00]बख्शा है है पुणे नाहक का कत्लेआम मत गए कुल ना करने
[41:07]वाले को भी फायदा पहुंचा सकता है और बचा जा सकता रहे
[41:09]हैं ए आर रहमान के बजाय जब कि अब सिर्फ अजवाइन अगर
[41:17]बैंक करते हैं धमकाने बजाय जवाब नहीं सूझता है नहीं गायब होने
[41:19]की तरफ मुड़ा इसमें इबारत पढ़ी चले गए कुछ तो बताइए हम
[41:25]करें ताकि बजाय जबड़े विजय अब शब्द बाजू पुस्तक की तरफ ले
[41:30]जाता है रक्त समूह साथ बाजू पर का पालन कर देता है
[41:33]समुद्र के लिए फर्क है पर आते हैं मिली ऐसा मजुम वैदिक
[41:38]अंदर जाकर बैठे बैठे हैं स्क्रीन ब्राइटनेस ज्यादा के फर्श पर बैठना
[41:44]गुस्सा और उसका स्पेसिफिक मैं आकर मजलिसे अजा में बैठ जाता हूं
[41:51]तो मेरे लिए मलाइका इस बार करते हैं पॉलिन अभी है पूरे
[41:54]लिए आपके लिए आपके लिए आपको यहां पर जो भी आ जाएगा
[41:59]और ज्यादा पर जो बैठ जाता है लाख रहेगा भेजो प्रवीण बाद
[42:01]अपनी मां फिर में हमारा सिगरेट करेंगे फिर मम्मी महाविद्यालय व पीली
[42:07]शिमला मिर्च का चिन्ह मटर मीना कि मेरे लिए मलाइका जूस दोस्तों
[42:11]कि हां मेरे लिए मलाइका यह सिगरेट पंजेतन में 63 बार करें
[42:16]अगर मैं जिक्र पंजतन और इलायची साथ लेकर चलते मेरे लिए कौन-कौन
[42:20]से पार करेगा और जो कभी तारा बढ़ गई जरा बढ़ गई
[42:25]है क्या वह अंदर से फिर आप सोचते हैं कि अध्यन हम
[42:27]बैठे तो तमाम मनाएंगे इस बार करें मुमकिन उन्हें मनाकर मुसम्मी मुतफ्फिफीन
[42:35]भूमिका योजना किलो इसराफील और फिर बाद वह बढ़ती चली जाती है
[42:38]कहां हो अजीब फट चुके यह सोचकर हक नवाज के बाद ज्यादा
[42:42]जरूर पड़ता है हां मुझे मालूम है मालूम करने वाला होता है
[42:46]यह सोच कर दिया रद्द जरूर पड़ता है और मजे की बात
[42:50]हर नवाज वृद्धि करता यह माइक पर होगी कोई पड़ेगा मुख से
[42:56]कराहता अस्सलाम वालेकुम का याद दिला यह जानते हुए के पितरों से
[42:59]अपने बालों पर वापस मिलने के बाद तीन वादे के लिए एक
[43:04]वादा किया था दुनिया के किसी से में किसी लिए किसी मत
[43:06]कोई भी मेरे हुसैन को सलाम करेगा मैं फिर उसका सलाम मोहम्मद
[43:13]इमाम हुसैन पहुंचाऊंगा कि आप इससे और तक बढ़ जाती है कि
[43:18]मुझे अमल कर रहा था मैं सलेम और एक अच्छा पितृत्व चाहते
[43:20]हैं कि मैं शरीर में जाकर क्यों ना कहूं कि Bigg Boss
[43:23]ने यही तो कहा है कि जो आ जाएगा जब तक पहुंच
[43:29]जाएगा की प्रॉब्लम और ना में तेरे हुसैन की खबरें थीं कि
[43:32]मुझे इजाजत दें मैं उसका हाथ पकड़कर तब से अब तक अनुसार
[43:39]समझ कर लूंगा मैं यहां पर ध्यान रखिए प्रधान सीमा सामान की
[43:43]जेल में एक बड़ी क्षति है कि विशाल बांध अलावा कर्बला मोहल्ला
[43:51]निवासी बरे माई शेयर समझ में आता है कि मजदूरों में कर्बला
[43:58]की विलादत करो है इतना हंसो कि आंख से आंसू निकल पड़े
[44:02]हैं कि टेक्नोलॉजी में जब इंसान रुक रुक कर बोला मालूम है
[44:07]जब इंसान निशान होता है तो बस सलाह नसीब करें कि आप
[44:12]तमाम यहां पर खूब इलाही आमीन कि के कर्बला कर्बला है चले
[44:19]कमाल चाल कि के जिसमें समझदारी का आम आदमी है और मुक्तक
[44:24]सामान भी हैं हर रोज 70 मर्तबा रहे वही समय था जब
[44:31]1000 मंडावा कहा था यहां हर रोज संक्रमण तवा गए थे और
[44:35]सद्दाम शुभ हो कि अधिकतर को तीन से सात या 21 2100
[44:41]मर्तबा डुबोकर अपने का तसव्वुर उबला हुआ अद्भुत तांबा वह इस माह
[44:48]शाहबान में रोजाना सत्र में भाजपा के नए वर्जन में हजार मतलब
[44:51]कहना है इसमें दो हजार एक सौ मर्तबा कहना है यहां पर
[44:57]इसके बाद असफल नदी इलाहाबाद लुट लुटा क्यों लुटा लुटा दूं के
[45:08]बाद वह लाखों रुपयों के इस बाज़ार रहमान रहीम शब्द लिखे हुए
[45:12]आगे पीछे हो गए बाद में यह है कि इस महीने में
[45:23]सवार दूसरे महीनों में 70,000 दबा इसे पार करने के बराबर है
[45:26][संगीत] अगर खाली दबाने से सब्सक्राइब जरुर रात को 12:00 पर शुरू
[45:40]कीजिए फिर भी नहीं हो सकता सब्सक्राइब 70,000 मर्तबा इस व्यापार करता
[45:57]हूं आधे लें अमल के साथ सल्ले अला मोहम्मदीन वा आले मुहम्मद
[46:08]बॉयज जिस बहुत अजीब चीज है शाहबान अल्लाह के नबी का महीना
[46:15]लगे रहते इलाज के लिए माया इस महीने में सड़क सड़क दो
[46:24]दो हो सकता है कि मतलब सी कि तस्वीर हाथ है सड़ता
[46:31]मुखर्जी वंशज वो मुझसे पिछले दो महीने से नहीं मिले चाचाण भूत
[46:34]आया भांजा भांजी को भी अम्मा कि मुझे रिश्तेदार से विरोधी 4
[46:41]6 महीने से नहीं मिले शिफ्ट करने शाम वालेकुम कैसे मिजाज में
[46:45]फ्री रहता है का परिचय है कि इस माहे मुबारक के शासन
[46:49]में फजीलत कि सपा करो कि अगर चेक बांउस वर्मा ही क्यों
[46:59]अधिक खजूर यानि है कि सामने है के पीछे से अच्छे तरीके
[47:06]से मिलेगा है कि ऐसी नमाज का मेरे नसीब कोई फायदा नहीं
[47:08]थी जिसमें दिल में अधूरा भृगु साहिबाने ईमान के लिए मंजूरी के
[47:12]लिए हर महिला के साथ निर्भर कह रहा हूं कि झारखंड उडीसा
[47:14]करते हैं अंदर भरा हो जाहिर पास आकर खड़े हो गए क्या
[47:19]फायदा वह अंदाजा ही नहीं देखे सुंदर देख रहा है में पहुंची
[47:24]बदला तो अंदर दरवाजे पर डिपेंड ढूंढें रोजगार हरेक अब ग्रुप से
[47:29]बाहर निकल कर दोबारा बजे अलार्म बंद हो सकता लेकिन दरवाजे पर
[47:37]मैंने सब्सक्राइब करें कि मैं जा रहा हूं अब अपने माता-पिता में
[47:44]तेरी थी कि मैं यहां किसी का कुछ नहीं लेकर जरा उस
[47:48]दिन हमारा उस वक्त की नमाज टेक्निकल हो जाता है में पिछड़ता
[47:54]कि आदमी पुलिस ने फरमाया कि इस माहे मुबारक शाहबान में चर्चा
[48:00]करेंगे जो आदमी खजूरी क्यों ना हो जाते हैं नतीजा क्या है
[48:03]प्रॉब्लम फरमाते हैं इससे इस सदस्यता करने से खुदा उसके जिस्म पर
[48:09]जहन्नम की आग हराम कर देता है यह कौन है जो अपने
[48:17]इश्तिहार से अपनी मर्जी से अपने आपको जानता हुआ अपने लिए एक
[48:23]ही राह पैदा करें कि अपने जिस्म पर हमेशा के लिए जहन्नम
[48:25]की आग ब्राउन कर लेंगे तो वर्तमान यह है कि अभी किया
[48:30]माफी मांगी फिर कर दिया तो वर्तमान इन्हें गुफा छुपा दिया तो
[48:33]छोड़ दिया तब कमाना यह एक दफा छोड़ दिया तो छोड़ देता
[48:38]वैधानिक रब्बा कि वह मोड़ लिया तो वह अपने आप को जहन्नम
[48:44]की आग से बचाने कब्ज है गिरी ने अमल माहे मुबारक पेशाब
[48:48]आने के बजाय जरूरत संस्थानों में आ सकते कि मुतालिक भाग्य हैं
[48:57]वह इसमें सप्ताह दिया जाए की प्रतिमा मिर्च गैरे मोहम्मदी में जहां
[49:01]पर स्वयं मोहम्मद अजहरुद्दीन पर जहां से महाराज आप के रोजे के
[49:10]बारे में पूछा तो आप इस्लाम ने फ़रमाया कि तुम शहबान के
[49:14]रोजे से क्यों आप इन्हें सवाल किया था मगर अब क्रॉच के
[49:20]लिए अपने प्रियतम शहबान विरोध से सवाल किया पर ध्यान देने योग्य
[49:26]फरमाइए माहे रजब के माहिर जब के माहे रजब के रोज़े की
[49:28]फज़ीलत अभिनेता ने फरमाया कि तुम श्याम बनके रोज से क्यों काफी
[49:34]लोग रविदास की फ़रज़ंदे ने भी शाहरुख खान की एक रोजा का
[49:37]जवाब किस कदर है फ़रमाया पर समुदायों और वो मासूम अल्लाह कसम
[49:45]खाने पुनर्नवा सॉन्ग कसम खुदा इसका हैरत सवा कप दही मींस है
[49:50]कि दुनिया में रहते मारा प्रभारी गोविंद हरि जप नवाबी पहलू हैं
[49:57]कि अब एवं पुरुष व सलाम मैजिक बल्ला थामे फरमा रहे हैं
[50:03]हु इज द डायरेक्टर 31 वां भाग 165 31वां कलीम कलीम हिसार
[50:09]निर्गत इन हिस लास्ट में सबसे पहले इंसान जाता है फिर मत
[50:14]दो बात है इसमें वर्षीय सैम की जो आपने यहां पर 10:00
[50:18]पर पकने के बाद वसीयत की हम तमाम को याद कि हम
[50:23]तमाम को मुझे याद कि आपको आप एक याद है उस खुशी
[50:27]है ठीक है कर दो को ज्यादा खुद और उसके बाद जो
[50:35]यह छोटे-छोटे जुमलों में पूरी पूरी 31वें नंबर पर वाला कौन है
[50:41]कि अगर का मामला दुनिया बुरी है आपने कि वे शर्मा अधिवक्ता
[50:47]मुनिया रे मुनिया के मुताबिक दुनिया की मदद करने वाली दुनिया की
[50:52]शिकायत करो हम तुम्हारे साथ हैं जय हो जय हो मैं तुम्हें
[50:59]हक नहीं है कि तुम दुनिया की शिकायत करो उससे साफ है
[51:03]कि तुम्हारी तय करें कि उसने अपना सब कुछ छोड़कर बयान करती
[51:05]है तो फिर उसे दोगे जा रहे हो तो गलती तुम्हारी है
[51:09]उसकी नहीं आ एक दिन हम इसमें आगे चले थे जूमला कहा
[51:12]तुम्हें क्या मालूम दुनिया क्या है दुनिया वह मिनट के लिए अल्लाह
[51:18]से तिजारत करने का मुद्दा रह जाए अब हम इन्हें जानते हो
[51:23]वह मिनियन रहते हैं 10,000 करता है मेहनत वाला है आज के
[51:26]इस आदेश को पढ़ने के बाद फिर वह जूमला ताजा हुआ यह
[51:31]मोमिन दुनिया में कैसे जा सकता है माहे शाबान में एक रोजा
[51:33]रखकर अल्लाह के नबी के खातिर राखी पर्व तीर कि चलना चाहिए
[51:40]बिल भरना है बॉर्डर बनना आसान नहीं है मगर कितना अजीब है
[51:46]वहां पर जो जैसे नेता ने कहा कि वह मुतअस्सिर हो जाए
[51:48]मुझसे मैं हाजिर थे कुछ तहसील मुझे उनको तुलसी के जिसमें ए
[51:54]बूढ़ा जौहरी से फिल्म को समझे पढ़े और समझे पहचाना कि नहीं
[52:00]बस जो अपनी समझ है उसको फौजी मासूम से मना कर दिया
[52:05]नहीं कोई फोन बनना चाहता है यानी जन्नत का मालिक दुनिया में
[52:08]अपने सांस लेती हुई जिंदगी में इश्तिहार ज़िंदगी में कुछ जनक हमारी
[52:15]पूंछा जाता है मेरे मन में पसंद जमकर टॉप कसम बगदाणा माहे
[52:17]शाबान में रोजे का अज्र व सवाब बहिश्त है जन्नत है विशेषज्ञ
[52:24]भी इस महाकाव्य कि रमन क्या है अदरक को भरोसा हो रहा
[52:31]था पिमल क्या है फ़रमाया श्रद्धा और इससे वह गांव के पिछवाडे
[52:36]मुबारक इस आदमी सदाबहार अभिनेत्री ने हाल है कि इस जगह भारतीय
[52:42]जन संघ से आपने सब्सक्राइब करना ना भूलें को सबसे मतलब यह
[52:51]नहीं कि खाना खा रहे थे Tubelight दरमियां संभोग करने की अनुशंसा
[52:54]की है नहीं तो आप उसका नथिंग सब आकर बैठा सफलता इसे
[52:58]कहते हैं कि अपने प्यार से आगे बढ़कर जिसको दिल ना चाह
[53:04]रहा वह अगले रहेगी अभी जा के लिए एक वसीयत एक नसीहत
[53:07]दी जिससे पिछले 3468 पिछले साल दो साल जतिन साथ नहीं मिलना
[53:12]है है कि हम जाते हैं तो वह सलाम का जवाब नहीं
[53:15]देते हैं हम जाते हैं तो हमें इग्नोर करते हैं या अरे
[53:19]उनसे क्या मिलने आउंगी तो बस अ कि रायपुर जा सकता दीजिए
[53:26]जाकर उसे फलों मोबाइल में गिरफ्तार कर लीजिए बहुत अच्छा लेंगे पैसेंजर
[53:29]है खैरियत है बस याद आई टीम ने कहां से विजय को
[53:34]राजी हो गई अच्छा बहुत अच्छा कि हम के गुजारे थे बात
[53:38]करें लेकिन मौका नहीं मिल रहा था कुछ उधर से कुच दैर
[53:41]से जब देखकर राज योग कि हमने बताया की उस दिन उस
[53:46]हिसाब उनकी वसीयत में के लिए चुना था कि सत्ता करो तो
[53:50]हमने सदा पतन अपनी तरफ से एक ने कमल सबसे ज़ोर आदमी
[53:51]की संख्या पिछले सप्ताह बाद जब इसे ट्राई बता दिए के अनुसार
[53:58]भैया दृष्टि से देखने के कहां से मिल बैठे हो में जन्नत
[54:02]के मालिक बनते हैं जन्नत के शराब भेजो मोहम्मद आरिफ मोहम्मद पर
[54:07]आ [संगीत] कि पर्दे का क्या जवाब है फरमाया जो शक्ष माहे
[54:13]शाबान में सकता करें बस खुदा उस अगले में इस तरह का
[54:19]इजाफा करता रहेगा जैसे तुम लोग ऊंटनी के बच्चे को पालकर अभी
[54:26]मुझे गुस्सा और बना देते हो कि पूंजी का बच्चा इतना चाहते
[54:28]जो मुकुट हो जाता है तो कितना अद्भुत जानवर कैसा जबरदस्त अजीम
[54:35]उत्साह मूड बना देते हो सर आत्मक मुकम्मल हो जाएगी मुझे बता
[54:37]दीजिएगा किताब सामने हो तो फिर मुझे वर्क की परवाह और आप
[54:41]भी आप भी लोग चाहते हो तो मशरूफ है बहुत ज्यादा हो
[54:43]जाएगा व होने लगे तो मुझे बता जगह खत्म करो चलाओ भेजो
[54:48]मोहम्मद आरिफ मोहम्मद खान के आगरा शहर की सलाह होगी यह सब
[54:53]जगह तमाम हो गया कि लांबा मलयालम हम दीवाली मंजिल और रोजगार
[55:03]मुझे भी और मेरे अलार्म्स को भी और और आप मेरे को
[55:12]मेरे को और मेरे हम तीनों साथियों को देख रहे हैं जानता
[55:19]हूं कि की कोशिश में वर्षों पर इतनी अच्छी खुदा की कसम
[55:25]वीडियो के लिए सब्सक्राइब करें हमारे तक पहुंच गई इससे पहले कि
[55:35]हम यहां बैठकर खुली कैसे हो कि अरे राधा जी मंदिर कहां
[55:41]के लिए यह में मिलता है कभी सर्द रात में अपराध के
[55:45]लिए तालिबान की हर जुम्मे रात को मैं दो रकअत नमाज़ पढ़े
[55:53]कि हर रकत में सूरज हम के बांध सौ मर्तबा सुरेश प्राइस
[55:57]कर दो 140 वर्तमान सुरेश लाश 3 से साढ़े तीन वीक में
[56:03]कम होती है 500 गज याददाश्त इतनी देर में तो आना चाहिए
[56:08]के साथ और लाइफ साढ़े नौ मिनट में जाना चाहिए कि सौरभ
[56:16]सागर शर्मा सुरेश शुभे इलायची में खड़े होकर इसमें लखनऊ में लुटाए
[56:22]करते रहेंगे तो कुछ जाएगा नहीं आएगा ना कि अगर हमें यह
[56:29]मालूम हो जाए के साथ आज के दर्द के बाद 5 मिनट
[56:32]के बाद आशिमा शर्मा दरवाजे पर इस बार करें वारिसों को सौंप
[56:33]दिए हैं जो कि भरी रहें मस्जिद हैंडफ्री अब जेल मालूम हो
[56:41]गया कि महिषा बार मिक्स अध्ययन से यह सब कुच मिलता हम
[56:43]जन्नत के मालिक बन जाते हैं तो कैसा खुश हो गया दिल
[56:49]जो पिज़्ज़ा बर्गर भी मालूम हो जाए कि यह दो यह हर
[56:52]रोज मेरा तो दो रकअत नमाज में सुन रे हम्म के बाद
[56:57]हरकत में सिर्फ के बाद सौ मर्तबा सुरेश शाह रहना है और
[57:01]उसके बाद सौ मर्तबा दुरुद शरीफ पढ़ना है ताकि उदाणी क्यों करें
[57:09]मेरी मर्जी मेरा काम तो यह मेहमान पर दूर करने का बना
[57:17]जिसमें ताकि इसका नतीजा क्या होगा इसका नतीजा यह होगा कि खुदा
[57:21]दिनों में उसकी हर ख्वाहिश पूरी करने में कि हर ने खासियत
[57:28]तस्वीर नहीं कर सकता वह तमाम कि प्रज्ञा नुस्खा जात में हर
[57:36]एक ही एक-एक आ जाती है सबके दिल में सबसे लगी सबसे
[57:38]जल्दी आ यह फिल्म में और निशान जरूर जाए मौजूद हैं जिन्हें
[57:45]गद्रे के मालिक सबला में मत ले इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम पर बैठकर
[57:51]शैलेश कुमार नेहरा को उनके लाल कपूर सहित कौन ज्यादा दाढ़ी कौन
[58:01]ज्यादा नहीं आता है मैं ममता की मांग पर बैठकर इस तरफ
[58:04]लेना है तो नजर आएंगी जो सब्सक्राइब कीजिए और मैं वहां बैठकर
[58:18]हुसैन की मां और बहन को से शुभेंदु चाहिए सही लगी है
[58:28]अब हम दिला अल्वी जानने समझने की वैज्ञानिक पद्धति आधे से [संगीत]
[58:38]अधिक की राशि से हमारे इस विधेयक को अपने आप को और
[58:50]उसके बाद में और अब हमारे पास वर्मा राजेश [संगीत] वर्मा मालिक
[59:09]ने हमें बेच दिया कि हम इस वक्त को 12 हादसों को
[59:15]रख दें इस वक्त में तेरी बातें करने पर लगाकर हमें यह
[59:20]औकात माहे शाबान के अंदर दिनों में मेरा वजन के दिलों में
[59:23]और आइंदा सालों में इन बुजुर्गों इन सफेद विश्नोई नौजवानों इन जवानों
[59:28]को हिसार में और अभिनव मुकुंद सिंह के साए में अजीम खरीद
[59:34]कि अगर मुबारक के अधीन करीब तरह की हवा के दरमियान बैठकर
[59:41]दौरान और उतारने की तौफीक अता फरमाएं जो वाले दिन याद है
[59:47]उनकी उम्र को रानी वर्मा इनको किसी का मोहताज ना वर्मा जो
[59:49]दुनियां से ज्यादा जुदा हो गए उनके दरजाट बुलंद शर्मा जवारे मौजूदगी
[59:56]में जगह अता फरमा जो मम्मी शहद में दुनिया की किसी भी
[59:58]स्थिति में बहुत बढ़िया दें बहन की बहुत मुश्किल है बहन उठी
[60:01]के पास शिक्षा या कराची से Bigg Boss अपराधी यह कहकर पॉसिबल
[60:08]कर ले जाए गए कि कि फेशियल मारो लात रुपया मिलेगा यहां
[60:15]तक की बात हुई है श्री राधे जाएगा और वहां जी भर
[60:20]के पियो को आर्मी जला दिया गया है शुकर मस्जिद में नमाज़
[60:23]पढ़ते हुए बिल्कुल वह कराची में बम ब्लास्ट मित्तल गए हमारे चैनल
[60:34]को सब्सक्राइब करें [संगीत] हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूलें और
[60:50]जो कोई किसी भी मकान पर किसी दुश्मन है तो दुश्मन ना
[60:54]शर्मा को सबस्क्राइब [संगीत] करना न भूलें [संगीत] वसुंधरा जी और अनलॉक
[61:21]ओहम न उम्र भले रख यार मोहेब नुकसान है ए सनम [संगीत]
[61:33]ओं शब्द लूप वाला ओं ॐ ॐ [संगीत] ए पियस हॉप्स है
[61:48]सो नार्मल फूल फीडबैक उन्होंने सॉन्ग है कि मलेरिया हुआ था झाला
[62:09]श्री राम मदद लुई राम हथौद पुनः अरे भाई क्या सवाल ओम
[62:27]लक्ष्मण गांव वासियों को सभी बीमों ओम ओम
0 تعليقات
sort ترتيب حسب
- أعلى تعليقات
- أحدث تعليقات
التالي
2 المشاهدات · 25/05/25
6 المشاهدات · 18/05/05
6 المشاهدات · 19/07/25
7 المشاهدات · 24/03/17
12 المشاهدات · 24/02/11
6 المشاهدات · 24/02/26
10 المشاهدات · 18/11/02
9 المشاهدات · 24/06/25
