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Hazrat Ali a.s or Tanhai | H.I. Mujahid Hussain Damani
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Record date: 25 April 2021 - علی اور تنہائی
AL-Mehdi Educational Society proudly presents new Executive Refresher Course for the year 2021 under the supervision of specialist Ulema and Scholars who will deliver though provoking lectures Every Weekend.
These video lectures are presented by aLmehdi educational society, Karachi for our youth.
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Transcript
[0:00]झाल कि हाउस विल अर्न हिस अमिराली में एमिनेम शुंठी [संगीत] कि
[0:24]बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम 100 ग्राम उबली हुई तब कल तू भले ही उन अब
[0:36]है हेलो हाउ उच्च विद्यालय समिति नई दिल्ली में मिनट शिकायत ऑनलाइन
[0:45]व जिम कि बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम अलहम दो लिललाह है रब्बल आलमीन अलहम दो
[0:59]लिललाह हिल नदी फ्लू तो देव एक होल अब सौर व हुआ
[1:02]युद्ध बिल्कुल अब सौर अलल नबी ही रुद्र आदित्य व लुट विशाल
[1:14]गुफा है में प्रवेश काले तिल मुश्किल है स्वाद के अनुसार व्यक्ति
[1:24]अबुल कासिम ने मोहम्मद uma Shree लो हनुमान कि सल्लल्लाहू अलैही वा
[1:36]अला आले बहते तो यह भी न तो हुई एनल मासूम मीनल
[1:44]मजलूमीन आल्मंड अजनबी नल ममता कभी नल में अमीन अल मदीना मुनव्वरा
[1:50]हो उन्हें ओरिसा वक्त अहम तत्व मीडिया व लाइनर तु दौरान अधीन
[2:07]मीनल जैन िलख यौमिद्दीन वृषाली शुध्दि वयस्क लिए अमृत वह लुक तमिल
[2:15]शनि यह क्वालिटी अल्लाहूम्मा सल्ले अला मोहम्मदीन वा आले मोहम्मद लेवल यह
[2:24]लवर हिस्सा पिछला हिस्सा है कि हूं वहां से जाऊं वकायदा हूं
[2:38]बना सेवा व जाली लव आईना हफ्ता तो उसके नहीं हुआ वर्धक
[2:41]दवा व तुम मत यह हूं पी हाथ अभिलाष लव मा सिलेक्ट
[2:51]मम्मा आज वाले अल्लाह हू अल्लाह कि लानत सीता फतेह सिंह अपना
[3:04]कद लंबा हो तब तक मस्जिद बिस्मिल्लाह रहमान रहीम व बना तक
[3:09]अब 9th समीर अली मोला अली सलाम तो फिर बल्कि 30 मिन
[3:29]अधिक है कि कौन सा महीने के राम की मृत्यु का मौज़ू
[3:39]अली और तन्हाई है है लेकिन इस मौज ऊपर शुरू करने से
[3:48]पहले 379 बातें भी कि यहां मौजूद हैं 12 मना सकते हैं
[3:54]खुद अली इब्ने अबी तालिब अलैहिस सलाम अस्सलाम कैसे बारिश है 20119
[3:58]बाद अली वालों के दबाव से है कि को पहली बना सकती
[4:05]है कि रमजान मुबारक का महीना है 12 रमजान-उल-मुबारक है कि खुदाई
[4:09]सावधानियां में वसूले अकरम मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल लाहो अलैहे वसल्लम ने है
[4:19]मौला अली अलैहिस्सलाम से हिसाब करते हुए फरमाते हैं अली यह हम
[4:25]जान तुम्हारा महीना है है क्योंकि इस महीने में तुम्हारी शहादत वाकर
[4:31]होगी कि मैं तुझ पर यह महीना अली इब्ने अबी तालिब अलैहिस्सलाम
[4:36]से मंसूब है हैं तो इस महीने में ज्यादा से ज्यादा हमें
[4:41]अली इब्ने अबी तालिब अलैहिमुस्सलाम के प्रोग्राम इन पर अमल करने की
[4:50]कोशिश करनी चाहिए दूसरी मुनासिबत खुदा रमजान में रोजे मुलाकात है यानी
[4:53]वह यह देर यह वह दिन है जिस दिन वसूल अकरम सल्लल्लाहो
[4:58]अलैहे वसल्लम ने फ्लैश लाइट्स मार्शल यादव महज मौज-मस्ती महदी अलैहिस्सलाम को
[5:06]अपना भाई करवा दिया था अपना ख्याल दिया था यह वह दिन
[5:13]था कि जिस दिन जब वसूलने अनुसार को महजबीन के दरमियान और
[5:16]महजबीन कौन सा के दिन तक सीमित कर दिया कि कौन किसका
[5:22]भाई है है तो उस वक्त मौला अली अलैहिस्सलाम का ऐलान नहीं
[5:24]किया कि वह किस के भाई अली इब्ने अबी तालिब ने कहा
[5:28]कि है उसको लल्ला आपने मेरे बारे में नहीं बताया मैं उसका
[5:31]भाई हूं हैं दरअसल अल्लाह वाले वसल्लम ने फरमाया कि है अगली
[5:37]की अंताक्षरी फिर दुनिया व खिलाफ हेरा गैली तुम दुनिया में भी
[5:43]मेरे भाइयों खेत में विघ्न कि लाइफ मार्श महिला डॉक्टर मोहम्मद वाले
[5:51]मुहम्मद कबीर धर्मदास अली अली वालों के प्रभाव से है है क्योंकि
[6:02]आज 25 एप्रिल है हैं तो आज से कई सालों पहले को
[6:07]बुजुर्ग को दूसरे के यहां पर सवा के लिए जमा हुए हैं
[6:08]और इंशाल्लाह हम भी उसे सफलता करेंगे वह हमसे साझा करेंगे यह
[6:13]बच्चों से बच्चों को बताने के लिए उन्हें तो मालूम है बच्चों
[6:16]को बताने के लिए 25 एप्रूवल 1980 में इंक़िलाब के एक साल
[6:23]के बाद 1978 के अलावा आता है और 1980 के अंदर कि
[6:28]अमेरिका के एंबेसी के अंतर जासूसों को कि दीवान के नौजवान सुलभ
[6:35]पकड़ लेते हैं और व्यवस्था कर लेते हैं खूब 25th अप्रैल 1980
[6:42]को में जिमी कार्टर अमेरिका का सदैव था वह एक मंसूबा बनाता
[6:47]है प्लैन बनाता है और इस प्लान के तहत चंद्र हेलीकॉप्टर मोचन
[6:51]जहाजों को बेचता है चीन के एक शहर सब बस में जो
[6:55]सहवास था कि वहां से यह उपवास करें और जाकर तहत वाहन
[7:01]पर हमला करके इन जलगांव मालियों को आजाद करें थे कुरियन सुविधा
[7:07]और बहुत बेहतरीन तरीके से प्लानिंग की गई थी अ है लेकिन
[7:11]जैसे कि मशहूर जुमला है कि द्वीप लेंथ बढ़ गए डिसाइड्स के
[7:15]इंसान प्लैन करता है लेकिन फैसला खुद यंत्र भोपाल का होता है
[7:18]तो खूब मौजूद भी अली और तन्हाई है उस जमाने में चीन
[7:23]को तन्हा छोड़ दिया गया था एक शादी है तब से भी
[7:26]पाबंदी लगा दी गई थी मां शेयर की है तब से भी
[7:30]पाबंदी लगा दी गई थी लेकिन उस वक्त भी खुदा ने मदद
[7:34]की ऐसे मदद की यह सब बस के अंदर हेलीकॉप्टर और जहाज
[7:37]आपस में टकरा जाते हैं और उद्यमिता व्रत और हवा को वसीला
[7:44]बनाता है बहाना बनाता है कि खुद इन पायलटों की आंखों के
[7:47]अंदर यह मिट्टी और वह चली जाती है और इस तरीके से
[7:50]हालात होते हैं कि कयामत के लिए निशान है अब क़यामत तक
[7:54]फैले निशानेबाज बन जाते हैं कि उसके बाद जिमी कार्टर कहती है
[8:03]कि थे पावर बॉस वेदास बट गौतम बोस बीच खूनी कि ताकत
[8:06]हमारे साथी लेकिन खुद झाल अल्लाह ताला को मैंने के साथ तो
[8:14]खूब जब इंसान को महासभा तन्हा छोड़ देता है लेकिन अगर वह
[8:17]खुदा की राह में निकला हुआ है तो खुदाओं से तनख्वाह नहीं
[8:23]छोड़ता था को खूब तू का मोह लिया है तनहाई है इस
[8:25]मौजूद को समझने के लिए हमें सबसे पहले यह समझना पड़ेगा कि
[8:30]खुद अली क्या है और फिर उसके बाद हम नहीं समझेंगे कि
[8:36]उनकी तन्हाई क्या है कि हम अली को कितना जानते हैं कि
[8:40]अगर मैं वहां से अल्पांश में कहूं तो बाल सफेद अली को
[8:45]शिनाख्ती कार्ड किया तक जानते हैं अली इब्ने अबी तालिब का नाम
[8:48]क्या था अली था इनकी वार्ता का नाम क्या था पांचवा अभिनय
[8:52]है तथा इनके वाले का नाम क्या था अबू तालिब था कहां
[8:57]पर पैदाइश भी तारीफ है पैदाइश क्या है खाने का मन में
[8:58]पैदा हुए तेरा गजब तारीख को मिला देते हैं अब जो कि
[9:02]इससे ज्यादा नहीं जानते यह इतना यह जितना इंसान किसी के बारे
[9:07]में शिनाख्ती कार्ड को पढ़ लें तो इतना उसके बारे में जान
[9:09]लेगा बाद दोगे इससे बढ़कर जानते हैं वह यह भी जानते कि
[9:14]दावत हंसी है कि अंदर है अल्लाह के रसूल ने अली इब्ने
[9:19]अबी तालिब का जाने चीनी के लिए इंतखाब किया था को विश
[9:21]से बढ़कर यह जानते हैं कि जंग-ए-बदर के अंदर अली इब्ने अबी
[9:26]तालिब अपने उत्पाद को बबली फेसबुक को जन्म वाशरी किया था में
[9:29]जंगे वहद के अंदर मौला अली अलैहिस्सलाम के लिए आसमान से तलवार
[9:35]आई थी आवाज आई थी लापता इला आली लहर फाइल राहुल प्रकार
[9:37]जंगे खंदक केंद्र मौला अली अलैहिस्सलाम ने आप हमारे बिना ध्वज को
[9:45]पछाड़ दिया था और उसे जान uma Shree किया था जंगे खेबर
[9:49]के अंदर मैं हक मौला अली अलैहिस्सलाम ने जहन्नुमवासियों किया था तो
[9:54]यहां तक इंसान जानता है इससे बढ़कर नहीं जानता बाद अपराधें जो
[10:00]कि इससे बढ़कर जानते मौला अली अलैहिस्सलाम के मौजूदा थोक एवं आपके
[10:05]बारे में में है कि मौला अली अलैहिस्सलाम जब यह बारे में
[10:08]थे तो उन्होंने अड्डे को हाथ पकड़ कर उसे मार दिया पुलिस
[10:13]से बढ़कर यह जानते हैं कि मत समझो नमाज में होते थे
[10:18]तो नमाज के अंदर है उनके पैरों में से तीन निकाल जाता
[10:19]था उन्हें मालूम नहीं होता था लेकिन यह सब मालूम माता घर
[10:25]से के बहुत अहमियत कि हमें हैं इनका हमारी फैमिली जिंदगी में
[10:29]कि क्या वह है क्या कहते इन सब मालूम आपको हम अपनी
[10:34]फैमिली जिंदगी के अंदर किस कदर अपना सकते हैं नहीं है जाने
[10:38]की हामी इस हद तक अली इब्ने अबी तालिब तन्हा है हमारे
[10:40]दरमियां इस हद तक पस अली इब्ने अबी तालिब अकेले हैं हमारे
[10:45]हम नहीं जानते अली इब्ने अबी तालिब की नमाज कैसी थी तो
[10:50]हम नहीं जानते अली इब्ने अबी तालिब का गुस्सा कैसा था हम
[10:54]नहीं जानते अली इब्ने अबी तालिब अपने पड़ोसियों के साथ कैसे जिंदगी
[10:57]गुजारते थे हम नहीं जानते अली इब्ने अबी तालिब जब रात की
[11:05]तारीकी में जाया करते थे और चेहरा में जाकर कि वे मोहम्मद
[11:11]वाले मुहम्मद सल बाद लव मार्शल यह लो मम्मा हौले से मैं
[11:19]सही हूं कि अगले दो कि अल्लाह माशा अल्लाह अल्लाह महंमद वाले
[11:27]मुहम्मद स को खूब हम अली इब्ने अबी तालिब अलैहिस्सलाम के बारे
[11:35]में इतना जानते हैं लेकिन उनकी सी व्रत की जो बास पोशीदा
[11:42]व हैं उनके बारे में नहीं जानते हैं कि उनका सुलूक अपने
[11:45]दोस्तों के साथ कैसा था उनका सुलूक अपनी ब्याज के साथ कैसा
[11:50]था उनका सुलूक अपनी खनिजों के साथ कैसा था उनका सुलूक अपने
[11:53]गुलामों के साथ कैसा था उनका शुरू अपने साथ के साथ कैसा
[11:57]था जब वह कैंसर हंसना देते थे तो कैसे कंसोलेशन देते थे
[12:00]खूब आज तक हमें इस बारे में नहीं बताया गया इसे दबा
[12:02]सलीम ने भी ताले अब तक है मैं सिर्फ अली की मोहब्बत
[12:08]अगर शैली की मोहब्बत बहुत अहमियत है और बस बस जरूरी है
[12:10]लेकिन मोहब्बत लेकिन इतना काफी नहीं है क्योंकि अनुसार भी अली से
[12:17]मोहब्बत का दावा करते थे वाली को खुदा मानते थे और अली
[12:22]से मोहब्बत का दावा करते थे और कहते थे अली हमें आपसे
[12:24]प्यार है हमें आपसे मोहब्बत है लेकिन मौला ने क्या कहा बिलावल
[12:29]अनुसार की जेल नंबर 25 के अंदर कि यह डिश मौजूद है
[12:34]कि जब चंद उसे भी आए तो वहां कई मौला से कहा
[12:37]कि मौला हम आपको खुदा मानते हैं तो मौलिक एवं ही के
[12:42]लिए खतरनाक हो गए अगर अपने होंठों कर कहा कि इस अकीदे
[12:44]से फिर जाओ कहा कि नहीं हमने आपके अंदर कमालात को देखा
[12:51]है खूबियों को देखा है तो मलाई निकालकर खूब मुझसे कई गुना
[12:54]बढ़ते ख़ूबियों कमालात मेरे खुदा में इसकी मैं इबादत करता हूं ताकि
[13:00]नहीं हम फिर भी आपको खुदा मानेंगे इमाम ने तीसरी दफा का
[13:03]कि के अपने हृदय से फिर जाओ नहीं तो तुम्हारा खुदा तुम्हें
[13:10]सजा देगा आ वो कहने लगे कि नहीं हमने आपको देखा है
[13:15]वह तमाम से पास जो खुदा में होती है वह आप में
[13:16]मॉल आने कंबल को खत्म किया संभल जाओ जमीन में गड्ढा खोद
[13:22]तो चंद लकड़ियां लेकर आओ इनको आग लगा और लकड़ियों को इस
[13:26]घड़ी है मैं डाल दो मैं जब घर है में आग रोशन
[13:31]हो गई तो मॉल आने इन उपायों से कहा कि मैं अभी
[13:35]तुम्हारे पास वक्त है अपने हृदय से फिर जाओ और मुझे खुदा
[13:39]ना मानो कहा कि नहीं मौला हम आपसे बहुत मोहब्बत करते हैं
[13:42]हम आपसे बहुत प्यार करते हैं हम आपसे बहुत प्यार करते हैं
[13:47]आज हम आपको खुदा भी मानते हैं हम इस अकीदे से नहीं
[13:51]करेंगे तो मौला ने कहा कि फिर तैयार हो जाओ खुद तुम्हारा
[13:57]खुदा तुम्हें सजा देगा कमबैक हुकुम गया इन सब कॉल पकड़ो और
[14:00]इन सबको इस घड़े के अंदर चला दो कि इन सबको पकड़ा
[14:05]गया घड़े के अंदर चलाया गया ऑफिस मौला ने दुआ की खुदाया
[14:10]तू जानता है क्या अली इब्ने अबी तालिब ने तेरे फरमान पर
[14:13]अमल किया है तो खूब से मोहब्बत काफी नहीं है मोहब्बत मार्फत
[14:17]के साथ हो वह है मैं इसीलिए रसूल सल्लल्लाहो वाले वसल्लम की
[14:25]हदीस है सलवार पड़े मोहम्मद वाली ममता जो अपने जमाने के से
[14:48]मोहब्बत करता हूं जो अपने ज़माने के की उसने खूब तारीफ की
[14:54]साथ भी यही हुआ कि की मांग की थी कि अली अलैहिस्सलाम
[15:02]को तन्हा छोड़ दिया तो खूब इस तन्हाई को समझते हैं यह
[15:07]तन्हाई किस तरह की तन्हाई थी अली इब्ने अबी तालिब की तन्हाई
[15:09]तीन की संगीत कि एक तन्हाई खूब वह अली इब्ने अबी तालिब
[15:14]जिसके बारे में गदीर के अंदर यह वाकया पेश आता है कि
[15:20]124000 अशरफ अली इब्ने अबी तालिब के हाथ पर बहस करते हैं
[15:26]सब आते हैं और आकर अली इब्ने अबी तालिब को मक्खन मक्खन
[15:28]कहते हैं वह यह 124000 साहब वसूल के वफा के बाद कहां
[15:35]चले जाते हैं यह सब अली को करना कैसे छोड़ देते हैं
[15:40]124000 अच्छा अब यह कैसे अली को तन्हा छोड़ देते हैं तो
[15:42]खूब यह तन्हाई कि जोली की शुरू होती है वह वसूल की
[15:50]वफ़ा के बाद से लेकर 25 साल का अवसर आए जब तक
[15:51]अली इब्ने अबी तालिब खामोश रहते हैं कि इसकी चतुर्भुज बहुत है
[15:56]जिन बोझ के बिना पहली अपने पिता हम खामोश रहते हैं और
[15:59]सहवाग में चले जाते चेहरा में जाकर जोकु है उस कुएं में
[16:05]अली इब्ने अबी तालिब अपना मूड डालते हैं और पुणे से बातें
[16:10]करते हैं और जांघों कतार गिरिया करते हैं और चीख फैब्रिक तू
[16:13]करते हैं कि मेरी कोई सुनने वाला नहीं है जब खूब यह
[16:18]तो अलग बात है कि कोई मुझे सलाम नहीं करता जब मैं
[16:21]किसी को सलाम करता हूं तो कोई मेरे सलाम का जवाब भी
[16:24]नहीं देता था कि यह अली इब्ने अबी तालिब तक है 25
[16:29]साल के विषय में इसकी क्या बहुत है जिन्हें जो आपके बिना
[16:31]पहले अपने विद्यालय 25 साल के अक्षय के अंदर तन्हाई जाते हैं
[16:38]पहली है लोगों की दुनियां परस्ती और उबले रियासत रियासत की मोहब्बत
[16:43]दुनिया की मोहब्बत वाले बढ़ जाती है पैसे क्यों माल मौजूदा हालत
[16:47]की मोहब्बत काले बाल जाती है अली इब्ने अबी तालिब को तन्हा
[16:51]छोड़ देती है दूसरी वजह से मैं हूं मैं पॉइंट की सूरत
[16:56]में गहरा होता है कि आप इससे ज्यादा से ज्यादा इन मामला
[16:58]को खोल सके थे कि मुसलमानों की कसीर तादाद का ताजा मुसलमान
[17:05]होना कि उस वक्त जिस अली इब्ने अबी तालिब तन्हा है उसकी
[17:08]एक बेसिक वजह यह भी है कि वसूल की व फौज के
[17:13]वक्त बाद मुसलमान बल्कि कशी मुसलमान ताज़ा मुसलमान हुए थे और उन्हें
[17:17]अली इब्ने अबी तालिब के कमालात उनकी खूबियों के बारे में और
[17:23]दीन के मामले में चीन के बारे में के अधीन ने दुनिया
[17:28]को पर्स करार दिया है हां खर्च को जायज करार दिया है
[17:30]दुनिया को जलील करार दिया है आप शरद को अहम करार दिया
[17:34]इस की तरफ़ तवज्जो नहीं थी जैस्मिन की तवज्जो नहीं तो अली
[17:36]इब्ने अबी तालिब को छोड़ दिया तीसरी चीज बाद सहाबा की बाद
[17:43]अपराध की सियासत बाहर अपराध की सियासत ऐसी थी कि जिसकी वजह
[17:48]से लोग मैं नाम नहीं लेगा अली इब्ने अबी तालिब से उस
[17:50]तरफ हो गए और अली इब्ने अबी तालिब के बारे में सोचने
[17:54]लगे कि क्या अली इब्ने अबी तालिब भी मस्जिद में हो सकते
[17:57]को खूब ऐसी सियासत की गई क्या जितने भी ताले के बारे
[18:01]में लोगों के दरमियान यह शोभा हो गया कि क्या अली भी
[18:04]मस्जिद में हो सकते हैं कि चौथी वजह है 25 साल के
[18:08]विषय में नजर आती है जिसकी वजह से अली इब्ने अबी तालिब
[18:10]खान को सजाते हैं वह जहरीली गैस का की ना और गुस्सा
[18:16]आ है जो अली बिन अबी तालिब के साथ दुश्मनी की सूरत
[18:19]में निकाल रहा था मैं कल भी अपने विचार व्यक्त ठंडा हो
[18:24]जाते हैं यह 25 साल का विषय इसके लिए अली मोला खामोश
[18:27]तन्हाई में यह क्रिया करते हैं 1 मर्तबा जनाब सैयद अ पांचवा
[18:34]तो सहवास सलामुल्लाह अलैहा आंखें लग रहा मोहम्मद वाले मानव है कि
[18:40]वह गलत वक्त अभी बात है तो जनाब सैयद गिरिया करती हैं
[18:46]जागरूकता गिरिया करती हैं खूब जनाब सैयद शाह तथा गिरिया करते हुए
[18:49]में नजर आती है तो मौला परेशान हो जाते पूछते हैं कि
[18:53]आप ले मतलब कि आप क्योंकि व्याख्या है मैं तुझे ना वैसे
[19:00]यह तो मानती हैं अब कि लेमन साल की अवधि के मैं
[19:04]उन चीजों के बारे में निगेहबान हूं उन चीज़ों के बारे में
[19:06]परेशान हूं हैं उन चीज़ों के बारे में दिव्य गुणों के जो
[19:12]मेरे जाने के बाद आप आने वाले हैं तो खूब वाहिद हंसती
[19:20]थी यो यो अली का मुनीश हमदम बनती है जो अली का
[19:23]दिखावा करती है अली की हिमायत करती है इस 25 साल के
[19:26]अरसे में अली की तन्हाई का कि मुनिश बनती है और उसका
[19:34]22 बनती है वह जनाब सैयद अब्बास में तो सहवाग की जाती
[19:38]तो खूब जनाबे फ़ातिमा जब दुनिया से जा रही है तो परेशान
[19:40]होती है कि अब तीन हिमाचल की बात दी कि मैं उन
[19:44]मामला के बारे में सोच क्योंकि जब मैं चली जाऊंगी तो आपकी
[19:49]कौन सी आयत करेगा आपका कौन तय करेगा को खूब जनाब सैयद
[19:53]किस जिले को सुनकर है मौला कहते हैं कि जिस तरीके से
[19:57]अब तक खुदा में भी पार्षद करने वाला है आइंदा भी पूजा
[19:59]में भी पालन करने वाला होगा 20 25 साल के अनुसार इसके
[20:05]बाद अली की तन्हाई शुरू होती है तो जाहिर हुकूमत में जाइए
[20:11]खिलाफत में अ कि इस तन्हाई के बीच अनुज बहुत है चंद
[20:14]इलेक्शन 10वें जिनमें से एक को खामोश याद में ताज यह टकराव
[20:21]लोगों की ख्वाहिश शायद और महिला की पार्षद आपस में फाइट करती
[20:24]थी को देख सकता जो चाहता था कि बच्चों के लिए उपचुनाव
[20:30]के वह इससे इस मिसाइल को समझ कर मेरी बात को समझ
[20:36]सकें अ 21 सवेज रखा हुआ था जो अपराध है दोनों स्विच
[20:39]को उठाकर ले जाना चाहते थे खूब नीचे वाले शख्स ने फिर
[20:44]इसको नीचे से पकड़ा हुआ था ऊपर वाले शख्स ने फिर इसको
[20:49]ऊपर से पकड़ा हुआ था लेकिन विच हैव गति नहीं कह पाता
[20:50]टस से मस नहीं हुआ था अब यह लोग भी तगड़े लोग
[20:54]से कमजोर लोग नहीं थे फिर भी प्रवेश टस से मस नहीं
[20:59]हो रहा था मैं तो परेशान हो गए कि यह क्या ऐसा
[21:03]क्यों आए थे है तीसरा सप्ताह या उससे शख्स से पूछा कि
[21:06]यह क्या मसला है कि हम तगड़े लोग भी हैं ताकतवर लोग
[21:12]भी हैं लेकिन फिर भी अपनी जगह से हरकत नहीं कह पा
[21:14]इसने भी नीचे से पकड़ाया हमने मैंने ऊपर से पकड़ा है है
[21:18]तो कहा कि अच्छा तुम दोनों अलग हो जाओ मैं दोनों एक
[21:22]दूसरे के सामने नहीं आ एक-एक करके मुझे जवाब दे दो मैं
[21:27]पहले सबसे नीचे था उससे पूछा कि तुम क्या कर रहे थे
[21:31]कहा कि मैं स्विच को नीचे ले जाना चाहता हूं क्यों नहीं
[21:37]जाएगा अब तो खूब अच्छा दूसरे शख्स को बुलाओ दूसरे को बुलाया
[21:40]बात के तुम क्या-क्या वैसे कहा हम लोग विच कूपन ले जाना
[21:46]चाहते वे नहीं जा रहा था और तू कहां के बजाय यही
[21:49]है ख्वाइश आज का तजा है कि वह शख्स जो नीचे ले
[21:54]जाना चाहता है वह शख्स जो ऊपर ले जाना चाहता है दोनों
[21:58]की ख्वाइश बाद में ताजा है जिसकी वजह से यह फ्रिज ना
[22:00]ऊपर जा पाया है नहीं जा पाया है बिल्कुल इसी तरीके से
[22:05]अली इब्ने अबी तालिब लोगों को कमाल पर ले जाना चाहते थे
[22:09]सादत पर ले जाना चाहते थे आखिरी बात की बुलंदियों पर ले
[22:12]जाना चाहते थे और यह अफ़राद आम अपराधी अपने ख्वाइश के अंदर
[22:15]दुनिया चाहते थे पर चीजें चाहते थे के नीचे की चिड़िया चाहते
[22:21]थे तो खूब इस तरीके से नहीं बन सकी अली इब्ने अबी
[22:25]तालिब को तन्हा छोड़ दिया गया पाली में भी ताले जिया करते
[22:28]थे कि कहते हैं कि है हाथ अनायास लाभ काम सवाल अलावा
[22:35]ख्याल जल कितना दूर हो गया मेले मामला कितना परेशान तो है
[22:38]कि मैं तुम्हें अध्ययन की तारीकियों से अदर तुम्हारे लिए अजय को
[22:45]तारीख को मुझे निकालना चाहता हूं तू करना चाहता हूं वहीं एवरेज
[22:48]यह को तुम्हारे वादे करना चाहता हूं लेकिन तुम इसलिए आमादा नहीं
[22:54]हो को दूसरे खुदाई में नजर बनाकर को नंबर 121 में काम
[22:56]आते हैं वह भी तो इधर भी बिकम वह अंतिम विदाई मैं
[23:01]तुम्हारा इलाज करना चाहता हूं दूसरे तमाम दर्द जो तुम्हें उनसे मैं
[23:06]तुम्हें निकालना चाहता हूं तुम्हारे इलाज करना चाहता हूं अंतिम दाईं तुम
[23:11]खुद मे मर्द बन गए हो कि कितना खतरनाक मामला है मुनि
[23:17]तू भी मंडलायुक्त योगदान हमारे तो भला यूजी बदलाव तो खूब मैं
[23:21]उन लोगों के चयन के वक्त है वह परेशान हो गया हूं
[23:25]कि जो मेरी ताकत नहीं करते जब मैं हुक्म देता हूं और
[23:28]मेरी बात का जवाब नहीं देते जब मैं उन्हें पुकारता हूं कुछ
[23:31]लॉग इन आप कसरत यह देखो मां खुलते इस्तेमाल खोलो बैकेम ए
[23:37]कि खुदा नंबर 119 में के तुम्हारी बहुत ज्यादा तादात से कोई
[23:43]फायदा नहीं हुआ तुम्हारी बहुत ज्यादा तादाद से अली इब्ने अबी तालिब
[23:47]को फायदा नहीं हुआ जबकि तुम्हारे दिल आपस में इस्तेमाल हुए नहीं
[23:50]है सिर्फ आपको इतिहास के साथ नहीं है लव का नाली मिंकू
[23:55]मिश्रा बटन पर यदि यह लेप बाद इसे अमर तो हम फाल्गुनी
[24:01]वह इस राजस्थान हज सुनहरी माई ई का रस तक नहीं तो
[24:06]बहन का सी मेन को मगर मेरे पास 313 धोते इस बटन
[24:11]दबाने बदल बदल के अंदर कितने फतेह बसु के साथ 323 व
[24:16]फल कहा कि अगर मेरे पास यह 313 वफादार होते तो यह
[24:18]तुम्हारा हजारों क्लच है मुझे इसकी जरूरत नहीं थी क्योंकि यह 313
[24:22]सा जो बदले वाले मेरे पास होता है जब मैंने हुक्म देता
[24:24]तो वह मेहनत करते जब मैं उन्हें जंगल में बुलाता तो मेरे
[24:31]साथ नहीं इज्जत करते तहजीब करते जंगले निकलते और जब मैं उन्हें
[24:34]किसी चीज का हुक्म देता तो वह मेरी बात को मानते वैसी
[24:38]सूरत में मैं तुम सब से मुक्त नहीं हो जाता तुम सब
[24:42]से बेनियाद हो जाता मुझे तुम सब किस जरूरत नहीं थी की
[24:45]व्याख्या शायद का तक जाता जिसकी वजह से अली इब्ने अबी तालिब
[24:52]तन्हा रह जाते हैं हैं और पहनते हैं के लिए से अमरीका
[24:59]अमरीका वाहिद मेरी ख्वाहिश तुम्हारी हक नहीं है मैं चाहता हूं तुम्हें
[25:02]आंख्या दूं तुम लोग दुनिया चाहते हो कि इन उरी दुबला मैं
[25:09]तुम्हें अल्लाह के लिए चाहता हूं वाहन तुम तू ही ढूंढ लेंसों
[25:11]से कम लेकिन तुम मुझे अपने कामों के लिए चाहते हो दूध
[25:17]को उबाल जपते जो अ ये कबीलों के बड़े थे कि बड़े-बड़े
[25:22]अपराध दिखवा से तो दूसरी वजह जिसकी वजह से अली इब्ने अबी
[25:28]तालिब अपनी हुकूमत के दिन जमाने में तन्हा रह जाते हैं वह
[25:30]यह थी कि यह बाहर अपना जो खास लोग से वाली अपने
[25:34]विचारों को तन्हा छोड़ देते हैं वह जाएंगे जमाल के द्वारा हार्वेस्ट
[25:36]भिन्न होता है वहां के मोहल्ला से कहता है कि मौसम में
[25:41]परेशान हो गया इतने बड़े-बड़े मुसलमान इतने बड़े-बड़े हैं मवाद यहां सामने
[25:46]जंग मैं आपके सामने खड़े हो गए थे है तो माला पहनाते
[25:52]हैं या हार्वेस्ट इन न का नजर तथा का बलम तंजौर 4.5
[25:57]कप अहर्ता के हार्वेस्ट तूने अपने नीचे तो देखा लेकिन अपने ऊपर
[26:01]नहीं देखा इस वजह से तो हैरान रह गया इन न कलम
[26:04]ताकि फिर हक पता आगे मन आता हुं क्योंकि तुम यह क्यों
[26:09]नहीं पहचाना इसलिए हक वाले को भी नहीं पहचान सके व मुसाफिर
[26:11]बातिल पता है एक बनाता हूं और चुपके तुमने बातिल को नहीं
[26:17]पहचाना इससे बातें वाले को भी नहीं पहचान सके खूब इसके बाद
[26:19]मौलाना जब इन बड़े बड़े अपराध से खास लोगों से परेशान हो
[26:25]जाते हैं तो मानते हैं अन्ना सोशल यह तुम लोग तीन तरह
[26:30]के हैं तो आलिमों निगहबानी एक अल्लाह वाला आलम है बमिताल हार्मोनल
[26:33]आप सभी निजात और निजात के वास्ते के उपाय मार्शल करने वाला
[26:40]है वह मरे जो नया बास ऐसे घास-फूस है कि अथवा कुलनायक
[26:43]जो हाय बाद जैसे भैंस बकरी हैं जो है ना एक हवा
[26:49]देने वाले के पीछे चल कि जो भी बड़ा सा नजर आया
[26:53]बुलंदशहर नजर आया पैसे वाला शक है उसके पीछे पर चल पड़ते
[26:57]हैं कि यह मिलूंगा मां कुलदेवी हवा के साथ चल पड़ते हैं
[27:00]आलम यह तस्वीर बिन हुए ऑयल फिल्म के नूर से उन्हें कोई
[27:05]राहत नहीं मिलती व मेल जो इलाकों में बसी और क्या ब्लडी
[27:08]माध्यम से उन्हें कोई पनाह भी नहीं मिलती हूं इसके बाद एक
[27:13]वजह कि मौला अदालत रखते थे हम वालों की शक्तियों के अंदर
[27:16]क्योंकि दायित्व से दे लोगों को चीज पसंद नहीं आदत हो गई
[27:21]थी उस 25 साल के अक्षय के अंदर के उन्हें मालूम मत
[27:27]मिले हथियार मिले तोहफा मिले क्यों इसलिए के वह उनके ज्यादा कभी
[27:31]वह और ज्यादा उनकी चमचागिरी करता है तो इस वजह से ज्यादा
[27:37]पैसा चाहते थे वह मौला के लिए भी बाजी शुरू में उनकी
[27:42]तारीफ करने लगे कि मौला उन्हें मामलों दौलत दें तो फिर देता
[27:44]है दें लेकिन मॉल आज हम वालों की शक्ति में अदालत रखे
[27:48]थे इसलिए लोगों से उस तरफ हो गए हैं और 1 मर्तबा
[27:52]मालिके अश्तर के से मौला पूछते हैं कि यह सब बकवास जो
[27:57]मेरे साथ यह क्यों दूसरों के पास चले गए थे कि हाकी
[28:00]में शाम के पास चले गए क्यों उसके पास चले गए तो
[28:04]मालिक है इसका जवाब देते हैं मौला अगर आप भी वह तमाम
[28:08]काम के भेजो कि मैं शाम करता है तो यह सब अपनी
[28:12]गर्दन है जो कहां है आपके पास तस्वीर लेंगे आप कहां के
[28:14]हो क्या करता है कहां के जो इस की चमचागिरी के भेजो
[28:19]उसकी तारीफ करें उसे हदीसों से नवाजता है उसे तोहफों से नवाजता
[28:21]है उसे मामलों दौलत से नवाजता है तो माला पहनते क़ुरआने मजीद
[28:27]की आयत है मन अभिलाष वाले इन बर्लिन वापसी ए वूमेन वास
[28:34]आफ आरएस प्रॉब्लम इंक्लूड अभिजीत जोशी ने काम करता है वह अपने
[28:40]ले करता है और जो शख्स भी बुरा काम करता है वह
[28:41]खूब उसके अपने ऊपर है और अल्लाह ताला किसी पर भी जुल्म
[28:47]करने वाला नहीं है मालिके अश्तर कहते हैं कि वह बाल जगहों
[28:52]पर ज़ूम करके लोगों को अपना बना देता है तो मोहल्ला निवासी
[28:54]आयत की तिलावत करते हैं हमारे अब्बू का विकल्प मिले अभिजीत कि
[28:58]मेरा हुआ है कि जो किसी पर शोध करने वाला नहीं है
[29:01]खूब चौथा मूवी जिसकी वजह से ए कि अली इब्ने अबी तालिब
[29:08]तन्हाई जाते हैं वह यह कि अपनी बात मनवाने के लिए वह
[29:12]सभी तरीकों से इस्तेमाल करते हैं मौला ऐसे तरीकों से इस्तेमाल करते
[29:15]जो गए सभी हो उस 25 साल कैसे के अंदर लोगों को
[29:19]जबरदस्ती के जब यह अपनी बात मनवाई जाती थी बात कि मैं
[29:20]शाम भी जोर जबरदस्ती के जरिए से अपनी बात मनवा था आखिर
[29:25]ऐसे में मौजूद है यह अंजाम नहीं दिया लाय सजीवन अन्ना महावत
[29:34]यॉर्स उपाय से स्वभाव के यह अजीब बात नहीं है यह कि
[29:37]मैं शाम ऐसे आवाज को अपने साथ रखता है कि जो कि
[29:42]यह अजीब बात है कि झांकी में शाम ऐसे हाथ को अपने
[29:46]साथ रखता है कि जिसको पैसे भी नहीं देगा कोई खर्चा भी
[29:51]नहीं देवा फिर भी सिर्फ डॉक्टर से और से मार दिया कि
[29:52]आखिर में शाम की पैरवी कर रहे हैं को खूब है मौला
[29:58]कहते हैं कि तुम्हारे पास एक ऐसा शख्स आएगा जिसकी तुमने अब
[30:02]जबकि तुमने हमारी कदर नहीं कि मेरी कदर नहीं कि तुम्हारे पास
[30:04]एक ऐसा शख्स आएगा कि जिसकी तलवार तुम्हारे हुए शहरों से रंगीन
[30:09]हो जाएगी मैं तुम्हारी गर्दन है काटेगा कुंभज में यूज कर सकते
[30:14]हैं मौला ऐसा शख्स आएगा कि जो सुबह-शाम तुम लोगों का कत्लेआम
[30:21]करेगा मुताबिक ने देखा यह जांच में डुबाकर कैसा है कि जो
[30:23]शख्स में भी बात नहीं मानेगा वहीं गर्दन झुका कर रखे थे
[30:27]मैं उसकी गर्दन हो गया मैं भी तलवार होगी खूब पांचवी चीज
[30:32]जिसकी वजह से मुलाकात है तन्हाई जाते हैं और सुबह रात का
[30:39]विवाह है हां कि मैं शाम बारिश बहुत को विवाह दे देता
[30:41]है ऐसे शोभराज के जब मौला के सामने एक साथ भी आता
[30:47]है जिसका नाम है साहब दाम पुरानी लेवा में इन नियुक्त हुए
[30:54]खोज रिहर्सल है अब कि मैं नापसंद करता हूं कि मैं आपके
[30:56]साथ जन्म विश्व कप के बाद मौला पूछते क्यों लाल हो उसी
[31:00]वह मोमिन कि मैं नहीं चाहता कि किसी मुसलमान का कत्ल कर
[31:04]दो इसी मोमेंट का कत्ल कर दूं किसी के भले वाले का
[31:07]कत्ल कर दूं खूब पाइन चॉइस नहीं सही पनिया मिलल फसल तुम
[31:13]अगर आप मुझे ऐसी तलवार दे देते हैं कि जो में नौकर
[31:19]फिर के दरमियान फाइट कर सके तो मैं आपके साथ मदद करने
[31:21]की आपकी मदद के लिए तैयार हैं मैं कुछ बोला कहते हैं
[31:26]कि यहां पर मामला मुसलमानों का फिल्म का नहीं है यह मामला
[31:29]हक और बातिल का है तो कहता है कि नहीं मुझे सामने
[31:33]मुसलमान नजर आए हैं ए लिप लॉक के साथ कैसे जंग लड़
[31:37]सकता हूं अब यह शुभ का एग्जाम कैसा गया था क्या है
[31:41]लेकिन भला के साथ मुसलमानों के साथ अली इब्ने अबी तालिब जगह
[31:44]हैं दूसरा एक है जिसका नाम है ओसामा हुआ कर कहता है
[31:51]कि अंतार ज्योत कि हल्का या अली इब्ने अबी तालिब मेरे नजदीक
[31:54]तमाम मखलूकात केंद्र सबसे इज्ज़त वाले शक्तियां सबसे महबूब शख्सियतें व लेकिन
[32:03]यह तुला लेकिन मैंने अल्लाह से यह है लिया है क्या अनलॉक
[32:05]कहां से ला ला इलाहा इलल्लाह कि मैं ला इलाहा इलल्लाह कहने
[32:10]वालों के साथ मुकाबला नहीं कर दूंगा ऐसे बहुत सारे अपवाद है
[32:12]चोली को इसलिए तन्हा छोड़ देते हैं कि कि मुसलमानों के साथ
[32:18]जंग करनी पड़ेगी पूर्वेक्षक से जिसका नाम है अब्दुल्ला कि यह वही
[32:23]है कि जिसने इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का भी साथ नहीं दिया था
[32:26]मैं तो कहता है लव तो आएगा ही हां सर हैव ही
[32:29]वाहन रैली में जंग में कुछ भी नहीं जानता अस आलू का
[32:34]अंत अल्लाह हमे यह मामला मैं नहीं जानता है कि मैं कैसे
[32:40]मुसलमानों से लड़ सकता हूं तो इसलिए आप मुझे ऐसी शंका हुकुम
[32:42]ना दें ओके इसके बारे में जानता ही नहीं हूं तो वंशों
[32:47]का जवाब देने के लिए मौजूद आते हैं मस्जिद में और आकर
[32:49]खुदा देते हैं और खुदा मेरे साथ रहते हैं वक्त फतेह बबूल
[32:55]है वहीं रखूंगा फाइनल खेला की जंग का दरवाजा खुल चुका है
[33:02]तुम्हारे दरमियां पहले क़िबला के दरमियान वाला यह में लय हासिल आलम
[33:07]इलाहाबाद बस अवश्य जिस शख्स के पास वसीयत नहीं होगी जो बाबा
[33:12]सी व्रत नहीं होगा आ है जो पहले सबर नहीं होगा जिसके
[33:17]पास ऑयल नहीं होगा वह इस आलम को इस जंग के अलार्म
[33:18]को बर्दाश्त नहीं कर सकेगा कि Bigg Boss जेल हक फिल्म कैसा
[33:25]ऐसा कि जो हक के मकान मालिक को पहचान सके हम झूले
[33:27]महत्वपूर्ण अबे उस चीज की यह साथ के वह जिसको तुम हुक्म
[33:33]दिया जा रहा है ओके पूजन हूं इन द माता नवरुना अनु
[33:38]पहुंची से बच्चों जिससे तुम्हे रोका जा रहा है वह ताज लूं
[33:41]पिता मेहनत अब यह तू उस चीज में जल्दी कहो बल आता
[33:46]है जीलू पिता मेहनत तय जनेऊ और किसी उसी काम में ऐसे
[33:52]काम में जल्दी मत करो कि जिसके बारे में तुम ने दैहिक
[33:54]ना कर ली हो थे फाइनल अलार्म खुले अमृत अनुभव दिया जाएगा
[33:58]कि तुम अगर किसी भी चीज में परेशान होते हो तो मैं
[34:02]अ जितने भी ताल तुम हौसला देता हूं पहली अपने भी ताले
[34:06]तुम्हें तस्वीर दिलाता हूं अगर तुम्हें कोई चीज समझ नहीं आ रही
[34:10]है तो मुझे छोड़कर मत जाओ मैं तुम्हें इसके बदले में कोई
[34:14]दूसरा हल बताऊंगा आ को खूब जान करने वालों का छठा मौर्य
[34:20]जिसकी वजह से अली इब्ने अबी तालिब को तन्हा छोड़ दिया जाता
[34:22]है जंग करने वालों का बगैर माले-गनीमत जान करते-करते थक जाना क्योंकि
[34:26]अली इब्ने अबी तालिब यह साथ रहते हुए लोगों को माले-गनीमत नहीं
[34:31]मिलता था ए रसूल के जमाने में को फिर से जंग होती
[34:33]थी जब गोपाल से जंग होती थी तो काफी लोगों के पास
[34:38]से जो शख्स गिरफ्तार कर लिया जाता था वह गुलाम बनाया जाता
[34:43]था वह माले-गनीमत शामिल होता था जो और से व्यवस्था कर ली
[34:45]जाती थी वह मंदिरों में शुमार होती थी तो खूब इन सब
[34:49]लोगों को अली इब्ने अबी तालिब से भी यही चाहिए था इसलिए
[34:54]तारीख लिखने वालों में शिया-सुन्नी समूह के है कि जंगल जंगल में
[34:57]जो कुछ मिला था मसलन असलाह चाय कॉफी और चाय पाए जानवर
[35:03]और दूसरे तमाम सामान वह सब इमाम ने अपने सामने तक सीमित
[35:06]कर दिए थे हैं लेकिन फिर भी मुसलमान खुश नहीं हुए का
[35:11]के पहले बसरा में से जंगल जंगल महल बसरा आए थे खूब
[35:16]पहले बसरा में से आपने किसी को भी कैदी नहीं बनाया जो
[35:21]हमारा गुलाम बन सके तो मलाई निकाला इस चीज की हमें इस्लामिक
[35:24]जाती है ताकि मुसलमान मुसलमान को गुलाम बनाए हैं की जंग के
[35:29]बाद विमान के साथ कहने लगे कि बसरा के लोगों को भी
[35:33]हमारे देश में सक्षम करें ताकि हम इन्हें अपना गुलाम बना है
[35:38]वह उसे अपना काम रह सके विमान दोबारा का लाल नहीं तो
[35:40]कहने लगे यह कहीं फंसा हिल ना दिमाग होमवर्क है वह तो
[35:46]हर महिला इन सब्जियों हम कि यह कैसे हो सकता है कि
[35:48]उनका खून तो हमारे यह लो हम उसे जानकर क्यों ने कत्ल
[35:52]कर देंगे हमारे यह लाल हो लेकिन यह हम पर हवाओं के
[35:57]उनके बच्चों को कैदी बनाए वह बोला प्रयास करें मौला से इस
[35:59]काल कहते हैं मौला जवाब देते हैं कि वसूल का उसको में
[36:03]कि अगर किसी मुसलमान किसी मुसलमान से जंग हो रही हो तो
[36:08]उसमें सलमान को कैदी नहीं कैंडी बनाकर गुलाम नहीं बनाया जा सकता
[36:13]है है सातवां मूवी जिसकी वजह से मौला तन्हा रह जाते हैं
[36:16]बेहतरीन अच्छा पर शहीद हो जाना खूब यह समझ है जिसकी वजह
[36:21]से आज भी आप देख सकते हैं कि जो शख्स हक पर
[36:26]हो लेकिन उसका अहम साथी अगर शहीद हो जाए तो वह तन्हा
[36:28]रह जाता है तो खूब जाएंगे इसे पिन के अंदर मालिके अश्तर
[36:32]शहीद हो जाते हैं हां जिम्मेदार शहीद हो जाते हैं अब हमारे
[36:35]या सिर्फ शहीद हो जाते मोहम्मद जितने भी बखूबी शहीद हो जाते
[36:39]हैं अब दूल्हे अपने बदल शहीद शहीद हो जाते हैं ज़ैद बिन
[36:44]चौहान मालिक बनते यह ने अंसारी खटीमा बिन साबित अंसारी जिनको जूस
[36:47]शहादत यह कहते थे यानी रसूल जमाया था कि अगर कभी कोई
[36:52]मामला हो जाए कोई कहावत का मामला हो अदालत का मामला हो
[36:55]वहां पर गवाही की जरूरतों और सामने कि खटीमा विल सावे थे
[37:02]अंसारी हो तो यह एक शब्द दो आदिल गवाहों के बावजूद शहादत
[37:08]हैं इनके पास ऐसा इश्तिहार है कि जो शायद वो के बराबर
[37:10]है तो मौला चीख-चीखकर यह जुमले कहते हैं ना ख्वानी अल्लादीन व
[37:17]के मुताबिक वह लोग कहां गए कि जो मेरे साथ वह लोग
[37:19]कहां गए यह जो मेरी हमराही में थे का आईना अम्मा अम्मा
[37:30]कहां गए थे का आईना मोहम्मद इब्ने अबी बाकर आई नो दहन
[37:33]नशा जाता है यह सब कहां गए मौला गिरिया करते हैं और
[37:40]परेशान हो जाते हैं खूब इसके बाद जब देखते हैं कि कि
[37:45]कोई जवाब देने वाला नहीं है अली इब्ने अबी तालिब की तनहाई
[37:49]को दूर करने वाला कोई नहीं है तो उसका मौला में अलगाववाद
[37:53]की किताब के अंदर यह वाक्य लिखा हुआ है जो शिया सुन्नी
[37:58]दोनों किताब है मौजूद है अबूसालेह रफी कैसा है कि मैंने अली
[38:01]अलैहिस्सलाम को देखा उन्होंने कुरान को अपने सिर पर रखवा था कि
[38:07]इस हाल में के को आन के व कुरान के कागज उनके
[38:11]सफर गिव थे उनके बाल बिखरे हुए थे परेशान थे अल्लाह से
[38:18]दुआ के लेते खुदा या अल्लाह मकसद बनाऊंगी माफी ही पार्टियां ही
[38:22]परवरदिगार यह मुझे है वह चीज काम से मना करते हैं जो
[38:27]मैं उन्हें देता हूं अ अब तो तू भी उन्हें वह सब
[38:32]देने से इंकार कर दे तो यह तुझसे मांगते हैं और लव
[38:36]मकसद आप अगस्त होम ऑफिस * पावर दिखाए मैं तुमसे नफरत करता
[38:38]हूं और यह लोग उससे नफरत करते हैं वह मल तो हो
[38:44]मालुनी मलूनी खुदाया मैं लोगों से थक गया हूं और यह लोग
[38:48]उससे थक गए थे कि वह मालूम हेलो गए खुल की तबीयत
[38:54]थी यह मुझे उन चीजों की दवा वर्क बदल जाते हैं कि
[38:56]जो मेरी तबीयत के खिलाफ है मेरी छलकत के खिलाफ है वह
[39:01]खेल हम तालम तक कौन सा है फैली और ऐसे अखलाक कि
[39:06]मुझसे तंवर को रखते हैं कि जिसे मैं नहीं पहचानता अल्लाहुम्मा पदल्ली
[39:10]भी ठीक है वह मेल्ट हो अ है परवरदिगार इन लोगों को
[39:16]बदल दे उनके बदले में मुझे अच्छे लोग देते वह दुबई शहर
[39:19]व मिनी और मुझे इनके लिए बदल दे और मुझ से बदतर
[39:25]इनको दे दे अल्लाह मस्सा खोलूंगा हम परवरदिगार इनके दिल सकते हो
[39:33]गए हैं कमाई है मसूद मलमल फिल्म इनके दिल बिल्कुल नहीं मालूम
[39:37]दुनिया से पिछड़ चुके हैं वैसे ही जैसे नमक पानी के अंदर
[39:43]पिघल जाता है तो व जाने के स्वामी मौला तन्हाई का शिकार
[39:49]होते हैं हुकूमत के जमाने में भी तीसरी तन्हाई मौला की शहादत
[39:51]के बाद बाकी होती है वह क्या तन है वह तन्हाई है
[39:56]कि मॉल अपने फार्म इन बयान करके गए थे अपने निषेधार्थ बयान
[39:59]करके गए थे अपने अहमदाबाद बयान करके गए थे कि सैयद राजी
[40:05]नहीं है मुझ को नैचुरल बनाता केंद्र जमा भी किया था लेकिन
[40:10]शायद शायद आज अली इब्ने अबी तालिब दिव्या करते हो किसी जगह
[40:13]पर जाकर तन्हाई का शिकार हो कि मैंने तमाम इन पूरी उच्चतम
[40:19]आ कर दी थी लेकिन बाद अफराद सुधीर मौर्या के प्रभाव में
[40:25]इनको नेचुरल अलावा को नहीं पड़ते हैं और इससे सफलता हासिल नहीं
[40:28]करते हैं सुविधाओं में विस्तार से दुआ करते हैं खुदा या मोहम्मद
[40:30]वाले मोहम्मद का वास्ता हमें अली इब्ने अबी तालिब के फ्रॉम इनफॉरमल
[40:36]पैदा होने की तौफीक हिदायत वाइफ िदया तुझे वास्तव मोहम्मद वाले मोहम्मद
[40:40]का अ कि हमें मोहम्मद वाले मोहम्मद की सी बात पर अमल
[40:43]पैदा होने के तौफीक हिदायत है मां खुदाया तुझे वास्तव मोहम्मद सालेह
[40:49]मोहम्मद का अहले बैत के चाहने वालों को अहले बैत के हक
[40:52]की की पैरोकार शुमार फरमान सुनाया तो जो वास्तव मोहम्मद वाले मोहम्मद
[40:59]का जहां-जहां अली इब्ने अबी तालिब किसी या किसी परेशानी में विस्तार
[41:04]है परवरदिगार उनकी मुश्किलात को दूर है मां जहां जालिम का शिकार
[41:07]है परवरदिगार उन वस्तुओं को इस जोन से निजात दे पाए भर
[41:13]देगा तो जब आस्था मोहम्मद वाले मोहम्मद का इरान की पास है
[41:16]आदत को को अपनी हिफाज़त में वक्त और तमाम आला मकाम कि
[41:24]औलिया ए कराम और तेरे दोस्तों कि निद्रा देवी फातिमा और उन्हें
[41:30]हम सब पर उनका साया हम सब पहुंचाएं मुद्राएं वक्त परवरदिगार तुझे
[41:35]वास्तव मोहम्मद वाले मोहम्मद का इस जमाने का अली इमामे ज़माना जल
[41:40]होता इलावा जो शरीर को जरूर नेताजी और हमें उनके अनुसार में
[41:52]शामिल परमार व बना तक अब मैंने कांता रानी पत्तों वाले तत्व
[41:57]है
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