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5th majlis e Aza | Maulana Urooj Zaidi | Khudba Bibi Zainab a.s
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24/07/29
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AL-Mehdi Educational Society proudly presents new Executive Refresher Course for the year 2021 under the supervision of specialist Ulema and Scholars who will deliver though provoking lectures Every Weekend.
These video lectures are presented by aLmehdi educational society, Karachi for our youth.
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Transcript
[0:00]झाल कि साधु भेरुजी पधारो कि अमिताभ की अवधि और सदानंद स्वभाव
[0:29]मोहन प्रॉब्लम पिंपल्स और सधी का बखान प्रॉब्लम नियुक्त कि शायद ना
[0:38]बुझाला प्रश्न हल खरीद वहां लगे धुंध कि बौद्ध इस प्रकार ललित
[0:51]साइनअप उनको बराबर सलामुल्लाह अलैहा है है अल्हम्दुलिल्लाह बहुत तो अलावा अभी
[0:56]मुहम्मदीन व आज हम वो जमीन अपने यार [संगीत] हैं यह लोग
[1:06]एनिमल नजरबंद से अधिक मुनाफा छपा दबाव बना हजार तेज धूप रहा
[1:11]के परिणामस्वरूप अधीन अभी तरह लांबा जुवती इनका फाल है तो फिर
[1:21]नहीं माना कम दिखना धुंधला वह अलसी कुंभनदास सलाफी वन मंथ ऑफ
[1:26]कि व सर्जरी व शाम मकसद रिमिशन आफ बल्कि फिर थे वर्ल्ड
[1:33]विल हां यही वह उम्र अलावा चावल म अलार्म न को वर्कर
[1:40]साधु अलार्म अल्लाह रुदल आशा की मां गंदा मत लगो मंत्रों सड़कों
[1:44]और अन्य खतरनाक यहां लेकिन उस लंबे अनुपम उपहार दे दूंगा दुरुस्त
[1:51]पढ़िए मोहम्मद वाह वाह अजय को कि तमाम आधुनिक अपने हिंदू सलामती
[2:02]के लिए मामले थे पाकिस्तान के इस तरह काम के लिए मक्का
[2:04]मस्जिद मदरसा की हिफाजत के लिए अल्लाह आप की हिफाजत के लिए
[2:11]हाजरीन की तरह जुत की बजाय वर्ग के लिए विमानों निशान के
[2:13]लिए बेगुनाहों सारा की रिहाई के लिए हाजरी यह तमाम उच्च आजाद
[2:19]की वजह बनी के लिए बामनिया ने मजे से अक्षरा का इमरजेंसी
[2:22]के बाहर का शहर में इजाफे के लिए और इमाम व्यास सर्किल
[2:27]जयपुर में ताजी के लिए यह एक बार बोला उतर मोहम्मदी सलाह
[2:32]पढ़ लो हुआ है है अल्हम्दुलिल्लाह अल्लाह ताला की टॉप इससे आपके
[2:44]रिश्तों में मौजूद गुप्त को मैं तो सिर्फ उपाय हजरत है बैंक
[2:52]मुद्रा सलामुल्लाह अलैहा आप आप इस संबंध में बयान हो रहा है
[2:55]इस सिलसिले की आखिरी विशिष्ट है लेकिन आज हम कोशिश करेंगे कि
[3:01]उक्त व्यक्ति जितने मतालिब ज्यादा से ज्यादा आपके समक्ष अपने बयान हो
[3:05]सके उसको तालिबे इल्म आना बयान करेंगे तो क्या प्रॉब्लम है जितना
[3:10]मौजू से मुतालिब मजबूत होगा इंशाल्लाह हम उसकी बहुत करेंगे में मौजूद
[3:18]के लिए आपके संबंध में हमने गुलदस्ता मजाल इसमें बयान किया था
[3:25]कि यह दबा हजरत हुसैन अभी कोबरा सलामुल्लाह अलैहा ने बाजार एक
[3:30]गुफा में आकर बयान फ़रमाया और बयान के अनुमान से गुलिस्ता मजलिस
[3:34]में अहम बयान कर चुके हैं कि बहन बयान इसको कहते हैं
[3:39]और इसको तवे के अंदर जो बेहतरीन जब लाख और फसाहत और
[3:46]बलावत के जुमला जो पैदा हुए उसके बारे में कई अरब चोरा
[3:48]और होता बा मौत तय है कि यह जुमला वाक्य कि अगर
[3:57]किसी आम वतन हंसती के नहीं है बल्कि बहुत ही और जो
[4:00]रूस के जो अलार्म हैं कि तूफान के हवाले से हमने आपके
[4:06]सिर मतलब बयान किया था कि जब तक दूध शारदा एवं हुसैन
[4:09]अलैहिस्सलाम ने काम किया कि तमाम इस्लामी जमीनों पर सांपों की थी
[4:14]सिवाय फूफा के और फूफा ने इमाम का साथ देने की ठानी
[4:20]तमाम को शूद्र लिखिए और हम बयान कर चुके हैं कि इन
[4:26]लोगों ने फोटोस लिखिए और किस तरह की आधी थी कि कौन-कौन
[4:29]अपराध गुफाओं में रहते थे कि इतनी तादाद में दसियों था खैर
[4:35]प्रत्याशियों के अंदर भी जो दो गुरु वह भी हम बयान कर
[4:39]चुके हैं किस तरह था थे उपा में एक बेहतरीन जो सिर्फ
[4:46]आपको था कि हमने बयान की थी वह यह थी मीणा क्योंकि
[4:47]एक कमजोरी यह थी कि वह जज्बाती निषाद रखते थे के जज्बात
[4:55]याद आती जज्बा जैसा मैंने रजिस्टर मजलिस में बयान दिया था कि
[5:03]जज्बा और जज्बात में फर्क होता है जज्बा अक्ल से है जज्बा
[5:05]होना जरूरी है किसी भी फॉर्म में किसी भी निशान में अगर
[5:09]जज्बा ना हो तो वह या नहीं अगर मैं उसको और साधु
[5:15]सुजाण कहूं जज्बा ज्ञानी रा दाणा अगर तो वो तेरा देखना हो
[5:18]तो इंसान कोई भी काम नहीं कर पाता कि जिस तरह का
[5:22]यह उबला में अमीरुल मोमिनीन अली इब्ने अबी तालिब अलैहिस्सलाम प्रणाम नस्ल
[5:31]है कि अली अलैहिस्सलाम ने इंसान की कीमत बयान की के इंसान
[5:36]कितना भी है हमने देखना हम कितने 3 चीज है अमीरुल मोमिनीन
[5:41]की निगाह में अभी हम कहते हैं कि आम बोलचाल में जैसे
[5:43]कि बहुत टीम की इंसान है मोहब्बत इन सारी दुनिया से चला
[5:49]गया बॉक्सिंग तीन सांतवा यह जुमला हम आम बोल-चाल में इस्तेमाल करते
[5:53]हैं लेकिन अमीरुल मोमिनीन की निगाह में कौन 3 टी है यह
[5:59]हमने देखना है कि अली की निगाह में अगर टीम हैं तो
[6:00]फिर बात यह मशीन होती हैं अमीरुल मोमिनीन फरमाते के निशान की
[6:06]खबरों िमत उसके माल में नहीं है यह अपने के माल ज्यादा
[6:11]है तो कुंती आदमी है या और मजबूत सिर्फ आग भी इस
[6:18]तरह उन्होंने बयान ने के मौसम में फलों चीज ज्यादा है तो
[6:20]ज्यादा अतिबल के इमाम ने कहा जिस इंसान की कीमत का अंदाजा
[6:27]लगाना है कितना कीमती है तो बस यह देख लो उसके अंदर
[6:29]खूब बातें इरादा कितना मजबूत है जितना इरादा मजबूत है उतना कीर्ति
[6:37]निशान है वरना जितना इरादा कमजोर हैं अमीरुल मोमिनीन की निगाह में
[6:41]नाप टीम अपना का दर्द यूनिवर्सिटी कोई कसर इतनी नहीं है तीन
[6:49]मत इंसान की उसके इरादे हैं इरादा इसी इरादे को जज्बा कहते
[6:53]हैं जज्बा आपके तक यह जज्बा है फलां में की जज्बा है
[6:58]तो जज्बे और जज्बात में हमें फर्क रखना है जज्बात क्या होते
[7:01]हैं जज बार घुम तौर पर जैसे आपने देखा है ना कि
[7:07]कि जब आप सर्च डालते पानी में तो जाग बनते हैं साबुन
[7:12]डालते हैं तो जाग बनते हैं जाट की तरह होते हैं झांक
[7:14]थोड़ी देर के लिए होता है और फिर खत्म हो जाता है
[7:18]झांकती जिंदगी कितनी होती है चल लहरों के लिए चंद्र मिनट के
[7:23]लिए थोड़ी देर के लिए होती है फिर वह झाग खत्म हो
[7:27]जाते हैं जब जूस बाद भी इसी तरह होते हैं वह जूते
[7:28]निशान में जज्बात की ज्यादा फाल जिंदगी नहीं होती ज्यादा खा जज्बात
[7:36]नहीं चल पाते बल के जो इंसान को आगे बढ़ाती है चीज
[7:38]वह जज्बा होता है इसीलिए को सा वालों की एक अपने मन
[7:44]की शुरुआत में वह व्यक्ति के जज्बाती थे जैसे Tubelight का मैम
[7:49]रोमनी ने फूफा के बारे में बयान भी कि यह क्यों फालतू
[7:51]वह कहलाता के जिसने पहले अमीरुल मोमिनीन का साथ दिया है साथ
[7:57]दिया है तारीफ है सिर्फ तीन है जमा लहरवानी जितनी जल्दी डोसा
[8:00]वाले मनमोहन सिंह के साथ आए हैं लड़ेंगे बकायदा लेकिन फिर अमीरुल
[8:07]मोमिनीन की जिंदगी के जो आखरी आयाम है उसमें फिर फूफा नहीं
[8:09]उठता अली उठाते भी नहीं होता उनके जुमला महबूब अलार्म में अली
[8:13]अलैहिस्सलाम ने खुद बाद में अपने बयान की जिनेश्वर भला का में
[8:18]दर्द हैं वह क्या इनके स्वाति मीणा अली अलैहिस्सलाम कहते हैं कि
[8:21]मैं तुम्हें गर्मी में उठाता हूं तो कहते हो अभी गर्मी हैं
[8:26]सर्दी का बाहर ना करते हो और जब सर्दियों में उठाता हूं
[8:28]तो कहते हुए भी सर्दी है गर्मी आ जाएगी और इस पर
[8:33]हम पहनना छोड़ दें फिर एक मकाम पर हमने का तुम्हारी हालत
[8:39]उस औरत की तरह है जो 9 महीने बच्चा पेट में रखें
[8:47]सबसे तेज से ले 9 महीने बच्चे हों उस दिन के बनने
[8:48]के लिए महिलाएं 9 महीने वह जिनी गुफा जो मेक्सिको में मादक
[8:54]में रहने मादर में जो बनता है मामूली नहीं होता उसमें अजीत
[8:56]है भी होती है तकलीफ भी होती है मां को औरत होती
[9:00]है अली अलैहिस्सलाम मिसाल दे रहे हैं यह लोग फूफा तुम्हारी में
[9:07]साल उस औरत की तरह के 9 महीने बच्चा पेट में रखें
[9:09]तकलीफें झेले लेकिन जब विलादत का वक्त आए तो बच्चा गिरा दे
[9:18]दो कि शायद कर दे यह जज्बाती पल हैं कि जज्बाती में
[9:20]इसका को वालों का और इसी जज्बात कि आपकी वजह से क्योंकि
[9:26]जहां पर जज्बात होंगे मशहूर नहीं होगा कि शोर और जज्बात एक
[9:33]जगह नहीं होते सोमवार जज्बा देता है जज्बात नहीं देता शोर जज्बा
[9:37]इंसान पैदा करता है इरादा मजबूत करता है जज्बात का ताल्लुक शोर
[9:44]से नहीं होता जज्बाती को में जज्बाती मिन्नते जज्बाती में राज लोग
[9:49]मधुमेय नुकसान उठा जाते हैं किशोर कुमार के लिए यह जो मिले
[9:55]मॉर्निंग का साथ देता था बाद में नहीं देता फिर उसके बाद
[9:57]दौड़ाया जाता है इमाम हसन का दिमाग में हसन अलैहिस्सलाम को दौड़ाया
[10:03]तो आप ही गुफा देखें इमाम हसन अलैहिस्सलाम का साथ देने हुआ
[10:06]क्या मैं बस मुक्तसर से बयान करता हूं का दिमाग ने अब
[10:10]सवाल यह बनता है जैसे तारीफ मॉरिसन ने के लोगों के जहन
[10:14]में के इमाम हसन ने जो है वह सॉल्व कर ली क्योंकि
[10:17]इमाम हसन ने कि इमाम हुसैन ने नहीं दिखेगा दोनों विमानों में
[10:20]कोई फर्क है इसके हमें इसको समझना है कि इमाम हसन अलैहिस्सलाम
[10:26]का जब दौड़ा आता है तो यहां पर फर्क इमाम हसन और
[10:32]इमाम हुसैन में कोई फर्क नहीं है महाराष्ट्र उस वक्त के लोगों
[10:35]में है पैरोकारों में है के अभाव में फसल हमसे पूछ इमाम
[10:41]हसन अलैहिस्सलाम ने खूब लेकर आइए वो केवल अल्लाह ए प्रीटी में
[10:45]नाम के जंगले मौजूद हैं तारीफ की उम्र में मौजूद इमाम हसन
[10:48]दिखाकर भल्ला अगर मुझे अनुसार मिलते अगर मुझे जाने चार मिलते अगर
[10:57]मुझे पैरोकार मिलते इमाम हुसैन की समान सुले सुले क्योंकि है अगर
[11:01]मुझे पैरोकार मिलते तो मैं लैला ने हार सुबह-शाम अमीर शाम से
[11:09]जंग करता और इतनी जड़ करता के अल्लाह इसके और मेरे दरमियान
[11:13]में फैसला कर देता लेकिन उस उनके लिए हरगिज तैयार नहीं हूं
[11:18]फिर क्यों हुए उस फिर क्यों हो गई सॉल्व सवाल यह बनता
[11:23]है क्योंकि मैं आपको थोड़ा सा तारीख बताऊंगा फिर हम स्कूल में
[11:25]की जान पाएंगे हुआ यह कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने जब जंग
[11:30]का इरादा किया समिति शाम के साथ की तारीख तीसरा सीजन के
[11:33]लिए निकले तो इमाम के साथ चंद्र गुरु हैं है अब जाहिर
[11:38]तौर पर तो भी लग रहा था इमाम हसन का लश्कर बड़ा
[11:42]मजबूत है जाहिरी तौर पर लेकिन देखना यह जो आए थे यह
[11:47]कौन लोग से किस नीयत और इरादे से आए थे यह देखना
[11:52]है मसलन एक गुरु जो मॉर्निंग बयान करते इमाम हसन अलैहिस्सलाम के
[11:55]साथ जो आया था है जो था लाख रिच है यानी अमीर
[12:01]शाम के दुश्मन है हैं इनमें हसन के दोस्त नहीं थे इमाम
[12:08]हसन के मोहित नहीं थे अमीर शाम के दुश्मन थे यह क्यों
[12:09]आए थे यूज पॉलिसी के तहत आए थे कि दुश्मन का दुश्मन
[12:15]है कि दुश्मन का दुश्मन है इसलिए हम फायदा उठाते हुए शाम
[12:18]के साथ लड़ लेते हैं कि इमाम हसन के साथ एक गिरोह
[12:22]यह था जो सौरभ के मकान पर युद्ध में जो आए दूसरा
[12:26]गुरु जय मां में हसन अलैहिस्सलाम के साथ आया जो मोर ऑप्शंस
[12:29]बयान करते हैं वहीं किला परिसर क्योंकि इस कबायली सरदार आने लगे
[12:36]तो पूरा कभी-कभी आ गया यह कब पीना परस थे है तीसरा
[12:40]गुरु जन्मे हसन के साथ आया वह थे इमाम के हक की
[12:46]की पैरोकार लेकिन तादाद में बहुत कम थे की तादाद मीडियम थे
[12:52]लेकिन हकीकतन इमाम हसन की पैरवी करने आई थी पिता करने आई
[12:58]थी और चौथा गुरु जो इमाम हसन के लश्कर में था वह
[13:00]था मुनफत वर्ष मफत परस्त यानि लाल चीतंबूका कि जो मालिश जनमत
[13:10]के लिए आया था है और जीत तादाद में सबसे ज्यादा था
[13:16]कि मैं एड्रेस अलार्म शुरू आए हैं उनमें सबसे ज्यादा तादाद में
[13:20]बीम जी तथा उन्हें अपरस अब तो दुश्मने आ गया यह चार
[13:24]गुरु थे इमाम हसन के लिए कि आगे इमाम हसन कि इन
[13:29]फौज का सालार कौन है वह बदला इब्ने अब्बास जनाबे अब्दुल्लाह इब्ने
[13:34]अब्बास के भाई जनाब अब्बास रसूल और मौला अली की जो चर्चाएं
[13:38]उनके यह दूसरे बेटे हैं पहले मैं अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह इब्ने अब्बास और
[13:42]दूसरे हैं वह बैतुल्लाह इब्ने अब्बास वेदर लाइव ने अब्बास को इमाम
[13:48]हसन ने अपनी फौज का सालार बनाया था के कमांडर-इन-चीफ सालार और
[13:54]कोई भी सालार उस फौज की बैकबोन होता है रीढ़ की हड्डी
[13:57]होता है अगर सालार जंग में खड़ा रहेगा पूरा नष्ट कर के
[14:03]अंदर एक ताकत रहती है पूरे नगर के अंदर एक जज्बा रहता
[14:08]है लेकिन अगर सालार कत्ल हो जाए तो फिर पूरा न कर
[14:09]बिखर जाता है लेकिन सालार जो इमाम हसन तथा बैलेंस अब्बास यह
[14:15]असल में इन के साथ क्या हुआ हमारे सामने इनको तीन ऑफर
[14:22]की आज शाम की खूबसूरत परी चौक से निकाल कर आऊंगा 12000
[14:25]दिनार दूंगा और अपनी फौज का शाम की सोच का सालार भी
[14:33]बना लूंगा है प्लेन चीजों के इनको पेशकश हुई थे जनरल्स रॉक
[14:41]झाल कि जालंधर मनसब पौधा तीन जिलों की पेशकश हुई तारीख कहती
[14:46]है यह बिग गए का दिमाग में हसन की सोंठ का साल
[14:51]आर बी गया है के प्रिंसिपलों की पेशकश में बैठकर है आधा
[14:55]इंच पर ही खत्म हो गई है मां को ये कमज़ोर पड़
[15:00]गए क्योंकि सालार भी गया और बाकी जो लश्कर था उसको प्रोपेगंडे
[15:05]के जरिए से मिले सामने खत्म कर व्हाय प्रोपेगेंडा यह करवाया कि
[15:09]वह संस्कार के दरमियान में अपने कारिंदे थी उनके मौजूद थे उन
[15:14]फिटिंग मौजूद थे वह कारण मिला शाम के शामिल होने के कारण
[15:17]देते उन्होंने यह ऐलान किया के इमाम हसन ने सुन कर लिया
[15:24]है हालांकि की नहीं थी लेकिन जंग के दौरान लश्कर के अंदर
[15:27]यह ऐलान किया अब जैसे ही नष्ट कर इमाम हसन के लश्कर
[15:31]को पता चला कि हमें आसन एक अलग चीज नहीं थी यह
[15:37]बेशर्म लोगों में दो कप प्रोपेगंडा जानते कहां पर रखता है प्रोपेगंडे
[15:40]की जो रिश्ता है हाउ टो प्रिंट की दिशा होती है जैसे
[15:47]इंसान की ज्यादा होती है रोटी है चावल है अन्ना जगन दो
[15:49]मैं इंसान की सजा यह बदन की प्रोपेगंडा भी कुछ खाता है
[15:53]प्रोपेगंडा भी फलता-फूलता और परवान चढ़ता है प्रोपेगंडे की बजाय का नाम
[16:02]है बेशऊरी है जो कोंब शो रॉक यह प्रोपेगंडा वहां पर बहुत
[16:05]ही भी मोटा-ताजा बन जाता है जुआ है प्रॉपरली अंडे के हिसाब
[16:11]से शव राम है अगर बेशर्म हो प्रोपेगंडा आसानी से परवान चढ़ता
[16:16]है इमाम हसन अलैहिस्सलाम की खोज मिली हुआ बेशऊरी की वजह से
[16:23]प्रोपेगंडा परवान चढ़ा और फिर क्या हुआ किमाम में फंसाने के अपने
[16:26]जांच करने पर पता चला ना यह मामला सुलह कर ली हालांकि
[16:30]नहीं थी लेकिन उनको यह बाकायदा बताया कि मामले सुनकर लिए प्रोपेगंडा
[16:37]किया है तो इमाम हसन का जो लश्कर था अब आप समझ
[16:38]से सुनने वहीं मुनह पर हथ जो आए थे इन्होंने क्या किया
[16:43]कि जब देखा कि शुरू हो गई सुना कि शुरू हो गई
[16:47]तो यह तो आइटम माले-गनीमत के लिए माल के रूप में के
[16:51]लिए इनको पता चला कि यह मामला जब सुनकर लिए ही नहीं
[16:52]थी लेकिन इनको जरिए पता चला कि इन्होने वापस इमाम हसन के
[16:59]चेहरों की जानिब बड़े और इमाम हसन के सीने में पर हमला
[17:05]करके किमाम कहीं सामान लूट लिया एक तारीख से अधिक जानें मोहब्बत
[17:10]इस तारीफ है अनुमति थिस आईएस मदर आफ क्योंकि बहुत लाभकारी है
[17:14]इसी हक़ीक़त हम तो रोज उसे सोने हुआ क्या है आई मां
[17:19]के साथ मौजूद के साथ मत 40 भी होती है उसमें भी
[17:23]तारीख से आई एम नहीं होती टीम की शहादत वाला तो उस
[17:27]पर भी उनका दोस्त करार नहीं होता होना चाहिए आप प्रकाश झा
[17:30]की अंग्रेजी शराब मैंने कहा कि मोहर्रम में टकरा करें और खुद
[17:34]आते हैं मानो शंकर तो उसकी चमरी ताकि हमें पता चले महामाई
[17:42]के साथ क्या हुआ बजाने कॉपर में बने इमाम हसन के लश्कर
[17:44]नहीं खुद ही अपने हमला किया इमाम हसन की राम ने मुबारक
[17:50]को जख्मी कर दी तो फिर मत चंद अपराध की पैरोकार थे
[17:53]जिन्होंने में हसन का दावा किया उचित चलाते यह ऐसा की हालत
[18:01]को कोसा नियमों के साथ क्या किया फिर तूफान इमाम हसन के
[18:07]साथ क्या किया है और उसके बाद अब कर्बला का दौर आता
[18:12]है अब 60 ज्यादा गई इमाम हुसैन ने काम किया अब यही
[18:14]फूफा खत लिख रहा है इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को कि विमान जब
[18:21]नुमाइंदा भेजा आपके सामने आप जानते हैं नुमाइंदा हुसैन के साथ क्या
[18:28]हुआ यो यो हनी कि आप जानते हैं अब हम यहां पर
[18:28]यह कि सिर्फ बयान की क्यों फॉर्म में ऐसी हो जाती है
[18:34]कि मार्क्स आप न दे पाए कि जम्मू शहर के माध्यमों का
[18:39]हो जाते हैं जिन्हें अंदर यह सिर्फ आप क्या सिर्फ है तब
[18:44]मुझे सुनने या आधा लिखित लाल कि खातिर कमाना में बयान कर
[18:49]चुका हूं इस तमाम मजा इसमें यह लखाया तिल है म अ
[18:53]धोकर बाजुओं यह तूफानों जनाबे जानिया जरा निकाल वह लगा दो पैर
[18:58]सरदारों व ख्याल रख जिलों गैरजिम्मेदार ओं वन मक्कार मक्कारों इन तीनों
[19:03]चारों Tubelight यह मुलाकात कर चुके हैं अब तंबाकू रफ्ता रफ्ता दाणा
[19:10]ओ खुदा तुम्हारे आंसू कभी खुशबू न करें है जहां पर सुनहरा
[19:16]के जुमले मैं बोला हजार सुप्रकाश तुम्हारे सीने कम से भर जाएंगे
[19:21]कि विपिन को धोखा नहीं दे रही थी कुछ नहीं हो रही
[19:27]थी तो फिर आगे क्यों हुआ फिर यह धुलाई अमरुद दिल बयान
[19:29]कि यह साइन इन तमाम मसलों को कम अश्लील न तीर न
[19:35]खाऊं तो हल्ला हमने बौद्धिक व तिनका हफाल तुम लोग हो तुम
[19:40]उस बनी इस्राइल की औरतों की तरह हो है जो पूरा दिन
[19:46]मेहनत करके काम करती है और शाम को अपने काम किए हुए
[19:48]मेहनत को अपने हाथ से जाया करती थी यो यो हनी कितना
[19:55]बेशऊर हो इतने सहमत हो कि तुम्हारी हालत और ध्वनि सुनाई और
[20:01]अच्छी तरह फिर आगे भी ने फ़रमाया तब तक कि जूनून आई
[20:02]नुकुम अल्लाह हू अकबर की चैन ना जाने कौन सी बात है
[20:09]यह बयान करूंगा आपने देखना है वह आना सागर की सिफत हम
[20:13]में हुई हिम्मत के साथ नहीं दे सकते 119 हरा गई है
[20:18]अलार्म है क्या करेंगे शुरुआत रखोगे कभी भी साथ नहीं दे सकते
[20:22]हैं आपको कि यह तब जरूर सुनी तब तक भूनना आई मानव
[20:25]तुम तुम ऐसी झूठी कसमें खाते हो में जुटी कसमें खाने वाले
[20:32]पहले फूफा का पहला महीना को मिला कि वह अलसी क्रिमिनल नक्सली
[20:42]व न जब तक मस्जिद सुनने सिर्फ कुछ सच्चाई जिनमें तुम ऐसी
[20:46]कसमें खाते हो जिनके अंदर सच्चाई नहीं है आगाह हो जाओ मैं
[20:52]तुम्हारे अंदर अब तो सिर्फ फाड़ते हैं असल आफ गवर्नर्स आफ कि
[20:57]पहली सिर्फ तुम्हारी यह है कि तुम झूठी कसमें खाते हो दूसरी
[21:02]शपथ के हैं कि अशरफ कि तुम भी यह मारते हो सलप
[21:11]स्वात के साथ मुझे अपने स्वाद लाम फाइल आप सब अरबी ज़बान
[21:14]में यह जुमला अरबी डिक्शनरी में इस्तेमाल होगा स्पेशल यश लव अरबी
[21:24]ज़बान में उस बादल को कहते हैं जो आता है गरजता बहुत
[21:27]है लेकिन बस थोड़ा है के बाद अनुभव नहीं होता है कुछ
[21:33]बादल सर्दियों के होते हैं कुछ बादल गर्मियों के होते हैं कुछ
[21:36]बादल पानी वाले होते हैं कुछ बादल बगैर पानी के होते हैं
[21:40]कुछ बादल गरजते हैं कुछ बादल बरस से कुछ बादल थोड़े गरजते
[21:44]हैं है और ज्यादा बरस से हैं कुछ बादल ज्यादा गरजते और
[21:48]कम बरसते हैं अरबी ज़बान में इन तमाम बादलों की शाम के
[21:54]लिए हमने हैं इतनी खूबसूरत दबाने अरबी इतनी मशीन है कुछ बादल
[21:57]में हो रही जो आकर ठहर जाते ही कुछ बादल होते हैं
[22:01]जो फॉर्म निकल जाते हैं आपने देखा ना आसमान के ऊपर बाद
[22:04]बादल होते हैं जो कि कल के जड़ो पर सड़कों पर रहते
[22:11]हैं बादल फौरन चले जाते हैं अब हर किसी के लिए अलग-अलग
[22:13]उम्र भी तमाम मुसलमान हुए साल जब सफेद अरविंद उस बादल को
[22:20]कहते हैं जिसके अंदर पानी थोड़ा होता है लेकिन शोर बहुत मजा
[22:23]आता है है अब देखिए जनाब जरा नींबू किससे तस्वीर दिए मैं
[22:29]तुम्हारे अंदर सल्फ है थे स्लो फैन तुम श्याम मारते और छोड़
[22:36]करते हो ढूंढ मारते हो शोर-शराबा न चाहते हो लेकिन है ऐसे
[22:41]काम नहीं करते जितना शोर करते हो है जितना तुम शोर मचाते
[22:48]हुए इतना सा नियुक्त नहीं है इतना काम नहीं करते जितना तुम्हारे
[22:51]अंदर चोर है फिर आगे भी ने फ़रमाया वन मतलब का मकसद
[23:00]रिलेशनशिप वसद रिमिशन आफ तुम्हारे दिलों में पीना है पसंद है कि
[23:05]अब यह बड़ी छोटी-छोटी से हाथ लग रही होंगी हमें असद की
[23:09]ना झूठे क्या चीज है मारुति दराज के मांस की मात्रा में
[23:14]कुछ भी नहीं है आज टमाटर में तो कर देंगे तो उस
[23:15]वक्त की जरूरत है ना ना है अमरुद मोमिन इसलिए फरमाते हैं
[23:23]कि इंसान भी क्या अजीब शहद इंसान विचाराधीन है झूठे को अकलमंद
[23:27]एक सच्चे को बेवकूफ और यह को खूबसूरत कहता है में जुटे
[23:36]तो हम कहते नाम सलमान कि मामूली सी साथ नहीं है यह
[23:40]नकुल सा मीणा योजना में शामिल जरा उनके बयान कर रही है
[23:46]फिर आगे बयान नहीं बल्कि इस झूठ है वन मलाकल मामा युवक
[23:50]जनरल आधा तुम्हारी हालत दरअसल ईंधनों की तरह कि सर हरीश कार्स
[23:59]की तरह क्यों है जरखरीद ज़मीन अपने आका की सुनती है खुद
[24:04]उसकी अपनी कोई मर्जी नहीं होती है वह लार होती है ज़रखरीद
[24:06]पनीर प्रॉब्लम होती है और फिर भी नहीं तो तस्वीर और अब
[24:15]से दिए ज़रखरीद भ्रष्ट सर खरीद करनी होती है कि अगर इसकी
[24:18]कुछ ममता लुट जाएंगे तो यह कुछ भी नहीं कर पाती सिवाय
[24:23]बाबेल आदि सिवा इस ओर से एकदम आप नहीं करती सामी नेहरा
[24:29]ने इसको तस्वीर दिए फूफा को पहली कि तुम जरूर खनिज औरतों
[24:32]की तरह हो ये सब हनी सर खरीद कमीनो की तरह औरतों
[24:41]की तरह हो जो अपनी ममता पर वाला करते हैं को पढ़कर
[24:44]दुश्मन के मुकाबले के लिए तैयार नहीं होते शोर मचाते हो लेकिन
[24:51]अमल मैदान में नहीं ऊपर आ गया जब माया बल मारा अल्लाह
[24:54]दम न तो जैसे सुनिए बड़ी अहम तरीन सिर्फ बयान की है
[25:01]सुनहरा ने दम मुन्ना की दाल मीनू महातम ना तबीयत सुनिए दम
[25:08]ना किसे कहते हैं दबाना या दमन दमन अरबी ज़बान में पहले
[25:11]अरबी ज़बान से बताता हूं किस चीज को कहा है जब तक
[25:14]यह मुलाकात हो जाएगी तो पता चल जाएगा कि इनको तस्वीर जिससे
[25:16]दिए तमन अरबी ज़बान में कहते हैं कि ऐसी थी घास को
[25:23]जो जानवर के पुतले पर उगती है है उसको दमन कहते हैं
[25:29]मैं आपको मिसाल देता हूं और आप लोग करते हैं यह है
[25:32]कि जब उन लोगों के ऊपर सफर करते थे कि सहवाग अंदाज
[25:35]सफल करते थे उनको के ऊपर तो फिर वह अपनी सवारियों को
[25:41]ठहराते हुए उतर के मसलन जब आराम करते समय लगाते थे अब
[25:43]वह कारवान कोई सा भी हो करवाने तिजारा तो यह किसी और
[25:47]मकसद के लिए कारवां जा रहा है वह अरब सफर करते थे
[25:51]तो यह करते थे ए पर्सन रास्ते में जब पड़ाव डाल देंगे
[25:57]इसमें डालते रहते थे तो क्रीम लगाते थे सेमेस्टर थोड़ा दूर जानवरों
[26:00]को मानते थे जो जिसमें सवार होते थे ऊंटों थे जिगर और
[26:06]जानवर होते थे थोड़ा दूर मानते परिणामों से वह जानवर वहीं पर
[26:09]फॉलो करते थे वहीं पर सबमिट करते थे फिर उसके बाद उन
[26:14]जानवरों को ले जाते थे उनके सवारी चूंकि वह बच्चे गए हैं
[26:21]फिर बारिश पड़ती थी कि उस पुतले के ऊपर जब बारिश होती
[26:23]थी तो उस पर फिर घास निकल आती थी कि उस पर
[26:29]घास निकल आती थी मीणा फिर उसको भी अ का रहमान के
[26:32]जो जानवर होते थे आंख हो पाते हैं को पूरा प्रोसेस चाहिए
[26:39]पूरा कामलता वह घास जो गंदगी में उनकी हो पुतले पर यह
[26:45]गंदगी करूंगी हो उस घास को अरब लोग दम ना कहते थे
[26:51]में समन्वय बना अभिजन मोहतरम तब मुझे अपनी सुनाओ जनाब नेहरा ने
[26:59]कहा कुमारी मिसाल तमन्ना की तरह है तमन्ना के पिंपल्स अधीक्षक रमित
[27:06]शर्मा हुआ प्रेम बुरे कर्म सल्लल्लाहू अलैही वा आलेही व सल्लम नहीं
[27:10]आ जो अपनी ख्वाहिश में रसूल अल्लाह ने बयान किया कि यह
[27:18]मेरे अ साहब बाबा साहब का नाम लेकर पैगाम सबको दिया कैमरा
[27:24]कम नहीं है कि दाणा से बच्चों का सामना से बच्चों अब
[27:29]साथ खड़े हो गए क्या लगे या रसूल अल्लाह की तमन्ना क्या
[27:31]आइए दमन किया है तो यह में अकरम ने कहा कि ऐसी
[27:35]घाट से बच्चों जो गंदगी पर होनी चाहिए कि ऐसी बात से
[27:41]बचा जो गंदगी होती है फिर एक और साहब खड़े हो गए
[27:46]करने लगे या रस मलाई बात हमारे समझ नहीं आई अगर इसकी
[27:51]और मजाक कर दें अ जो आपने कहा दम उसे बच्चों धमाका
[27:52]मुरासी है कि गंदगी पर उगने वाली घास फिर कहां के एक
[27:57]और यह पिछड़े वर्गों की यार रुक यह बताएं कि गंदगी पर
[28:03]उगने वाली घास से क्या हो रहा है आपकी इससे बच्चों से
[28:06]मुराद क्या है रसूल ने कहा कि यहां पर दम ना पराक्रम
[28:10]मुराद अली वह मुराद नहीं फिर फाइबर अकरम ने मुलाकात की और
[28:15]अपनी गुलाब जी और कहां के ऐसी खूबसूरत औरत से बच्चों जो
[28:23]बदकार खानदान में पैदा हो और बदकार खानदान की खूबसूरत औरत को
[28:29]निकाल मतलब होगा कि यहां पर प्रॉब्लम नहीं है जानती है यानि
[28:33]जो मना है वह कि शास्त्री चौक पर घास है लेकिन उनकी
[28:41]किस पर है गंदगी पत्र कि पत्रकार खानदान की खूबसूरत औरत से
[28:50]बचों तम्मना बस यहां पर कि यह नकुल फाल कि अ दमयंती
[28:58]और कसाव फंसा तुम्हारी मिसाल जमुना की तरह है कि तुम साहिर
[29:06]तुम्हारी सूरत एम बेहतरीन हैं सीरियसली गंदी हैं के सिर पर तुमने
[29:13]अपनी खराब कर लेंगे सूरत दे डाला है जाहिर तुम्हारा अच्छा है
[29:19]बाद SIM नाफा कर लिया बातें इंच अदरक हमने अपनी इस बात
[29:22]भरनी है फिर आगे भी ने फरमाया अल्लाह मरहूम दिला फाल में
[29:28]मक्का दमनात्मक मनुष्य कम मैं तुम्हारी कैसी है तो सब्जी की तरह
[29:32]मिलें यानी दम ना फिर आगे भी ने कहा कि मां कब
[29:38]ब्रह्मत्व कोमल धुंधला शाम मठ भगवान शिवजी को ओम तुम्हारी मिसाल उस
[29:43]सफेदी की तरह है जो कब्रों पर की जाती है में उच्च
[29:49]पद दिया होती है जो कमरों में की जाती है कुछ सफेद
[29:54]होती है जब यह सफेद युद्ध आपके सामने उसे मार खा के
[29:58]हॉल में की सफेदी नजर आ रही है यह आप देख रहें
[30:02]हैं यह बेहतरीन यह किस लिए यह आपकी आंखों को सी बारिश
[30:04]के लिए मेरा डिवाइस के लिए उपासना यह मांग और बंद होता
[30:07]है ताकि आपको ठंडक मिले सकून मिले इंसान जब देखता है तो
[30:12]आंखों के सभी उसके पहन पर भी असर जाता है इन सारी
[30:17]चीजों का यह सफेदी जो कमरों में हो जो हाल में हो
[30:18]जो मुताबिक जगह काम की होती है लेकिन खबर पर सफेदी करने
[30:24]से किसको फायदा मिलता है है न मुर्दे को मिलता है न
[30:29]करने वाले को मिलता है कि यह भी याद रखें तो हम
[30:33]अपनी इज्जत और मोहब्बत में अपने मुद्दे की मोहब्बत में हम लगा
[30:36]तो देते बहुत कुछ पहले भी लगा देते हैं सब कुछ लगा
[30:40]देते कुर्क ऊपर करते हैं ना अपना रोमिंग की को ठीक है
[30:44]अब हम मना नहीं कर सकते हैं आप अब यही समझेगा कि
[30:45]मैंने कुछ फतवा दे दिया क्या बनाई करना कुछ ठीक है आप
[30:50]करने लेकिन सवाल यह बनता है कि वह जो आलम में बरसात
[30:55]में चला गया उसको इन टाइलों से कितना अजीब मिलेगा क्या मिलेगा
[30:58]अ एक बेहतरीन शतक लगाने से उसको क्या मिलेगा उसके पास ना
[31:06]दिल्ली पहुंचेंगी ना सफेदी पहुंचेगी उसके पास वह आमाल पहुंचेंगे जो उसके
[31:12]अलावा रिटर्न करेंगे कि बिजली माल वहां पहुंचेंगे पकड़ बाकी तो हम
[31:17]अपनी अपील और मोहब्बत कि वह हम अपनी मोहब्बत में कर रहे
[31:23]हैं लेकिन उस मरहूम के पास ही जाएगा इसलिए बीवी ने क्या
[31:25]कहा तुम कब्रों पर की जाने वाली सब्सिडी की मांग लो कि
[31:29]ऐसी सफेदी जो किसी काम की नहीं है [संगीत] है लेकिन मत
[31:34]की जाती है तुम्हारी मिसाल इस तरह है इस पृथ्वी पर माया
[31:39]में इंफेक्शन लाई अलैकुम व फल शुभेंदु उन खुदा तुम से सख्त
[31:47]नाराज हो और तुम पर उसका मैं आशा अब हमेशा के लिए
[31:55]रहे हैं ऑफिस जाने मोहतरम यहां यह रुतबा इस तथा हुआ एक
[31:58]हिस्सा है यह फ्रूट देगा कि मैं पूरा खुदा भी चार-पांच में
[32:03]40 मनी पढ़ाई के हिस्सा है कुरकुरे खा यहां पर भी पीने
[32:05]से साथ बयान कि अ जुबान तो उसे सुनने शान यह बाजार-ए-हुस्न
[32:09]में आई क्या कर रही है है स्पेस तमाम खुद बाद में
[32:15]ना बीवी ने हमारे साथ का नाम लिया नश्वर का नाम लिया
[32:17]नापोली का नाम लिया यह नहीं कहा कि तुम रहे साथ मेरे
[32:22]भाई के साथ यह किया कि मरने यह खोलिए किया था और
[32:26]अब मेरा कहने का मतलब यह नहीं है कि मां जला यह
[32:29]बचे हुए इस सब लाना पुलाव है तू कातिल आने हुसैन जितने
[32:35]हैं सब नाना खुला है और अगर इनको बचाओगे तो बचाने वाले
[32:37]पर भी यह लाना चाहिए मैं इसे बचाने की कोशिशों को ना
[32:45]करें तो के अल्लाह ने जिनको लाना तुला करार दिया हो वह
[32:47]कभी भी अल्लाह की रजा के अंदर नहीं हो सकते को सुनाना
[32:53]शुरू कर दिया लेकिन तब और सुनाइए जनाब सोनिया रानी कि कातिलों
[32:59]का नाम नहीं लिया खुद में अगर और सादा से जमाने में
[33:07]कहूं कि यह को समाज जनावे साथ-साथ नेहरा ने कुर्सियों की FIR
[33:11]का ढूढ कि दूसरों के जुर्म में गिरफ्तार कर दी तुमने जुर्म
[33:17]किया है कि उनकी सिर्फ बताकर उनकी FIR है अगर मैं आज
[33:21]की सभा में सजाने के लिए कहीं कि हम FIR किसी कटवाती
[33:27]किराए के कातिलों की कटवा देना पल आया उसने गोली चलाई चला
[33:30]गया कार्य के लिए हो गई अब लंबा है सीख जाते हैं
[33:34]FIR कटवाते जाते नामक फूल के थोड़ा सा किसकी ऐसा प्यार करती
[33:41]है कट यह कातिल की है लेकिन सुनहरा कि लोंग टर्म प्लानिंग
[33:45]देखें शॉर्ट टर्म प्लानिंग नहीं बीवी का युवा long-term एक लंबे अजय
[33:53]को है कि दूर मकसद को हासिल करने की प्लानिंग जनाब सानिया
[33:57]जा रहा है कि और कुछ बात करना शाम में कुदा दिया
[34:03]सामना कर दिया कुएं में कूदा दिया बाज़ार में दबा दिया दरबार
[34:07]कर दिया कहीं भी कातिलों का नाम नहीं लिया या तो यह
[34:14]चीज को ललकारा या खामोश तमाशाई हम आपको क्यों टू कैश यानि
[34:17]अक्षरा जानती थी यह किराए के कातिल है यह किराए के कातिल
[34:23]हैं या अपने आकार की खूबसूरती के लिए आए हैं यह अपने
[34:29]मन शब्दों अपने होंठों की लालच में आए हैं यह इन हम
[34:30]आपके लिए हैं यह दुनिया पर आफ हैं कि दुनिया पर स्त्री
[34:36]के लिए आए हैं दुनिया लेने के लिए आए हैं अली भाटी
[34:42]ने इनके इनके नाम लिए बल के हमें बता दिया कि जब
[34:46]भी इसी शहर में इसी इलाके में किसी तरह या में किसी
[34:48]कौम में अगर वहां पर कोई जुर्म हो तुम्हारा रहबर मार दिया
[34:54]जाए तुम्हारा ही मार दिया जाए तुम्हारा क्राइब मार दिया जाए तो
[34:59]वैज्ञानिक कर दिया जाए या तुम्हारे ऊपर जुल्म हो तो याद रखो
[35:07]साल से बड़े मुजरिम खामोश तमाशाई कहलाते हैं को खामोश तमाशाई लाभ
[35:14]तालुकों जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है सबसे बड़ा तबका ही
[35:19]है यही खामोश शरीयत अली की निगाह में मुजरिम है 119 बता
[35:25]रही हूं यह समझते जो यह कहते कि मुझे क्या पड़ी है
[35:29]कि आज आप देख सकते हैं में इकलौता लूप का सबसे बड़ा
[35:37]यह है हमारे वश में नहीं है नजर दौड़ाई देखें मैंने खुदाई
[35:40]से लिए बयान किया है कि इस आईने में हम देखें कि
[35:43]खुदा न खास्ता हम इधर न खड़े हैं कर वाला आर्म होल
[35:49]है कर भला किरदार शादी की जगह यह मजाल ईजीली कमा की
[35:51]अली की बेटी में डुबा दे लिया तो उस पर जैसा कि
[35:57]जहां-जहां भी छाया का परिचय ऐसा क्यों ताकि फिर कोई कुर्सी पैदा
[36:03]ना हो है कि पूरी से बांधा बने पर शानदार शक्कर मलाई
[36:06]बनकर उठो या आओ आने के बाद अपने अंदर मुनफत परस्ती लेकर
[36:13]आए थे निकालो इस साल का जज्बा लेकर जाओ फिर अदाकारी का
[36:19]जलवा लेकर जाओ आए थे फर्स्ट ज्यादा पर अंदर झूठ था कि
[36:22]था झूठ निकालो सच्चों का तज़किरा संघ के सचिव बंधु आए थे
[36:29]राशि थे हों कर सकती है वह तेरे भाई का हकदार से
[36:33]वृषभ किया था बहन का किया था प्रॉपर्टियों पर कब्जा था यह
[36:39]था वह का जालिम थे आया जालिम था गांव सिर्फ अदालतें पहले
[36:44]बैक अदालत या पुलिस को इतनी सुनाओ जब टूट जाए तो सालिम
[36:52]बच्चा फिर भगवान शिव ने को आधुनिक रूप से इन मजदूरों की
[36:56]हिम्मत है क्यों बुलाया मुझे लिस्ट पर्स में एक रस्मी तौर पर
[37:00]माह के साथ एक अंग्रेज दो-चार बातें करूं दो-चार बातें पढ़ने वाला
[37:05]और फिर उसके बाद अपना मुआवजा ले और घर मिला क्या कौन
[37:09]को क्या दिया क्या हासिल किया है में मौजूद के साथ इतनी
[37:16]मजनू से होने के बाद भी अगर मुझको पी रहे तो आया
[37:22]देखो मजलिसों में जो है सेबी है या नहीं है के मशहूर
[37:24]पंजाबी हो और रोहित जैन अभी जब आएगी जब खुद आप सहमत
[37:30]होगा जब कलाम मिसाइल अभी होगा जब सीरत-ए-नबवी होगी जब इस फतेह
[37:33]तभी होगी जब हो रही है तभी होगी जब जरा कि इन
[37:39]मदरसों में सिद्ध कर दी जाएगी तमाम असरदार संयोग बन जाएंगे आप
[37:45]किसी के सामने नहीं झुकेंगे को जिम्मेदार इसे इसी नहीं रखी थी
[37:50]कि क्या कोई मुस्लिम तन्हा नहीं होना चाहिए कि अब तुम्हारे शहर
[37:55]का मौसम दिल हमारा पर नहीं लटके यह अली की बेटी देख
[38:02]रही है मैं तुम्हारे शहर में मुस्लिम समुदाय हैं अगर आप भी
[38:06]तनहा हो गया तो फिर तुमने कर्बला से क्या लिया कि तुम
[38:11]जिसको बुला रहे हो उसकी तैयारी के लिए तो था यह वर्ष
[38:14]कि यह है कि वह आएगा आकर विलायत करने सामने पेश कर
[38:22]देगा आएगा अल्लाह वादा है लेकिन मैं देखूं वहां आने वाला तो
[38:29]आएगा उसकी राह में मैंने कितना काम किए उसके लिए मैंने अपनी
[38:33]जमीन को कितना तैयार किया यह देखना है बस मैंने अलार्म ऑफ
[38:39]करो को तैयार था ना खुद आम कि सैयद सज्जाद फरमाते हैं
[38:44]हू अकबर जनाब साइन अजनबी शहर निभाकर खूबसूरत जुमले हैं दुनिया के
[38:48]अंदर हैं सही पर सजा दिया में है इमामे सज्जाद अलैहिस्सलाम फ़रमाते
[38:55]हैं परवरदिगार आ जो काम पुणे अपनी राह में मुझसे लेना है
[38:59]मुझ ही से लेना मेरी जगह किसी और को ना लाना है
[39:03]है तू कि तेरा काम नहीं रुके यह घटना सफल होकर रहेगा
[39:10]है हैं लेकिन देखना यह उस हक की राह में मैंने कितना
[39:13]किरदारों था कि सफल तो यह बनता है ना इसलिए सैयद सज्जाद
[39:19]सूरज डूबने के खुदा या खुदा या मेरे साथ तबादला मत करना
[39:23]अब आप मेरी जगह पर किसी और को ना ले आना फिर
[39:25]अल्लाह कभी वादा है जो और मे थे बेस्ट ऑन हो जाएं
[39:31]जो काम है जिम्मेदार हो जाएं अपनी जिम्मेदारियों को आधा ना करें
[39:35]फिर खुदा का वादा है हम ऐसी कम लाएंगे सुरेश मैदा अलग
[39:42]रहा है अगर तुम अपनी जिम्मेदारियों को अदा नहीं करते हम ऐसी
[39:46]को मिला लेंगे जो अल्लाह और उसके रसूल से इतनी मोहब्बत करते
[39:52]होंगे कि अपने खानदान से इतनी नहीं करते होंगे जितनी अल्लाह और
[39:57]उसके रसूल से यह अरे मोहम्मद बताया फिर कहा कि वह कौन
[40:03]होंगे व होंगे जिन जो अल्लाह और रसूल से मोहब्बत करते होंगे
[40:06]अल्लाह और रसूल उनसे मोहब्बत करते होंगे जो अल्लाह की राह में
[40:11]इससे कामत दिखाएंगे दूसरी सफेद जुट जाएंगे जो गैरतमंद होंगे जो इज्जत
[40:16]और शराफत का दर्द लेकर आएंगे जो जालिमों के सामने झुकने वाले
[40:20]नहीं होंगे जो है हाथ मिनट जलाकर मैदान में होंगे जो तिलक
[40:27]को झटक चाहिए जो हो रही है गत वर्ष लेंगे कि तीसरे
[40:32]शपथ बयान की लव मदर इन लॉ ऐम्ड जो लोगों की मला
[40:34]मतों की परवाह किए बगैर अल्लाह की रहमत जारी रखेंगे के लोगों
[40:40]की मलामत तो में नहीं आएंगे लोग क्या कहते लोग कहते हैं
[40:44]यह यूं है लोग कहते हैं कि यह कर रहा है लोग
[40:47]कहते हैं कि चना खा रहा है लोग कहते हैं यह कर
[40:51]रहा है वह किसी का जवाब नहीं देते वह अल्लाह की राह
[40:53]में चलते रहते हैं अपने मकसद पर निगाह रखते हैं मलामत और
[40:58]बैक परवाह नहीं करते फिर आप फ्री सिर्फ बयान की नाम अलामतों
[41:03]के परवाह करते हैं इस प्रकार मत दिखाते हैं मला मतों की
[41:06]परवाह किए बगैर है और फिर बयान किया अल्लाह ताला ने यही
[41:12]तो हिजबुल्लाह हैं तो यही बोलना क्लच कर है इस बार लाइट
[41:15]सुधाकर नच कर रहे कि इस बोला कोई पार्टी थोड़ी है एक
[41:19]अलार्म्स करें जो हर ज़मीन पर बैठ जाते खुदा को चाहिए कि
[41:26]हर ज़मीन पर चाहिए कि यह स्टे जिम्मेदारी अधिकांश मोहर्रम अली की
[41:33]बेटी ने बताता है कि अब कोई को फाड़ना बने हैं क्या
[41:38]हुआ क्या है कि बेशऊर अगर हो तो जानते हो क्या होता
[41:46]है अगर बेशर्म लोग हो और इंसाफ के हो तो उस फूफा
[41:48]के अंदर मस्जिद एक फूफा में अली जैसा इमाम शहीद होता है
[41:53]कि अली जैसे इमाम के स्तर पर चपत लगती है कि अगर
[41:58]बेशऊर हो है तो इमाम-ए-हसन गिराने मुबारक जख्मी हो गई कि अगर
[42:07]बेशऊर हो है तो सभ्यता का बेटा कर्बला में तन्हा भूख और
[42:11]प्यास के आलम में कत्ल किया जाता है कि अगर बेशर्म लगते
[42:17]हो शुरू रखने वाली ना हो नींबू को ना पहचानता हूं किमाम
[42:23]क्या चाहता है तो हजारों पुत्र सरदार आकर कहते थे कि इमामे
[42:26]सज्जाद अली अकबर कपूर साहब बात पूजा का समय कपूर सा हजारों
[42:32]फिर सरदारों की मौजूदगी में सैयद सज्जाद कहते थे मेरे पास बीच
[42:37]या नहीं इस बीच और हूं तो सैयद सज्जाद 40 साल होते
[42:39]हैं कि अगर बेशर्म हो बेशर्म हो अपने अंदर मित्र आपको जहां
[42:48]न तो बिजली पैदा ना करें तो इनमें इस साजिश के पास
[42:50]4000 शागिर्द हैं लेकिन इमाम सभी को कहते हैं ऐसा बीर मेरे
[42:57]पास शत राशियां नहीं है कि अपने हक के लिए है और
[43:01]सुझावों का सदैव स्वागत 2014 कोट 14 साल मुख्य क़ाबिल तेरे दिल
[43:10]में को 14 साल और हां से हम हो गई हैं 14
[43:13]साल कैद में हैं का दावा पुलिस जिला पर रखे थे कि
[43:18]मजदूरों ने आकर उठाया कि अल्लाहू अकबर सवाल नहीं बनता कि वह
[43:23]चाहने वाले थे वह वहां जाते लेने वाले थे वह जो आते
[43:26]थे दर पर बाउल आवाज के आते थे सवाल बनता है ना
[43:31]तारीफ में क्वेश्चन मार्क क्वेश्चन मार्क सवालिया निशान तारीफ में मौजूद दें
[43:36]कहां थे वह कहां थे भरे बाउल हवाई से हाजत लेने वाले
[43:43]तुम्हारा बाउल हवाई 14 साल के अंत में का स्वामी बनता मुजरिम
[43:47]है वह ऑलमोस्ट रोग वह मोड तमाशाई जैन अभय मुद्रा के निकाह
[43:50]में मुजरिम है अल्लाह की ने कहा मुजरिम है कि पक्का है
[43:57]पूरा फूफा एक शहर नहीं है फूफा एक इलाका नहीं है उपाय
[44:03]एक नजरिया है फूफा एक सोच है इसलिए अली की बेटी ने
[44:06]कातिलों की नहीं नजरिए के अख्तियार करती है का नजरिया प्रकार ठीक
[44:13]है उस सोच पर साइलेंट मेजॉरिटी और गैरजिम्मेदारी स्रोत पर सुनहरा नहीं
[44:19]यार यह उपाधि कर दो कि आप जानते तो क्या होता है
[44:25]अगर वे चारों कि टीम आमिर कसाब को गिरफ्तार करते हैं मदीना
[44:29]से और मामू उनके कारिंदे आते हैं आप अपने जूतों के अंदर
[44:34]मैं अपने कमीनों के अंदर असलहा लेकर आते हैं चूड़ियां लगाकर आते
[44:40]हैं खंजर लेकर आते हैं किमाम में राजा कहते हैं अगर मैं
[44:44]ना जाऊं तो हटाकर दिखाते हैं आज हम आपको जबरदस्ती ले जाएंगे
[44:49]हम में ऐसा कहते हैं यह जाओ घर में गए अपने घरवालों
[44:51]को बोला मेरी अज़ादारी करो कि अल्लाह हू अकबर तन्हा हो गया
[44:57]जरा का बेटा था का अभिमान शहीद नहीं हुए पहले आपको सारे
[45:02]रोगों मुझ पर हो ऐसा क्यों एक पाठ शायद कोई मदीना से
[45:09]निकलना है शहादत को याद कर पूछ ले क्या एल्बम के घर
[45:11]में क्या हुआ तारीख गवाह है किमाम में राजा का खानदान रोता
[45:16]रहा किमाम में राजा को गिरफ्तार कर कि थोड़ा सा ले आए
[45:22]मदीना निकल केविन पूछा क्या हुआ कि यह खामोश अक्सरियत कि अगर
[45:31]बेशऊरी वषरें में हो तो 25 साल जवानी के उम्र जमाने की
[45:38]हालत में 25 साल की उम्र में जवानी के आलम में नवेलीम
[45:42]घोषित किया जाता है जो मनुष्य शाम को कब घोषित किया जवानी
[45:49]में यह कुछ इस साल जवान होता है कि अगर बेशऊर हुं
[45:54]फैमिली को सामरा लेकर 242 साल 42 साल से ज्यादा उम्र नहीं
[46:02]है 42 साल में शहादत हो गई ऐसा गठन माहौल बना दिया
[46:05]जालिमों में आज शाम को जुर्म का जवाब किसने दिया खामोश अक्सरियत
[46:11]नहीं है मैं इसी वे नौकरी की वजह से जाम दूं क्या
[46:13]हुआ सामरा में ले आए हम यूज करी को है और इतना
[46:20]मजलूम है इमाम अस्करी इतने मसलों में के जिंदगी में अपना भी
[46:25]वाजिब भजन कर सके में नजरबंद कर दिया सेट कर हैं असरदार
[46:31]इमामत के साथ देने के लिए सबसे पहली चीज आ जाए रथ
[46:36]को बींध कर चुके रत्ना वो इंसान मोहम्मद नौशाद ने पाक 300
[46:42]ML होता रहता है उसको परवाह नहीं होती व्रत बहुत जरूरी है
[46:45]कि यह रात हुसैन इब्ने अली को मकर भलाई है ए कर्बला
[46:51]है अब इसको आलम गया बेशर्म लोग बैठे हैं किमाम में गिरफ्तार
[46:57]होगा कि वे समुद्र अगर मिलाते हो ना तो 1274 साल से
[47:07]ऊपर दर एप्स देखता है कि खुद देख रहा है कौन है
[47:12]आप बोल रहे हो कि वह इमाम फौरन चाहता है कि हक
[47:19]ना सिर्फ हो जाए है लेकिन कोई मां रोता हुआ था उस
[47:20]समय जुम्मा है ना सब सूना है के बाद थोड़ा सा और
[47:27]गुलाम कहते हैं कि सभी जुमा ज़माने के इमाम की बारगाह में
[47:31]हमारे आर्म होल जाते हां बाबू राव कहते हैं कि कि इमाम
[47:36]की बारगाह में हमारे आर्म होल जाते हैं कि उस पर इसमें
[47:41]देखिए वह इमाम के पास जाता है हमारा माल नामक तो बहुत
[47:46]बुरा कहते हैं किमाम रोते हैं आ गिरा करता है वक्त किमाम
[47:53]थिस पेज यह हमारे आर्म होल पर तिरिया करता है मैं बस
[47:56]इतना तो कर सकता हूं ना आ जाए तो करें अपने इमाम
[48:00]से हैं मैं इतना तो कर सकता हूं कि कम से कम
[48:04]अपने हम आपको यह हम तो ना दूं कि आपने गुना तो
[48:07]कम कर सकता हूं ना कि तुम्हें लिए तैयार रहेगी हम ना
[48:11]तू क्यों कहा जाता है और उससे मां के दिल ना-उम्मीद पहले
[48:14]ही बहुत कम है हां जानू कौन-कौन से हम है सैयदना की
[48:17]पसलियां टूट देंगे हम है यह पसंद है [संगीत] हां बन गया
[48:30]को उजाड़ दिया यह रोम है में कुल मालिक हम है का
[48:35]रुख के बाद मेरे माल जाएं उसे पाम के लिए कितना गांव
[48:40]में ऐड करो ए म्हांरै आपको रोकने के लिए जन्नतुल बकी काफी
[48:46]हैं रोने के लिए कर्बला काफी है मैं आपको अब असलियत नहीं
[48:48]दूंगा क्योंकि मैं यहां आपके धर्म से मंसूब हूं और जानकर क्या
[48:53]हम है वह मां जेहरा देना रिया में कहते हैं मेरा साला
[48:56]मेरा सलाम उन खुशियों टॉप और जिनको वक्त शहर अभी पानी मयस्सर
[49:07]न कितना बड़ा हम है विलेन आजमी ने मां में असफल तो
[49:11]फिर वह इमाम आगे बढ़कर फिर कहता है ज्यादातर नतीजा मेरा सलाम
[49:19]मेरा सलाम उस खुश गले पर जिस पर खंजर रुक-रुककर चला है
[49:24]और फिर गोलियां कहता है मेरा सलाम उन नन्ने नन्ने रुखसारों पर
[49:32]जिनके रंगत विक्रमशिला सेतु फॉर और फूफा से शाम तबदील हो कि
[49:37]पशुओं को मतलब और इमामे ज़माना के दिल पर एक और हम
[49:42]है जानते हो क्या काम है है क्योंकि हमारा का ताबूत बरामद
[49:48]होगा बस 2 उबले हुए राजा के हवाले से चढ़ का यह
[49:49]माना कि दिल पर एक और हम ओके मेरा को क्या कहा
[49:54]जाता है गरीब लोग और आपक कि गरीब अख्तर और उर्दू में
[50:00]शरीफ उसको कहते हैं जिसके पास माल हो पैसे ना हो लेकिन
[50:02]अरबी ज़बान में जरिए उसको कहते हैं जिसका वतन छुड़वा दिया गया
[50:09]है है जिसका कोई मददगार ना हो जिसका मुनीश या वर्मा हो
[50:11]उसको गरीब कहते हैं मारता पोखरी हो रहा क्यों कहते हैं तो
[50:17]किमाम में राजा को मंज़िलों नियत के आलम में ले आए दूर
[50:21]ले आए अब जानते हो क्या हुआ अब किधर है इस पर
[50:22]आसान के अंदर कौन आया है जानते हो दिमाग में राजा की
[50:27]शहादत हो गई शहादत के बाद आया है कौन था यह माह
[50:32]में राजा की बहन है दो मासूम है इसको म है यह
[50:36]बहन है यह बहन भाई की मोहब्बत मैं निकल आई है दीन
[50:41]का दिखावा करते हुए आई है तीन फैलाते हुए आई है तस्लीमुद्दीन
[50:43]करती हुई आई भाई से मिलने के अनुसार थी लेकिन जब आई
[50:50]तो क्या देखा भाई अब जिंदा नहीं था भाई जहर दे दिया
[50:56]था लाइनों ने साजिश हरदिया पर जानते हो क्या हुआ जब मामू
[50:59]ने जब इमाम को तनावमुक्त के लिए कहा ना कि तनाव पूर्ण
[51:04]करें तो इमाम जब खा चुके ना तो फिर और कहने लगी
[51:08]और उठाएं हैं उड़ीसा ने कहा कि तेरा मकसद पूरा हो गया
[51:11]है मैं तेरा मकसद पूरा हो गया है का तुझे चाहता था
[51:17]व हो गया बस सदा रहो अब सुनना दो जुमले सनम साहिब
[51:22]के गांव में राजा जब जिस तरह मर्ज़ पर है न लेते
[51:27]हुए विचार-विमर्श पर तो अब हम रवि कहता है शादी में रहता
[51:29]है जो वहां पर मौजूद था वह कहता है कि इमाम रजा
[51:33]को कई और सुन सकूं कि क्या हुआ कहां शहर इतना खतरनाक
[51:39]था कि शहर के साथ जिगर के टुकडे निकलने लगे है वही
[51:45]ज़हर जो ऑप्शन ए मुस्तफा को दिया वहीं शहर इतना खतरनाक चेहरे
[51:51]में फंसा दिया असरदार और भी कहता है कि किमाम में राजा
[51:54]की शहादत का वक्त आया ना तो शहादत के वक्त जान तो
[51:58]क्या कहते थे अपने हमको याद नहीं किया यह नहीं कहते थे
[52:05]हाइब्रिड में जन्म हुआ बस एक झलक रहे थे या हुसैन या
[52:10]हुसैन यह झगड़ा करते थे और जानते ही मन में बसा के
[52:12]दिन पर सबसे बड़ा कम किया था वहीं रंजो सैयद सज्जाद को
[52:16]था कौन सा हम फाइव वहीं ग्राम जजू पूछा जाता का मामला
[52:25]सबसे ज्यादा मोबाइल कहां टूटे किमाम में नहीं कहा खबर की शहादत
[52:29]इमाम हुसैन की शहादत इमाम ने नहीं कि आप मास की शहादत
[52:34]इमाम ने तीन बार कहा अश्लील अश्लील अश्लील असद रॉय मेरा अ
[52:43]लुटेरों से गुजर गए रूम प्रवेश कर गई ना इमाम रजा के
[52:49]लिए तमाम हुआ फल दिया गया कफन दिया गया है तमाम के
[52:55]साथ जला सा उठा मोहिउद्दीन ने शिरकत की सीईओ ने शिरकत की
[52:58]पैरोकारों ने शिरकत की बहुत अच्छी तरीके से अधिक फीस हुई हां
[53:07]जुनूनियत मेहमान को जहर दिया साजिश के तहत दिया गरीब लुट कर
[53:10]दिया लेकिन कफन मिल गया आह स्लो हो गया तस्वीर हो गई
[53:16]इनमें तक कि निभाए जा से इमामत सब कुछ कर दिया लेकिन
[53:23]एक जवान में टक्कर वाला दिखाओ जब उसको पापा के लाचे पास
[53:27]से गुजरा की परवाह क्वेश्चन [प्रशंसा] कि जो भक्त लाएं जयपुर है
[53:43]पाप कल शाम बिल्कुल रुक पनपा हो और लुट को कफ़न ना
[53:52]दे सके भिक्षु को और मैडम कैसी हो झाल
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