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Aqeeda Rajat Aur Hazrat Essa | H.I. Kazim Abbas Naqvi
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24/07/29
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Record date: 05 Dec 2021 - عقیدہ رجعت اور حضرت عیسی
AL-Mehdi Educational Society proudly presents new Executive Refresher Course for the year 2021 under the supervision of specialist Ulema and Scholars who will deliver though provoking lectures Every Weekend.
These video lectures are presented by aLmehdi educational society, Karachi for our youth.
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Transcript
[0:00]झाल मैं सऊदी लाश मिला रैली में घोषित और भजियो बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम अल
[0:20]हमदुलिल्ला ही रब्बुल आलमीन अस्सलातु वस्सलाम महिला रसूले करीम अमेज़न बाहरी ला
[0:28]सीढियां बृहती अल्लाह फ्लावर इन रोहित रॉय लाल मीणा ने तोरापे मदन
[0:36]महल सिद्ध झाले इस महान मां बाप ला ला ला रखी है
[0:48]कि हिना पटेल मसीहाई सब नंबर या नाम पर सुलभ ही अ
[0:54]जय हो माता चालू हो व माशा अल्ला हू अल्ला किंतु यह
[1:00]लो हम्म फाइनल अध्यक्षता लुट पीडीएफ दर्शक के मन हो मालूम ही
[1:08]मिनरल मिनिरल नक्शा इंजन व कि व माकपा चालू हो या करीना
[1:17]बर्फ डुबा हुई मकान नंबर हो अजीजन हकीमा दुरुस्त पड़ेगा माता मोहम्मद
[1:24]आलम शुभे [संगीत] और सुनाओ कि मुझे कल शाम मिनिमम तरह बजाने
[1:34]ग्राम में था जब आज की जो गुप्तगू हमारी उसका जो मौजूद
[1:41]है आप यकीन उसकी तरफ मतलब बच्चे होंगे आधार रोचक और हज़रत
[1:45]अली सलातो सलाम इधर जब के हवाले से मैं एक आपके दबाएं
[1:51]इससे पहले एक को फसल गुप्त गुरु पेश कर चुका हूं जिसमें
[1:59]हमने दौरान से इस बात को साबित किया था है और इस
[2:03]बात को लग्न भी समझाया था कि रुज़ू का माना रजत का
[2:08]लाभ काजू से निकला है वह जाए यह निपटना है है और
[2:12]इस पलटने से क्या मुराद है उसमें जो कुरान के हवाले से
[2:17]हमारे पास पतली पहुंचे उधर राजावत का असल माना जो पलटना है
[2:24]वह दुनियां के अंदर बाज अपराध का कयामत से पहले एक मर्तबा
[2:27]दोबारा पलट कर आना यानि दोबारा जिंदा होना अब यह जो कयामत
[2:32]से पहले दोबारा जिंदा होना है बाद सफर रात का था यह
[2:37]कुरान से शापित है या नहीं उसके मैंने दिल आप की अदालत
[2:41]में पेश किए थे उसकी दलील आपके सिर पर पेश की थी
[2:43]और आपके स्वप्न दोष क्या था कि फटाफट देख कर हम इस
[2:47]सिलसिले को बार हुआ था पौराणिक कर ई-मेल जिक्र कर चुका है
[2:54]और हफ्ता हमारे पास और बहुत सारे अब्दुल्ला इस बात के दलीले
[2:57]हमारे पास मौजूद है कि जो के इस बात को साबित करते
[3:03]हैं कि परवरदिगार के लिए यह अमर खत्म ना अजीब है ना
[3:07]ऐसा है यानि कि चीज है चीज इसको अल्लाह तबारक व ताला
[3:09]इसके ऊपर का दौर है दो कि अंजाम उसने नहीं दिया उसे
[3:15]लेकिन कुछ चीज़ें ऐसी है कि जिनको परवरदिगार ने अंजाम देकर दुनिया
[3:21]में दिखाया यह तो रजत का जो कांसेप्ट है रज्जाक का जो
[3:24]अ खरीदा है रज्जाक के हवाले से जो बहस से परवरदिगार ने
[3:29]न शेरिफ इस अपराध को दोबारा ज़िंदा किया मारने के बाद बल्कि
[3:32]इशकजादे को कुरान का एक हाथ में मसंद एक नई जना पढ़ो
[3:38]जरा लेंथ सलातो सलाम के दिन का पहला दर्ज कुरान ने किया
[3:43]कि सभी को अल्लाह तबारक व ताला ने शॉट साल मुर्दा मौत
[3:46]कमर हलवा गुजारने के बाद दोबारा ज़िंदा किया और मैंने बहुत सारे
[3:51]दिला थे जो पेश किए हैं कि हज़रत अली सलातो सलाम का
[3:57]जो ताल्लुक है और रजत से नहीं है घर के लिए अगर
[4:02]हम समझना चाहे तो कौन सा मैडल किस जगह पर पैसा आएगा
[4:03]तरतीब से अमर क्या है तो तरतीब से अमृत यह है कि
[4:11]कयामत से पहले एक मामले में जमानत ले सलातो सलाम का जो
[4:13]हूर [संगीत] है और हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम को सलाम का नुजूल यह
[4:26]दो अलग-अलग चीजें नहीं इस चीज को हमेशा अपने जमने क्लियर रखना
[4:32]है क्या हजरत गाड़ी साइलेंट सलातो सलाम से मुक्त राज्य जो वह
[4:36]तैयार है यह जो चीज परेशानी है वह नजूल है तू नजूल
[4:42]है इसलिए कि हमारे पास रिवायात और पुस्तकालय शिया सुन्नी दोनों की
[4:47]रिवायत हैं कि जो यह बताती है कि अल्लाह तबारक व तआला
[4:52]ने हज़रत को उठा लिया और चौथे आसमान पर उनको महफूज रखा
[4:57]हुआ और उनको फिर उस जमाने में जो कयामत से पहले हैं
[5:00]परवरदिगार उनको दोबारा नाज़िल करेगा आ है लेकिन अब मामले सलातो सलाम
[5:09]इसी दुनिया में हमारे दरमियां ही मौजूद है लेकिन रहमत में है
[5:13]रहमत के मुकाबले पर जो अमर पेशा कब अमृत क्या है उस
[5:18]जहूर रहे इसके बाद के बारे में खुद एक बार हालात जहां
[5:24]पर हजरत अली सलातो सलाम की वफात भी होगी इमामे ज़माना सलाम
[5:26]लाल सलाम के हवाले से भी जुड़वाया बताती हैं कि आप को
[5:33]शहीद किया जाएगा लेकिन आई एम की शहादत पर दुनिया का निशान
[5:36]अल्लाह तबारक व ताला खत्म कर देगा तो यहां से यहां पर
[5:41]एक हकीकत है खास जो रजत का पिता कहा जाता है और
[5:46]यह सीधा मुक्तसर रहस्यों से पेनिस अतिथि देख पर राशियों के इलाहाबाद
[5:51]शहर कोई और मकतब विमान उस तरीके से नहीं रख सकता और
[5:58]उसकी जुबां से बचा है वह यह कि उनके पास इमामत का
[5:59]कांसेप्ट नहीं है और ना ही दबदबा से मात्र अ कांसेप्ट तो
[6:05]है मामलों की हुकूमत का मुझे इलाही वादा है उसका कौन सब्जियों
[6:08]के पास नहीं है लिहाजा मैंने पिछले कुछ दशकों में भी आपके
[6:13]खत्म एप्स किया था उन लोगों के नजदीक कयामत जो है वह
[6:18]दुनिया में इसी बुराई का ज्यादा हो जाना अब उनको समझ में
[6:19]नहीं आता कि कयामत कैसे आएगी तो उनके नजदीक क्या है कि
[6:23]दुनिया में बुराइयां ज्यादा हो जाएगी तो गांवों में मशाल ज्यादा होंगे
[6:26]तो अल्लाह तबारक व ताला पूरी दुनियां के देर शाम को खत्म
[6:31]कर देगा और इस निशान को खत्म हो जाना कयामत लेकिन हमारा
[6:33]का क्या है हमारा खुद यह के परवरदिगार कई माता मार्ग पर
[6:39]इस बात को ईशांत शर्मा चुका है कि मैं मतलब फरमाया कि
[6:44]हमने जयपुर में यह चीज लिखती है यह चीज तय हो गई
[6:49]है कि मैं अपने साले इन थानों को यार इस वह लार
[6:50]उनको अरे भाग्यशाली लखन मैं अपने सालेह बंदों को क्या करूं का
[6:58]या जमीन का बारिश बनाऊंगा सूरा कसस में अक्षत शर्मा तो मंजूरी
[7:01]दो और नमूना एंड एलर्जेंस तुरंत फलाहार कि हमने इस बात का
[7:07]इरादा किया हुआ है कि हम मिनट पुजारी करेंगे एहसान करेंगे उन
[7:10]लोगों पर जो ज़मीन में जज्ब कर दिए गए वचन हम आई
[7:13]एम उनको एवं और लीडर बनाएंगे कुंदनमल बारे सीन और उन्हीं को
[7:19]हम ज़मीन के ऊपर विरासत अब इस विरासत से क्या मुराद है
[7:21]इस वजह से सम्राट जमीन का सारा कंट्रोल जमीन की जो सारी
[7:27]की सारी मालिक है वह इंच वाले अपराध के हाथ में जाएगी
[7:33]पशुओं का इलाज का जो स्थिति है वह कैसे होना है कि
[7:35]यह जमीन सालेम के हाथ में जानी है और साले हीम व
[7:40]हुकूमत ए इलाही या जमीन पर आई एम करेंगे और जब हुकूमत
[7:45]ए लाइफटाइम होगी तो क्या होगा शक्कर अलकमा ऑफिस संवाद एवं आफ
[7:49]र जमीन अब इन हो ज़मीन-ओ-आसमान में जो कुछ भी है वह
[7:56]सारे कसारा हमने तुम्हारे लिए मुखर कर दिया है तुम्हारे अंडर कंट्रोल
[7:59]देती है अब आप जब इस पॉइंट को इंसान हासिल कर लेगा
[8:05]यह बिल्कुल उस उधर शेष अगर मैं बच्चों को इस बात की
[8:06]मिसाल दूं कि जब आप वीडियो गेम खेलते हैं शुरू करते हैं
[8:11]तो जब तक आप उसका गेम का पहला लेमन ग्रास नहीं करते
[8:18]कंप्लीट नहीं करते तब तक आप दूसरे लेवल में दाखिल नहीं हो
[8:20]सकते शर्त क्या है शर्त यह है कि आपने पहले लेवल को
[8:25]पूरी तरह से कुर्क करना है कामयाबी के साथ अगर आप किसी
[8:31]एक जगह पर भी फेल हो गए तो इस हेयर के साथ
[8:35]आप अगले मामले में दखल नहीं हो सकते एक्जेक्टली कयामत का जो
[8:39]मरा इसीलिए कयामत को जो महाराज के नाम चयनित वापस पलट कर
[8:43]आना पहले हम एक बंद मकान से आए हुए हैं और हमने
[8:45]दोबारा उस ब्रह्म काम की तरफ जाना है अब इस मकान की
[8:50]तरफ जाने के लिए सिलसिला यह नहीं है कि एक ही आप
[8:54]मोहल्ले में फेल हो गए और फेल होने के बाद दूसरे बदले
[8:58]में पहुंचे नहीं यह कौन से अपनी कांसेप्ट क्या है कि इंसान
[9:01]इस मामले में कामयाब होगा जब नीम के ऊपर वह महालय कामयाब
[9:08]हो जाएगा तो खुद ब खुद ऑटोमेटिकली आप दूसरे बरेली के लिए
[9:11]मादा होंगे और वह दूसरा वाला क्या का यह मत है कि
[9:16]अब इस दौरान साले इन की हुकूमत को कायम करना एक जुमला
[9:21]कह देता हूं ताकि आपके और हमारे चैनल के पास रह गए
[9:27]लेकिन की हुकूमत बनेगी यह जो साले कमीने जमीन पर अपनी विरासत
[9:30]को कायम करना है यह कैसा इरादा है परवरदिगार का जो हक
[9:34]में है कि होना है यह हमारा और आपका किरदार क्या है
[9:42]इसमें हम और आप केमिस्ट्री कि इस जिला में कहलाता है एक
[9:45]चीज जो करवाते कैटेलिस्ट पत्नी-बच्चों नहीं चीज पढ़ी है या नहीं पड़ेगा
[9:49]केमिकल रिएक्शन जब होते हैं तो केमिकल रिएक्शन में सेव बाद रिएक्शन
[9:56]बड़े तेज होते हैं हम तो पास संस्थानों को बाद में पता
[10:02]लगा कि एक चीज दिखाना में ना है जो कटलेट कहलाता है
[10:05]अगर उसको इसके अंदर डाल दो तो यह जो तेजी से होने
[10:10]वाला रिएक्शन है यह स्लो होता है उसका फायदा क्या होता है
[10:13]उसका फायदा यह होता है कि आपको वह स्लो जब एक रिएक्शन
[10:17]जैसे अगर कोई चीज बड़ी तेजी से गुजर चाहे उसको स्टडी करने
[10:21]के लिए क्या किया जाता है स्लो मोशन उसको देखा जाता है
[10:23]जब स्लो मोशन में देखा जाता है तो आपको पता लगता है
[10:27]कि यह चीज कैसे गुजरी क्या हरकत करती हूं कुछ इसी तरह
[10:32]से केमिकल रिएक्शन में बाद जब एक सैनिक तेज होते हैं कि
[10:35]जैसी आपने दो केमिकल आपस में मिलाएं फौरन उसका नित्य सामना करता
[10:41]है आप इस दौरान यह जो थ्री तेजी से अमल आया है
[10:46]पर अमल हुआ है में काट लें इसके गैदर डाल दो उस
[10:52]रिएक्शन को स्लो कर देगा इसके अलावा उसका कोई फंक्शन नहीं होता
[10:55]कैटल्स क्या करता है उस फंक्शन में उस चीज में उसका कोई
[11:00]अमल दखल नहीं होता है लेकिन उसकी रफ्तार को स्लो कर देता
[11:02]है इसी तरह से ब्लैक है बाद रिएक्शन क्या होता है स्लो
[11:07]होते हैं यह कुदरती तौर पर उन्होंने स्लो होता है कैटेलिस्ट होता
[11:10]है वह क्या करते हैं आकर उसकी रफ्तार को तेज कर देते
[11:15]हैं यह जो पहला राधे-राधे ला ही है यह जो अल्लाह तबारक
[11:17]व ताला ने जमीन पर अपने सामने रख यह साले बंदूक हुकूमत
[11:22]कायम करना है हुकूमत इलायची बनी है जमीन क्या कंट्रोल इंसानों और
[11:27]साले हीन के हाथ में जाना है काइनात का कंट्रोल साले हीन
[11:31]के हाथ में जाना है यह राधेलाल ही यह तरह के होकर
[11:34]रहेगा यह होना है कि मेरा और आपका किरदार कटे लिस्ट कर
[11:39]आ जा रहा हम खुद अपने अंदर इस्लाम करें अगर हम अपने
[11:45]मन आश्रय के अंदर इस्लाम तलब होम अगर हम चाहे के हुकूमत
[11:51]इलाका एवं हो और उस हुकूमत ए इलाही या के क़याम के
[11:56]लिए मुसीबत किरदार अता करें तो हमारी इस ला हमारी मां शरीर
[11:59]के अंदर इस्लाम की कोशिश हम हमारी हुकूमत ए इलाही या को
[12:05]कायम करने की कोशिश है वह कैटल्स बन जाएंगी कि जो इस
[12:06]प्रोसेस को तेज कर सकती हैं और इमाम का जुहूर हजरत अली
[12:11]सलातो सलाम करनूल यह सारी चीजें जल्दी पेश आ सकते हो है
[12:16]लेकिन इस वर्ष अब अगर हम और करें कितने साल हो गए
[12:20]हमको गायब हुए 12 साल अ कि यह जो 12 साल लगे
[12:25]हैं अगर गौर करें तो हमारी तरफ से मसला क्या है इसका
[12:29]मतलब इसका मतलब यह है कि हम उल्टा कैरेक्टर संभाल कर रहे
[12:31]हैं पर आप हमारा जो असर उलटा हो रहा है हमारी रफलत
[12:36]हमारी इस्लाम की कोशिश ना करना हुकूमत इस्लामियां अदालत के क़याम इन
[12:41]तमाम चीजों की साज़िश हमारे दिल में पैदा ना होना यह बार
[12:46]हमारा कमलबास बन रहा है कि इमाम के ज़हूर का जो फल
[12:51]मिलना है उस लो हो गया है और उसमें देर हो जाएगी
[12:54]कि दादा हमारा काम है कि हम वह मुहब्बत किरदार अदा करें
[13:00]कि यह जो काम है यह तेजी से अंजाम पर खूब हजरत
[13:04]अली सलातो सलाम के मसूद के हवाले से अब्बास रॉक आज की
[13:11]दुनिया में सूखे नारियल बता शुभकृत 2066 हैं इनमें सबसे पहला जो
[13:14]1 मसला है अभी पिछले दिनों को एक डॉक्टर साहब है और
[13:19]यह एक मुश्किल बनी भी हमारी इस वक्त के अधीन इस वक्त
[13:22]सबसे ज्यादा यह तीन हुआ पर है कि डॉक्टर है इंजीनियर है
[13:30]चार किताबें पढ़ने के बाद अपने आपको दिन का स्पेशल समझने लगते
[13:35]हैं है ऐसे अपराध यह मार्क्स अरे कब बदतरीन नागपुर हैं यह
[13:38]मात्रक के साथ 629 को मेरा यह ब्लाउज सख्त लगे लेकिन उनको
[13:43]अपने ग्रे बालों में झांककर देखना चाहिए कि आप अगर मेडिकल डॉक्टर
[13:50]है तो आप अपनी स्पेशलाइज्ड फील्ड में किसी नॉन स्पेशलाइजेशन को मदाखलत
[13:56]की इजाजत हरगिज नहीं देंगे आप कभी भी नहीं चाहेंगे कि कोई
[13:59]शख्स जिसने प्रॉपरली मेडिकल ना पड़ी और डिग्री मनाली हुई हो वह
[14:05]शक आकर लोगों को दवाइयां तो जरूर करें अ तो फिर आपको
[14:09]यह किसने दिया में देखिए यह हमारा को का म्यूजिक कम किसी
[14:14]को रोकें अ ये सवाल सिर्फ यह बात सिर्फ यह है कि
[14:18]अगर आपको इतना ही शौक है कुरान पर डिस्कस करने का इतनी
[14:19]ही आपके पेट में मरोड़ उठ रहा है कि आप उठ कर
[14:23]आएं और पूरन के बारे में लोगों को बताएं तो खुदा के
[14:27]लिए उससे पहले वह वॉल्यूम हासिल करें वह स्पेशलाइजेशन हासिल करें कि
[14:31]जो उसके मुकद्दमा है और उसके बाद आकर फिर आप लोगों के
[14:37]दरमियान में अपनी तकलीफ करें जो आपने करनी है आरोपी के ही
[14:39]सिर्फ जवान के 14 सालों में कितने उनमें जो आपने पड़े हैं
[14:45]लिप्तता इस तरफ लेफ्ट या कि आपको इतना कानून नहीं आते आपको
[14:48]पुराण के अपने अंदर स्पेशलाइजेशन हो रही आज सिर्फ दौरान के अंदर
[14:54]आजकल पीएचडी हो रही है या तो आप आए आप और आपके
[14:58]ही अंदर चम्मच कंपीटीशन है उसके बाद आणा करें भीम के तमाम
[15:01]के तमाम इसीलिए जो अलार्म को फसल को तो लाभ को ओम
[15:07]जाकर या मजहब जाकर यदि गर्भ और साथ में जाकर 1520 भी
[15:12]सच्चे सच्चे साल लगते हैं वह इसी वजह से लगते हैं अपने
[15:13]अगर अपनी बात करूं एकनामिक जो मांस करने के बाद पीएचडी लेवल
[15:18]तक की पढ़ाई या करने के बाद जब वह जेल में गया
[15:22]हूं और मौजूदा मैंने पढ़ना शुरू किया तो पहली मर्तबा मुझे अंदाज़ा
[15:24]हुआ था वह जब उलूम की डेस्क इतनी ज्यादा है उसके मुकद्दमा
[15:30]की रिक्वायरमेंट कितनी सदी है आप अगर फर्स्ट करें किसी एक खेल
[15:33]में मेडिकल में आप दाखिला लेना चाहते हैं तो उसकी कम से
[15:37]कम बताए रिक्वायरमेंट क्या है यदि आपने इंटर में बायलॉजी पड़ी हो
[15:41]उसके बाद डॉक्टर बनने के काबिल हैं आप अगर डॉक्टर की डिग्री
[15:45]ले सकते हैं लेकिन हौंसले के मुकद्दमा इतने आसान नहीं है वह
[15:48]जो इतना आसान नहीं है कि आप दो किताबें पढ़ने के बाद
[15:52]चार किताबें पढ़ने के बाद आपको जप में दर्शन खर्च मैं आ
[15:54]सकता हूं दर से खारिज में वृद्धि के लिए आपको कम से
[15:59]कम 14 या 15 साल पढ़ने की जरूरत है और कम-अज-कम भी
[16:03]25 से 30 उलूम के अंदर महारथ जरूरी है जिसके बाद जाकर
[16:08]आप इस काबिल बनते हैं कि आप दर्शक खर्च में बैठ सके
[16:09]बैठने की काबिलियत पर शक और इसमें तो आप अंदाज शौचालय के
[16:15]दर्शन खरीद लेने की काबिलियत होनी चाहिए ज्यादा हमारे यह मजाक नहीं
[16:18]है यह चीजें चार दिन कुरान का तर्जुमा पड़ा चौथे दिन अगर
[16:22]आप पूरे आलमे इस्लाम की जाती है को चैलेंज कर रहे हैं
[16:24]मसाला नाच के लिए शिवा फैला बाय कि हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम को
[16:28]सलाम कला में माहिर क्यों उठाया है और उसके लिए बच्चन दलील
[16:34]का देर हैं उसके लिए दलील दे रहे हैं और आने मस्जिद
[16:39]की एक आयत को और उसका भी आधा हिस्सा आले इमरान की
[16:41]सूरह आल इमरान की आयत है पर नंबर आया था इस 55
[16:47]नंबर आयत को बुनियाद बनाकर हजरत अली सलातो सलाम के हवाले से
[16:51]एक शुभ की जांच करें इस आयत में अल्लाह तबारक व ताला
[16:56]खैर शर्मा रखकर यह धप्पा लल्ला हो गई साया हिस्सा इन्हीं मुक्त
[17:00]व श्रीकांत वर्मा शिव का 11वां अवतार कमिनल नगीना का स्वरुप है
[17:07]है और जब अल्लाह ने कहा या इशारा मैं इन्हीं मुक्त व
[17:16]फीका मैं तुम्हें अब यहां पर अपना का जुर्माना आपके घर में
[17:20]होगा वफात का जो मैं आपके जहन में लोकायुक्त धंधा कर रहा
[17:25]है मैं तुम्हें अब यहां पर उन्हें बुनियादी मतलब क्या रहे हैं
[17:29]वह बसपा का जप के सेंड है तो फत खुद बरसात का
[17:33]अपना माना क्या है यह बताए बगैर लोगों के जहन में एक
[17:38]शुभ की जांच करके kg बहुत कम नंबर मरना है और मरने
[17:43]का माद्दा करके आगे क्या बनाकर इसमें कहीं नहीं कहा जाता झाला
[17:47]ने किया इशारा फाल मैं तुम्हें मारूंगा का यह निकाला था लगा
[17:55]कि कहीं अल्लाह ताला ने कहा चुके अल्लाह ताला आप देखें अपने
[18:00]लिए लोग मगर युद्ध अलाव जलाने में इस्तेमाल किया था कि मैं
[18:03]जिंदा करता हूं और मैं मानता हूं कि अल्लाह तबारक व ताला
[18:09]ने अगर यहां पर बाज़ी तौर पर यह फरमाना होता कि मैंने
[18:11]तुम्हें मारा है तो सबसे ज्यादा शरीर ही लफ्ज़ मौत का है
[18:17]कि मैं तुम्हें मारूंगा जो मैंने तुम्हें मारा मैं यहां पर नव्या
[18:24]बहुत इस्तेमाल किया आप जब नीम की आयतें पढ़ते हैं और वहां
[18:28]पर भी नज़र वफ़ा आता है तो वहां पर आप क्या कहते
[18:29]हैं अब यह अजीब सी बात है कि वहां पर आप कहते
[18:33]हो कि वहां पर अल्लाह तबारक व ताला ने वख्त बिल कहकर
[18:38]आपको यह समझाया है रात की वफात जब जो इस आयत के
[18:43]अंदर आगे उससे ज्यादा शोधित खरीदा मौजूद है वफ़ा के हवाले से
[18:48]अ थे लेकिन रात में वफ़ा के माने क्या है रात में
[18:51]बहुत के माना भी यह है वफ्फा यह जूस को लंबे बरसात
[18:56]हम इस्तेमाल करते हैं इससे मौत का मना लेना यह मजा जी
[19:02]है वरना वफात क्लब द्वारा भी मैं कहीं पर भी मौत के
[19:05]मामले में इस्तेमाल नहीं होता है अब इस आयत को आप बिना
[19:11]बना रहे हैं और किस बात है को झुठला रहे हैं उस
[19:14]वाकई को के जिसके बारे में कुरआन ने बहुत ही सराहनीय से
[19:16]इतनी सरहद से गुफ्तगू की है अगर यह वाली आयत सामने मौजूद
[19:21]हो और फिर भी कोई शक यह कहे कि अल्लाह तबारक व
[19:25]तआला ने हज़रत ईसा को मारने के बाद उठाया है तो उससे
[19:26]ज्यादा जाहिल आदमी कोई नहीं होगा आ में केस किया है सूर्य
[19:32]को कारक है निशा की 176 आयात है 157 आयात है परवरदिगार
[19:38]इरशाद फरमाता है वह कबूली हीम इन्ना कत्लल मशीन यह की सपना
[19:42]मरियम रसूलल्लाह व उनके लोगों का यह कहना कि हमने हजरत आई
[19:47]मशीन आई सपने मरियम जो कि अल्लाह के रसूल है उनको कत्ल
[19:53]किया है मां का चालू हो वहां सैलाब हो व लेकिन शुभ
[19:55]हलाहल हम ना उन्होंने कत्ल किया और ना ही उन्होंने मसूद किया
[20:02]बल्कि उनके लिए आमिर मुस्तफा हुआ उनके लिए शुभ इजाद हुआ अवश्य
[20:06]किया था अरे वाह यार उसकी तरफ नजर है कि जो शख्स
[20:10]अदरक को लेने के लिए आया था अल्लाह तबारक व ताला ने
[20:15]उसकी शक्ल को तब्दील किया और वहां पर चढ़ सकी तरह दिखाई
[20:17]देने लगा हजार 400 सलातो सलाम को अगली आयत में अल्लाह तबारक
[20:23]व तआला के अच्छे अवसर आता है बर्रा फाल्गुन माह ऑयल आई
[20:29]है बल्कि अल्लाह ने उसको अपनी तरफ उठा लिया है है अब
[20:32]यह जो ग्राफ हाथ जमाना है आप जाकर देख लीजिए पूर्व प्रधान
[20:37]और रिवायात में मौत के साथ आप को रेफर का मध्य कहीं
[20:41]नहीं मिलेगा कि रजा कमाना मिलेगा वसल्लम कुरान की आयत कहती है
[20:46]कुलवंत सिंह झाल मौत हर शख्स को हम चाहे बेनिफिट्स को मौत
[20:52]का जायका चखाएंगे चम्मच इलायची ना तू जाऊंगा उसके बाद जबरदस्ती तुम
[20:57]हमारी तरफ वोल्टास है अ कि इस तरह के बहुत सारे माता
[21:02]मानते हैं कि जहां पर परवरदिगार ने अपनी तरफ पलट नहीं की
[21:04]बात की है अपनी तरफ आने की बात की है लेकिन कहीं
[21:08]पर भी अल्लाह तबारक व तआला ने मौत के साथ रफ्तार कमाना
[21:15]इस्तेमाल नहीं है टॉर्च लाइट पुराण के लहसुन यह बात समझ में
[21:18]आती है quora क्या कह रहा है पूर्ण राज्यत्व पर कैरेटिन हजरत
[21:23]यह तिल किए गए ना हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम तो शैलो वहां पर
[21:26]जो आप कमा कर रहे हो वह गलत है और अगर हम
[21:30]माना करें भी तब भी दूसरा माना कि है इससे वहां पर
[21:34]इस्तेमाल किया है इसका लल्ला हो जाए इस आपको किसने कहा कि
[21:39]यह शुरू हो चुकी है यह जरूरी नहीं है कयामत के बहुत
[21:46]सारे बात याद को अल्लाह तबारक व ताला इसी नहर में बयान
[21:48]किया है इस दवा दिलवा कर इस जूस का तेल और तो
[21:52]जलता हुआ था यह सारे के सारे जितने भी वाकई जाते हैं
[21:56]यह जितने भी कयामत के पास रह है इन तमाम मसाइल के
[22:01]लिए प्राण मासी का शिकार इस्तेमाल करते क्यों उनके हाथ मी होने
[22:03]पर अब इस आयत में भी जहां पर अल्लाह तआला फ़रमाता है
[22:07]कि अल्लाह तबारक व तआला ने इससे कहा कि मैंने तुम्हें मारा
[22:09]इसका एंड माना क्या है क्या लहरतारा हमारा अक़ीदह है कि मौत
[22:16]हज़रत ईसा को जरूर आएगी लेकिन यह मौत हो चुकी है यह
[22:20]पॉइंट से साबित नहीं है दौरान से कोई चीज साबित नहीं है
[22:22]इस है तब से जो चीज है आप यह कब हो सकता
[22:26]है आने के बाद मौजूद करने के बाद दोबारा आप की मौत
[22:29]वाकर होगी और आप इस दुनिया से जाएंगे यह इस बात की
[22:34]तरफ इशारा होना इंकार मौजूद है और जहां इंकार किया इस्तेमाल पा
[22:37]जाए वहां पर स्थित लाल बत्ती हो जाता है तो यह धप्पा
[22:42]ऑन कीजिएगा इस आयत के अंदर मुसलसल हज़रत आइशा खूबसूरत वस्सलाम के
[22:47]जमाने से लेकर आज तक जो चीज सबसे ज्यादा पेश आती रही
[22:52]है वह क्या है वह कैफियत क्या है वह कैफियत कि है
[22:56]कि इस आयत का मजहब चुके हज़रत अली अलैहिस्सलाम तो सलाम कि
[22:59]मशरूम नीयत की जो कैफियत थीम उनके पर जुर्म किया गया कि
[23:05]ने अपने तईं आपको ऐसे ही ना अपने तई व हजरत ऐसा
[23:10]को कत्ल कर चुके हैं अपने गुमान में वह व्रत यह को
[23:12]मशरूफ कर चुके हैं के जरिए हजरत अली साधना कछुए न मरू
[23:22]हुए लेकिन अपने खेल में यह काम कर चुके हैं इस कैफियत
[23:23]ने भी हजरत की मजबूरी थी जो कैफियत को इजाद किया उसका
[23:29]नतीजा यह निकला कि इस साहित्यिक जमाने में इतनी तेजी के साथ
[23:32]फैली है कि यहूदीयत और इस आयत के या उस जमाने का
[23:38]इस्लाम आप उसको कह उसके मुखालिफत करने वाली तमाम कूवत और ने
[23:45]शिकस्त खाकर और आप जानते हैं आप भी तक दुनिया में जो
[23:47]सबसे बड़ा मजहब है वही चाहिए ना है और यह कुरान की
[23:54]इस आयत का आगे चलकर पुरानी सीआई अपने फरमाता है कि मैं
[23:57]तुम्हारी फॉर्म को क्या करूंगा जिगर तमाम कामों के ऊपर का ध्यान
[24:03]रखूंगा अदरक का यह महालय भी आज हमारा आप देख रहे के
[24:08]दौरान की आयत के मुताबिक बिल्कुल साथ बिल्कुल बासे और साबित कि
[24:11]उस फॉर्म को अल्लाह तबारक व ताला ने उस वजह स्पष्ट झलक
[24:15]उनके जो इस्तेमाल करने वाले हैं उनके मानने वाले हैं वह आज
[24:18]तक दुनिया में सबसे बड़ी तादात में है कि यह तादाद यकीनन
[24:27]कि इस्लाम यदि हम दुश्मन को बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो
[24:33]सकते थे ज्यादा तो शैतान पर सिरका है अब उसकी तारीफ है
[24:36]इंशाह अल्लाह यह उसके हवाले से गुफ्तगू कभी मौका मिला तो तफ्सील
[24:42]से करूंगा आज सिर्फ इशारा कर देता हूं है कि शैतान परस्ती
[24:45]की जो यह बताता है वह हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम तो सलाम के
[24:52]जमाने में वहां से युद्ध के जब सामग्री नामित जादूगर अब यह
[24:55]जादूगर बनी इस्राइल का है ताकि लोकसभा बनी इस्राइल के कबीले से
[25:00]ही है वो और यह वह शख्स है कि जिस में हज़रत
[25:05]मूसा अलैहिस्सलाम तो सलाम के साथ वह रास्ता भी तय किया है
[25:13]जो दिल के दरमियां शो करें अ है या मीडियम और जय
[25:20]इलाइची को इतने नजदीक से देखना और हिस करना कि हमारे यहां
[25:25]कोई छोटी सी करामत हो जाए तो लोगों ने काले हो जाते
[25:29]हैं कि इतना बड़ा मौजूदा देखना कि पानी दोनों तरफ ठहरा हुआ
[25:39]हो खट्टा जमीन खुश हो गई हो और आदमी इंसानों के कबीले
[25:41]के कबीले जो है वह उस पानी के दरमियान से उदयपुर करें
[25:48]अब कि अब इंसान इस कैफियत को थोड़ी सी भी देर के
[25:50]लिए सो चे तो मौजे को इतनी नजदीक से देखने वाली कौम
[25:56]को बजा हेर उतनी ही शिद्दत से तो हित पर सोना चाहिए
[26:03]था है लेकिन बनी इस्राइल वह बहुत कम है कि जो इतने
[26:05]शदीद नवजात को देखने के बावजूद भी हसरतें मूसा 30 दिन के
[26:13]लिए गए हैं अल्लाह ने उसको 10 दिन को स्टंट किया 10
[26:18]दिन की मुद्दत में सामग्री के कारणों में पूरी की पूरी कौम
[26:23]गोशाला प्रश्न के बछड़े की परस्तिश में बुत परस्ती में मुब्तला ओ
[26:29]ओ थे कॉलर ने अलग सजा दी सामग्री को अलग सजा दी
[26:35]सामग्री को मनफूल बना दिया लाने कैसे बनाया कि अल्लाह तबारक व
[26:41]ताला ने इसको सदा यह दी यह जब भी किसी चीज को
[26:45]छूता या कोई चीज इसको टच कर जाती तो वह बीमार होकर
[26:50]मर जाता है कि क्या भी फर्ज करें कि कोई जानवर की
[26:56]सामग्री से टकराया बीमार होकर उसी वक्त पर्चे है कि किसी ने
[27:03]गलती से हाथ लगा लिया बीमार होकर मर जाएगा यह जिस चीज
[27:07]को हाथ लगाता था वह जाती थी बीमारों के कुछ कि अगर
[27:14]ऐसा आदमी उस दरवाजे से अंदर आ जाए है मैं तुझे हो
[27:19]गए यहां पर अ कि मौलाना सभी सब लोग तोड़ लगा देगा
[27:27]में या दूसरा काम क्या करेंगे ऐसे शख्स को अंदर दाखिल की
[27:35]तीव्रता हो तो सामग्री को ला चाहिए अजीब किस लिए दिया ताला
[27:38]ताला ने ताकि यह शख्स अपने गुनाह की तरफ मुतवज्जे हो और
[27:44]तौबा कर दो है लेकिन क्या होता है बालों का आपके इंसान
[27:46]इतना स्पष्ट फितरत हो जाता है कि उस अज़ाब और उस सजा
[27:52]से बजाएं इसके के मुख्य वजह और तौबा करें उल्टा अल्लाह तबारक
[27:59]व ताला का श्रद्ध दुश्मन जब अ कि लालसा इस बंदे ने
[28:01]यह जो आज फ्री में सर्विस के नाम से आप चीजें सुनते
[28:04]हैं इल्यूमिनाटी के नाम से सुनते हैं और इस तरह की बहुत
[28:08]सारी चीजें हैं यह जाएंगे समझो आप सुन रहे हैं यह सारे
[28:11]के सारे बुनियादी तौर पर वह शैतान पर सिर्फ हैं जिसकी बिना
[28:17]सामग्री रखी और इन्होंने यह वह लोग है कि जिन्होंने तारीख में
[28:20]एक दिन के अंदर कई लंबी इलाही को कत्ल किया है हैं
[28:25]यह लोग है कि जो फिर उसके बाद भीम के इलाही निजाम
[28:31]के बदतरीन दुश्मन और आज तक भी अधीन के जो बदतरीन दुश्मन
[28:37]है इस्लाम के जो बदतरीन दुश्मन है वो ताकि जो बदतरीन दुश्मन
[28:41]है वहीं फॉर्म और यह व्रत हैं कि मजहब वे इस आयत
[28:48]मे लव इसके बाद करो ताकि हमारे चैनल में के इस्लाम का
[28:52]होगा तो मुझे थोड़ा सा जड़ें मजबूत हो जाएगी है इस्लाम ही
[28:55]जो हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम व सलाम लेकर आए वह भी इस्लाम है
[28:59]लेकिन उसको हिस्सा इज्जत में या उसको मौजूदा शक्ल में इन्हें राहत
[29:09]देने में सबसे बड़ा किरदार जो है वह नफरत है और एक
[29:11]काम जो उन्होंने बाद में किया वह क्या था खुद कातिलों ने
[29:16]आकर यह जिन्होंने कोशिश कीजिए 1977 आफ किया अच्छा आप यह जो
[29:23]यह तरफ करना है आप और कीजिएगा यह तरफ करना कहां खतरनाक
[29:29]है इसे तरफ का खतरा यह है कि जो काम नहीं हुआ
[29:35]है लोगों को की तरह मत बच्चे करना ना कि यह दिन
[29:39]से इन्हें राहत देने के लिए बेहतरीन तरीका क्या है लोगों के
[29:46]जहन में में सुबह रात को इज्जत करो आप हजरत ऐसा तक
[29:51]नहीं हुए हजरत इसा मशरूम नहीं हुए लेकिन कातिल आकर क्या कह
[29:54]हैं खुद तरह के कत्ल के इस तरफ मासूम है कोई नहीं
[29:59]करता लेकिन यहां पर चुके जहाजों को सुबह में डालना था ज्यादा
[30:02]यही लोग आकर यही जो दी जिन्होंने कत्ल किया था यही शैतान
[30:07]पर ससुरालजनों ने हजरत के कत्ल की कोशिश की थी कत्ल नहीं
[30:12]कर सके लेकिन आप एक खराब क्यों कर रहे हैं एक तरफ
[30:13]इसके करें क्योंकि आमिर को मुफ्त में बनाना है विभागीय जांच करना
[30:20]है हवाई जहाज मोड़ कहां हमने मारा कुछ हफ्तों से हमने मारा
[30:25]हमें नहीं करना चाहिए था वगैरह-वगैरह लेकिन आगे इसी को किसलिए इस्तेमाल
[30:28]किया गया क्या के भाई मारा कत्ल कर दिया लेकिन हजरत का
[30:34]कत्ल होने का फायदा यह हुआ देखो कि तुम्हारे हजरत ने मजदूरों
[30:36]में प्रकट हो गए और आपका कत्ल है वह पूरी उम्र तो
[30:41]पूरी इंसानियत के निर्यात का है की बजाय इसके के ताकत जिलों
[30:49]से इंतजार किया जाए वह लोग के जो खत अगर फक्र कत्ल
[30:50]कर तरफ करें तो होना चाहिए का बदला लेना चाहिए एक नबी
[30:57]के खून का बदला होना चाहिए अगर आपकी नजर में वह बाद
[31:03]में खुदा का बेटा भी बन गया है तब भी क्या उसका
[31:04]फोन हक बहाना जाहिर है क्या तालीमात हजरत ऐसा यही है कि
[31:11]लोगों को मशरूम कत्ल कर दिया जाए अगर हजरत कि यह नहीं
[31:14]है और मजलूमों का साथ देने वाला दिन है तो जालिम के
[31:20]मुकाबले पर रहते जांच का यह क्या तालीम थे हजरत एडिसन धुंधला
[31:25]में जारी किए हैं कि जो भी कातिल हो जितना मर्जी शुरू
[31:27]कर दो उसको भी माफ कर दो मैं इसका बाप है तौर
[31:32]पर नतीजा क्या निकलेगा इसके बाद तौर पर नतीजा निकलेगा वह फसाद
[31:34]तो इसको फिर कंट्रोल नहीं कर सकता को खुद आगे चलकर आप
[31:42]देखिए कि कर्बला के हवाले से भी जोशी बहुत है वह अच्छी
[31:47]तरह से लोगों के जहन में ताले जाए आप वहां कत्ल नहीं
[31:48]हुआ था तो उन्होंने एक तरफ किया कि हमने कदम किया है
[31:53]और आज का जो शैतान पर सिरका है मुसलमानों के रूप में
[31:58]वह क्या कर रहा है जो कत्ल हुआ है उसका इनकार कर
[32:02]रहे हैं कभी कहता जीत हार नहीं था कभी क्या तो उसने
[32:06]तो आदमी पास किया कभी कहते उसने कुछ और नहीं किया कितने
[32:09]गुनाहो को छुपाकर आ आप कितना झूठ बोलोगे ना कि हज़रत ज़ैनब
[32:16]सलामुल्लाह अलैहा का कर्बला की निस्बत जो सबसे बड़ा कारनामा है वह
[32:20]यह है कि आपने उस दरबार में खुद में देखकर तारीख में
[32:25]एक ऐसी कैफियत को रकम कर दिया है कि आप जैसी ईद
[32:31]के ऊपर उसके जितने भी नाजायज औलादें आकर उसके ऊपर ना जाए
[32:37]इस पर्दा डालने की कोशिश करेंगे उज्जैन अभी किरदार हर दौर में
[32:39]उन पलों को चालू करता रहेगा अ में चना बेचारा सलामुल्लाह अलैहा
[32:46]का तज़किरा आपकी आज समाप्त किए हैं क्या आपने कर्बला को सुबह
[32:48]हाथ में छुपने नहीं दिया है ए पर्सन अगर आप इस बातचीत
[32:54]के ही जाए कि हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम को सलाम को अल्लाह ने
[32:56]अगर जनाबे जैनब जैसी कोई बहन दी होती तो शायद कई सालों
[33:01]सलातो सलाम की जो स्वीकृति और आपके जो कोशिश थी वह भी
[33:06]उसी तरह से मैं पूछ रहे थे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को सलाम
[33:08]पर अल्लाह तबारक व ताला कई किसान क्या है 24 आवर चैनल
[33:11]सलामुल्लाह अलैहा जैसी कैसी बहन जी है कि जिसने भाई के मिशन
[33:17]और उस सारी कोशिशों को सुबह हाथ का शिकार होने दिया है
[33:21]कि ऐसी तारीख रकम कर दी बीवी ने शाम में जब बड़े
[33:24]से बड़ा यदि तो औलाद भी अगर आ जाए तो अपने बाप
[33:28]के ऊपर पर्दा नहीं डाल सकता था में लाकर भला जो ताकि
[33:36]पूरे तारीख में महफूज रही है उसकी एक वजह क्या है जाह्नवी
[33:38]किरदार है और आज अगर हम मशहूर मौजूद है तो यह याद
[33:43]रखिएगा कि हुसैन किरदार और देने भी किरदार एक-दूसरे से जुदा नहीं
[33:52]है अगर मैदान इकरार पर शाहेब तो खून करो हुसैन किरदार कहलाता
[33:55]है अगर मैदान 1000 ना हो तो पैगाम कर रोजाना भी किरदार
[34:01]कहलाता है जो दोनों ही कर्बला के रहा है और अगर मैदान
[34:04]ना हो तो प्रणाम का रुख जारी रखना जब तक जमीन पर
[34:09]बातें मिलता हूं तो यह विधेयक का एक वर्ग भी बात है
[34:16]जनाब किरदार वालों की जिम्मेदारी पाती ज्यादा तारीख में क्या हुआ मशरूम
[34:20]यह तय हज़रत आइशा यह नहीं है मजदूरों में दहशत ऐसा यह
[34:25]है कि जिस चीज के मुकाबले पर उन्होंने काम किया था जिस
[34:28]चीजों से लोगों को रोकना चाहते थे उन्हीं के नाम पर उन्हीं
[34:33]के नाम केसर यह से उस सारी चीज को खत्म किया गया
[34:38]जो तहित का अपने जमाने में सबसे बड़ा प्रचार करने वाला था
[34:40]कि उसके कत्ल की बात को आज दिल की बात को आम
[34:44]किया गया तो मसल यह था कि बंदा कत्ल हुआ क्या कि
[34:47]जब उस शख्स को क़त्ल करके मशरूफ करके उतार के उसको कवर
[34:52]में रखा गया एक जगह पर रखा गया जमीन में तो उसकी
[34:53]शक्ल अपनी पढ़ाई अब प्रॉबलम यह थी कि जब यह गए तो
[34:58]देखा कि फिशप्लेट हुआ है यह तीसरा कहां गए आम रॉस ने
[35:03]हो चुका था यह बात समझ में आ चुकी थी कि जिस
[35:07]शख्स को अपने कत्ल किया है जिस पर हमने मसरूफ कि यह
[35:13]हत्या हिस्सा नहीं थे लेकिन भतीजा गए कहां पास है थी कि
[35:15]हज़रत अली सलातो सलाम को उठा लिया गया लेकिन था दरमियान में
[35:20]वह शैतानी फिर का आकर क्या कहा कह रहा है वह गहरा
[35:24]नहीं ऐसा नहीं हुआ बल्कि वह क्या होगा वह जिंदा हो गए
[35:26]हैं और अब वह तुम्हारे दरमियान में मौजूद है और मरने के
[35:31]बाद योनि एक दफा कत्ल हुए हैं जो हमने किया उनको हम
[35:35]लोग को मजबूर कर दिया था लेकिन वह चले गए और अल्लाह
[35:37]ने क्या किया इस सड़क मार्ग उनकी जगह हटाती है कि अब
[35:42]यह पूरा अमर पुस्तक गजब हो गया तो इसी का नतीजा क्या
[35:46]निकला इसी का नतीजा यह निकला कि हजरत को बजाएं नुबूव्वत से
[35:51]याद करने के हजरत ही के जरिए यह क्षेत्र के मकान को
[35:53]जारी किया गया और आपको केरला का बेटा कहा गया अल्लाह कहा
[35:58]गया और पद खुदा कहां गया और यह सारी की सारी चीजें
[36:02]आपके लिए मशहूर की गई वह शख्स के जो जमीन पर तो
[36:03]हित का सबसे बड़ा प्रचार करने वाला था उसी के नाम से
[36:09]तो हित को बर्बाद किया गया और यह सबसे बड़ा जुल्म है
[36:12]कि जो अदरक कई सालों सलातो सलाम पर इन्हें राफी है तब
[36:16]से उस जमाने में किया गया आगे चलकर फिर जो मसालें बहुत
[36:21]सारे अपराध है तारीख भरी पड़ी भी उन चीजों को अगर भैंस
[36:23]किया जाए कि यहां पर बहुत सारे ऑफ कि आपको ईसाई मजहब
[36:27]जाहिर किया और जाहिर करने के बाद खुद ईसाई मजहब के अंदर
[36:33]इन्हें अराफात को इजाद किया अब हमारी कर्बला के मुकाबले में जो
[36:36]सबसे बड़ी जिम्मेदारी है वह क्या है कि आज के दौर में
[36:40]भी जो शैतान पर सिर्फ हैं वह हमारा ही रूप डालकर हमारे
[36:45]ही तरह के लिबास पहनकर हमारी ही तरह की मुद्रा धारी सब
[36:48]कुछ करके बुनियादी तौर पर क्या करना चाहते हैं कर्बला के अंदर
[36:53]शुभ बहुत को इजाजत करना चाहते हैं कि अगर हम जेनब जेनब
[36:58]किरदार क्या है जाना भी किरदार यह है कि कभी भी कर्बला
[37:03]के ऊपर सुबह हाथ के परदे डालने इन्हें अराफात की कैफियत से
[37:06]बचाना कर्बला को यह जैन अभी किरदार है और हर वह शख्स
[37:11]के जो कर वाला सपने आपको मतलब सिर्फ करना चाहता है बच्चा
[37:13]हो जवान हो बुरा हो मर्दो खातून हो हम सब पर जैन
[37:20]अभी किरदार इसे तब से बाजू रहेगा कि हम सब कर्बला को
[37:24]इन्हें अराफात से मैं खुश करने की कोशिश करें दुआ करते हैं
[37:27]परवरदिगार के हुजूर में के बारे इलाहा बेहद गहरा आप भी हम
[37:32]अ पर्ल हार्बर बनी हाफ हम सबको दीन पर चलने की तौफीक
[37:38]हिदायत शर्मा अजिंक्य हटी के बारे में सलमान अली सलातो सलाम के
[37:40]जुर्म में जेल पर माप बारला हफ्ते नेहरा अभी हम अ पर्ल
[37:45]हार्बर पर नहीं हुआ था वहीं दुनिया में जहां बाद हम सब
[37:47]अपने दामन मे रख उनकी परेशानियों को दूर शर्मा मुश्किल को आसान
[37:53]फर्म आफ में कि तमाम हमारे बेगुनाह सिरों को जल्द से जल्द
[37:56]ही यह हिदायत वर्मा आम वह तमाम मोमिनो तमाम अपराध जो बोतल
[38:01]सर सर प्रकार है बहन नहीं समझ में आ रहा हूं मैं
[38:05]शाम में सऊदी अरब में लोकनाथ में नाइजीरिया में पर यह उन
[38:07]सबको अनुसार तो कामयाबी इनायत शर्मा प्ले लिस्ट याद में कश्मीर के
[38:12]मोमिन को गुस्सा तो कामयाबी इनायत शर्मा हम दीन दुश्मन अहले बैत
[38:15]दुश्मन युवकों को नहीं सुना भी तमाम तमाम आलम राज एग्जाम के
[38:20]फादर फर्म आप हम सबको इमामे ज़माना सलाम सलाम के अनुसार में
[38:23]शुमार होने की तौफीक हिदायत वर्मा फेयरर बनाता बल में नाम इन
[38:30]नकद राशि मिलने में रख यह अब समझ रहा है मीन झाल
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