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Mafakhir-ul-Islam - 10 | H.I. Hamid Mashadi
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anders
Record date: مفاخر الاسلام حصہ دہم*
آیت اللہ حسن ذدہ آملی
AL-Mehdi Educational Society proudly presents new Executive Refresher Course for the year 2021 under the supervision of specialist Ulema and Scholars who will deliver though provoking lectures Every Weekend.
These video lectures are presented by aLmehdi educational society, Karachi for our youth.
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Transcript
[0:02]हां हां गोविंदा हिस्सा मीट हिलारी दो कुछ नशा युवाओं ने भाजी
[0:12]मिला है वह माने हुआ ही नहीं यह प्रश्न ग्लास ऑफ बजाय
[0:23]जमींदारिन फायदा ख्याल नाइन था इस LMB राय एवं और सदन अभिनव
[0:28]आप सभी मेला हिरण व बीना बिल्कुल शहर में ऑप्शन नजर भाषण
[0:38]सुने कि महिला लिखित पर यह नोट फॉर ओरिजिनल ममता जब इन
[0:47]वन राणावत व रहमतुल्लाह व दिया अलावा आधा इंच अजमेर हाई-वे कि
[1:02]आज कि अ और बासे मखर इस्लाम में कि मोलू है सुहावन
[1:15]कि हज़रत आयतुल्लाह अल्लामा पसंद श्यामली दी कि रहमतुल्लाह अलैह अ कि
[1:31]अजय देवगन यह जो कि हम किसी भी शख्शियत के लिए है
[1:38]कर दो कि कोई लफ्ज़ इस्तेमाल करें तो कि कुछ लफ्ज़ के
[1:46]साथ जुर्म नहीं होना चाहिए हैं जैसे कि आज की शख्सीयत कीजिए
[1:54]के बारे में अलार्म लव कुश इस्तेमाल हुआ अ कि यह लव
[2:01]से अल्लामा ज्यादा जानने वाले को इस्तेमाल होता है है कि हमारे
[2:07]यहां हर किसी के लिए लाश इस्तेमाल करते हैं जिसको आए तकदीर
[2:13]भी नहीं आता वह अल्लामा अ जो अलार्मस इसके अंदर इल्म हो
[2:17]अब मैं बता दूंगा क्या आ जाता है तो लहसन जाण मिली
[2:24]आपके इल्मी कमाल क्या है कि आप जानेंगे वाकई आलम है अ
[2:33]कि आयतुल्ला है कि भाड़ संध्या मुली कि इरान के ए सोभा
[2:52]महाजन दौरान कि एक अलावा है आमूल चूल है और आमिर के
[3:00]किसी एक बिहार में तू ही राम नवमी एतिहाद है कि वह
[3:09]आइटम लहसुन ज्यादा वाले की जाए पैदाइश है मैं अपने अलापें में
[3:23]लिपटे दाई कि फिल्म दानिश हासिल करने के बाद कि तेहरान हिजरत
[3:32]की वहां थे तकरीबन 17 साल गुजारने के बाद कुंभ की तरफ
[3:40]मुतवज्जे हुए थे मैं अपने अलावा में जय हो नवी उलूम को
[3:53]फॉलो में हो जा और बैल मियां यह कहा जाता हो जाए
[4:01]अलमिया नजफ आश्रम पहुंचे अलमिया ए कर्बला फॉर ज्वेल मियां फॉर्म में
[4:10]हो जाए अलमिया मसाज में हो जाए मियां जिस हाल में हो
[4:13]जाए अल्मियां अपने वचन अधीन पाकिस्तान में मुताबिक जगहों पर कि हुआ
[4:22]था कि के हो जाए भूमि है जहां से फल मिलता हो
[4:23]इल्म हासिल होता हो वहां से हो जाए व्याख्या है वॉइस मेल
[4:32]में हो जा मैं अपने अलापें में दो शख्सियतों से हज़रत आयतुल्लाह
[4:38]अ जुबान खोली ने इस्तेफ़ादा किया है अ कि एक मिर्जा अब्दुल
[4:51]हसन कि परीक्षाओं दूसरा उस्ताद है कि आयतुल्लाह है रवि कि इन
[5:03]दोनों शख्शियत से उन्होंने इस्तेफ़ादा किया है यह दोनों शख्सियत कि हज़रत
[5:13]आयतुल्लाह नागिनी मोहम्मद हुसैन ना चीनी और हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अबुल
[5:20]हसन उस्मानी के शागिर्दों हमें मालूम होना चाहिए कि आज तो लहसन
[5:27]आयतुल्लाह है इस बहानी अपने जमाने की मुजाहिरा आलम था वह अपने
[5:36]जमाने में मुर्शिदाबाद है और यह दोनों शक्शियत जो है उनकी शागिर्दों
[5:41]में से है उनके शागिर्द थे आयतुल्लाह संजय अमृत कि इन दोनों
[5:49]शख्सियत हज़रत आयतुल्लाह संध्या मोइली ने तिथि पर लिया किताब नोमार्क उन्होंने
[6:00]उनके बाजार से हासिल किया एक किताब है एनुअल में भवानी कि
[6:04]क़वानीन के मुबाहिसे आम व खास तक एक वहां से चैप्टर है
[6:11]है तो उसमें से एक चैप्टर का नाम है बाहर से आम
[6:16]व खास क़वानीन के भाषा आम व खास तक जनाब आए तो
[6:21]लहसन दया मोदी ने आर रहमान अधा ईद और अल्लामा आयतुल्लाह मिर्जा
[6:30]अब्दुल हसन फरिश्तों से अपने इलाके में स्थित वादा किया है एक
[6:38]पैन जवानी में 22 साल के थे मैं अपने आला पेड़ से
[6:46]जरा करके तेहरान तस्वीरें है कि तेहरान में कि फिल्मी शख़्सियत मेहंदी
[6:58]ढीला ही अपुन शहीद अ कि उनके महज चार से थे उन्हों
[7:06]ने फलसफा में अष्टावक्र कि शिवा कि यह जो है ममता स्क्रीन
[7:18]पर सभा के किताबों को उन्हें बस हासिल किया है कि इलाही
[7:24]उम्र से ही के बाद जो अलार्म मैं इशारा रानी एक अजीम
[7:34]आलिम-ए-दीन जो मुख्तलिफ वॉल्यूम के मालिक आलिम है उनसे उन्होंने इस्तेफ़ादा किया
[7:41]आयतुल्लाहिल उज़्मा आसानी से उन्हों ने तेहरान में स्थित वादा किया ज्यादा
[7:48]में लिखा है कि 17 साल उन्होंने हासिल करने में लगा देंगे
[7:52]तो फिर इसके बाद को मत वजह हो गया कौन के तरफ
[7:57]आए तो कि आयतुल्लाह सैयद मोहम्मद हुसैन ने तबाही तबाही के मंजर
[8:09]चुके साक्षर किया अतुल्य सईद मोहम्मद हुसैन तबा तबाई मौजूद झाला कि
[8:14]तमाम बहुत से और लंबा के उस्ताद है अत उल्ला मोहम्मद हुसैन
[8:23]तबाही तबाही में फंसे दौरान है प्ले लिस्ट आफ क्लांस पर है
[8:27]है और इसके अलावा दूसरे उलूम में उन्होंने हासिल की आवाज में
[8:32]है अल्लामा सैयद मोहम्मद हुसैन तथा बाढ़ तबाही उस्ताद आए तो लहसन
[8:39]ज्यादा यहां मुनि के अजमत यह है कि जब नजर हश्र पहुंचे
[8:47]अ कि मौला-ए-कायनात के बाढ़ का हमें जब गए तो मौला से
[8:50]मुखातिब होकर कहा मौजूदा इस शहर में गरीब हूं कि मुझे मालूम
[8:55]नहीं है कि कौन से उस्ताद हासिल करना चाहिए कौन से मदद
[8:59]से में दाखिला लेना चाहिए कि ऐसे हुए दो आगे बांध उस
[9:08]जमाने में इन मौजूदा तमाम और अ पा फिल्म में इरफान के
[9:11]समंदर में तैरने वाला जो तवर कि आदित्य बिरला जितने भी मौजूद
[9:22]है उन सबके उस्ताद आयतुल्लाह सैयद अली अकाल जी है तब बता
[9:29]भाई अतुल शहीद अली अपराजेयता कब आई थी कि मैंने 1 मर्तबा
[9:33]शायद हमलों की खत्म यहां पर ही मैंने आज किया था आए
[9:39]तो लहजे तब तक भाई साहब करामत का पहुंचा हुआ इंसान था
[9:41]अल्लाह ने इस मर्दे खुदा के लिए करामत इनायत किया था एक
[9:48]स्वास्थय बयान करें तो एक सिलसिला व बन जाए आयतुल्लाह सैयद अली
[9:54]या कार्यालय तबा तबाई और अलावा म है आमीन ईसाई वालों का
[10:03]धीर दोनों एक रास्ते से गुजर रहे थे रास्ते में एक बहुत
[10:07]बड़ा योगदान है और छोटे बच्चों के समझाने के लिए ग्रहों के
[10:11]आज जगह-जगह समझ सकते हैं बहुत बड़ा सांप हां प्रधान उर्दू में
[10:18]क्या कहते हैं ठीक है एक आज कहां है तो आयतुल्लाह सैयद
[10:25]आलिया ताजिए तब आता भाई ने उसे जहां से मुखातिब होकर यह
[10:28]भरमाया मुक्त 20 नीला कि अरे बड़ा सा काम तुम अल्लाह के
[10:36]एजेंसियां मर जाओ अरबी का तर्जुमा अल्लाह की वजह से तुम मर
[10:44]जाओ अल्लाहुम्मा आमीन भरमाते मैंने अपने आंखों के सामने ही देखा यह
[10:48]देर हो गया यह शाम खिलाने मैं गुजर गया दिल में अजीब
[10:55]सी कैफियत था हां हां और है नीम आज के समय में
[11:02]बैठे थे दिल में एक अजीब सी कैफियत मैंने आज क्या देखा
[11:07]था कि मैं चौकस है वोट कार आया कि मैंने जो हमने
[11:09]आंखों से देखा है क्या मैंने सही दिखाया गलत देखा आकर देखा
[11:15]तो वहीं डेयर हुआ है बिल्कुल मैं मर गया तो है तो
[11:20]फिर पलट कर आएं तो आइए तो मुलाकात जी तबा तबाई ने
[11:25]महसूस किया अल्लामा कोई अपील नहीं आया था जाकर देखा तो मैंने
[11:28]अलार्म कहते हैं कि अदाकारा जी ने मुझसे कहा अभी भाग लोगों
[11:35]को यकीन नहीं आ रहा है आ गए ताजिए तबाही के अजमत
[11:41]है कि ख़ुदा वंदे आलम ने उनको एक अजीम एक इनायत किया
[11:47]था कि जब शाम से कहें कि अल्लाह के नीचे तुम मर
[11:51]जाओ और ढेरों है कि सैयद मोहम्मद हुसैन तथा बाढ़ तबाही उनकी
[11:56]शिकायतों में से हैं अत उल्ला सैयद अली है ताजी तवा था
[12:02]बाई सहित मोहम्मद हुसैन तंतावी के खेत में आए और फ़रमाया लगता
[12:06]है कि तुम इस शहर में गरीब हो और तुम्हें में रहनुमाई
[12:12]करता हूं कि हजरत शाह विलायत मौला-ए-कायनात अमीरुल मोमिनीन दायित्व लोगों से
[12:21]महज चलिए नार्मल कि अली इब्ने अबी तालिब वाले हैं सलाद व
[12:25]सलाम के बाहर गांव से आवा यह सईद अहमद हुसैन ताबा गायक
[12:30]उस्ताद मिल गया और ऐसा उस ताकि वह इस कदर खुदा के
[12:36]मुकर्रब बंदे में शुमार हो जाएगा कि आवाज सैयद मोहम्मद हुसैन है
[12:43]तब बता भाई के बारे में कहते हैं कि 10 साल नाजा
[12:48]में हासिल किया 10 साल मैं कभी झूठी नहीं किया आ 110
[12:53]दिन 10 साल में 10 दिन शूटिंग कि आप बाकी दिनों में
[12:55]हासिल किया लिया मेहनत किया दिन-रात करके पढ़ लिया था है और
[13:04]हो गया अल्लामा सैयद मोहम्मद हुसैन है तब आता भाई वो कहते
[13:10]हैं यह 10 दिन कौन से दिन में जुटी कि रोल्स आशूरा
[13:15]हर साल के दौरान शुक्रवार को छुट्टी की बाकी तमाम साल के
[13:19]तमाम दिनों में हासिल किया आयतुल्लाह संजय आमुली उसी तबा तबाई का
[13:27]शागिर्द है हेलो हाउ टो लहसन ज्यादा यह मामूली सी कि आयतुल्लाह
[13:35]सजाते हैं यहां बलि ने कि आई तो लाल मिर्च जहां कि
[13:46]मामूली सी मिर्जा मोहम्मद रफी हाशिम आमला सेबी दुरुसत खारिज हासिल की
[13:53]व्याख्या और उसूल मेल में पिछले और एनुअल में अच्छा हां यार
[14:01]तू उल्ला ilaj जमा मोहम्मद का पीढी आमुली से हेलमेट फिर और
[14:09]एनुअल हासिल की1 में आए तुलना अल्लामाह हस्सन रा दाणा मुली अब
[14:22]यह कुल ओम और 94 साल 993 साल इस चैनल 18 सफर
[14:32]सना [प्रशंसा] 1409 243 हिजरी क़मरी में इस चाहत इस विशाल माय
[14:39]सफर में बहुत हो गया अब कि इस साल बहुत हो गया
[14:46]अल्लामा शानदार है मूली जब बहुत हो गया तो हज़रत अली मुस्लिमीन
[14:53]सैयद अली ए फार्म इन नहीं रह बार मजहब ने उनके निर्माण
[15:02]झाले का कि आई तो लहसुन जाणवली का नमाज-ए-जनाजा रहा बारे में
[15:07]आज हमने पढ़ना हूं आ रहा बार महज हमने उनकी शख्सियत पर
[15:12]पैगाम दिया ए आर रहमान के नजर में आयतुल्लाह जी हां संध्या
[15:21]दयाभाव अली फरमाया कि वह ए साली के तौर वृद्धि था कि
[15:29]वह रूप फोन उठा लो कि वह जिसने बहुत सारे वॉल्यूम को
[15:40]हासिल किया था एकलव्य साले के तोहीद इस्तेमाल के इशारे पर बिल्कुल
[15:44]ले रहा वर्मा जामुन जी हां उनकी एल्बम शख्सियत के बारे में
[15:53]वास्तव में आप लोगों को सुना दूं कि अब हम उनके शागिर्दों
[16:01]में हम बता दे आयतुल्लाह शब्द जिम्मेदार उसके जो हिस्सा गुर्दों में
[16:06]था आयतुल्लाह है तब बरछी उनके जो हिस्सा गुर्दों में था आयतुल्लाह
[16:14]समय शांति बनाए उसके शागिर्दों में तब हम क्या जाने हम यहां
[16:20]जाने वाले किसी एक शब्द की पहचान करें ताकि आप अंदाजा हो
[16:27]जाए तो यह पसंद है कि अजीम नाले में दिन था हेलो
[16:35]हाय तो ल अखिल भारतीय का नाम तो आप लोगों ने सुनाएं
[16:40]है और एक भर शरीर की जो है वह बहुत माया नाच
[16:45]आलिम-ए-दीन अल्लाह उनको हिप्स आसमान में रखें अलोन को शहद में दो
[16:53]लोग मरते हैं उनका साया वर्ग इस मर्दे खुदा स्टोलर अप्रैल लार
[16:57]अभी ने खुद अपने मुबारिक जवान से हैं है इस बयान के
[17:03]मैंने खुद अपने कानों से सुना है इधर अली मुर्तजा पर ही
[17:10]यहां जब मछली मछली पकड़ रहा था तो एक दिन उन्होंने अपने
[17:13]किताब में यह फरमाया मैंने आयतुल्ला पसंद दाणी के महज चार से
[17:20]फेस हासिल किया एक दिन हमारे उस्ताज मुहतरम ने एक हदीस काम
[17:25]करने के लिए दे दिए होमवर्क है कि होमवर्क किया कहां देखो
[17:32]यह आज जनाब रसूखदार सल्लल्लाहू अलैही वा आलेही व सल्लम शहर में
[17:42]तू मना रफ्ता बब्बा में तर्जुमा क्या है जिसने अपने नाथ को
[17:49]पहचाना ब्वॉय आप उसने अपने परवरदिगार को भेजो कि अगर अपने परवरदिगार
[17:56]पहचानना है तो रसूल प्रधान इरशाद फरमाया तो आप सबसे पहले तो
[17:59]मैं अपने नोट्स को पहचान हो कि इंसान अपने नाम को पहचानने
[18:08]में मैं हैरान हो जाता है यह नव क्या बला है फरमाते
[18:10]अगर तुम्हें अगर नमक समझ में आया तो गया तुमको अपने खालिद
[18:17]समझ में आया तुम्हारे अपने नवस को वुजूद में लाने वाला समझ
[18:24]में आए 21 हदीस माई ना अा ना फालतू पापा तारा पापा
[18:29]मर्तबा सुनाओ मना रहा था सा नशा फाल अतुल्य भी कहते हैं
[18:40]कि हमारे उस्ताद नुसरत फतेह अली खन रा दाणा मुरली ने होमवर्क
[18:44]दिया और कहा कि दोस्तों तुम इस हदीस के नुक्ते बना कर
[18:50]ले आना और वे कहते में सर रात भर जाता रहा कि
[18:55]इसके नित्य बना दूं कि इसके नित्य बना दूं कि कौन कह
[19:05]रहा है अत उल्ला अभी कह रहा है तो लाकर भी के
[19:11]बारे में बता दो एक्ट्रेस है किसी के दौरान सुना उसके लिए
[19:14]शक्तियां अगर वे केवल अपनी शख़्सियत का मैं बता रहा हूं यह
[19:20]पाकिस्तान में जब भी हैं तो हम आवे साहब लाहौर इस्लामाबाद में
[19:23]हो कराची Mahindra बाद जहां सामने खिताब किया वहां हम टिकट जहाज
[19:33]की टिकटें खरीद कार आवाज की हर मजलीस में जाकर हमने उनको
[19:36]सुन लिया वह कहता है कि एक कुत्ता भी किसी है कोई
[19:44]सा एक मजलिस जो हैं उसको उन्हों ने दोहराया नहीं है कि
[19:49]हर मेंबर से एक नई बाद जो है बयान करते हैं यह
[19:53]विषय इसके अंदर कुछ हो तो इस तरह होगा वरना मुझे शाम
[19:58]तालिब इल्म इसे एक प्लेट को 10 बार सुना दूंगा तो आइए
[20:02]टो लगा रहे हैं वे कहते हैं कि हमारे उस्ताद पसंद आया
[20:07]है यहां मलिन हमें होमवर्क दिया और हदीस पर काम करने को
[20:09]बताया तो मैं आपके जो लोग आरव यह रात भर जागता रहा
[20:15]मुश्किल से देते मेरा जो है इस हदीस का 12 नोबिता बन
[20:21]गया कि शो गया था गर्मी के तमे खुश होगे आप एक
[20:26]बार अनुबंध है मैंने मैं खुश होकर सुबह-सुबह दुलारचंद यादव के दरवाजे
[20:32]पर दया दृष्टि में जाने से पहले तो आई तो लहसुन जाणवली
[20:39]ना आए रफेल का रवि को देखकर फौरन कब लांच किया क्या
[20:45]भाई कार भी कुछ कहा है आज तो लहसुन ज्यादा है आवली
[20:46]ने कहा भैया गाढ़ा भी दल के हाथ जिसका मैंने हंसी रोकते
[20:53]बना दिए हैं कि कल के हदीस कहां यह मैंने आशीष नोबिता
[20:58]बना रही है अधिशाषी मुक्त आण अब समझ लो भी अधीन क्या
[21:04]चीज हैं अधीन कोई आसान नहीं है अधीन जब को लंबा के
[21:11]पास आए तो ठीक से आपको उस दीन के बारे में बताएं
[21:16]एक हदीस के मशीन तैयार कि अब वह मशीन लगाते हैं जो
[21:23]है आप मंजर यहां पर आए तो फिर लोग पाएगा इंशाल्लाह प्रधान
[21:25]है नसीब करें कि यह नकार हम आवेदक रवि साहब के हमारे
[21:33]प्रधान संजय दत्त है मोदी जी की जो है वह अनोखा तत्व
[21:41]हल्दी डीजे एप्स कि फेस हमें हासिल करने की तो फिर रहना
[21:46]हो जाएंगे में आया तो लहसन दया होली मुजाहिरा यह खुदा केमिस्टों
[21:54]के साथ उन्होंने मसाला नवजात फेमिनिस्ट्स नजरिया है इस्लाम के मुकाबले में
[22:00]उद्दीन नजरिया केमिस्ट नजरिया कोई अच्छे नजरिया नहीं है इस्लाम के बरखिलाफ
[22:10]नजरिया है कि इस तरह के नजरिया तुमने वालों के साथ आपको
[22:12]लहसुन ज्यादा गोली ने जिहाद अ कि आयतुल्लाह हर क्षण जाणी खुद
[22:20]अपने मोबाइल के जवान से आप लोगों के संबंध में कुछ बोलने
[22:22]के लिए कल मैंने को चुना और टो लहसुन जा रहा मुझे
[22:27]कहते हैं कि मेरी जवानी के और मैं मैं तहत जुजार उडाने
[22:34]मुझे तहत जुजार बना दिया था तो एक दिन दुआ की है
[22:40]और इस तरह मौजूद के बाद मुझे नींद शायद जी हां में
[22:45]इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के इस जिया राधा हासिल हुए हैं है नीम
[22:55]मुकाबले में जाणदा की जियारत नसीब कि मैंने इमाम के साथ मत
[23:03]मुझे इमाम ने फ़रमाया तुम इस बार एक मस्जिद है फॉर्म में
[23:05]देख रहा है कि यह मस्जिद है इस मस्जिद पर दो रकात
[23:12]नमाज पढ़ो जिसका आप वृषभ ज्यादा है मैं दो रकात नमाज पढ़ने
[23:16]के बाद मैंने इमाम से रिश्तेदार किया मौला मुझे कुछ फिल्म अता
[23:20]करें अ कि इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम वसल्लम ने अपने मुबारक लोहा बहन
[23:28]को जाहिर किया है है और इमाम रजा ने फ़रमाया यह आसान
[23:37]सा दयाभाव गोलियां कर इसे हासिल करो तो कि जिस कारण मौला-ए-कायनात
[23:40]के लिए रसूल अल्लाह सल्लल्लाहू अलैही वा आलेही व सल्लम के द्वारा
[23:45]आवेदन 2 लाख साइना ने फरमाया कि एवं बनने मुझे हजार-हजार इल्म
[23:54]की परिचय खोलें और हर द रिचेस्ट से मैंने हजार-हजार और दरीचा
[24:06]उसको खोला और फैलाया और यह तमाम मेरे पास जितने भी उलूम
[24:11]हैं पैगंबर की मुबारक लो हां बहन का नतीजा दें हाउ टो
[24:18]यह जुबान खोली को कहा मान लें ताकि सूजी आ रहा था
[24:24]खुशी है है और इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम तो अस्सलाम के मुबारक लो
[24:29]आवेदन का नतीजा उन्हें वह अल्लाह मेहरबान किया है कि वह मेल
[24:36]में शिफ्ट का माहिर बना l मुश्किल का माहिर बना मेल में
[24:41]पल सभा का माहिर बना एनीमेटेड का माहिर बना अल्मेरिया जी का
[24:46]माहिर बना अदब यात्रा आरंभ है अरबी अदब का माहिर बन गया
[24:57]पारसी अदब का माहिर बन गया यह तमाम वॉल्यूम उनके सीने में
[25:02]कि यादव कहते हैं रूप फोन उन तमाम F1 जिला बहराइच और
[25:09]लहसन धनियां उंगली के सीने में सिमटकर आ गया है इस समय
[25:16]राजधानी है को ख्वाब देखे तो वहां जल हो जाए बाप देखने
[25:18]के साथ-साथ कुछ कोशिश करना होगा कुछ कोशिश करें का यह मिलेगा
[25:25]कोशिश नहीं करेगा आप देखेंगे सिर्फ देखने से जो है काफी थोड़ी
[25:28]हैं का प्यार जब मेरा जो हजार सोलह संस्कार यहां वर्ली इस
[25:36]दौर के मशहूर मुजाहिदीन पक्की पहले शुरू ई-मेल मे इरफान में अजीम
[25:48]आदित्य बिरला है कि वह मैथमेटिक के बेहतरीन है आलिम है वॉइस
[25:54]मेल में फैसला किया तेल मनोज गुणों के बारे में बेहतरीन आलिम
[26:00]से यह तमाम मामलों में वॉल्यूम मुताबिक बोलूंगा अब का पौधा वंदना
[26:04]एवं के बाहर गांव है द्वारा है पथ पर बिखरा दाणा कि
[26:09]इस अजीम अजीम उद्दीन खोज बार हिमांशु मीन अलैहिमुस्सलाम में आले तरी
[26:16]मकाम विनायक हनुमान जी कि हमें अपने कॉलम आखिर का दरकार नहीं
[26:24]तो फिर हिदायत वर्मा ने माशाअल्लाह अस्सलाम अस्सलाम पूरा हनुमान जी भी
[26:33]प्रॉब्लम आए रामविलास फर्श हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली खान ने खुद
[26:38]तू लो मेरे बारे में सख्त हिदायत भरवां बीमारों को सेहत अता
[26:45]फरमाए और मोहम्मद वाले मोहम्मद छलावा है ऑन करो और सुनाओ
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