Volgende
8 Bekeken · 26/03/04
Kya Iran aur America ki Jung phir se hone wali hai? Khamenei VS Trump kaun kispe bhari?
0
0
10 Bekeken·
26/01/14
Kya Iran aur America ki Jung phir se hone wali hai? Khamenei VS Trump kaun kispe bhari? Protest ke piche ki asli kahani! Iran Khud ko bachaye ga ya hamla kare ga? Iran Latest Update Kaun pahle hamla kare ga Iran ya America? Kya ye Protest America ki taraf se ek hamla tha? 8 se 12 January mein iran mein kya huwa? ⚠️ Yeh video kisi side ka propaganda nahi, balke sources, logic aur verified information par based hai. Watch Till End
Laat meer zien
Transcript
[0:00]क्या ईरान और इजराइल की जंग हो सकती है?
[0:02]8 जनवरी से लेकर 12 जनवरी तक ईरान में आखिर क्या-क्या हुआ?
[0:06]क्या प्रोटेस्टर्स को वाकईन सिक्योरिटी ने मारा या मरने वालों की तादाद
[0:12]कितनी थी और उन्हें कौन मार रहा था?
[0:13]और आयतुल्लाह खामनाई के कहने के ऊपर लाखों लोगों की तादाद में
[0:19]ईरान में आवाम बाहर आ गई। आज के वीडियो में हम इन
[0:23]तमाम चीजों के ऊपर बातें करेंगे। आज का वीडियो शुरू करने से
[0:25]पहले तमाम व्यूवर्स को एक बहुत बड़ा अनाउंसमेंट आपके सामने पेश करना
[0:31]चाहता हूं। सबील मीडिया की एआई टीम ने एक नया प्रोजेक्ट मोमिनीन
[0:34]के लिए लाए हैं। प्रोजेक्ट है सूर काफिरून की शॉर्ट तफसीर एआई
[0:40]के साथ। वीडियो देखें। कुरान की दास्तान आए देखते हैं। हम मोहम्मद
[0:47]को खरीद लेंगे। यह बात है उस वक्त की जब मक्का के
[0:52]बड़े-बड़े सरदार खुद रसूल्लाह के दरवाजे पर आए। ऐ मोहम्मद हम आपसे
[0:56]लड़ना नहीं चाहते बल्कि समझौता करना चाहते हैं। चेहरे पर मुस्कुराहट, आंखों
[1:01]में चमकती उम्मीद मगर दिलों में एक मक्कार मंसूबा। आज हम मोहम्मद
[1:06]को अपने जाल में फंसा ही लेते हैं। क्या पेशकश थी?
[1:15]ताकत, इज्जत, दौलत सब आपके कदमों में बस जरा सा समझौता। लेकिन
[1:20]सच्चा ईमान कभी समझौता नहीं करता और यह बात रसूल खूब जानते
[1:25]थे। यह बात है सूर काफिरून। पिछले एक हफ्ते ईरान के लिए
[1:31]बहुत संगीन गुजरे। दुश्मनों की तरफ से अनाउंसमेंट हुआ था थर्सडे और
[1:34]फ्राइडे यानी 8 और 9 जनवरी को बहुत बड़े प्रोटेस्ट होने हैं।
[1:38]करार ये था कि बहुत सारे लोग आएंगे लेकिन लोग नहीं आए।
[1:40]बल्कि 8 और 9 जनवरी को लोग आए सड़कों पर मगर मस्जिदें
[1:45]जलाने के लिए, इमाम बड़े जलाने के लिए पब्लिक प्रॉपर्टी को आग
[1:50]लगा दी गई और हुकूमती इदारों को बर्बाद कर दिया गया। ये
[1:52]जो लोग रास्ते पे आए थे ये प्रोटेस्टर्स नहीं थे। ये लोग
[1:57]वो थे जिनके पास हैवी वेपंस थे। ये लोग रास्ते पे वायलेंस
[1:59]के इरादे से आए थे और बहुत सारे इनके एतराफ मौजूद हैं
[2:05]जो इन लोगों ने पुलिस के सामने और बाद में आके एक्सेप्ट
[2:07]किया कि इन्हें फॉरेन गवर्नमेंट्स फंड कर रही थी ताकि रास्ते पे
[2:13]आके ये वायलेंस को क्रिएट करें। 25 से ज्यादा मस्जिदें सिर्फ तेहरान
[2:16]में जला दी गई। इमाम बारगाह जला दिए गए। ये तमाम चीजें
[2:22]फॉरेन गवर्नमेंट चाह रही थी कि ईरान में केओस क्रिएट किया जाए।
[2:25]अच्छा वेस्टर्न मीडिया और हमारे मुल्क की मीडिया ये सारे लोगों को
[2:28]प्रोटेस्टर्स बता रही थी कि ये लोग नाराज होकर आए हैं और
[2:33]आने के बाद हुकूमत के खिलाफ एतराज कर रहे हैं। लेकिन इनमें
[2:36]सब प्रोटेस्टर्स नहीं थे बल्कि इनकी अलग-अलग किस्में थी। सबसे पहले जो
[2:40]लोग जो लोग ईरान में प्रोटेस्ट कर रहे थे उनमें चार कैटेगरीज
[2:43]हैं। पहली कैटेगरी वो है जो लोग जेन्युइन इकोनॉमिक प्रॉब्लम्स की वजह
[2:50]से ईरान में जेन्युइन प्रोटेस्टर्स थे। ये वो थे जो बहुत ही
[2:54]सडन महंगाई जैसे अमेरिका ने जिस तरीके से डॉलर को मैनपुलेट किया
[2:59]और उसकी वजह से महंगाई बढ़ी तो ये लोग वो थे जो
[3:01]जेनुइनली ईरान में इकोनमिक प्रॉब्लम्स की वजह से कंसर्न थे। इनकी तादाद
[3:05]बहुत ज्यादा थी। बाज़ प्रोटेस्टर्स थे लेकिन वो हुकूमत से नाराज भी
[3:11]थे। वो जो नाराज थे हत्ता गुस्से की हालत में थे। तो
[3:13]ये सेकंड कैटेगरी प्रोटेस्टर्स की हो गई। जो प्रोटेस्टर्स भी थे और
[3:18]नाराज भी थे। थर्ड कैटेगरी उनकी थी जो प्रोटेस्टर्स भी थे। लेकिन
[3:22]प्रोटेस्ट के साथ वो वायलेंस भी कर रहे थे। रास्ते पे आ
[3:27]रहे थे। मसलन टायर जला रहे थे। हत्ता दुकानों पे हमला कर
[3:29]रहे थे। दूसरों पे हमला कर रहे थे। तो ये थर्ड कैटेगरी
[3:33]वो थी जो प्रोटेस्ट के नाम पर आकर वायलेंस कर रहे थे।
[3:36]लेकिन इसमें तो चौथी कैटेगरी उन लोगों की थी जिनका प्रोटेस्ट से
[3:40]कोई ताल्लुक नहीं था। बल्कि वो आर्म्ड थे और वो ट्रेंड लोग
[3:42]थे जो बाहर से आए थे और उन्होंने आने के बाद हुकूमत
[3:46]को लोगों को नुकसान पहुंचाया। और साथ ही साथ सिक्योरिटी फोर्सेस के
[3:51]ऊपर हमला किया और अक्सर मरने वालों की तादाद उन लोगों की
[3:53]है कि जो सिक्योरिटी फोर्सेस से ताल्लुक रखते थे। जी इंपॉर्टेंट ये
[3:57]है कि ये आर्म्ड थे। इनके पास वेपन्स थे और ये लोग
[4:03]रास्ते में आके लोगों को अंधाधुंध गोलियां उन पर चला रहे थे
[4:05]और बड़ी तादाद में आवाम मारी गई है ऐसे टेररिस्ट लोगों के
[4:11]हाथों से। तो अब 8 और 9 जनवरी को यानी थर्सडे और
[4:16]फ्राइडे को कुछ हमको ऐसी चीजें देखने को मिली जो वाकई इंसान
[4:17]को एक मोमिन को एक शिया को गमगीन कर देती है। एक
[4:22]बच्ची थी तीन साल की उसका नाम है मेलीना। उसके फादर उसको
[4:26]मेडिकल शॉप पे लेके जा रहे थे दवा लेने के लिए। रास्ते
[4:28]में ही ये टेररिस्ट उन्हें गोली मार देते हैं और ये तीन
[4:32]साल की बच्ची मर जाती है बाप के आगोश में। अभी तक
[4:35]हुकूमत की तरफ से यह इजाजत नहीं थी कि प्रोटेस्टर्स के सामने
[4:40]आया जाए। को रोका जाए। आठ और 9 जनवरी को जब हुकूमत
[4:44]के खिलाफ, लोगों के खिलाफ, लोगों को मारा जाने लगा और हुकूमत
[4:46]की प्रॉपर्टी और पब्लिक के प्रॉपर्टी को बर्दा बर्बाद किया जाने लगा
[4:49]तो फिर मुल्क में इंटरनेट बंद कर दिया गया। जी 8 जनवरी
[4:55]को इंटरनेट इसलिए बंद किया गया बिकॉज़ इंटरनेट के जरिए से जो
[4:57]ये आर्म्ड ग्रुप्स थे तकरीबन इनके ग्रुप्स के साइज होते हैं 50
[5:03]से 100 लोग ये आते हैं कहीं पर रात को एक जगह
[5:06]जमा होते हैं वायलेंस करते हैं फिर बैठ जाते हैं और इनको
[5:08]पूरा ऑर्गेनाइज कौन कर रहा था वही सोशल मीडिया के जरिए से
[5:13]ये लोग अपने आप को ऑर्गेनाइज कर रहे थे इसलिए इंटरनेट को
[5:14]स्टॉप किया गया और 8 जनवरी को जब यह इंटरनेट को इंटरनेट
[5:19]को ईरान में ब्लॉक किया गया वैसे ही वायलेंस ड्रॉप होता है
[5:24]9 जनवरी को और वायलेंस कम होता है। होते-होते 10 जनवरी को
[5:28]तकरीबन पूरी सिचुएशन कंट्रोल में आ जाती है। 11 जनवरी को ईरान
[5:31]के अंदर वायलेंस तकरीबन ना के बराबर होता है और वायलेंस को
[5:36]कंप्लीट कंट्रोल कर लिया जाता। अब यहां पर जब देखा जाता है
[5:37]तो अक्सर जो लोग मरे हैं बल्कि यूं कहा जाए कि जो
[5:41]शहीद हुए हैं उनका ताल्लुक प्रोटेस्टर से नहीं था। उनका ताल्लुक इन
[5:44]टेररिस्ट ग्रुप से नहीं था बल्कि उनका ताल्लुक सिक्योरिटी फोर्सेस से था।
[5:47]अब हुकूमत आने के बाद यहां पर ऐलान करती है कि 12
[5:51]जनवरी यानी मंडे के दिन लोग सड़कों के ऊपर आए और आने
[5:56]के बाद इन टेररिस्ट के खिलाफ अपना अपने गम अपने गुस्से का
[5:59]इज़हार करें और बताएं कि उनका ताल्लुक किन लोगों से है। तो
[6:05]मंडे के दिन यानी कल के दिन पूरे ईरान में लाखों की
[6:08]तादाद में लोग सड़कों पर आए और आने के बाद उन्होंने अपने
[6:11]बारे में बताया कि हम कौन लोग हैं। जी 12 जनवरी ईरान
[6:17]के लिए रहबर मोजम के बकल एक हिस्टोरिक दिन था। क्योंकि देखिए
[6:20]कुल्लन नरेटिव ये था कि दुश्मन ये कह रहा था कि ईरान
[6:25]की आवाम आयतुल्लाह खामिनाई के अगेंस्ट में है। और जो प्रोटेस्ट दिखा
[6:28]रहे थे उस प्रोटेस्ट में 100 200 500 लोग ज्यादा से ज्यादा
[6:34]दिखाई दे रहे थे। लेकिन 12 जनवरी को तारीख लिखी गई। 3
[6:36]मिलियन से ज्यादा लोग सिर्फ तेहरान में आए। आपके सामने ड्रोन फुटेजेस
[6:43]मौजूद है कि 3 मिलियन से ज्यादा 30 लाख लोग सिर्फ तेहरान
[6:45]में आए। अलग-अलग शहरों में लाखों की तादाद में लोग मौजूद थे।
[6:51]जी हां, तेहरान, मशहद, कुम और ईलाम इन चार शहरों का नाम
[6:53]बहुत ज्यादा आ रहा था कि यहां पर लोग प्रोटेस्ट कर रहे
[6:57]हैं। लेकिन कल के इसरली ने ये दिखा दिया कि यहां के
[7:01]लोग अपने निजाम के साथ, अपने रहबर के साथ, अपनी हुकूमत के
[7:04]साथ किस कदर वफादार हैं। और ये भी बता दिया दुश्मनों को
[7:09]कि देखो तुम्हारी उम्मीदों के ऊपर हम किस तरीके से पानी फेर
[7:11]रहे हैं और तुम्हारे मंसूबों को हम किस तरीके से नामा नाकाम
[7:17]करेंगे। क्योंकि हम अल्लाह रसूल और अहले बैत अल सलाम के मानने
[7:20]वाले हैं। कुरान को हाथों में बुलंद करके बताया इन्हीं कुरान को
[7:22]इन्हीं मस्जिदों को और इन्हीं इमाम बारगाहों को जिनको तुमने आग लगाई
[7:28]है हम उसको जिंदा रखेंगे। हम उसको आबाद रखेंगे। बहुत इंपॉर्टेंट है
[7:31]यहां पर ये समझना कि दुश्मन के नरेटिव के मुखालिफत में किस
[7:34]तरीके से ईरान में काम किया गया और आवाम कितनी बाबसीरत थी।
[7:40]दे अंडरस्टुड। उनको पता था राइट और रॉन्ग क्या है। अमेरिका और
[7:43]दुश्मन ये क्रिएट करना चाह रहा था कि आपकी गवर्नमेंट लोगों को
[7:47]मार रही है और आपकी गवर्नमेंट लोगों के खिलाफ है। लेकिन जैसे
[7:51]ही लोगों को पता चला कि ये टेररिस्ट है तो लोगों ने
[7:55]अपने आप को इनसे अलग कर लिया और ये बता दिया कि
[7:59]ईरान की आवाम अलग है, टेररिस्ट लोग अलग हैं। हम ईरान को
[8:05]सीरिया और लीबिया नहीं बनने देंगे। इतनी बसीरत कौम के अंदर मौजूद
[8:08]थी। जी हां, ये ईरानी आवाम की बसीरत थी कि उन्होंने आकर
[8:13]बता दिया कि हम हमेशा कामयाब हैं अपनी बसीरत की वजह से।
[8:15]लेकिन यहां पर सवाल पैदा हो रहा है। लोगों के ज़हनों में
[8:18]ये बातें आ रही है और मीडिया में भी ये बातें आ
[8:21]रही है कि क्या एक मर्तबा फिर से ईरान और दुश्मनों के
[8:23]बीच में जंग होगी। बहुत इंपॉर्टेंट है यहां पर। एक तो पहली
[8:25]चीज़ मैं ये भी क्लियर कर दूं कि ईरान में इस वक्त
[8:28]कंप्लीट ईरान के अंदर पीसफुल एनवायरमेंट है। कोई वायलेंस या कोई रायट्स
[8:32]इस वक्त मौजूद नहीं है। अल्हम्दुलिल्लाह। अब ये दूसरी बात कही कि
[8:36]क्या जंग हो सकती है?
[8:38]यहां से सवाल बहुत इंटरेस्टिंग हो जाता है। देखिए अब तक हमेशा
[8:40]ये था कि ट्रंप कहता था कि 72 आवर्स में हमला कर
[8:45]देंगे। तालीबान ये कहता था कि मसलन अब बस अब वक्त आ
[8:49]गया है। फला फला ये धमकियां वहां से आती थी। अब चीजें
[8:53]बदल गई हैं। ईरान में जो टोन इस वक्त इस्तेमाल हो रही
[8:55]है बहुत इंटरेस्टिंग है कि ईरान आके ये कह रहा है कि
[9:00]ये जो टेररिस्ट हमले हुए हैं पहली बात इन्हें राइटर्स नहीं कह
[9:04]रहे हैं। टेररिस्ट कह रहे हैं। बहुत इंपॉर्टेंट है कि इन्हें टेररिस्ट
[9:08]हमला कहा जा रहा है। दूसरी बात ये कह रहा है ईरान
[9:10]कि हमारी सर जमीन पर फॉरेन गवर्नमेंट्स ने हमले किए हैं। तीसरी
[9:15]बात ये है कि ये लोग फॉरेन गवर्नमेंट की तरफ से फंडेड
[9:20]हैं। उनको वहां से ट्रेनिंग मिली है और उनको वहीं से पैसा
[9:22]मिला है और वो वहां से ट्रेन हो के आए हैं और
[9:24]उन्हें आने के बाद हमारे जमीन पर हमारे लोगों को मारा है
[9:29]और सबसे इंपॉर्टेंट बात ये है कि जंग होगी नहीं जंग शुरू
[9:33]हो चुकी है और हम अगर महसूस करेंगे कि हमारे लिए खतरा
[9:35]ज्यादा है तो ईरानी कह रहे हैं कि हम जंग कर भी
[9:39]सकते हैं और हमला कर भी सकते हैं। यानी इरेनियन ऑफिशियल्स ने
[9:44]कहा है कि पीच दस्ताने यानी प्रीएम ईरान हमला कर सकता है
[9:47]अगर उसे थ्रेट रियल लगता है तो। बहुत इंपॉर्टेंट है ये। अब
[9:52]ये नैरेटिव बदल गया है। अब ये नहीं है कि क्या इजराइल
[9:53]हमला करेगा?
[9:54]सवाल ये हो गया है कि क्या ईरान हमला कर सकता है?
[9:58]ये इंपॉर्टेंट एलिमेंट है इस पूरी कन्वर्सेशन में। एक और चीज जो
[10:01]इंटरेस्टिंग हुई है वो ईरान के फॉरेन मिनिस्टर आगा अराची ने जो
[10:06]है 12th जनवरी के बाद या 11th और 12th जनवरी को फॉरेन
[10:09]एंबेसडर्स जो ईरान में हैं अलग-अलग कंट्रीज के स्पेशली यूरोपियन फॉरेन एंबेसडर्स
[10:14]को बुला के उनके सामने एविडेंस पेश किए कि किस तरीके से
[10:20]ये टेररिस्ट लोग फॉरेन गवर्नमेंट्स के साथ लिंक्ड हैं और ये फॉरेन
[10:23]गवर्नमेंट्स किस तरीके से ईरान के अंदर हमला करा रही है। यानी
[10:29]ईरान इज अंडर अटैक एंड इफ ईरान वांट्स एंड इफ ईरान फील्स
[10:31]देन ईरान विल टेक प्रीएम स्टेप टू डिफेंड इटसेल्फ। बहुतेंट है। तो
[10:37]फॉरेन मिनिस्टर राची ने एक मर्तबा इन तमाम यूरोपियन एंबेसडर्स को बुलाने
[10:42]के बाद अपनी हुज्जत तमाम कर दी है कि ये आप वीडियो
[10:43]देख लीजिए। ये आप ही लोग करवा रहे हैं और आप ही
[10:46]की तरफ से ये लोग फंडेड हैं। और फिर हमारे लिए जब
[10:50]हुज्जत तमाम हो जाएगी तो फिर हम बदला लेने में किसी किस्म
[10:54]की चूक नहीं करेंगे। देखिए ईरानी आवाम ने एक चीज बता दी
[10:56]कि मौला कायनात के मानने वाले हैदर कर्रार के मानने वाले किस
[11:01]तरीके से होते हैं। इन लोग कल जो नारे लग रहे थे
[11:04]उस नारे में सबसे ज्यादा नारा यह लग रहा था हैदर हैदर
[11:06]हैदर हैदर यह बताना चाहते थे कि एक जमाना था जब मौला
[11:11]कायनात ने खैबर को फत किया था इस जमाने का खैबर भी
[11:16]बहुत मजबूत है इंशाल्लाह इस जमाने का खैबर भी अली खामिनाई और
[11:18]अली के चाहने वाले ही फत करेंगे इंशाल्लाह इंशा्लाह ये थोड़ी सी
[11:23]अपडेट थी जो हम आपके सामने लेके आए हैं यकीनन आपको इंतजार
[11:27]होगा कि सबल मीडिया की तरफ से अपडेट्स मिले क्योंकि सबल मीडिया
[11:29]जो बातें लेकर आता है वो ऑथेंटिक भी होती है और मुस्तद
[11:33]और मुसदल भी होती है। इंशा्लाह इसी किस्म की और भी इन
[11:34]के साथ हम आपकी खिदमत में हाजिर होंगे। तब तक के लिए
[11:39]खुदा हाफिज इल्तमास खुदा हाफिज
0 Comments
sort Sorteer op
- Top Reacties
- Laatste Reacties
Volgende
8 Bekeken · 26/03/04
