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Kam Aur Zindagi MainTawazun Se Nimatne Ki Hikmat Amali | Dr Liaquat Raza
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محاضرات
Record date: 09 July 2023 - کام اور زندگی میں توازن سے نمٹنے کی حکمت عملی AL-Mehdi Educational Society proudly presents new Executive Refresher Course for the year 2023 under the supervision of specialist Ulema and Scholars who will deliver though provoking lectures Every Weekend. These video lectures are presented by aLmehdi educational society, Karachi for our youth. For more details visit: 📡 www.almehdies.com 🖥 www.facebook.com/aLmehdies313 🎥 www.youtube.com/aLmehdies 🎥 www.shiatv.net/user/Al_Mahdi_Edu
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Transcript
[0:12]अ सल्ले अला मोहम्मद ले मोहम्मद सबसे पहले तो एक बार शुक्रिया
[0:21]काजिम भाई और इदार का कि वह एक बार इस तौफीक के
[0:25]लिए दोबारा म कि य और पिछले दो सालो से मुख्तलिफ अनविन
[0:34]पर यहां तौफीक मिली बोलने की आज जिस उनवान की तरफ यहां
[0:37]पर मदु किया गया है उसके अंदर थोड़ी सी वजाहत य कर
[0:42]द कि यह सिर्फ दिमाग तात नहीं बल्कि असल उनवान जो है
[0:48]व बेसिकली वर्क लाइफ बैलेंस है यानी हम तमाम अफराद चाहे वह
[0:51]तालिब इल्म हो चाहे किसी कारोबार से वाबस्ता हो या किसी जॉब
[0:56]से वाबस्ता हो या घरेलू खवातीन के अंदर अगर हम बात करें
[1:02]तो तमाम नवीन के तहत एक मसला जो दरपेश आता है वो
[1:03]यह आता है कि आपकी एक लाइफ है पर्सनल लाइफ एक लाइफ
[1:07]है जो आपकी सोशल लाइफ है और जो लोग जॉब कर रहे
[1:13]तो उनकी प्रोफेशनल लाइफ है और एक आपका मजहबी और दीनी फरीजा
[1:18]भी है य सारे जो इतने फेजस है तो उसके दरमियान एक
[1:21]मुताबिक रखना बैलेंस रखना सिंक्रनाइजेशन करना यह बड़ा मुश्किल मरला है अच्छा
[1:28]अगर इसको हम तदब दे दे उस उनवान से जो कि हमारा
[1:35]तुरा इमतियाज भी है और हमारे लिए की बात भी है यानी
[1:41]हम मकतब विलायत से वाबस्ता है और विलायत के जब अमीर की
[1:44]बात की जाती है जो आयाम गुजर रहे हैं व उसी अमीर
[1:48]से मुतालिक है मौला कायनात की बात कर रहे हम तो मौला
[1:54]कायनात के हवाले से जो एक मशहूर तरीन अगर मगरिब दुनिया ने
[1:56]भी जब मुताल किया मौला की जात को तो क्या कहा जो
[2:01]अली है उसके अंदर सबसे बुनियादी कली पहलू क्या है अदल का
[2:08]यानी सोच रहा था मैं उनवान पर बात बहुत सारे अफराद है
[2:13]जो मेंबर पर बहुत सारी चीज बयान करते हैं तो जब बैठे
[2:17]होते तो कुछ ची जन में आती है तो सवाल एक जन
[2:21]में उभरा क्या वजह है कि एक शख्सियत ऐसी शख्सियत जिसको सब
[2:23]सब पसंद भी कर रहे ह इस लि से व शुजा तरीन
[2:27]है वो इस लिहाज से जो इमाम है इमाम उल अकिया यानी
[2:35]तकवा जिनके अंदर है उनका भी इमाम है और इल्म आप सब
[2:37]जानते हैं जारी बात है जिसको खुद रसूल ने क्या कहा हो
[2:41]कि वो दरे इल्म है तो ऐसी शख्सियत जो बा इल्म भी
[2:46]हो मर राज के दौर में आपको कोई बहुत ही साहिबे इल्म
[2:50]शख्सियत मिले तो एक फितरत में इंसान उसकी तरफ मायल होता है
[2:51]तो हमारे पास तो वाकया मौजू है तारीख में कि किस किस
[2:54]ने क्या कहा कि अगर ना होता तो हलाक होता तो तारीख
[2:57]मौजूद है तो इसके माने शख्सियत ऐसी है लेकिन उसके बावजूद बुख
[3:01]क्यों है यह सवाल जन में उ तो समझ में आया कि
[3:05]बस का पहलू क्या है तो बस के पहलू के अंदर य
[3:05]उनवान है यानी क्या अदालत का उनवान कि अगर मेरे घर का
[3:11]शस भी गलती करेगा तो मैं दन इलाही के तत फैसला करूंगा
[3:15]यह नहीं करूंगा कि मेरा रिश्तेदार ता उसको मैं छोड़ दू और
[3:17]जनाब जाफ काक आपके सामने मौजूद है अंगारे वाला जब उने बात
[3:25]की ठीक है तो जब इस पहलू को देखा जाता तो क्या
[3:30]सम अदल करना आसान काम नहीं तो हमारी लाइफ के अंदर जो
[3:38]आजकल के छोटे से एज से लेके बुढ़ापे तक एक आम शख्स
[3:39]से लेकर बड़े बिजनेसमैन तक एक तालिब इल्म से लेकर एक उस्ताद
[3:45]तक एक मरीज से लेकर एक तबीब तक जितने भी पहल को
[3:49]देखेंगे सबके साथ एक प्रॉब्लम नजर आ रहा है हमें वो बैलेंस
[3:51]नहीं कर पा रहे लाइफ के अंदर बैलेंस नहीं है अब कुछ
[3:57]डेफिनेशन बताएंगे आपको कुछ थ्योरी बताएंगे और कुछ साइंस तहकीक बताएंगे और
[4:04]उसको फिर हम कनेक्ट करेंगे कुछ इस्लामी अहा दीस के साथ ताकि
[4:07]आपको पता लगे कि इस्लाम और साइंस के बहा रतबात के साथ
[4:12]आज के दौर में इस क्वालिटी को कैसे हासिल किया जाए यानी
[4:16]जिंदगी का जो तवाजू हवाले से चंद अनवी होंगे जो कि आप
[4:25]लोग के कारा आमद होंगे अगर आप सुनेंगे तो यकीनन क्योंकि ये
[4:30]वो अनवी ने कि जो अमूमन माशे में इस तरह पेश किए
[4:35]नहीं गए ना अगर हम किए भी गए हैं तो चूंकि इतने
[4:39]कम लोग इस पर काम करते हैं कि आप लोग का एक्सेस
[4:42]उसपे नहीं है या आप लोग इतने मसरूफ होते हैं कि उन
[4:43]चीजों की तरफ आपका ध्यान नहीं है तो ये जो लाइफ वर्क
[4:47]और दीन का बैलेंस है उसके लिए हम न चीजें बयान करेंगे
[4:51]उससे पहले आप मिलके एक बार सवात पढ़ ले [संगीत] सहद महम्मद
[5:00]मतीन के तहत जो डेफिनेशन होनी चाहिए वर्क लाइफ बैलेंस की व
[5:06]क्या है उसको पेश करते आसान लज में वर्क लाइफ बैलेंस के
[5:10]माने यह है कि एक मेरी जिंदगी का हिस्सा क्या है अपने
[5:12]मश के लिए कमाने के लिए ताकि मैं अपनी जरती जिंदगी को
[5:17]मोहिया कर सकू ठीक है मेरी जिंदगी का एक हिस्सा वह हो
[5:22]कि जो मैं अपने और अपने से मुत सिल अफराद के साथ
[5:25]बिता सक गुजार सक लेकिन किस तरह अब दो चीज क्लियर है
[5:31]एक दफा आप कहते कि मैंने अपनी फैमिली के साथ वक्त गुजारा
[5:37]अपने दोस्तों के साथ वक्त गुजारा मस्जिद में आकर वक्त गुजारा य
[5:41]एक पहलू है क्या यह अहम था क्या यही मकसूद है नहीं
[5:47]यह मकसूद नहीं अहम क्या चीज है दोस्तों के साथ हो घर
[5:51]के अंदर हो मस्जिद में क्वालिटी वर्क गुजारना यह अहम दोबारा रिपीट
[5:55]करता हूं एक दफ वक्त गुजारना यह अहम और मकसूद नहीं है
[6:02]क्वालिटी व गुजारना यह अहम है यानी आप जो काम जो चीज
[6:04]जो वक्त अपने दोस्तों को दे घर वालों को दे खुद अपनी
[6:09]जात को दे ये क्वालिटी वर्क हो यानी इसके जरिए आपके अंदर
[6:17]रश्का और नमू हो मजबत अंदाज में ठीक है मसलन एक शख्स
[6:18]बाहर बैठा हुआ है वो भी वक्त गुजार रहा है दोस्तों के
[6:22]साथ अब वो क्या कर रहा है क्या हासिल कर रहा है
[6:25]ये अहम है अगर वो वहां बैठ के मजीद स्ट्रेस में आता
[6:29]है मजीद बुरी बातें से ख रहा है वक्त तो उसने गुजारा
[6:31]लेकिन चूंकि क्वालिटी वर्क नहीं था लिहाजा उसका हासिल क्या हुआ मनफी
[6:38]हुआ लेकिन एक शख्स है कि जो ऐसा काम करता है और
[6:39]अपने दोस्तों के साथ बैठता है काम करता है खिदमत खल्क के
[6:43]लिए तो इसने कहा जाएगा ये क्वालिटी वर्क गुजारा या अगर वो
[6:48]अपने बच्चों के साथ अपनी बीवी के साथ अपने बहन भाइयों के
[6:50]साथ उसने जो वक्त गुजारा है उसके जरिए उनके अंदर खुशी आई
[6:55]है उनके अंदर जो है वो मजबत सोचे दरयाफ्त हो रही है
[6:57]इसके माने कि उसने अपनी फैमिली के साथ मजबत और क्वालिटी टाइम
[7:03]गुजार तो असल हद वर्क लाइफ बैलेंस के अंदर क्वालिटी लाइफ को
[7:08]हासिल करना ना कि सिर्फ टाइम स्पेंड करना दो अलग इसलिए थोड़ा
[7:14]सा तवज्जो देने की कोशिश कर रहा हूं कि टाइम गुजारना अहम
[7:17]नहीं है क्वालिटी टाइम गुजारना है मस एक बच्चा मदरसे जाए स्कूल
[7:22]जाए और क्लास ना ले तो वो टाइम तो गुजार के आ
[7:27]गया स्कूल में म एक शख्स है जैसे गवर्नमेंट इदार में क्या
[7:30]होता है उसे पता है कि नौकरी से निकालना जाना नहीं है
[7:32]वो रिटायर होके निकलेगा काम करे ना करे उसे टेंशन नहीं है
[7:38]तो जाए दफ्तर में जाए अटेंडेंस लगाए 4 बजे और आ जाए
[7:44]टाइम गुजार दिया उसने लेकिन उसका जो हद था क्या था भाई
[7:46]आपको जिस मकसद के लिए वहां पर आठ घंटे की ड्यूटी सौंपी
[7:50]गई थी सरकार की तरफ से और जिसकी तनख आपको मिल रही
[7:53]थी वो इस काम की मिल थ कि आपके जॉब में ये
[7:56]ये ये ये चीज शामिल है लेकिन आप गए बैठे पंखा ऑन
[8:00]किया चिल मोबा मोबाइल निकाला बैठे गुफ्तगू कर रहे हैं चाय मंगाई
[8:02]कोई मिलने आ गया उससे गप्पे लगाई टाइम हो गया लंच का
[8:06]चले गए जनाब बोले नमाज का टाइम है वो दो घंटे बाद
[8:07]वापस आ ग च ब अभी देखना एक घंटा रह गया फिर
[8:10]आप इधर उधर बातें की और निकल गए तो टाइम तो आपने
[8:15]टाइम के लिहाज से पूरे आ घंटे अपने जॉब पर गुजार दिए
[8:20]लेकिन क्या यह कहलाएगा कि क् टाइम गुजारा क्योंकि आपने अपने हद
[8:23]को हासिल नहीं किया तो हद यह था कि जिस मकसद के
[8:26]लिए आपको भेजा गया है जिस मकसद के लिए आपको रखा गया
[8:31]है उस उसको आप एसन अंदाज में करें दूसरे मरहले प आ
[8:36]जाए एक शस आता है उसका काम टाइपिंग है टाइपिंग भी कर
[8:37]रहा है लेटर भी बना रहा है सब कर रहा है लेकिन
[8:40]25 मिस्टेक करता है एक सफे के अंदर तो तो बोलेगा अी
[8:44]आ भी रहा हूं काम भी कर रहा हूं काम करना भी
[8:48]अहम नहीं है ये दूसरा मरहला बता रहा हूं आपको एक तो
[8:52]वो जो फारिग है बिल्कुल यानी बस अपनी खाना पूरी के लिए
[8:54]आता है एक वो जो काम कर रहा है लेकिन चकि दिल
[8:58]लगी से काम नहीं कर रहा वो तवज्जो से काम नहीं कर
[9:02]रहा तो लिहाजा जो काम करता है उसमें 10 गलतियां करता है
[9:06]जब 10 गलतियां करेगा तो यकीनन इसका नुकसान निकलेगा अच्छा यह तो
[9:10]चले हमने मिसाल आसान ली जो हसास सर्विसेस है मिसाल के तौर
[9:15]पर तिब के शोभे के अंदर अगर नर्सिंग स्टाफ गलती कर दे
[9:18]तो क्या होगा इंजेक्शन की गलत डोज चली जाए तो भुगते कौन
[9:23]मरीज गलत दवा चली आ भुगते कौन मरीज फायर फाइटर का शोबा
[9:29]है वो गलत क्योंकि इसम तीन किस्म की चीजें होती है जब
[9:32]आग लगती है ना तो एक को मट्टी के जरिए बुझाया जाता
[9:35]है एक को बेसिकली फम होता है उसके जरि भुजा जाता है
[9:39]और नयत होती है ना कितनी बड़ी इंपैक्ट की आग है उसके
[9:43]हिसाब से ये पूरी एक साइंटिफिक वो है फिर आखिर में पानी
[9:45]और प्रेशर ठीक है तीन तो अगर उस फायर फाइटर को पता
[9:48]ना हो बोले मैं तो पहुच आग बुजने और वहां पर फम
[9:50]डाल रहा फम के लिए वो आग ही नहीं बल्कि उसको प्रेशर
[9:54]से खत्म करना था तो वो पहुच के नतीजा कि नुकसान होगा
[9:56]आग फेलेग किसी को नुकसान पहुंचाएगी इमारत को तो इसके माने कि
[10:01]काम करना सही तौर से जब तक उसका सही हद हासिल नहीं
[10:05]होगा तो आपका एक काम करना भी क्या होगा अब बस और
[10:07]बेकार हो जाएगा तो नतीजा खुलासा क्या निकला कि जिंदगी के अंदर
[10:12]जो वर्क लाइफ बैलेंस हासिल करने के लिए आपको उन चीजों का
[10:15]पता हो वो चीजें क्या है थोड़ी से हम बयान करेंगे खलास
[10:19]इस डेफिनेशन के अंदर जिंदगी में आपकी लाइफ आपका वर्क और आपका
[10:24]दीन ये तमाम के तमाम बैलेंस में उस वक्त होंगे कि जब
[10:30]आपको इनके राइट डायमेंशन को करने का तरीका मालूम होगा और आप
[10:36]उसको तवज्जो के एक दफा तरीका भी मालूम है लेकिन आप म
[10:38]हर बच्चे को पता है कि यह मेरा सिलेबस है फला फला
[10:43]सब्जेक्ट का और यह पास मार्क्स है तो अगर वो उस तरह
[10:47]तवज्जो से नहीं पढ़ेगा तो फेल होगा फेल होगा तो अगली क्लास
[10:49]में नहीं जाएगा इसे पता है सिलेबस ये है इसे पता है
[10:53]इस दिन एग्जाम है इसे पता है कि टेस्ट लिया जाएगा लेकिन
[10:57]ये उस तरह तैयारी नहीं करता तो क्या होगा फेल होगा ज
[10:59]फेल होगा क्लास में नहीं जाएगा तो इसी तरह अगर आपको मालूम
[11:02]भी है कि क्वालिटी वर्क इस तरह होता है और आप करें
[11:06]ना वैसे तो फिर भी नतीजा तो इसके माने तीनों मरले तय
[11:07]करने होंगे पहला मरला ये होगा कि आपको उसके बारे में इल्म
[11:11]हो दूसरा मरला य होगा आप उसको करें और तीसरा मराला होगा
[11:15]दुरुस्त सिंस में करें दुरुस्त अंदाज में करें ताकि आपको और यही
[11:18]वजह है कि हमारे घरों में आजकल नफ्स नफसी और सोसाइटी में
[11:22]नफ्स नफसी सोसाइटी में स्ट्रेस सोसाइटी में डिप्रेशन सोसाइटी में बहुत सारे
[11:28]बिहेवियरल प्रॉब्लम क्यों है इन्हीं रीजंस की वजह से इसलिए मैंने इसको
[11:30]बहुत कोशिश की कि आसान लफ्जों में इसके फलसफे को बयान करूं
[11:35]ताकि आपको अंदाजा हो सके कैसे अपनी जिंदगी के अंदर अगर आप
[11:37]तालिब इल्म है अगर आप काम करने वाले हैं अगर आप घरेलू
[11:41]खातून है अगर आप किसी बड़े लेवल पर काम करें इन तमाम
[11:43]जगह पर ये बुनियादी उसूल है यानी यह नहीं कि सिर्फ छोटे
[11:47]के लिए बड़े के लिए नहीं है बड़े के लिए बच्चों के
[11:51]लिए नहीं यह जो बैलेंस का फिनोमेना है यह सबके लिए हर
[11:54]चीज के अंदर एक बैलेंस है अगर उस बैलेंस को आपने हासिल
[11:58]कर लिया तो आपकी जिंदगी जिंदगी ऑटोमेटिक सुकून में भी आएगी और
[12:04]उसका नतीजा निकलेगा आप कामयाब होंगे फलसफा समझ रहे हैं यानी जो
[12:09]वर्क लाइफ बैलेंस का जो नतीजा है वो क्या है एक तरफ
[12:14]सुकून है सुकून इतनी आसानी से हासिल नहीं होता है हर कोई
[12:16]परेशान है सुकून डिप्रेशन परेशानियां स्ट्रेस एंजाइटी और उसको हासिल करने का
[12:23]लाजमा क्या है आप कामयाब भी है क जो शख्स सुकून में
[12:26]आ गया वो कामयाब हो जाएगा दोनों लिहाज से दनी लिहा से
[12:31]भी और दुनियावी लिहाज से अब आ जाए कामयाबी सुकून वर्क लाइफ
[12:37]बैलेंस कुछ चीज बताएंगे जो आपके काराम होंगे न उससे पहले एक
[12:41]बार मिलके सवात पढ़ स लेह इस तमाम को हासिल करने के
[12:52]लिए बहुत सारे नुका है तमाम नका को बयान नहीं कर सकते
[12:54]चंद चीता नका उससे पहले आपको एक दो साइंटिफिक नता थरी बन
[13:00]कर देते हैं एक थ्योरी कहलाती है कि जब आप जो शख्स
[13:06]चाहता है कि वर्क लाइफ बैलेंस को लाइफ में प्रैक्टिस कैसे करना
[13:08]क्या आप जो इतनी सारी हमने बात की ये करें ये कर
[13:13]लेकिन कैसे करें क्या हद क्या चीज इस थ्योरी का नाम है
[13:14]बेसिकली 20 मिनट्स मंग थ्योरी क्या कहते हैं 20 मिनट्स मंग थ्योरी
[13:24]या मंग मेथड मंग बोलते हैं हम ये चक मगरिब थ्योरी है
[13:29]इसलिए उने मंग की मिसाल मंग बोलते जि तर हमारे उलमा होते
[13:31]हैं इस तरह उनके जो भी मुलि होता है उसको या जिस
[13:36]तरह क्रिश्चियनिटी में राहिब होता है तो इस तरह बेसिकली मंग कहलाते
[13:38]हैं कि जो कि दीनी और रूहानी प्रैक्टिसेस करते हैं ठीक है
[13:43]अ वो दीनी और रूहानी प्रैक्टिसेस करते हैं उसके अंदर एक बुनियादी
[13:46]उसूल जो सामने रखते वो क्या है व तवज्जो का है जिसको
[13:51]हम कंसंट्रेशन कहते हैं ठीक है तवज्जो अगर नहीं होगी तो आप
[13:56]उस चीज को हासिल नहीं कर सकते वो कहते कि अगर हमने
[13:57]इलाहिया में आगे जा ना है तो आपको जब तक कंसंट्रेशन की
[14:03]स्किल पर उबल हासिल नहीं होगा तो आप आगे नहीं जा सकते
[14:08]हैं तवज्जो जैसे नमाज के अंदर भी तवज्जो होनी चाहिए नहीं हासिल
[14:11]हो पाती दीगर इबादत तवज्जो हासिल नहीं हो पाती क्योंकि हम सिर्फ
[14:15]फिजिकल वो कर लेते हैं लेकिन उसका हद हासिल इस नहीं करते
[14:19]कि हम तवज्जो से नहीं कर पाते तो उन्होने इस पूरे सिस्टम
[14:23]के अंदर जो मक्स होते हैं वो प्रैक्टिसेस करते हैं तवज्जो को
[14:26]हासिल करने की उस तवज्जो को हासिल करने के लिए अंदर वो
[14:31]पुर सुकून जगह पर बैठ के पहले गहरी सांस लेते हैं और
[14:33]कोशिश करते हैं कि अपने जहन को दीगर अफक से जो मुख्तलिफ
[14:38]सोचे चल रही है जहन में जैसे अभी हम बैठे होंगे तो
[14:43]बहुत सारी सोचें चल रही होंगी मसलन ये लेक्चर कब खत्म होगा
[14:45]मुझे आज उसके बाद फलां प्रोग्राम में जाना है या फला चीज
[14:50]मुझे जो है वो कही गई है या दोस्त ने मिलने आना
[14:53]है या मसलन मैं फलां फला और काम करूंगा या कोई प्रोग्राम
[14:54]आने वाला 10 चीजें भी चल रही होंगी साथ में तो जब
[14:58]आपने इस चीज को हासिल करना हो तो कोशिश करें आहिस्ता आहिस्ता
[15:01]दीगर सोच को कट ऑफ करने की अच्छा ये एक दिन में
[15:05]नहीं दो दिन में नहीं एक हफ्ते में नहीं होता कई महीने
[15:08]लगते और फिर वो टाइम आ जाता है कि सिर्फ आप एक
[15:11]ही चीज जिसको सोचना चाहते हैं सिर्फ वही सोचते हैं आपको बाकी
[15:15]सोचे आपके जहन से फिर नहीं आपको असर अंदाज होती ठीक है
[15:20]तो लिहाजा आप पुर सुकून जगह पर बैठ के गहरी सांसे ले
[15:25]दो तीन मिनट तक उसके बाद आंखें बंद करें और कोशिश करें
[15:27]किसी एक नुक्ते पर सोच सिर्फ एक टॉपिक एक पॉइंट एक तस्वीर
[15:33]कोई भी व आपकी मर्जी क्या सोचे उस एक नुक्ते को लेकर
[15:35]आप जहन पर रखें वो चाहे म किसी रोजे की तस्वीर हो
[15:38]किसी नबी का कोई आप वाकया सोचे अल्लाह की जात के बारे
[15:44]में य आप लेकिन टॉपिक एक उनवान एक हो चीज एक हो
[15:49]शख्सियत एक हो जो चीज कर रहे वो एक ही हो जब
[15:52]आप यह प्रैक्टिस करेंगे 20 मिनट तक जैसे मैंने कहा कि एक
[15:56]दिन में नहीं होगा दो दिन में नहीं होगा आप जो भी
[15:59]चीज सखते वो फौरन नहीं सीख जाते जैसे अभी किसी ने अगर
[16:01]आपको टाइपिंग सिखाई तो आपकी स्पीड डायरेक्ट 40 मिनट्स टाइपिंग की नहीं
[16:06]बन जाएगी आपको टाइम लगेगा कि आप हाई स्पीड पर पहुचे अगर
[16:08]आपने गाड़ी चलाने सीखी है तो आप माइ ड्राइवर की तर फरन
[16:11]चलाना शुरू कर सकते टाइम लग इसी तरह इस प्रैक्टिस को हासिल
[16:14]करने के लिए कि आपका जहन दीगर सोच को आपके ऊपर हावी
[16:19]ना होने दे और जो आप सोचना चाहते सिर्फ वही सोचा है
[16:22]यानी अगर नमाज के लिए आमादा हो गया तो सिर्फ वही नमाज
[16:27]पढ यानी मैं हूं और खुदा ह यह कब हासिल होगा कि
[16:31]जब इस स्किल को अपने अंदर डेवलप कर लेंगे मैं कोई कुरान
[16:33]अगर पढ़ना चाह रहा हूं तो कुरान के और मेरे दरमियान कोई
[16:37]और ना हो सिर्फ मैं हूं और कुरान की वो पैगाम हो
[16:41]मैं उस पर सोच रहा हूं ये कब मुमकिन होगा कि जब
[16:42]मैं इस सलाहियत को हासिल कर लूंगा तो ये सलाहियत हासिल करने
[16:46]से आपकी जैसे हमने बात की कि ये जो चीजें बताई जा
[16:50]रही है ये आपकी दुनिया और आखिरत दोनों के लिए कामयाबी के
[16:52]गुण है ठीक है बाहर तो वेस्ट पे इस पे लेक्चर जब
[16:58]होते हैं जो इसपे जो बड़े-बड़े फिसर देते तो य तो एक
[17:03]एक लेक्चर की जो फीस होती है व कई कई हजार डॉलर
[17:07]होती है य थरी आपको बताई जा रही है सब प्रैक्टिकल थरी
[17:09]ठीक है तो एक अवान हो गया 20 मिनट्स म मेथड या
[17:14]20 मिनट म थरी दूसरा अनुमान क्या हो गया आपको अपने लाइफ
[17:20]के दरमियान एक पूरा शेड्यूल बनाना होगा जिसे हम टाइम मैनेजमेंट कहते
[17:25]टाइम मैनेजमेंट पूरी अलग स्किल है आपका यह हिस्सा माने के लिए
[17:30]है इतने घंटे आप आ घंटे की जॉब है एक घंटा आना
[17:31]एक घंटा आना 10 घंटे आप तालेब में 6 घंटे यूनिवर्सिटी कॉलेज
[17:36]में गुजारते हैं एक घंटा आना एक घंटा जाना आ घंटे तो
[17:40]बाकी 24 घंटे उसको आप डिवाइड करेंगे किस तरह डिवाइड करेंगे जब
[17:42]आप घर आ गए तो घर के भी कुछ उमर है अगर
[17:45]आप पढ़ ले तो पढ़ाई के भी कुछ उमर होंगे अगर आप
[17:49]जॉब के बाद आए हैं तो फैमिली के टाइम देने के उमर
[17:52]होंगे सोशल वर्क के उमर होंगे आप जिस इलाके में अगर बैठे
[17:54]हैं उस इलाके में अगर आपने कोई एक्टिविटी रखी हुई है उसके
[17:58]उमर होंगे और फिर एक सोनेगाव या आपने अपने बॉडी को रेस्ट
[18:01]भी देना क्योंकि जब तक बॉडी को रेस्ट नहीं मिलेगा आप हमेशा
[18:09]साइकोलॉजिकली चिड़चिड़ी गुस्से पन का शिकार होंगे और यह आपके अगले दिन
[18:12]की लाइफ को भी चाहे वह प्रोफेशनल लाइफ हो एकेडमिक लाइफ हो
[18:17]या बेसिकली अगर आप बिजनेस करते हैं तो बिजनेस के अनवी हो
[18:19]य सब मुतासिर होंगे तो यह बैलेंस डेवलप करने के लिए आपको
[18:23]टाइम टेबल बनाना पड़ेगा तो एक नुक्ता क्या हो गया आपको टाइम
[18:26]मैनेजमेंट करनी है टाइम टेबल बनाना बनाने के अंदर बहुत जरूरी कि
[18:32]आप क्या करें दो चीज रखें क्या चीज रखें इसको हम कहते
[18:35]हैं नॉन कंप्रोमाइज बल आवर्स यानी क्या य जोले आधा घंटा हो
[18:42]एक घंटा जो मैंने फिक्स किया है यह सिर्फ और सिर्फ मेरे
[18:45]और मेरी फैमिली के लिए एक साइंटिस्ट है जिसका नाम है डॉक्टर
[18:48]सुल वियान उसका जुमला है कि यू आर नॉट सपोज टू बी
[18:56]अवेलेबल 247 यानी क्या य किसने कहा है कि आपको आप 24
[18:59]घंटे दूसरों के लिए मौजूद रहे यानी दूसरे म रही बाकी अफराद
[19:05]जो आपसे ताल्लुक नहीं रखते अच्छा अब इसमें थोड़ा सा वजाहत ये
[19:07]जरूर करते हैं कि जहरी बात है कुछ प्रोफेशन ऐसे हैं कि
[19:12]जिसमें यह मजबूरी है मसलन जो डॉक्टर्स हैं उनको 247 अवेलेबल रहना
[19:15]पड़ता है जो सर्जन होते हैं जो आईसीयू में काम करने वाले
[19:21]डॉक्टर्स हैं या पैरामेडिकल स्टाफ है इनको 247 अलर्ट मतलब उसकी ड्यूटी
[19:24]तो 8 घंटे या 10 घंटे की थी वो घर आ गया
[19:27]है लेकिन ही हैज टू बी अलर्ट क्योंकि वो चार सर्जरीज करके
[19:31]आया है कोई भी कॉम्प्लिकेशन होती है तो कॉम्प्लिकेशन का मतलब य
[19:34]है फौरन कॉल आएगी कि जो ऑपरेशन आपने सुबह 10 बजे किया
[19:37]था आप तो बैठे हुए हैं अभी आपके रात के 11 बजे
[19:40]आप घर में आप सोने की तरफ जा रहे कॉल आ गई
[19:43]फौरन पहुंचे पेशेंट की कंडीशन तो आप ये नहीं बोलेंगे उसको कि
[19:45]भाई मेरे ड्यूटी आवर नहीं है या मसलन आप जो है वो
[19:49]फायर फाइटिंग के अंदर थे घर पहुंच गए फॉरन कॉल आई कि
[19:52]बड़ी जबरदस्त आग लगी चार इंडस्ट्रीज जलर है फौरन सबने पहुंचना आप
[19:54]ये नहीं बोलेंगे कि मेरा तो ड्यूटी आवर खत्म हां बाकी जितनी
[20:00]जॉब्स है इस तरह की सर्विस उसमें आप को यह कहना पड़ेगा
[20:02]अगर आपकी जॉब के आवर्स 6 बजे तक है आपके पास करेज
[20:07]हो कि यह मेरा वर्किंग एंड खत्म अब मैं जा रहा हूं
[20:12]बस अब कल देखूंगा और फोन भी अटेंड नहीं करूंगा वीक एंड
[20:17]पर भी अटेंड नहीं करूंगा यह चीज कक हमारे मश में राइज
[20:19]नहीं है बाहर य प्रैक्टिस होती है हमारे य चक खौफ होता
[20:23]है बॉस जॉब से निकाल देगा बॉस प्रमोशन नहीं देगा ये सब
[20:25]मसाइल है लेकिन कुछ हद तक आप मैनेज कर सकते हैं चीज
[20:30]या अपने लेवल पर रह के कोशिश करें जिस हद तक जो
[20:35]आपने टाइम रखा है नो कंप्रोमाइज जोन यानी वो आधे घंटे ही
[20:39]भले क्यों ना हो उस आधे घंटे का मतलब है आप किसी
[20:40]और को टाइम नहीं देंगे अपने आपको और अपने घर वालो को
[20:43]टाइम द यानी कॉल आ रही है अटेंड ना करें मैसेज आ
[20:47]रहे रिप्लाई ना करें आधे घंटे बाद आपको फिक्स करना पड़ने बात
[20:49]की फिक्स करना है टाइम बनाना तो एक तो पॉइंट य दूसरा
[20:53]पॉइंट क्या जिसे हम कहते हैं रिस्पेक्ट बाउंड्रीज यानी क्या हर एक
[20:57]की अप एक इंटीग्रिटी है एक पर्सनल प्राइवेसी है ठीक है मैं
[21:01]हूं आप हूं हर एक चाहे वो छोटा बच्चा हो या बड़ा
[21:06]बुजुर्ग हो कोई भी एज का फर्द हो औरत हो मर्द दो
[21:10]एक उसकी पर्सनल प्राइवेसी है इसको हमें जरूर मद्देनजर रखना चाहिए ठीक
[21:13]है ना जरूरी नहीं कि हर शख्स आपके घर का ही फर्द
[21:17]यानी आपके वालिद ही क्यों ना हो आपकी वालिदा ही क्यों ना
[21:18]हो या आपके बच्चे क्यों ना हो वह भी एक इंसान है
[21:22]उसकी उस बाउंड्री को कि वो भी एक इंसान रिस्पेक्ट करें ये
[21:27]नहीं कि बच्चे को आप बोले चकि वो बच्चा उसको आप ऑर्डर
[21:28]ही देते रहे 24 आवर्स कि मैं तो वालिद हूं मैं तो
[21:32]वालिदा हूं अगर नहीं करोगे तो जन में जाओगे क वो भी
[21:36]बेचारा सुबह से खेल रहा हो बच्चों के साथ आजकल छुट्टिया है
[21:41]थक गया हो आप बोल फरन उठ के जाओ ये करो तो
[21:44]अगर मेरे जहन में होगा नहीं भाई वो भी एक इंसान है
[21:44]वह भी थक सकता है और फौरन मेरे ऑर्डर को नहीं मान
[21:48]सकता है तो यह चीजें जो है वो आपको रिलाइज करनी होंगी
[21:52]इसी तरह अगर आप जॉब पर है अगर आप किसी ऐसी एडमिनिस्ट्रेटिव
[21:55]पोस्ट पर है आपके नीचे बहुत सारे वर्कर्स काम करते तो आप
[22:01]उस वर्कर की मजबूरी भी समझे हो सकता है व वाक बीमार
[22:02]हो हो सकता है मजबूरन आया हो हो सकता है उसके पास
[22:06]वाकई कोई मैटर्स चल रहे हो वो परेशानी में हो आप उसको
[22:10]हर वक्त ऑर्डरिंग मोड में ना रखें उसकी भी सुन ले उसकी
[22:12]भी एक्सक्यूज को लाइज करें अगर ये चीज मशर में आने लगे
[22:17]तो आप देखेंगे ऑटोमेटिक हमारी चीजें बहुत सारी बैलेंस में चली जाएंगी
[22:20]तो ये थ्योरी के अंदर दो पॉइंट हमने बताया दोबारा रिपीट करता
[22:24]हूं एक पॉइंट बेसिकली टाइम मैनेजमेंट है आपने टाइम मैनेज के लिए
[22:28]पूरे शेड्यूलिंग करनी है दो काम बत बहुत सारे पॉइंट लेकिन दो
[22:30]बताए बात टाइम नहीं है आगे भी बढ़ना है तो एक पॉइंट
[22:33]हमने टाइम मैनेजमेंट बताया बेसिक आपने टाइम टेबल के अंदर आप क्या
[22:38]करें नो कंप्रोमाइज जोन और आवर को बनाए जो सिर्फ आपके आपके
[22:40]घर वालो के व आधे घंटे एक घंटे दो घंटे अपने शेड्यूल
[22:44]दे आपको पता होगा आपकी क्या नत मसयत की जितनी मसत ज्यादा
[22:48]है उसको टाइम कम करले मसयत कम होती है फैमिली टाइम बढ़
[22:50]दो दूसरा मला बताया कि आपको पास रिस्पेक्ट बाउंड्री अपनी भी दूसरों
[22:56]की भी ताकि समझ सके एक दूसरे के मसाइल को फिर आगे
[22:58]बढ़ते हैं एक और उनवान आता है इसके अंदर जब हम बात
[23:03]करते हैं आपके पास बहुत जरूरी है कि आप अपने स्ट्रेसर्स को
[23:11]आइडेंटिफिकेशन यानी उस परे काबू कैसे प तो स्ट्रेस मैनेजमेंट की मैं
[23:21]एक टेक्निक बता देता हूं जब आप स्ट्रेस में आ पता कैसे
[23:25]लगेगा मसलन आप बैठे होते हैं तो आप मुट्ठी यूं करना शुरू
[23:27]कर देंगे या यूं कर शुरू कर देंगे नेल को चबाना शुरू
[23:31]कर देंगे पांव जो है वो मुसलसल हिला रहे होंगे तेज तेज
[23:35]बेचैनी की कैफियत होगी आपके अंदर आपको दबाव सा महसूस हो आप
[23:38]इसके माने कि आप स्टेट ऑफ स्ट्रेस में चले गए हैं अब
[23:41]वो किसी वजह से भी हो सकता है तो चंद एक्सरसाइज है
[23:45]उसकी उसमें से जो है वो मैं एक एक्सरसाइज बता देता हूं
[23:47]आपको जिससे आप जल्दी स्ट्रेस से बाहर आ जाएंगे ये सिंपल सी
[23:51]टेक्निक है जिसको आप बैठ के आराम से कर सकते हैं टेक्निक
[23:55]बहुत सारी है कोई 20 मिनट की है कुछ 5 मिनट की
[23:56]है लेकिन मैं आपको जो है वो बेसिकली एक फाइव मिनट टेक्निक
[24:00]बता रहा हूं जिसको हम टेक्निक ऑफ माइंड फुलनेस कहते हैं ठीक
[24:04]है माइंड फुलनेस की बहुत सारी टेक्निक है उसमें से एक फाइव
[24:07]मिनट टेक्निक आपको हम बता रहे हैं वो क्या चीज है कि
[24:11]आप चाहे खाने के साथ भी कर सकते हैं या किसी चीज
[24:12]के साथ भी कर सकते हैं मिसाल के तौर पर खाने की
[24:15]मिसाल देते आप दिन में तीन दफा खाते हैं तो अगर ये
[24:18]खाने के दौरान कर लेंगे तो आपको एक्स्ट्रा टाइम नहीं लगाना पड़ेगा
[24:20]यानी क्या अच्छा इससे बहुत सारी हदीस के जो मसनून फैक्टर है
[24:26]सुनती फैक्टर वो भी आपको हासिल हो जाएंगे आप भी प्रैक्टिस करें
[24:29]जब आप खाना खा रहे हो लुकमा जब आपके पास आए तो
[24:34]एक मिनट के लिए पॉज दें आप रुके सोचे उस लुख मेंे
[24:39]के बारे में कि मसलन अगर आप सालन और रोटी खा रहे
[24:41]थे मिसाल के तौर पे तो आप सोच कि ये रोटी है
[24:43]रोटी किसकी बनी है गंदम की बनी है गंदम कैसे आता है
[24:48]जमीन से उगता है जमीन कैसे उगाती है जब इसमें किसान हल
[24:53]चलाता है जमीन जरखेज होती है उसमें खाट डालता है बारिश होती
[24:58]है पानी पड़ता है कोपले फूट है फिर वो जब पक जाता
[25:00]है पूरा कटाई होती है कटाई होके जनाब मिल्स में जाती है
[25:04]मिल्स उसके अंदर आटा बनता है आटा बन के जनाब पैक होके
[25:07]आता है आप जाते हैं खरीदते हैं बेगम आपकी आटा गती है
[25:08]रोटी बनाती है आपके पास आता है अब ज आप ये सोच
[25:12]रहे हैं तो इस दौरान अब जो मैंने जो चीज रिपीट की
[25:15]साइकिल बड़ी तेजी में की है स्लो करें इसको अब मैं सिर्फ
[25:19]एक चीज के बारे में सोच रहा था कि प्रोसेस कैसे मैं
[25:21]अभी मेरे जहन में कुछ और आ ही नहीं रहा था जब
[25:23]मैं ये बा अभी जुमले ज्यादा कर रहा था क्योंकि मैं सीक्वेंस
[25:27]बना रहा था तो लिहाजा सारी चीजें हो गई थी कट हो
[25:31]गई थी तो वो वाला हद यानी कंसंट्रेशन वाला भी इसी के
[25:34]जरिए हासिल हो जाएगा सारी इंतजारी सोच आपने क्या कर दी ब्लॉक
[25:39]कर दी एक ही सोच को आपने प्रीवेल किया क्या था कि
[25:44]ये चीज बनी कैसे फिर इसमें सालन है सालन भी जो है
[25:45]वो कई मसालों से मिलकर बना है अगर वो बोटी का सालन
[25:49]है तो बोटी इसके माने के जानवर चाहिए जानवर भी जिबा हुआ
[25:53]होगा जिबा हो के घोष आया घोष मेंही लेके आया हूं बोटिया
[25:54]कट उसकी ठीक है जब अ सोचेंगे हर ल में ऊपर फिर
[25:59]जब मुंह में डालेंगे फिर बोलेंगे जब मुंह में इसका टेस्ट आया
[26:05]है नमकीन टेस्ट आया है नमक सही था मसाला था कम था
[26:07]ज्यादा था अब ये मैदे में जाएगा मैदे में जाके क्या होगा
[26:11]इसके साथ मुख्तलिफ एंजाइम निकलेंगे जो इसको घुला जाएंगे इसकी एनर्जी खून
[26:14]में आएगी खून में आएगी तो मैं तवाना हूं मेरा दिल चल
[26:19]रहा है मैं सोच रहा हूं सांस ले रहा हूं जब आपने
[26:20]प्रोसेस किया 5 मिनट के अंदर तो अब आपने अपने जहन को
[26:24]एक सुकून में लेके आर है क्योंकि आप बाकी सारी इंतजारी सोचें
[26:28]जो अब तक थी वो सब ब्लॉक हो गई और आपके जहन
[26:32]में सिर्फ एक सोच थी तो इसके जरिए आप खुदा को ही
[26:33]पहचाने य खुदा ने कितना कमाल सिस्टम रखा है कि चीजें बन
[26:38]के मेरे पास जो आ गई है फि शुक्र एक दफा खुदा
[26:41]की वैदान तो दूसरे शुक्र के भाई आज के इस महंगाई के
[26:43]दौर में लोगों को खाना मयस्सर नहीं है मुझे कम से कमय
[26:47]खाना निवाला तो मिल रहा है आज के दौर में अमराज इतने
[26:50]किस्म के ये खाना मेरे मैदे में जाक हजम भी हो रहा
[26:53]है यही शुक्र अदा करो कि मेरा निजाम हजम सही काम कर
[26:55]रहा है इससे जो तवाना मिल इससे मैं काम करूंगा खुदा का
[26:59]शुक्र अदा करो हाथ पाव सालिम है मेरे टूटे हुए नहीं है
[27:04]कुछ नहीं है जब आप ये प्रोसेस इजाद कर लेंगे तो चंद
[27:05]हफ्ते मा अपने अंदर आप जो तब्दीली देखेंगे आप खुद बोलेंगे कि
[27:11]मैं फ्रेश इंसान में तब्दील हो गया हूं जो अभी मुश के
[27:17]अंदर जहनी इंतजार जहनी आसूद कीी जहनी दबाव से सब लोग शिकार
[27:20]हो रहे हैं जब आप य फ्री के टिप्स है यानी आप
[27:23]अगर इसको कर लेंगे आपको डॉक्टर के पास आपको डॉक्टर की फीस
[27:26]साइकोलॉजिस्ट की फीस इसके सेशन होते हैं बका आप डिप्रेशन से निकालना
[27:31]हो सेशन होते हैं महंगे महंगे सेशन सीबीटी जो टेक्निक इस्तेमाल की
[27:35]जाती है 20 मिनट का सेशन 000 का सिर्फ गुफ्तगू करता है
[27:40]साइकोलॉजिस्ट हो साइकेट्रिस्ट गुफ्तगू करेगा आपसे कोई दवा नहीं देगा लेकिन उस
[27:43]गुफ्तगू से आपके मेंटल पीस को हम आपको सारी चीज बता रहे
[27:47]हैं सब उसका निचोड़ है तो अगर आप इन चीजों पर थोड़ा
[27:48]तज्जा देके इसको प्रैक्टिस में लेके आएंगे तो आप ऑटोमेटिक अपने जहन
[27:55]को फ्रेश फील करेंगे जहन फ्रेश होगा तालेब में मेमोरी अच्छी रहेगी
[27:58]आपकी सबक याद हो जाएगा कारोबार करते हैं नए नए आइडियाज आएंगे
[28:02]आपके पास आप मसाइल में घिरे होते हैं मसाइल से निकलने के
[28:06]सलूशन कब आएंगे जब दिमाग सुकून में आएगा जब आप फ्रेश होते
[28:08]हैं तो आपको हर चीज अच्छी भी लगती है आप घर वालों
[28:11]से भी अच्छे तरीके से बात करेंगे स्ट्रेस में होते हैं दबाव
[28:15]में होते हैं क्या करते हैं घर में आके खम धाड़ करते
[28:16]हैं फितरत है हर घर घर मरला हैय कोई ढकी चुई बात
[28:20]नहीं है ठीक है तो जब आप इन मराई से निकलेंगे कैसे
[28:24]निकलेंगे जहन को सुकून में लाते तो पहली चीज हमने बताई टाइम
[28:27]मैनेजमेंट उसके लिए दो नुका बताए अगला स्टेप बताया माइंड फुलनेस टेक्निक
[28:32]जिस उने बात की कि आप पा मिनट तक किसी एक चीज
[28:35]के बारे में सोचे अब वो खाने की मिसाल दे आप पत्ता
[28:36]ले ले पत्ते को सोचेंगे किस कलर का है ये ग्रीन कलर
[28:40]का है किसी पत्ते की शेप कर्व होती है किसी त्रिकन होती
[28:44]है कोई जो है वो ऊपर से रफ होता है नीचे से
[28:47]ग्लेज होता है उसमें बीच में एक लकीर है साइड में एक
[28:49]तरफ तीन लकीर एक तरफ चार लकीर क्यों ऐसा सोचे क्यों नेचर
[28:53]ने ऐसा बनाया है पत्ते में उभार क्यों है उस पत्ते में
[28:55]तीन रंग है इसमें एक रंग क्यों है सोचे इसके बारे में
[28:58]ज सोचेंगे तो आप अपने जहन को कुछ देर के लिए बाकी
[29:02]इंतजारी सोच से क्या कर रहे हैं कट कर रहे इशारी सोच
[29:06]से कट करेंगे आपको अपने अंदर सुकून का एहसास होना शुरू हो
[29:09]जाएगा पु सुकून होंगे आपका आउटपुट दीनी भी दुनियावी भी प्रोफेशनल भी
[29:13]अडम सब इंप्रूव हो जाएगा ठीक है एक बार सवात पढ़े मिलके
[29:16]तो अगले स्टेप पर बढ़ते जैसे हमने तीसरा नुक्ता जो बात कीक
[29:26]आपके पास बैलेंस के अंदर एक जॉब का हिस्सा है एक घर
[29:30]का हिस्सा है नींद का हिस्सा भी है तो नींद वो अल्लाह
[29:34]ताला ने निजाम रखा है अगर आप इसको प्रॉपर नहीं करेंगे तो
[29:40]इसका नुकसान क्या होगा अगले दिन आप क्योंकि हमने पहले भी मिसाल
[29:42]दी है इस तरह की कि ये जो मस्जिद है टंकी अगर
[29:45]भरेगी नहीं तो आप वजू के लिए पानी अवेलेबल नहीं होगा तो
[29:49]टंकी भरने के दौरानी है इतनी देर मोटर चलेगी तो इतना पानी
[29:51]भर जाएगा तो जब आप दिन भर काम करते हैं जो आपने
[29:55]मुख्तलिफ चीजें इस्तेमाल की ताकत के लिए वो कब बनती है जब
[29:59]आप सोते हैं जो निजाम अल्लाह ने बनाया जब आप सोते हैं
[30:00]सोने के दौरान अल्लाह ताला ने वो जो आपकी मुख्तलिफ चीजें जो
[30:05]दिन भर आपने कंज्यूम कर ली खर्च कर ली फ्यूल के तौर
[30:10]पर अब वो बनेंगी कब बनेगी आप सोएंगे तो जितनी पुर सुकून
[30:12]नींद होती है तो वो आपके स्टोर भर जाते हैं अगर आप
[30:15]पुर सुकून नींद नहीं लेते अगर आप कम नींद लेते हैं तो
[30:19]उसका नुकसान क्या होता है कि जितने अगले दिन के लिए आपको
[30:20]रिक्वायरमेंट होती है उस फ्यूल की उस तवाना की वो आपको हासिल
[30:25]नहीं हो पाएगी तो अगले दिन जैसे ही मिसाल के तौर पर
[30:30]पेट्रोल आप गाड़ी में जितना भरवाए उतनी गाड़ी चलेगी उसे ज्यादा चलेगी
[30:33]अगर आपने 10 किलोमीटर जाने तो आपको आईडिया हो जाए मेरी गाड़ी
[30:38]इतने लीटर में 10 किलोमीटर ले जाएगी मुझे तो अगर आपने 100
[30:41]किलोमीटर जाना है फ्यूल एक किलोमीटर की लई तो क्या होगा 10
[30:47]किलोमीटर रुक जाएगी व अ मंजिल पहुच नहीं पाएंगे इस तरह अगले
[30:49]दिन आपने काम करना है तो क्या होता है एक घंटे बाद
[30:53]सर दर्द काम नहीं हो रहा चाय लेके आओ फ क्योंकि आपने
[30:57]नींद को पूर नहीं लिया था आपकी एनर्जी की वो लेवल नहीं
[31:02]बन पाए थे जिसके आप अगले आठन घंटे काम कर सकते कवाना
[31:03]हो गए तो एक डेढ़ घंटे बाद वो एनर्जी के स्टोर खत्म
[31:07]होते हैं और आप थक जाते हैं नींद आना शुरू पट्ठे में
[31:11]दर्द कमर में दर्द सर में दर् इसी वजह से होता है
[31:12]तो आप टाइम अ नींद को लाने के लिए तरीका बहुत सारी
[31:17]चीजें एक टेक्निक बता रहा हूं उसको याद रखिएगा दिस टेक्निक इ
[31:23]कॉल्ड 478 ब्रीथिंग मेथड क्या कहलाता है 478 ब्रीदिंग मेथड अच्छ ये
[31:28]मेथड जो आपको चीज बता रहे हैं य कोई मामूली चीज नहीं
[31:31]बहुत ही तहकीक के बाद चीज बयान की जा रही है इस
[31:35]टेक्निक को बाकायदा फौजियों को सिखाया जाता है आप अंदाजा लगाएंगे मैदाने
[31:39]जंग के अंदर फौजियों की हालत होती होगी गोले पड़ने हो फायरिंग
[31:44]हो रही हो लाश आ रही हो नींद नहीं आती है तो
[31:49]फौजियों को फौरन नींद आने की टेक्नीक है प्रैक्टिस कराई जाती है
[31:53]साइकोल प्रैक्टिस कराते है और जब य प्रैक्टिस में आ जाती है
[31:57]तो यह आपने यू टेक्निक अच्छा सेकंड की टेक्निक लेस देन वन
[32:00]मिनट नींद आ जाती है ऐसी टेक्निक है लेकिन प्रैक्टिस जैसे बात
[32:07]आज फौरन करेंगे तो नहीं प्रैक्टिस 478 ब्रीदिंग मेथड क्या है चा
[32:11]मिनट तक आपने क्या करना है अपनी सांस को अंदर लेना य
[32:18]चार सेकंड की बात की हमने चार सेकंड तक गहरी सांस लेना
[32:21]है लेकिन लेने के बाद क्या करना है रिलीज नहीं करना रोक
[32:27]देना है कब तक रोके होल्ड करें सेन सेकंड सात सेकंड तक
[32:34]चार मिनट गहरी सांस ली सात मिनट रोका आ आ सॉरी मिनट
[32:37]बोल रहा सेकंड की बात कर रहा हूं सात सेकंड रोका और
[32:41]आठ अगले सेकंड के अंदर उसको स्लोली रिलीज करना है देखें ये
[32:48]जो बात मेडिकल लेक्चर नहीं इसके खेप प दिल प और दिमाग
[32:50]प क्या क्या असरात आते हैं तो ये सब उसकी टेक्निक है
[32:55]पूरी जब आप प्रैक्टिस च मिनट गरी सांस अगला सात सेकंड उसको
[33:03]होल्ड करना और उसका अगला आठ सेकंड स्लोली रिलीज करना तो ये
[33:06]पूरी टेक्निक है इसके बाद आप नींद कम से कम आपको जमाई
[33:10]आना शुरू हो जाएंगी और आप आहिस्ता आहिस्ता जो है वो नींद
[33:12]की तरफ जाना शुरू हो जाएंगे तो 478 ब्रीदिंग मेथड य बकायदा
[33:18]फौजियों को करवाया जाता है ताकि मैदाने जंग के अंदर बेचारे जो
[33:21]दो दो दिन सो नहीं पाता उनको नींद आ सके ठीक है
[33:25]तो ये इफेक्टिव टेक्निक्स है बकायदा डब्लू एओ ने और आईएलओ जो
[33:31]इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन बहुत बड़ी तहकीक की एक दिन में कितने घंटे
[33:34]काम एक पूरे वीक में कितने घंटे काम करे एक दिन में
[33:38]कितने काने ग्रुप बनाया वो अफराद जो 35 से 40 घंटे काम
[33:42]करते एक वीक के अंदर यानी आठ सात से आठ घंटे और
[33:46]एक वह अफराद जो 54 घंटे से ज्यादा काम करते हैं तो
[33:48]जब उन्होने दोनों ग्रुप को मज तो क्लियर कट क्लियर कट नजर
[33:54]आया जो ग्रुप 54 घंटे से ज्यादा एक वीक में काम कर
[33:59]रहा था उसके अंदर स्ट्रेस डिप्रेशन ये तो थे ही इससे हट
[34:01]के तो चले ये तो हमें सब में मौजूद है लेकिन जो
[34:06]क्रिटिकल बात नतार क्या थी कि ऐसे लोगों के अंदर जो दिल
[34:11]के अटैक का प्रोपोर्शन और रेशियो बहुत ज्यादा था स्ट्रोक या जि
[34:14]लकवा फॉलिज कहते हैं वो बहुत ज्यादा था इस ग्रुप में कि
[34:19]जो 54 घंटे से ज्यादा एक हफ्ते में काम करता है यानी
[34:20]अपने आपको टाइम नहीं देता क्वालिटी हेल्थ नहीं मेंटेन करता जिसके वो
[34:26]डिप्रेशन वो तो अलग है मामला तो छोड़ दें आप वो तो
[34:26]है ही इससे हट के ये मामला सामने आए तो इसके क्या
[34:30]माने है ये तहकीक या जब ये तहकीक होती है इसके माने
[34:33]इस हमें इस्तफा करना चाहिए क्योंकि ये तहकीक हुई है वो लाखों
[34:35]लोगों पे हुई है इसके माने कि इसके हमें असरात को समझना
[34:39]पड़ेगा ये कोई मामूली चीजें नहीं है और हम यानी बीइंग अ
[34:43]डॉक्टर य देख रहे हैं कि बहुत सारे जो है वो केसेस
[34:44]बढ़ चुके हैं किसके फॉलेज के यानी सर्दियों में फॉलेज की अलग
[34:49]है और गर्मियों की अलग किस्म होती है तो यह बहुत तेजी
[34:52]से हम देख रहे हैं बकायदा यंग एज में देख रहे हैं
[34:53]यानी वो एज ब्रैकेट जो 30 से 40 के दरमियान है इसके
[34:56]अंदर फॉलेज के केस केसेस हम रेगुलर देख रहे हैं जोक क्योंकि
[35:00]यहां पर हमारे पास सैकी नहीं है इस तरह की हम मॉनिटर
[35:01]करें और वो करें लेकिन जो मुशाहिद में आता है देखने में
[35:04]रूटीन में कि भाई ये तो केसेस यार क्यों बढ़ रहे है
[35:08]तो इसके माने के ये सब रीजन है तो इन चीजों को
[35:09]यकीनन अगर आप भी सर्वे कर ल अपने एरिया अपने खानदान में
[35:12]तो आपको यकीनन कोई ना कोई पेशेंट जरूर तीन चार नजर आ
[35:16]जाएंगे फैमिली में जिनको फालिज का अटैक हुआ है चाहे वो माइल्ड
[35:17]क्यों ना हु ठीक है तो ये चीजें इन तमाम चीजों के
[35:21]फैक्टर्स है जो आपको दवा से अगर आपने अपने आप को बचाना
[35:25]है तो ये जो हमने जितनी टेक्निक्स से टिप्स बताई है अगर
[35:27]इसको वर्क करेंगे तो ये आपकी लाइफ हेल्थ दीन प्रोफेशन तालीम सब
[35:33]में कारा आमद है एक बार सारे पॉइंट को नुका को सम
[35:36]अप सम अप करते हैं तो वर्क लाइफ बैलेंस क्या चीज है
[35:38]कि अपनी जो आपकी लाइफ है सोशल लाइफ हो प्रोफेशनल लाइफ हो
[35:41]एकेडमिक लाइफ हो दीनी लाइफ हो इसके दौरान एक बैलेंस हो और
[35:44]बैलेंस कायम करने का तरीके का है कि आप वो टाइम मैनेजमेंट
[35:47]के साथ एक शेड्यूल बनाए उस टाइम मैनेजमेंट में आप एक ऐसा
[35:51]टाइम जोन रखें जो किसी के लिए ना हो आप और आपकी
[35:51]फैमिली के लिए हो इस टाइम मैनेजमेंट के अंदर आप रिस्पेक्ट करें
[35:56]बाउंड्रीज को सामने वाली की भी ताकि पता हो फिर दूसरी चीज
[35:57]आप स्ट्रेस मैनेजमेंट करें स्ट्रेस मैनेजमेंट के अंदर हमने आपको टेक्निक बताई
[36:00]वो माइंडफुल टेक्निक है उसको आप 5 मिनट तक किसी भी चीज
[36:04]से फोकस करें सिर्फ उसके बारे में सोचे कि कैसे बनी क्यों
[36:07]बनी क्या इसके फायदे हैं क्या इसके जो है वो बनाने वाला
[36:08]क्या है ठीक है फिर हमने तीसरी जो आपको उनवान बयान किया
[36:12]है बहुत सिंपल सा कि अगर आपने अपनी स्लीप को मैनेज करना
[36:16]है क्योंकि स्लीप का बहुत बड़ा ताल्लुक है आपके इस बैलेंस के
[36:18]साथ ना क्योंकि बैलेंस अगर आपको लेना है तो आपका जहन आमादा
[36:22]हो आ मादे जहन के लिए आपका जहन सुकून में सुकून के
[36:25]लिए नींद एक बहुत इंपोर्टेंट फैक्टर है तवाना के लिए भी तो
[36:27]आपके पास पास स्लीप के तबार से जो होने चाहिए कि आपके
[36:31]पास एक रेगुलर टेक्निक हमने आपको बताई है बेसिकली 4 से 8
[36:33]ब्रीदिंग मेथड कि आप 4 सेकंड उस सांस को क्या करें गहरी
[36:38]सांस अंदर ले जाए सा सेकंड तक उसको आप रोक के रखें
[36:41]और आ सेकंड में स्लोली उसको रिलीज करें एक साथ नहीं छोड़ना
[36:43]उना फायदा नहीं है इसलिए म प्रैक्टिस कराई जाती है ठीक है
[36:47]तो यहां पर अपने अराइम खत्म करते हैं और खुदा से दुआ
[36:48]करते हैं कि हम तमाम अफराद की जिंद गाई नहीं जो है
[36:51]वो जो खुदा चाहता है उस तरह बने और इंशाल्लाह अपनी एक
[36:55]अच्छी लाइफ के साथ उस लाइफ को हम हासिल कर सके जिस
[37:00]इमाम को पेश कर सके मोहम्मद ल मोहम्मद सवात
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