التالي
4 المشاهدات · 23/07/20
6 المشاهدات · 23/07/21
6 المشاهدات · 23/07/22
5 المشاهدات · 23/07/22
7 المشاهدات · 23/07/23
3 المشاهدات · 23/07/24
5 المشاهدات · 23/07/25
2 المشاهدات · 26/03/04
7 المشاهدات · 25/06/22
7 المشاهدات · 13/01/07
10 المشاهدات · 25/08/03
Imam Baqir Ki Siyasi Jaddo Jehed | H.I Naqi Hashmi
0
0
35 المشاهدات·
24/07/29
في
آخر
Record date: 06 Feb 2022 - امام محمد باقر کی سیاسی جدو جہد
AL-Mehdi Educational Society proudly presents new Executive Refresher Course for the year 2022 under the supervision of specialist Ulema and Scholars who will deliver though provoking lectures Every Weekend.
These video lectures are presented by aLmehdi educational society, Karachi for our youth.
For more details visit:
📡 www.almehdies.com
🖥 www.facebook.com/groups/almehdies
🎥 www.youtube.com/almehdies
🎥 www.shiatv.net/user/Al_Mahdi_Edu
أظهر المزيد
Transcript
[0:00]झाल के पास विरला ही बना शैतान निवासी नाजिम को विस्मिल्लाह रौद्र
[0:20]रस शेम कि अल हमदुलिल्ला ही रब्बुल आलमीन एक बार एक भला
[0:29]एडमिन कल सुबह सलातो अस्सलाम वा आले नबी है ना अ मैं
[0:31]तो अभी तक उन्हें बन्ना वह सफल सुनो बहना अबे लिखवा से
[0:36]मोहम्मद अल्लाहुम्मा सल्ले अला मोहम्मदीन वा आले मोहम्मद नोटिफिकेशन उम्र भले ही
[0:41]बीन छुपा तेरी मासूमियत ने महज दो कि इस मिला रहमान और
[0:54]रहीम यह बहुत ही बरकत महीना है और इस बार कुछ एक
[1:06]महीने के खास आयाम की जो आसमा ऐ वतन ऐ हूं सलाम
[1:12]की विलादत और शहादत सेवन सुबह मैं इसमें इसी तरह का आज
[1:20]के दिन है है जो महसूस हुआ मिंबा कर लें मुस्लिम से
[1:22]से कि हमारी कोशिश होगी महोत्सवक में सीरत के ऊपर सीरत देते
[1:37]कि इमाम मोहम्मद अफजाल अहमद सलाम और सुपाच्य इमाम है तस्वीरों मई
[1:44]के अगर खुदा होता तो आलमे इस्लाम के पांच मिनुत तो इनकी
[1:53]बेबी [संगीत] इस दौर मखसूस हालत के पीछे से इंशाल्लाह नौजवानों तक
[2:05]ए पर्सन एक नई नस्ल की जिन्हें पहले बैक के खास मोक्ष
[2:13]अमावस्या ही रहती है मैं अमीर तौर पर हम कि वह मुश्किल
[2:20]आज के दिन में आयुर्वेद लहसुन सलाम कि वह शक्तियां के जिसमें
[2:25]अवैध अलैहिमुस्सलाम [संगीत] कर दी ने कि खुदा को अल्लाह के दीन
[2:36]को इस अ कि मुस्लिम बीन को के जिसको कि रसूले खुदा
[2:44]ने मलाइका इनायत नहीं जनाबे फातिमा ने बहुत ही हुआ है की
[2:52]कुर्बानियां देखिए आप तक पहुंचाया कि आइएम का किरदार जा रहा है
[3:00]कि यह सिर्फ के प्रोग्राम अमूमन कि हमें इसी निगाह से रखने
[3:05]और देखने चाहिए अ आज तक जारी मत कि यह पांचवें में
[3:14]एक हफ्ता बे डन कि अली मोहम्मद विद्यालय अपने कि हुसैन है
[3:26]कि जिनको कि अगर नसीब देखें कि इन पार्टनरशिप विद देखेंगे तो
[3:37]आपको मालूम है कि बाल धो भी हुसैनी हैं और वाले अभी
[3:40]हस एनी हैं कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के बेटे इमाम ज़ैनुल आबेदीन
[3:46]अलैहिस्सलाम के वर्जन है और उस तरफ वाले द फातिम जो खुद
[3:52]इमाम हसन रहे मुसलाम की बेटी हैं कि यहां पर है ऑरेंज
[4:02]के बाद इनकी सारी नस्ल ही अल हमदुलिल्ला कि इमाम हसन और
[4:08]इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम कि नस्ल के रहती है की बहुत सख्त दौर
[4:15]में खोली है ए कर्बला का वाकया खुद इमाम ने देखा है
[4:18]बहुत कम उम्र थे है लेकिन अपने मालिक के साथ चल बला
[4:29]के मैदान में मौजूद थी मिंबा कर ले असलम अ कि युवाओं
[4:31]में शहजाद को अपने वालिद के साथ 34 साल पहले मदीने में
[4:37]उतारे 234 साल कि जब तक इमाम है याद रहे कि इमाम
[4:44]योनि वाले दिन के गुणों से साहिर ने उतारे में कितना शर्त
[4:49]और था अ में कितना सशक्त और था अ ए कर्बला के
[4:57]बाद का मदीना है कि जहां कि पहले वेद का नाम लेना
[5:07]भी मुश्किल था जहां यसले इस्लाम के मौजूद पर बात करना भी
[5:10]मुश्किल था वह सख्त जमाना वह शरद और को इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम
[5:18]ने सारा देखा है और फिर जब कि इमामत मिली है कि
[5:25]वाले की शहादत के बाद कर दो अजय को कि थोड़ा सा
[5:35]इससे पहले कि मैं डायरेक्ट इमाम आपके पास में इमाम के मौजूद
[5:43]पर दाखिल हूं बेहतर है कि हल्का सा समझें अ हैं कि
[5:45]कैसे हम इस सजा धो लें मुस्सलाम ने इतने सक्षम आने के
[5:52]बावजूद भी कि ऐसी डी ए स्ट्रेटजी अपनाई इस तरह से काम
[6:02]किया है कि पांचवा तक कि जब बात पहुंच रही है 34
[6:06]हालात और जो मदीने में सैयद सज्जाद ने उतारा है एक लंबी
[6:13]लाइन शागिर्दों की लगी हुई है कि जो सबसे पहले अलैहिमुस्सलाम से
[6:20]एवं सीखना चाहते हैं है और बंधु मैया का तख्ता भी उलट
[6:27]गया है यानी दो इंपॉर्टेंट मौजवाद इमामे सज्जाद के जमाने में ए
[6:33]1 कि इतने शागिर्द मिलना पांचवा समाज और छोटे मामलों को यह
[6:39]भी चौथे मामले की आवक कम है इतने सब जमाने में कि
[6:44]जब ई करबला जैसा हादसा रुका हुआ हो और उसके बाद इमाम
[6:49]किस तरह आप ने काम किया है कि इतने बड़े पैमाने पर
[6:54]शागिर्दों की लाइन लगी है और पांचवा इमाम को मौका मिल गया
[6:59]कि रसूल अल्लाह की हदीस को बयान करें पूरे दिन को दोबारा
[7:06]जिंदा करें भीम अपने तौर पर बनो मैया समझ रहे थे कि
[7:12]दफना दिया सारा दिन घर भला में कुछ नहीं बचा अब क्यों
[7:16]अब कौन है जो इस्लाम का नाम लेगा तो वह एक नहीं
[7:19]ऐसी शख़्सियत कि उनकी निगाह में एक बीमार शक्तियां उनके निगम कमजोर
[7:25]शख्शियत के जो अब सिर्फ तिरिया करती रहेगी हमने ऐसा जख्म लगा
[7:31]दिया है इन के पैकर पर चाबी सिर्फ जरिया करेंगे और हथियार
[7:35]भी हंसी थी गृह सज्जा खत्म नहीं हुआ जब तक जिंदा रहे
[7:41]दूरियां खत्म नहीं हुआ लेकिन उनकी समझ में नहीं आया कि यह
[7:43]क्रिया थी यह अजादारी का मनाना यह है जो अच्छा कहे उनके
[7:52]इतनी हिम्मत करना माली इतनी तस्वीर करना इतना शौक दिलाना कि देना
[8:00]कि तुमने कर्बला के मौजूद परिक्षेत्र कह दी है दुश्मन समझता है
[8:03]कि बस यह तो अब रिसीवर पाठ करने वाली लोग रह गए
[8:08]हैं है और आपने उसी कर्बला के तस्करों से यह दो बड़े
[8:11]काम कर दिए एक इतनी तश्तरियों कि इतने शाब्दिक अर्थ है कि
[8:19]जिनको चाहिए ऐसे आसानी से नहीं हुआ 20000 में 20,000 भिलावां शहीद
[8:28]जगदीश साल में खरीदें और आज रात की है है और गुलाबी
[8:35]मामूली नहीं तुम्हें गुलाम के बारे में आपको बताओ बढिया अंदर से
[8:41]लगा लीजिए का या कि कोई कहता है कि मुझे आपका गुलाम
[8:42]खरीदना है सख्त सजा से कहता है कि आपके पास खुला में
[8:46]मुझे गिफ्ट खरीदना है कौन सा वाला गांव लाइन सारे गुलाम तो
[8:51]मैं देख लेता हूं 45 गुलाम आए का यह वाला यह गुलाम
[8:57]मैंने खरीदना है सजाने का के जाएं इमाम ज़ैनुल आबेदीन उसका फरमाते
[8:59]हैं जाओ भाई तुम्हारे भीतर इधर आ गया है आजाद कर देगा
[9:04]तो बाहरी देगा यह दोनों करना पड़ा उसने मैंने इनको अपना गुलाम
[9:06]नहीं बना है मैंने आपको गुलाम खरीदना है क्योंकि मैंने इसको आजाद
[9:12]करना है और फिर आपके गुलाम की गुलामी करनी है तो क्या
[9:16]मतलब हो जानी एक तो यह कि हमारा गुलाम फरीद ने आए
[9:20]हो हम्म तुम्हें गुलाम बेचेंगे उसके बाद तो हमारा कलाम आजाद करोगे
[9:25]और खुद तो अलार्म बनोगे काल क्यों कहा कि आपने नहीं देखा
[9:29]जो मैंने देखा क्या देखा तो हां इस अल्लाह के बंदे ने
[9:31]कल लोगों ने से कहा कि तुम सब सुना है कि सिर
[9:36]सजा के साथ रहते हो जनरल अभी भी साथ रहते हो तो
[9:40]दुआ करो बड़े गौर से इन इलाकों में पानी का मसाला है
[9:44]बारिश नहीं हो रही है जिसने आज खाया बारिश हो गई कहा
[9:45]कि मुझे यह गुलाम चाहिए आपका इज्जत अपने हाथ उठाया और बाहर
[9:51]भेजो कि मुझे ज्ञान चाहिए गुलाम देखिए काया का गुलाम ने कहा
[9:54]ए खुदा यह तो तय नहीं था कि मेरा राज खुल जाएगा
[9:58]अब यह दुनिया रहने का बिलहरी मुझे इसी घोटाले और वह अल्लाह
[10:03]का बंदा जो गुलाम ही रह जाता उसी वक्त दुनिया से चला
[10:05]गया था कि इस तरह के गुलामों की परवरिश है 20,000 से
[10:13]ज्यादा कलाम आजाद की जा रहे 34 साल में है ताकि और
[10:17]खरीदते थे गुलाम खरीदते थे कुछ अपने पास रखते थे है एलोवेरा
[10:23]के दिन के मुताबिक उसकी तबीयत करते थे और उसको वषरे में
[10:28]आजाद कर दिया करते थे इस मोक्ष अरे के अंदर के जहां
[10:30]इतनी शक्तियां हो वहां पर इस चीज से काम किया और कि
[10:38]इतने शागिर्द मिले आपके पास हो इमाम को और ऐसे 5 लाख
[10:44]वोट मिले मसलन एक शागिर्द इसके लिए अजीब है यानी इतनी बातें
[10:51]सुनने को अभी पढ़ने को मिल गई जो मुझे खुद तब आपको
[10:52]नहीं थी मैं जानता था लेकिन इतना आपके तवस्सूल से आपकी वजह
[10:58]से मुझे उनका मजा लिया करना पड़ा एक शुगर उसमें जहां पर
[11:01]अपने तजुर्बे जो आफ हैं यह या फिर अपने अंसारी की बात
[11:08]नहीं कर रहा मैं जागरण अब्दुल्लाह है कि जिनको रसूले खुदा ने
[11:13]कहा था कि मेरा एक और बेटा जो बाकर लगा पाएगा मोहम्मद
[11:21]इब्ने अली उसको मेरा सलाम कहना वही गलत बात है वह अलग
[11:27]थे कि जिनको रसूले खुदा ने कहा कि मेरे बेटे को सलाम
[11:29]कहना और उत्सुकता का सलाम पहुंचाए बगैर को पता है आपको यह
[11:34]बात इबादत जानते हैं मैं इनकी बात कर रहा हूं तो अजीम
[11:35]शख्सियत है कि बाबा दूसरों कि जावेद ने यदि आज ऑफिस की
[11:45]70 हजार रिवायत नकल किए हैं इस एक शक्शियत ने इमाम बाक़िर
[11:49]अलैहिस्सलाम से 70 हजार रिवायत एक शब्द में नकल की है मकर
[11:54]अलैहिमुस्सलाम से और सब चीजें आप के अधीन क्या है पूरा का
[12:00]पूरा दिन आपके पास है क्या है या तालाब आकर है अतः
[12:04]आदत है अगर आपने तीन दो देखें या तालाब व कर है
[12:05]बाक़िर अलैहिस्सलाम ने फरमाया या साजा का हिसाब से फ़रमाया पूरा भी
[12:12]नहीं आपका प्रॉब्लम साझा कर लें मुसलाम में तो उसमें 70,000 तो
[12:15]जब एक शख्सियत के पास रिवायत है और यह तो छोटा आदमी
[12:19]नहीं है उस गुलाम की तरह यह भी एक बहुत बड़ा इंसान
[12:24]है इनके लिए मशहूर है लिखा हुआ किताबों में है है कि
[12:27]तबादले अवदान कर दिया करते थे दान किसे कहते हैं यह एक
[12:31]ही वक्त में कई जगह पर मौजूद होना जिस्म के साथ रूहो
[12:38]के साथ नहीं रूक के साथ तो हो सकता है एकदम है
[12:40]ताकि दूध या विधान की बात कर रहा हूं एक ही माध्ययम
[12:44]कई जगहों पर होना बहुत बड़ी बात है साथ आदमी ने एक
[12:50]महफिल में पांचवें मांगी माफी में पांच आदमी युद्ध साथ आदमियों ने
[12:53]गवाही दी यही तो हमारे साथ रात में घुसने नहीं आपके पास
[12:58]है हमारे साथ देर रात में घर नहीं भाई कहां है तू
[13:02]हमारे साथ रात में एक शख्सियत है कि यदि देवेंद्र जॉब नहीं
[13:07]हृदय जो अपनी इतना बड़ा इंसान है इमाम के पास आता है
[13:10]कहते है यह सीना [संगीत] और जो आपने अपने एवं से भर
[13:18]दिया है बात करूं कहलाए ना कि जो एल्बम को भी शिकायत
[13:23]करते हैं कि गुप्ता आपकी जुबान में कहते हैं कि जो एल्बम
[13:27]से टुकड़े-टुकड़े कर देता है पासवर्ड पोस्टमार्टम कर देते हैं पोस्टमार्टम के
[13:32]लिए ज्यादा बेहतर है युवक का तर्जुमा स्थान तर्जुमा यह बनता है
[13:40]कि वैल्यू मुश्किल रहा नहीं एवं को आसान कर दिया इलम को
[13:44]खोल दिया एल्बम की शहादत दी फिल्म इतना वजह कर दिया कि
[13:49]हमदुलिल्ला हर जगह पर का लाख-लाख शांतिपूर्ण और उसके बाद आपकी पूरी
[13:53]फर्क उन लोगों पर मुश्तमिल है कि इसलिए आपको पिछले जा रही
[13:59]है कहते हैं कि आपकी जाफरी फीट है आपको पहले ही नहीं
[14:03]कहते आपको पेपर जाफरी कहते हैं यानी चुका है मलाइका इन आपको
[14:06]नहीं मिल पाया जो मौका हंसने अलैहेमुस्सलाम को मिल पाया जुल्मों का
[14:09]आपके इमामपुर तीसरे ईमाम को नहीं मिल पाया हद तक चौथी आपको
[14:15]जो अपने मिल पाया पांच विमानों को मौका मिल गया कि एक
[14:21]शक्शियत कह रही है कि मैं 70,000 रिवायत बाकर अलैहिमुस्सलाम का हमें
[14:24]लूं इमाम की महफिल में आगे कहते हैं संगिनी महसूस कर रहा
[14:29]हूं अरबी में सर्कल कहते हैं सप्लाई महसूस कर रहा हूं अपने
[14:32]आप को है कहां निकालूं यह एवं कहा कि क्यों नहीं हो
[14:40]सकता यहां पर जरुरत नहीं है जहां तुम चाहते हो बयान करो
[14:45]जाओ शहरों में चले जाओ और वहां जाकर किसी कुएं में डाल
[14:47]के यह सारी बातें करते रहा करो यह निकालते रहो बहुत ही
[14:54]संगिनी महसूस कर रहे हैं जॉन एक शाहगढ़ इस तरह मॉल मिला
[14:59]कैसे मॉल मिला कैसे हम मसाला में दाखिल हो रहे हैं क्यों
[15:02]कि बहुत बड़ी और अजीम शख्सियत करें जो इनके भाई बनते हैं
[15:08]वाले देखें वाले था मुख्तलिफ हैं या जिनको आप जानते हैं ज़ैद
[15:12]जैनुल आबेदीन अलैहेमुस्सलाम मिंबा कसम के भाई हैं उन लोगों ने तलवार
[15:20]निकाल ली थी वह दया की हालत में थे से टकरा गए
[15:26]थे गए थे कि उनके इस या सिर्फ दाम की वजह से
[15:32]लोगों ने अल हमदुलिल्ला अंजाम दिया अलग बहस है तो शहरों में
[15:38]यह मौज़ू एक तलाफी है क्या या इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम की तालीम
[15:43]हासिल थी इज्जत के श्याम को आइल हासिल नहीं थी मीण लेकिन
[15:50]रिवायत मिल गई है जातिगत मुकम्मल हो गए हैं कि तालीम हासिल
[15:53]थी अगर यह नहीं थी के जाओ यह काम करो तो यह
[15:57]जरूर थी कि आपको दो में जरूर मिले हैं कि जाए आपने
[16:01]एक काम किया और एक नया चैप्टर खुल गया पर आपको यह
[16:06]जो आज इतना इंकलाबी नजर आ रहा है आपको यह उस जैत
[16:10]की शक्ति उसकी वजह से है कि जिनकी वजह से पूरा इलाका
[16:12]स्टे दिया कह जाता है जयकारे तो इलाका क्योंकि है लार है
[16:19]क्योंकि हसरतें इज्जत जो भाई हैं इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम और बेटे हैं
[16:22]इमाम ज़ैनुल आबेदीन सलाम के उन्होंने वहां पर काम किया वहां के
[16:25]लोगों ने साथ दिया और वह आज तक उधर अल्लाह उसी जोश
[16:30]जज्बे के साथ मौजूद है बहुत बड़ी बात है उसी जोश भर
[16:34]के साथ आज भी वह जयपुर का जीवन के अंदर उनका बनाया
[16:39]वो प्रकार काम कर रहा है तो क्यों एल्बम को इतना मौका
[16:41]मिला क्यों बात कर अलैहेमुस्सलाम इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम चित्र मौका मिला आपके
[16:46]पास में इमाम ने क्यों इस तरह से दिन और सलाम फैला
[16:52]लिया बड़ी वजह नहीं बताई आपको वह यह थी के उस जमाने
[16:53]के सियासी हालात ऐसे थे कि जो आप समझें कि एक आदमी
[16:58]ने अपने जिम में लिया और इन दुश्मनों का रुख अपनी तरफ
[17:03]कर लिया क्या वह मैं हूं असल में इसने और लोग यह
[17:09]समझें कि शायद इमाम ही व है यह नहीं है कोई भी
[17:10]पर मोहम्मद अली की तरफ आने वाले मुरासी अपने गया बिंबा कर
[17:14]को लोगों ने समझा कि शायद यह नहीं है क्योंकि यह तो
[17:18]आराम से घर में बैठे हैं और इस समय से बस लेक्चर
[17:21]दे रहे हैं बिजली से पढ़ लें ताकि खरीद कर रहे हैं
[17:23]साकेत परवरिश हो रही है शायद फरवरी हो रही है तो समझे
[17:27]कि शायद यह सत्य नहीं है जून प्रॉब्लम किया है जिस हाथ
[17:31]का तलवार निकाल ली है विनोद भैया को ललकार दिया है शायद
[17:34]वह असल इमाम है यह एक मसलों में पैदा हुआ तो फिर
[17:39]दुश्मन की सारी तब चौंक उस सिर्फ हुई और इमाम को इल्मी
[17:41]सप्ताह इल्मी अथवा से इस प्रयोग को और इस्लाम को जवाब देने
[17:48]का मौका मिल गया और आपने देखा कि इमाम बाक़िर अलैहिस्सलाम के
[17:51]ज़माने में जब बड़ा काम हो गया शातिर फरवरी बाद इस्लाम की
[17:56]गुत्थियां खुलने के बाद युवतियां खोल देना है मामले इस्लाम की यानि
[17:59]दिन कि जनहित और उनकी जूतियां खोलने को धन्यवाद जो दूसरा और
[18:05]तीसरा बड़ा काम हुआ वह बंधु भैया का तख्ता पलट गया उनमें
[18:08]ज्यादातर लेफ्ट या और उसके बाद जो लोग आए वह बहुत का
[18:12]नाम इस्तेमाल करके आए थे ने Bigg Boss कि हम तो एल्बम
[18:17]एक उनका हक दिलाने के लिए मैदान में आए हैं अगर उस
[18:19]ज़माने में एक जो इमाम की मर्जी के बगैर काम हुआ है
[18:24]यह टीम बड़ी नहीं थी न सिर्फ किया मोहम्मद जिम अब नाम
[18:29]मोहम्मद था और मशहूर रसोइया जो चाचा साथ भागी बनते थे इमाम
[18:34]के उन्होंने अगर काम ना किया होता और बनो अब्बास के साथ
[18:40]न दिया होता और हजारों तस्वीरों की शहादत के सपना बन गए
[18:45]होते तो छ टीम के जमाने में एक बड़ा बड़ा इस्लामी इंक़ेलाब
[18:50]बरपा हो जाना था वह बैग के हुकूमत हर टीम के सामने
[18:55]बन जानी थी यह करवाया तो मौजूद है यह बुरे अपनी तरफ
[18:57]नहीं कर रहा हूं यह बात रवायात में मौजूद है कि छैयां
[19:00]उस वह अ के काबिल है मोजरेला बिलमा शरीर की तरफ बढ़
[19:09]रहे थे कि जो इंकलाब ए इस्लामी को बुद्ध में ले आता
[19:13]इस्लाम इन भला कुएं में ले जाता और वे तुरंत आपको मिल
[19:18]जाता जिस तरह से चौथे माने बुनियाद डाली थी मीणा पांचवें मामला
[19:23]उस पर अलहम दू लीला इमारत खड़ी कर दी थी और छोटे
[19:24]मामलों स्थिति पैदा करने वाले थे कि यहां यह अंदर ही एक
[19:30]गलती होती है और उस बुनियाद पर फिर वह दूर हो जाता
[19:33]है फिर अहमद शुरू होती है और अभी बहुत दूर हो गए
[19:37]हम इस फैसले से यह मुख्तसर सी बातें हैं अब आप हमने
[19:43]की हैं लंबा कर लें मुस्लिम के हवाले से लेकिन यह कि
[19:45]यह घोषित है इनका किया वह काम है कि जिसको आप जितना
[19:52]खोलेंगे ना जितना कि इस पर आप काम करेंगे आपको पता चलेगा
[19:58]कि सब जमाने में सफल दौर में मुश्किल हालात में कोई सुसाइड
[20:00]नोट आज साथ देने वाला न किस तरह से अहले बैत अलैहिमुस्सलाम
[20:04]इस्लाम की हिफाजत करते हैं वह युद्ध करते हैं कर्बला की इज्जत
[20:10]करते हैं और ऐसे मामले में दाखिल कर देती यह पूरा नया
[20:12]महालय था जिसमें मामले में दाखिल कर दिया इस्लाम को दाखिल कर
[20:18]दिया वह योग को एल्बम का बोलबाला हो गया ऐसा बोलबाला होता
[20:23]है इन हराम की हैं तो हर्ज नहीं है कि आप उन्हें
[20:24]नेहरा के बारे में भी आपको पता हो कि जो इनके जमाने
[20:29]में बैठे हैं और फिर जसमेर नवीन उम्र तक पहुंचते-पहुंचते अपने रूम
[20:36]पर थे ऐसे फ्रेगनेट थे कि जो यहां पर उठते हैं उसमें
[20:39]एक मत्स्य जो आज ऑफिस कर रहे हैं आज आपका व्हाट्सएप भी
[20:43]प्रेस कर रहा है वह गोलू का कि वह आलू का जो
[20:49]फितना और इसी तरह से दूसरा कितना आवाज का यह सिर्फ इतना
[20:54]अपने और उस पर पहुंचा इसका गुफा ठहराया इस जमाने में बनी
[20:58]के इमाम अली अलैहिस्सलाम के ज़माने से शुरू हुआ है कौन सा
[21:03]फितरे खबर है लेकिन जो इसके अंदर इल्मी की बुनियादें खड़ी करने
[21:08]की कोशिश की गई कि इस दिन भाभी के जो हर एक
[21:12]गुनाह करने वाले को उन्हें कबीरा करने वाले को क्राफ्ट समझते थे
[21:15]यह है इस घं कहते हैं हमारे छह यह दिन का एक
[21:20]अजीब सा चेहरा है1 उन्होंने यह बात हो गई एक झूठ किसने
[21:24]बोल दिया * कबीर हैं लेकिन कोई एक बार यह गलती करते
[21:25]तो वह काफी है यह अधीन था इमाम ने इनको बुलाया बिठाया
[21:30]समझाया कि यह नहीं है और पूछा कि अली अलैहिस्सलाम के लूंगा
[21:36]फिर कहते हो कि वह यह कमियां फैमिली यह कमियां पांचवा इमाम
[21:39]ने कहा कि यह कमियां हकीकत का हुकुम तो फौरन के अंदर
[21:44]आया है जब कहां मियां-बीवी आपस में लड़ जाए तो वह दौरान
[21:46]कहा कि बनावट मामले पर जांच करानी चाहिए थोड़ी के सामने यह
[21:51]कह देना यह कमियां अली ने कबूल की थी इसलिए अली का
[21:55]फिर हो गए यह तुम्हारा दावा इस तरह का यह गलत दौरान
[21:59]यह की नीयत का मौजूद दौरान के अंदर मौजूद है एक बात
[22:01]दूसरी विधि को जमाने में देखना है कि तुमने खुद ही मालिकाना
[22:05]हक मे थे लॉर्ड और उसके बाद फिर उसका फिर कहते हो
[22:09]बाहर फिटनेस हवाले से अपने उदयपुर था इल्मी बुनियादों पर कोशिश कर
[22:13]रहा था और दूसरा उल्लू का शुक्र का ब्लू तो मैंने कहा
[22:17]जो तो आप भी प्रेस करेंगे तो यह है कि रेलवे अलैहिमुस्सलाम
[22:22]के मुकाम को इस तरह से बढ़ाएं आइस मुकाम को ऐसे बढ़ाया
[22:25]कि आप उसको खुदा बना दें मुकाम को बढ़ाएं आप ही समझते
[22:28]हैं कि आपने बहुत बड़ा काम किया है यहां पहले पेस्ट को
[22:32]तक ले गए यह पहले भारत को तिब्बत के बारे में ले
[22:36]गए या नबी से बेहतर समझने लगे रसूलल्लाह से बेहतर समझ लीजिए
[22:38]जवाब इस तरह का सुलूक करते हैं ना तो आप भी समझ
[22:42]नहीं होते हैं कि शायद आप जिले तहसील व की फसलों को
[22:47]18 उल्टा है रेलवे तरह सलाम ने न सिर्फ बजारी ऐसे लोगों
[22:49]से ना सिर्फ बेरोजगारी का इजहार किया बल्कि कहां के अगर कोई
[22:55]इनसे हमारी जान छुड़ा दे लव जान छुड़ाने का था मौजूदा कि
[22:57]अगर कोई इनको फसल भी कर दें तो यह इसके हकदार हैं
[23:01]क्योंकि यह हमारे इस मुकाम को बढ़ाकर समझ रहे हैं मुकाम बढ़ाना
[23:06]है लेकिन असल में हमें घटा रहे होते हैं असल में हमारी
[23:08]फैसला आपको हमारी मंजिल को हटा रहे होते हैं कि जब हमें
[23:13]खुदा के बराबर या खुदा बना देते हैं रसूलल्लाह के बराबर या
[23:15]उससे यह बना देते हैं अगर यह कोशिश करते हैं फलों का
[23:20]मौजूद तमाम पांचवें बाप के ज़माने में आया आप इस तरह से
[23:26]जो एक और शूट हवा था क्योंकि हम बहुत मौजूद था इस
[23:32]वक्त तरह कम सम्राट हमारी वह शरीफा है बन्नू वह या का
[23:35]कि जून के जमाने में आप फ्री कहलाता है उसके बाद फिर
[23:40]सिलसिला लपेट लपेट है लपेटिए और पर बनो बादशाह गए उस जमाने
[23:45]में खुद लिए बहुत बड़ा इशू बना हुआ था नोट के छापने
[23:46]का यानि दूसरे लफ्ज़ों में अपने ज़माने के हुकूमत उल्टा बुन करने
[23:53]का यह तो बड़ा मसला होता है यह क्या करना हमारे कि
[23:55]किस हद तक इस दिया रात हैं हमारे पास इस्लाम की तरफ
[23:59]से क्यों अपनी इस जालिम अपने जमाने की झाले हुकूमत और हुक्मरानों
[24:01]के साथ ताबूत करें बहुत बड़ा इशू है तीसरा मसाला यह था
[24:06]कि जिसको खुद बाक़िर अलैहिस्सलाम ने हल भी एडमिशन सीएमएस के लेकिन
[24:10]वह बात हर्ष है तो बहुत थोड़ी स्पेशलाइज्ड है यह बात थोड़ी
[24:15]सी है उसके बाद आपको जाना पड़ेगा देखना पड़ेगा समझना पड़ेगा कि
[24:18]क्यों हमारे आइएम के पास कभी भी जितना खुदा चाहता था इस
[24:23]या रात हूं उसने हत्यारा का पानी पीने से इंसान ने फिर
[24:26]हमने काम तो बढ़ाने आगे काम तो करना है सिर्फ मत तो
[24:31]होनी है इस्लाम को आगे तो आने यान है एलोवेरा के दिन
[24:34]को खेलना है अब किस तरह से कौन से स्ट्रेटजी अपनाई जाए
[24:38]इस जल हुक्मरानों के साथ तारों किस तरह से किया जाए कि
[24:41]इस्लाम भी महफूज रहे है का प्रयोग महफूज रहा है हमारे आर्म
[24:49]होल बोतलें मुसलमान जमाने में उनकी इज्जत भी महफूज रहे हैं और
[24:52]आपके जमाने में ओलम और फूफा की इज्जत महफूज रहे हैं और
[24:57]आप इस तरह गुमराह में 57 भी करें कि पता चलेगी अपनी
[24:58]शख़्सियत के लिए नहीं कर रहा है अपनी साथ के लिए नहीं
[25:02]कर रहा यह अपनी आर्गनाइजेशन के लिए नहीं कर रहा है इस
[25:06]साबुन को क्यों कर रहा है अल्लाह के दीन को आगे बढ़ाने
[25:08]के लिए कर रहा है यह इस्लाम को आगे बढ़ाने के लिए
[25:09]रहा है तो शैलो की हिफाजत के लिए कर रहा है फ़र्क़
[25:12]होता है इसमें जमीन आसमान का फर्क होता है बड़ा बुनियादी सा
[25:17]समझ में नहीं आता लोग घर वापस करते हैं इदारों के साथ
[25:18]पुलिस फोर्स के साथ एजेंसियों के साथ गवर्नमेंट के साथ अपने आवाज
[25:23]को बढ़ा रहे होते हैं और समझ यह देखिए इस तरीके से
[25:24]उनका अभिनय की तस्वीर को फायदा पहुंचाएंगे लेकिन हमें समझ में आया
[25:29]यह तो जरूर जिससे कि ज्यादातर लोग अपनी साख को फायदा पहुंचाते
[25:32]रहते आलमे इस्लाम को तस्वीरों को मुसलमानों को इस्लाम इलाकों को बहुत
[25:39]फायदा पहुंचा है अगर पहुंच जाए तो इसका मतलब यह पहले बैक
[25:41]की सियासत को समझ गए कि किस तरह चीन के साथ तापमान
[25:46]करना है लेकिन फायदा उसका तो शैलो आलमे इस्लाम शुरुआत शताब्दियों होना
[25:51]चाहिए इस रामबाण करें आप यह जो गुना रहना इस पर बहुत
[25:56]कम हुआ है चौथे मामले ने पांचवां इमाम ने इस मौजूद पर
[25:59]बहुत काम किया और फिर छोटे मामला दब माना जाता है कि
[26:05]जहां पर और आपको मालूम है कि एक तिहाई दौर बहुत अच्छा
[26:07]है कि दो और बहुत अच्छा है पांचवां की तरह छोटे मामलों
[26:13]में भी शागिर्द फरवरी की है परवरिश की है और उसके बाद
[26:15]फिर बहुत इस्लाम को मार दिया है इस्लाम को बहुत मजबूत किया
[26:20]है लेकिन फिर साथ में मावठ से मानव एवं आप 10वें भाव
[26:22]में 11 इमाम फिर बहुत ही मुश्किल आर्थिक दौर शुरू हो गए
[26:27]मुल्क बदरिया शुरू हो गई पहली मर्तबा हिम हो सका जो अलार्म्स
[26:32]मैंने बिल्कुल शुरू हुई है बुक भद्र भद्र हो गया है वो
[26:33]अपने लाखों से ले जाकर में कहीं और दिया गया बार सख्त
[26:37]जमाना था जब दौर था लेकिन उसके बावजूद भी किस तरह से
[26:42]बेहतर है में सलाम कि इस्लाम को सिद्ध कर लिया करते थे
[26:49]तो शहीदों को जिंदा कर लिया करते थे अज़ादारी टॉर्च शुरू की
[26:52]याद आ रही है मैं काम पर चौथे मांग तथा पांचवें भाव
[26:57]में कंटिन्यू किया कि खाने काबा के अंदर खाने काबा के अंदर
[27:01]हाथ जगा ताकि उनकी आने कहां पहुंचे अतिथियों ने किया और कहा
[27:09]कि यहां पर बजे सुबह करें वह मजलूम खरीददारी वह करेंगे इसे
[27:12]करे हुसैन हुआ करेगा जिसे लेकर उबला हुआ करेगा और वह ओतारा
[27:17]और जब इमाम के आखरी वक्त था तो छोटे मामलों को सिफारिश
[27:23]की है बकायदा वसीयत करके मौजूद थे उस कतार हमें कि देखो
[27:26]इस फैसले को रोकना मत यह आइंदा कम से कम तुम्हारी जिम्मेदारी
[27:30]है कि 10 साल तक सिलसिले को जारी रखना 10 साल की
[27:35]फिगर हुई है कम से कम 10 साल तक जरूर सफल जाए
[27:35]रखना मेरी तरफ से और छोटे इमाम ने इस वसीयत पर अमल
[27:41]किया है क्योंकि जमाना भी दबाव था कि कुछ अच्छा ही मिल
[27:46]गया था बंधु मैया से निजात मिली बनो पास शहरों की वेलवेट
[27:49]के मोहित बीन की हिमायत चाहते थे तो हिमायत की वजह से
[27:56]उन्होंने निरोगता अनध्याय रखें लेकिन अल हमदुलिल्ला आधारित इस अंदाज में होती
[27:59]थी इस अंदाज में होती थी कि इस तरह से बयान होती
[28:05]थी इस तरह से मोहब्बत खुलते थे इस तरह से जालिम और
[28:08]मशरूम का फर्क वासियों तथा इस तरह से हमारी किमामी सेवई धारियों
[28:15]पर निगाहें डाले जाती थी इस तरह से डाले जाती थी कि
[28:17]पशु और इस्लाम हकीकत में बहुत अपराधी को अत्याचार से कमी आई
[28:24]होगी लेकिन उवाच यादवास बहुत मजबूत हो गया इतना मजबूत हो गया
[28:27]फिर इसकी जड़ों को हिलाया जानना मुमकिन हो गया यह पांचवें और
[28:33]छठे मामले काम है कि जिन्होंने फिर इस प्रयोग को इस प्रक्रिया
[28:35]का नाम दे दिया गया कितना मजबूत है यह दीन अल्हम्दुलिल्लाह आपके
[28:43]पास मौजूद फैक्स आपके पास मौजूद सहयोग इसका नाम ही मतलब जाफरी
[28:46]पड़ गया जिसका नाम ही फै जाफरी पड़ गया और आज तक
[28:51]रुद्राक्ष होकर हम इसे नाम से पुकारे जाते हैं आखिरी बात नहीं
[28:56]है और आखिरी बातें है हां हमने तो खा कर दिया थोड़ा
[28:57]इल्मी किया थोड़ा सियासी किया थोड़ा इस्तेमाल किया [संगीत] है लेकिन हमारी
[29:04]अपनी जिम्मेदारी क्या है अच्छा ठीक है एक बार तो यह हम
[29:12]अच्छे अंदाज में सजाया मस्सा यहां जवानों को सुनाएं और उसके बाद
[29:15]सब की नियत से सफल बैठे रहे हैं ये सब लें मैं
[29:19]पर खत्म हो गई सब लें और चले जाएगा एक तरीका तो
[29:26]यह है है जो आस्था आंसर राज हो गया है एक बात
[29:29]कि था इसलिए नहीं है मैं पहले बैक का तस्वीर असली नहीं
[29:36]था कि हम सिर्फ सब में समभाव तो आपको मिलने है आपने
[29:38]हैरत की बात है कि आपने सुना हमने कहा सब मिल नहीं
[29:43]मिलना है लेकिन यह सब कुछ सिर्फ सब के लिए नहीं था
[29:49]अ मैं इतनी कुर्बानियां इतना मुश्किल वक्त उजाड़ना इस सिर्फ इसलिए नहीं
[29:53]था कि हमारे नाम है यह माल में कहीं गिर जाए सब
[29:58]लिखा जाए सिर्फ इसलिए नहीं था सब है सिर्फ जवाब नहीं हमें
[30:00]कुछ और भी सोचना चाहिए हम अगर बार्करॉल उम्र के मानने वाले
[30:09]हैं कि अगर हम एल्बम की धज्जियां दूसरा गुत्थियां सुलझाने वालों से
[30:13]हैं अगर उसके ऑपरेशन करने वालों ने इस मानने वालों में से
[30:16]हैं मैंने कहा कि पोस्टमार्टम के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं आप
[30:21]बात कर के तर्जुमे को कि जो शगुफ्ता किया करते थे एल्बम
[30:23]को खोल दिया करते थे अगर उनकी मानने वाले हैं ना तो
[30:29]फिर भी यह तो बाढ़ से दसियों की कोई मंज़िल न कोई
[30:35]मुकाम होना चाहिए असल बात की तरफ पाएं फसल बात की तरफ
[30:37]आइए यह किन का तज़किरा एक मोटिवेशन है एक मोटिवेट मोटिवेट होना
[30:45]चाहिए आपको आपको समझना चाहिए कि वह इन तस्वीरों क्यों कर रहे
[30:48]हैं इसलिए के इन में हमारा बैक रहूं 70,000 रिवायत एक शख्सियत
[30:55]को इसका मतलब है अगर टोटल रिवायात देखेंगे जो इमामों और हिम्मत
[30:59]से सफल हुई है तो वह फिर लाखों में जानी चाहिए हमारे
[31:03]पास चार बड़े किताब में एथलेटिक किताबें मौजूद हैं इज्जत जिनकी दृष्टि
[31:07]को कहा जाता है कि क्लियर है यह चार को तो पापा
[31:10]के नाम से उसके बाद जो बहुत बड़ी क्षति मत कि एवं
[31:14]वजह से नहीं कर रही है उन्होंने 100 से ज्यादा जिलों पर
[31:16]उस तमिल हादी परिवार की किताब आपको दे रही है कि इस
[31:19]यह एक तरफ वो और वह जो कुछ सीरत पर लिखा गया
[31:24]है वह एक तरफ मुसीबत यह लेख पर अगर हम सबको जमा
[31:29]करें ना अ कि खुलासे क्या निकलना है ब्रा से निकल है
[31:32]कि तुम शुरू को अगर इन एलीवेटर लें मुसलमान का पैरोकार समझा
[31:37]जाता है तो फिर हर्षता पैनकेक नाम होना चाहिए टेल मी अबाउट
[31:44]सिंह को शिक्षित करना चाहिए सियासी अथवा सैनिक शख्सियत बनना चाहिए इस्तेमाल
[31:49]अथवा सिर्फ ताकत बार सिंह को शेयर करना चाहिए यानि हम अहले
[31:55]बैत अलैहिमुस्सलाम को अपनी जिंदगियों में अपनी महफिलों में इस तरह से
[31:59]लेकर आएं कि उनके असरात हमारे की मौत सिर पर नजरें हमारे
[32:05]खानदान में नजरें हमारे घरों में नजर आएं हमारी शख्सियत में नजर
[32:12]आए हैं हम इस तरह परवरिश करें अभी तो हमारी हालत है
[32:17]हमारे पास एल्बम के कि इतने बड़े-बड़े कि शख्सियत और अपराध और
[32:29]जख्म और आपके पास है और हमारी कैफियत तो हमारी हालत यह
[32:35]है कि हम आज तक कि उर्दू जबान में या पाकिस्तान के
[32:42]लिए अ कि तालीमी निशाना बनी रह सके ताली भी निसाब कि
[32:46]जो हर बच्चे के लिए बाध्य होता है जुड़ना है और हम
[32:51]कि चलो ना देते हमारी कैफियत है कि अभी तक घूम कैंब्रिज
[32:57]और ऑक्सफर्ड की भरतरी को भी अपने दिमाग में रखते हैं आप
[33:02]नहीं दे पाए गिल्टी तो रहना कम से कम कुंओं-तालाबों करो कल
[33:06]शायद के मानने वाले आज तक इल्मी है तब बाढ़ से अपना
[33:11]कोई सिस्टम नहीं दे सके कम से कम इस पर शर्मिंदा तो
[33:16]रहे ना नहीं उल्टा है अपनी औलादों को कैमरे और अरोड़ा खान
[33:19]यह हवाले करने के बाद खुश होते हैं वह लाइन हो जाते
[33:24]हैं बच्चों का मुस्तकबिल बन गया यह आपका मुस्तकबिल बनाएंगे यह बच्चों
[33:28]का मुस्तकबिल बनाएंगे कि इन्होंने यह सारी तरक्की जिम्मी ही है यह
[33:34]इसलिए किया है कि यह आपकी इंसानियत को बढ़ाएंगे आपके अंदर इस्लाम
[33:40]को या मोहब्बत हेलमेट को बढ़ाएंगे एवं औषधि का एक मुफ्त शिक्षा
[33:48]को बनाएंगे इधर कोई बात भी नहीं है इनके अहेड आफ में
[33:50]यह बात ही नहीं है इन केसेस आफ में कैपिटलिज्म है इसका
[33:55]मतलब क्या होता है मगर अभी लुट जाऊं लुट जाऊं तो हैरान
[34:01]हो जाएंगे कि इनका हद फेथ है जिसको इन्होंने अपने लिए आइडियल
[34:08]बनाया है बस में खरबा करें खत्म कर दूंगा को वह एक
[34:10]जंग है जो कि जो समंदर के अंदर होती है और सुंदर
[34:15]गंध के शार्क मछली होती हैं इसमें एक वरना मीट मछली भी
[34:19]है अब उसके बाद इन इंग्लिश में क्या कहते होंगे वह मछली
[34:21]है जो मौजूद समुद्र के अंदर उस कि परवरिश के स्टाइल किया
[34:29]है कि नस्ल की गुंजाइश का स्टाइल के वह यह है कि
[34:35]एक ही महत्व पर कई बर्फ में शार्क मछलियां हमला करती है
[34:38]इस तरह से इसको चीर फ़ाड़ कर रख लें अ है और
[34:42]यह पेशाब आना दरिंदगी के अंदाज़ में मुसाफिर ठहरातें यह जो कि
[34:48]माइनर होते हैं एक माता के साथ और फिर उसके बाद अंग्रेजों
[34:55]ने इस पूरे process को भी फिल्माया और फिर इसके रह में
[35:02]ठहरने वाले नसों को भी फिल्माया और दिखाया कि जिस्म के अंदर
[35:05]सैकड़ों बच्चे पैदा हो गए जिसमें अंदर सैकड़ों और उसके बाद जो
[35:09]ताकतवर था बच्चा उसने दूसरे बच्चों खाना शुरू कर दिया यह कहां
[35:13]पर है बाहर निकल कि नहीं अभी से कम हो रहा है
[35:16]और यह फिल्माया गया है और उसके बाद खाते खाते खाते खाते
[35:18]खाते दो रह गए बिंदुओं की जांच शुरू हुई और इनमें से
[35:23]भी एक जीत और हार गया और जब वह एक रह गया
[35:27]ना तो इसको दर्द सामान उठा और वह मिला लें कि औलाद
[35:33]देवी की और उसके बाद जो दीदी गई ना मैं इसको उन्होंने
[35:38]लिबरलिज्म की मिसाल के तौर पर दुनिया को समझाने के लिए कि
[35:44]यह मुकाबला दुनिया में असल में ताकत है जो जितना ताकतवर और
[35:47]दूसरे खा जाए और जब खाकर जो रह जाएगा ना असल में
[35:51]वह हमारा आइडियल है मसलन यह तो आपके समझ में नहीं आए
[35:55]तो आपको विशाल देता हूं इलाके की जितनी छोटी दुकान है इसको
[35:57]उसी वक्त खाओगे कि जब तुम यहां पर सुपरमार्केट बना दो एक
[36:00]सुपरमार्केट बना तो इसका व्यास रख दो उसके नेटवर्क दोस्तों पहला रख
[36:06]दो क्या होगा उसका फायदा यह का यह एक कप का बड़ा
[36:10]ऊपर हम मिला जाएगा जिसके पास इंतजार होगा इस नेट होगा और
[36:12]जो इलाकाई छोटी छोटी दुकान है ना यह मछली है जिनको बड़ी
[36:17]मछली खा गई खतम यह है कि आप एक्टिविज्म की दूरी यह
[36:22]है लिबरलिज्म की धुरी है कि अब किस बुनियाद पर प्रवेश पाने
[36:27]के लिए कैसे प्रवेश करें तो वह वेश्या घनश्याम मैं क्यों जोश
[36:30]हमले करता है उसको आप कहते हैं ऑफ कैंब्रिज और ऑक्सफोर्ड या
[36:36]आपकी बात अभी आप अगर नहीं समझ में आ रही है तब
[36:39]भी आपके किसी जगह पर रख लीजिएगा इस बात को ज्यादा कर
[36:41]दें कि जाएगा अब थे जिन्होंने एक ही किताब के एक सर्वे
[36:47]में काम किया है ना उनको विचारों को समझ में आया कि
[36:49]क्या होने वाले हमारे साथ मुस्तफील में कोई बच्चा आपका बच्चा नहीं
[36:54]रहेगा मां-बाप का तनाव खत्म हो जाएगा खानदानी सिस्टम खत्म हो जाएगा
[36:58]एक घर में को बर्दाश्त नहीं करेंगे गुलाब फूल भी हमारे घर
[37:01]में रहे तुम ले जाओ एक भाई है कि तुम ले जाओ
[37:05]ठीक है कि तुम ले जाऊंगा रखिए आपको यह किस कर देगा
[37:09]एजुकेशन कर दो है क्योंकि यह सब फस बनाता है खुद महेश्वरी
[37:12]इंसान को अपने गिर घुमाने का सिस्टम में आज का ताली में
[37:16]नजाम को यह मैंने क्योंकि माध्यम से मैंने असली के देखिए जो
[37:21]बात करूं के मानने वाले ना असल मसाले युद्ध के मैदान में
[37:24]उतरना था उन्होंने उतरना था उन्होंने प्रवीण को उन्होंने खोलना था आज
[37:28]के जमाने के पात्रों को उन्होंने एल्बम है तो हर से हल
[37:32]करना था या आपका काम था ठीक है कि हम उलझाकर रखा
[37:38]जाता है मुसलसल जगह पर आबादी ज़्यादा होती है जिन मुल्कों में
[37:41]हमारी आवाज होती यहां पर जंग के बादल मंडराते रहते हैं चारों
[37:45]तरफ से महाराणा कर लिया जाता है इससे पूछो और है को
[37:50]तरह का यह हम पहली बात को समझ इसीलिए रह पड़े इसलिए
[37:52]रहे हैं कि इतने सख्त हालात में भी आप कैसे मोड को
[37:57]मोड को मिलत को इस्लाम को तस्वीरों को एलोवेरा के मानने वालों
[38:02]को फिर भी आप आगे ले जाते हैं हम इसलिए ऐड के
[38:05]मौजवाद को इन महफिलों में बयान करते हैं जो हमें करना चाहिए
[38:11]इस रमेश के साथ कि अगर हम इंशाल्लाह बहुत बेहतर हैं वह
[38:14]बेहतरीन सलाम है तो हमें फिल्मी है तब से तरक्की करनी चाहिए
[38:20]यह एक बात है ख्याति अथवा सिर्फ करनी चाहिए इस समय अधिकांश
[38:23]या तो फिर से और निभाई अतवार से हमें तरक्की करनी चाहिए
[38:29]यह कम से कम इन फलों का तकाजा है वह इंशाह अल्लाह
[38:33]हमें और आपको अहले बैत की सीरत पर चलने की तौफीक अता
[38:35]फरमाए उनके फार्म इन को समझने और उन पर अमल करने की
[38:41]तौफीक अता फरमाए हमारे वर्ष तक के बच्चे जवान बुजुर्ग सब को
[38:44]इंशाह अल्लाह अहले बैत अलैहिमुस्सलाम से दर्स और उनकी जिंदगी से उनके
[38:50]सीरियस से अपने लिए नमूने अमल करने की तौफीक अता फरमाए इमामे
[38:53]ज़माना की जड़ों में ब्राजील फरमाए हम सबको इमाम के लिए कि
[38:59]जमीन फ्रॉम करने की तौफीक अता फरमाए किमाम का साथ देने की
[39:02]तौफीक अता फरमाए हमारी गुना कारकों की मांग की जा रही तौफीक
[39:07]अता फरमाए और इंशाल्लाह उन्हीं के सामने उन्हीं के बहनोई अध्याय का
[39:10]लफ्ज़ सवाल होता है कि उन्हें के सामने हमें शहादत की तौफीक
[39:16]अता फरमा है एक सूरह फातिहा पढ़ने तमाम 14 इस्लाम के लिए
[39:18]है और तमाम सुविधाएं मिले थे जब या और अपने मरहूम इनको
[39:24]भी हाथ रखते हुए सुरक्षित है
0 تعليقات
sort ترتيب حسب
- أعلى تعليقات
- أحدث تعليقات
التالي
4 المشاهدات · 23/07/20
6 المشاهدات · 23/07/21
6 المشاهدات · 23/07/22
5 المشاهدات · 23/07/22
7 المشاهدات · 23/07/23
3 المشاهدات · 23/07/24
5 المشاهدات · 23/07/25
2 المشاهدات · 26/03/04
7 المشاهدات · 25/06/22
7 المشاهدات · 13/01/07
10 المشاهدات · 25/08/03
