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[History] Mulla Sadra | H.I Kazim Naqvi
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محاضرات
Record date: 23 May 2021 - ملا صدرا AL-Mehdi Educational Society proudly presents new Executive Refresher Course for the year 2021 under the supervision of specialist Ulema and Scholars who will deliver though provoking lectures Every Weekend. These video lectures are presented by aLmehdi educational society, Karachi for our youth. 🌷 فلسفہ کیا ہے؟ 🌷 حضرت ادریس نے کیا بنانا سیکھایا تھا؟ 🌷 سقراط کس ملک سے تھا؟ 🌷ملا صدرا کی مشہور کتاب کا نام کیا ہے؟ 🌷 حکمت حاصل نہیں ہو سکتی اگر۔۔۔۔ For more details visit: 📡 www.almehdies.com 🖥 www.facebook.com/groups/almehdies 🎥 www.youtube.com/almehdies 🎥 www.shiatv.net/user/Al_Mahdi_Edu
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Transcript
[0:00]झाल झाल कि विमान uie स्पेन लहार रहमान बड़ी लें अलहम्दु लिल्लाह
[0:29]है लगी अदा ना यह जाणुं कुनणाराम होगी नदिया लवला अनुनय हजुरैको
[0:41]हुं नंदा लक्ष्य जुड़ा अक्टुबर लुहार अस्सलातु वस्सलाम मों ब्लां रसूल धूसर
[0:56]अद्भुत सफल हम जब सलमान फिल्मों दिल में दर्द बिल्कुल शिव महिम्न
[1:10]स्तोत्र कि वह अस्सलातु वस्सलाम मोहल्ला बाढ़ सदन लहू-लुहान लिमिट राधेलाल धसाल
[1:28]वाली जितने हाई जॉगिंग अस्सलातु वस्सलाम माय लव सैयद अतुल मासूम दिल
[1:39]तेरा दिल लुट रात रसूल साथ में चेहरा इस दत्त ने सा
[1:51]ऑयल धीमी अस्सलातु वस्सलाम वाले लेखक अनिल गुप्ता बा लाल लाल डीजे
[2:07]मां गीत है और वह अच्छी तरह बाहुक लूथरा बे मदर महल
[2:23]धूप और लू धुंध हम बाबा अल्लाह त-आला अपनी किताब क्रीम मिल्क
[2:36]लाघव विमल यश आ आ आ आ आ आ आ आ आ
[2:47][संगीत] कि मोनिका राम सा मिनिमम तरफ जाने की रानी था जब
[3:01]जैसा कि आप उस असर है कि हमारा आज का कुंभ का
[3:06]जो अनुमान है उस शक्ति उच्च राशि के अनुमान से फ़लसफ़ा है
[3:15]इस्लामिया में एक बहुत बड़ा नाम मुल्लाह सदरा उनकी शख्सियत के हवाले
[3:18]से इंस्टाल अमिताभ की संगत में सर्च करूंगा 12 मुकद्दर में बात
[3:22]करूंगा और फिर झाला मृत्यु को आगे बढ़ाऊंगा इस प्रश्न का हिस्सा
[3:30]बना रहा है कि युद्ध लिखित मतलब ही अच्छा परवरदिगार जिसे चाहे
[3:34]हिकमत हटा करें अ ए वूमेन यू तेल एक महत्वपूर्ण त्यौहार लेकिन
[3:43]अल्लाह तबारक व ताला जिससे भी फिक्र मत हटा कर दें जिसे
[3:51]भी हिकमत मिल जाए शतक पूर्णिया शहर अल जजीरा उच्चस्थ बातें जी
[3:56]ख़ैरे कसीर अतः जाती है उसे शेर-ए-कश्मीर मिल जाते हैं समय तक
[4:06]करो इला उन लाभ और यह बात सिवाय साहिबा ने आप लोग
[4:13]पहन के किसी और को म्यूट बजे और मोटर चक्कर नहीं करूंगा
[4:20]ए फैक्ट मत क्या होती है थे रॉयल किसे कहते हैं आपके
[4:28]जहन में होगा के पैग़ंबरे अकरम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम
[4:31][संगीत] ए नबी ई अकरम कि बेशक का एक अहम हफ्ता कि
[4:46]जो प्रधान ने बयान किया वह क्या है वह नदी में बाढ़
[4:51]आ सकती है मगर सोलम्न होम अलोन ही मायावती ही वही यूजर
[4:57]की ही युवाओं ने किताब उल हक है कि अल्लाह तबारक व
[5:03]ताला ने इनके दरमियां में से ही ए रसूल को महसूस किया
[5:09]उसे भेजा क्या करता है यात्रियों पहले ही माया आते इनके ऊपर
[5:13]आयत की तिलावत करता है वह यूज रखी है मुंह पर एंट्री
[5:17]यहां पर सर्च किया है न करता है कि यह दो बुनियादी
[5:24]काम है कि पैगंबर तिलावत-ए-कुरान सफर करते हैं चाहे वो मुसलमान हो
[5:29]चाहे वह मछली को चाहे वह काफी हद मानने वाला हो या
[5:32]ना मानो बताओ ना में तेल आयात का असर जिसके ऊपर होता
[5:38]है और वह विमान कबूल करता है युद्ध की है एवं उसका
[5:41]खर्च किया कर दो है जिसका लाभ का तज किया हो जाए
[5:50]वाले मोहम्मद किताब लिखना उनको पैगंबर तालीम देते हैं किताब की और
[5:55]फिक्र मत करो तो बस यह प्रोसेस है या चालू है लेकिन
[6:00]मायावती ही व्यक्ति है वह मोहल्ले में हम लिखित आबा वन महकमा
[6:08]पहले बारे में तिलावत करेंगे आयात की इन आयत की तिलावत से
[6:15]जो लोग मुतवज्जह होकर मोमिन होते हैं उनका तकिया करेंगे और जिनका
[6:18]नष्ट कर तक किया हो जाए और उनको जो आलिमों लिखित बाबा
[6:27]वह एकमा उनको ताली में किताब अपराधी में फिक्र मत देखो ए
[6:32]फैक्ट मत क्या है बुनियादी तौर पर रेल में और हिम्मत न
[6:37]पड़ी है रेल किसी भी शहर के जानने को कहते हैं वह
[6:44]जानना आपके ऊपर असर अंदाज हो या न हो फिल्म रहता है
[6:50]अ में एक आम सी विशाल आपको दो के मसलन आपने बचपन
[6:51]से लेकर अब तक काफी सारी चीजें पढ़ी होंगी अ कि इन
[6:56]जितनी चीजों को पढ़ने का आप रोज सिर्फ मालूमात की हद तक
[7:02]फायदा हुआ है वह लूं तो शुमार हो सकती हैं मालूमात हो
[7:08]सकती है फिक्र मत नहीं कर सके ऐसा ही एक मत किसे
[7:12]कहते हैं हिट मार्कुस एल्बम को कहते हैं कि जिसका फायदा और
[7:18]असर आपकी जिंदगी में जाहिर हो जाएगा ए फैक्ट मत क्या चीज
[7:23]हैं हिकमत वह फिल्म है जो कहीं ना कहीं आपको फायदा पहुंचा
[7:30]रहा है मजा आलम आपके जज्बात आपके रेल कब व हिस्सा जो
[7:33]आपकी जिंदगी में आपको फायदा पहुंचा रहा आपके काम आ रहा है
[7:37]मैं आपको जो चीज समझ में आती है आप जो दूसरों को
[7:41]समझा पाते हैं मसलन एक छोटा सा था जब बच्चे और नौजवान
[7:46]जो होते हैं इनको मामला यह बात समझ में नहीं आ रही
[7:51]होती के पढ़ने का क्या फायदा है कि यह पढ़ने का क्या
[7:54]फायदा वह पड़ेगा क्या फायदा क्यों इसलिए कि इनके तेज सर्वे में
[7:57]भी यह बात नहीं आई है और इनको अभी यह बात समझ
[8:00]में नहीं आ रही कि यह जो पढ़ाई स्कूल के लिए करते
[8:04]हैं इसका आगे चलकर जिंदगी में क्या फायदा होता है है और
[8:08]उसके क्या आसान है जो उनकी जिंदगी पर मुरब्बा होंगे लेकिन चुके
[8:13]वाले है वह स्टेज पर होते हैं कि जहां उन्होंने इसके फायदे
[8:16]और नुकसान को किसी हद तक दर्ज कर लिया होता है उन्हें
[8:20]यह बात समझ में आ रही होती है कि अगर इस उम्र
[8:25]में इन्होंने अच्छी तरह से पढ़ लिया मेहनत कर लीजिए तो इनकी
[8:28]आगे की जिंदगी आसान हो जाएगी है अब यह जो कि वे
[8:34]महान चलूंगा है तजुर्बे से हाथ से हुआ है तालीम के जरिए
[8:38]शहर से हुआ है यह है कमर में दर्द हो जाता है
[8:39]ज्यादा हीट बाद फॉर कि उन तमाम वॉल्यूम के हिस्सों को कहा
[8:44]जाता है जो आपकी जिंदगी में आपके लिए फायदेमंद ओ ओ कि
[8:52]यादव जब जो अलार्म रजनी ने नेचुरल बलात्कार को जमा किया तो
[8:58]उन्होंने उसकी तीन हिस्से किए एक हिस्सा हजरत है अमीरुल मोमिनीन अली
[9:07]यह भी पहले बैलेंस राठौर सलाह कहुं है कि आपके सुत्रों का
[9:13]एक हिस्सा फाल एक हिस्सा आपके खुद का और एक हिस्से का
[9:19]नाम उन्होंने हजरत की हिकमतों के नाम से है कम जमा है
[9:23]अरबी में फिक्र मत हो गई है तो बस आपके रूतबे आपके
[9:31]शुद और आपकी बयान करता है कीमतें अब एक क्या है वह
[9:40]Bigg Boss की लाइन यह 29 की है उस पर गौर करें
[9:41]तो से तौर पर अपनी जिंदगी में दिखाई देता है कि सबसे
[9:52]पहली घृणित सिर्फ इतना है ए लार्ज हेड्रान खजूर कब व लार
[10:02]नजर ऑन संगे खेलब है कि फैसलों के जमाने में ऊंट के
[10:10]उस बच्चे की मां ने भिजवा ओ जिसकी पीठ अभी तैयार नहीं
[10:12]होती ला बाहर और उसकी कमर इसकी स्पीड है वह तैयार नहीं
[10:18]होती लाइफ इस लायक अब उसके पर सवारी नहीं की जा सकती
[10:22]है और चुके ऊंट का बच्चा बने मुरझाकर है - नहीं अंदर
[10:29]है मात्रा नहीं है लाड जुगे नर है ज्यादा उसके पिस्ता नहीं
[10:38]होते कि अ यह ट्यूब से दूध निकाला जा सका कि अब
[10:43]एक जुमला है लेकिन हजरत अमीर आप और हमें क्या समझा रहे
[10:48]हैं कि अगर तुम ज़माने से इतने में कहीं पर हो मौजूद
[10:52]और ऐसा ज़माना हो कि इसमें कितने ज्यादा हो रहे हैं तो
[10:55]कूटकर उस बच्चे की मानें हो जाओ अभी उठता बच्चा कौन से
[11:01]जिसकी ना कमल तैयार है कि सवारी की जा सके और ना
[11:04]उसके पिस्ता ने गुस्से दूध निकाला जा सके क्या मामला है की
[11:08]सवारी ईएस इसलिए आ रहा होता है तसल्लुत का जवाब किसी सवारी
[11:14]पर सवार होते हैं तो सवारी शोपिसेस आपके अंदर कंट्रोल हो जायेंगे
[11:18]तो आगे क्या फ़रमा रहे हैं कि ज़माने से इतने में दूसरों
[11:23]की सवारी ना बनो या नहीं मैं अपने आप को दूसरों के
[11:27]कंट्रोल में ना दो ऐसा ना हो कि दूसरे तो मैं कंट्रोल
[11:32]करो बल्कि अपना कंट्रोल अपने हाथ में रखो मैं इसी तरह से
[11:36]बदलाव ला जरा ऑन संयोग हलब प्रस्ताव नहीं है कि सिर्फ धोया
[11:42]जा सके उससे दूध निकाला जा सके यह सारा वर्क इन आया
[11:45]है इससे सादा से ज्ञानी अगर इस मुखवास मामलों में देखा जाए
[11:51]तो सुबह से साफ इशारा और किन आया है कि सूरज दादा
[11:55]था यादव कितने के जमाने में तुम्हारा दूसरा रवैया क्या होना चाहिए
[11:59]कि अपने इर्द-गिर्द खुशामदियों को भी जमा ना होने दो कि जो
[12:04]तुमसे सुबह से फायदा कर सकें ज्यादा ज़माने फीट में में हमारा
[12:07]अमन क्या होना चाहिए ना ऐसा होना चाहिए कि दूसरे हमें कंट्रोल
[12:14]करने लगे वरना ऐसा हो कि कोई हमसे सुबह से आ कर
[12:20]सके अब यह एक है तुम्हें गुमला है जो पिछले जमाने में
[12:23]हमें हमारा दूध लाने अमल बनाकर दे रहा है एक ऐसी चीज
[12:26]है कि जो पिछले के ज़माने में हमारे काम आ सकती है
[12:31]ज्यादा टाइम का हिस्सा भेजो कि फायदेमंद हो उसे एक ही बात
[12:39]कहते हैं मेरे परवरदिगार ने निराश किया पैगंबर की बेशक का हाथ
[12:43]धत क्या है युगल में मोहम्मद किताब बल्क पैक मार आप और
[12:49]हमें किताबे किताब की भी और हिकमत की तालीम लिए तो हम
[12:50]है पैगंबर का लेकिन मैंने 2012 मुकद्दमे है या तुम्हारी माया से
[12:57]पहले महीने में आया था आयात का असर क्या होगा लोग मान
[12:59]लेंगे जो प्रणाम को सुनने के बावजूद भी विमान नहीं लाते लाभ
[13:06]को कभी भी तकिए के मामले में दाखिल नहीं हो सकते और
[13:12]फिर जिंदा तकिया कर दिया जाए जिनके नुस्खे को पास कर दिया
[13:15]जाए सिर वह काबिलियत पैदा करते हैं कि उनको ताली में किताब
[13:21]और सिर्फ मत दी जा सके यह याद रखिएगा कि मालूम आज
[13:22]के ऐतबार से लोगों की तादाद ज्यादा हो सकती है आपको मालूम
[13:28]आप रखने वाले लोग बहुत मिल जाएंगे बहुत सारे ऐसे हैं कि
[13:34]जो मसलन आकर बैठ जाते हैं पब्लिक के सामने और गिनवाना शुरू
[13:38]कर देते मोदी के स्वागत में यह समय अपने यू और यह
[13:40]और पहला इस तरह की बहुत सारी बातें लेकिन अगर आप उनका
[13:45]जज्बा करेंगे तो अंदर से आपको खाली मिलेंगे वजह क्या होती हैं
[13:51]बजाय होती है कि उन्हें पुरस्कृत किया जब तक ना हो अश्लील
[13:54]पौराणिक की तालीम और हिम्मत कभी भी इंसान के वुजूद में नहीं
[14:02]आ सकती है कि अतुल अहमद आधी एक मारुति और उस्ताद है
[14:07]इरान में उनके एक बड़ा खूबसूरत दुबला है वह कहते हैं कि
[14:10]है कि मार्च कि कभी भी ना पापा जूस में नहीं ठेर
[14:18]से है है यानी अगर कोई ज़बरदस्ती भी फ्रिल मृग मद को
[14:21]नापाक जख्म डालने की कोशिश करेगा भी तो ठहरे मिलेंगे है या
[14:27]फरामोशी का शिकार हो जाता है बहुत सारे ऐसे होते हैं कि
[14:31]जो तस्वीर आप नमस्कार नहीं करते तो क्या होता है आखिर में
[14:34]शराब उसी का शिकार होता है को जहन्नुम के सबको निकल जाता
[14:42]है 02 और अगर आप रह जाए या उसमें जबरदस्ती बाकी रखा
[14:45]जाए तो फिर क्या होता है नुकसानदेह साबित लगता है आपने देखा
[14:51]होगा कि आपके नजर में भी पाप है सिर्फ याद आएंगे वह
[14:56]होंगे कि जो शुरू मेज़ आगे व फसल बड़ी किताब लिख रहे
[14:58]हैं बड़ी 10th क्रिएट कर रहे हैं लेकिन आपसे उम्र में जाकर
[15:03]मूरत हो जाते हैं असदुद्दीन के रास्ते से हट जाते हैं मजाकिया
[15:07]होती है बजाय होती है कि जो रोजगार रेल महल ना पुस्तक
[15:13]है उसकी पाकीज़गी हासिल नहीं हुई होती तो साथ निभाते हैं कि
[15:18]ना 5,000 उसमें फ्रिल बिल्कुल वैसे ही है नापाक न उसके अंदर
[15:22]फिक्र मत का असर बिल्कुल वैसे ही है जैसे बगैर गुरु की
[15:27]नमाज है अब बगैर लोगों के नाम आज नहीं होती आप अगर
[15:33]खुदा न खास्ता कोिशश है वह रे बुद्धू के नमाज पढ़ने की
[15:35]कोशिश करें तो ए सनम आदमी करेंगे हम उसमें क्या कहेंगे कि
[15:40]आप वाले नमाज हैं लेकिन अगर को यह नियुक्त करें कि मैं
[15:45]बगैर उसके नमाज पढ़ लूंगा और वह यह मतलब एग्जाम देने लगे
[15:49]कि नहीं मैं बगैर बुद्धू के नमाज पढ़ो तो फिर यह नमाज
[15:52]नहीं कहना है कि बल्कि रशियन कहलाएगा यह गुना कहलाएगा इसलिए के
[15:59]खुदा ने हमें हुकुम यह दिया इकलौता पूरा लास्ट वाला तैल अवतरण
[16:03]बगैर त्योहार के नमाज नहीं होती नमाज का मुकद्दमा और नमाज के
[16:11]बीजों कुमकुम है लक्ष अलार्म शुरू हकू मयंक मिलन मलाड स्थित हमसे
[16:14]कहा गया कि तुम जब भी नमाज के लिए डुबोकर ओर रुख
[16:21]करके नमाज पढ़ो ब्रिटिश अर्थ है डुबाना है नमस्कार इस त्योहार के
[16:25]बगैर नहीं होती है अगर कोई त्योहार के बगैर पड़ रहा है
[16:31]वीएस करके तो क्या कर रहा है बे नमाजी कहलाती है 11
[16:34]है गुनाह है और कि देगा ना मद्रासी का ले रहा है
[16:38]वही काम अंजाम दे रहा है जो मैं और आप अंजाम दे
[16:42]रहे हैं लेकिन अगर बगैर भूखे अंजाम दे रहा है तो ना
[16:48]सिर्फ यह के दामाद नहीं है बल्कि क्या है आसियान है बोला
[16:53]है तो ज्यादा जितनी लंबी करता चला जाएगा बगैर धोकर उतना ही
[16:57]बड़ा गुना उसके लिए लिखा जाता रहेगा इसी तरह से आग खींचकर
[17:02]तरफ किया ना हो और उसके अंदर एल्बम हिट मत डालने की
[17:04]कोशिश की जाए असर क्या होगा बजाय इसके कि वह फायदेमंद हो
[17:11]उल्टा नुक्सान से होने लगती है उल्टा उसके लिए परेशानी का और
[17:16]उसके साथ-साथ दूसरों की भी परेशानी का बायस बनता है बड़ी एक
[17:23]मुसलसल बहस है ताकि देकर मामले में अभियुक्त ने निशाना बनाया अब
[17:27]यह एक मृत इसके लिए मैं का दबाव है बगैर तकिए के
[17:32]कभी भी याद रखिएगा निबद्ध आर्थिक हित मत हासिल नहीं हो सकी
[17:35]कि को ज्यादा इस सहित मत कीजिए फरमाया कि अल्लाह बूंद तेल
[17:43]में की नूर है कि परवरदिगार जिसकी हिदायत को मसूद करता है
[17:47]और इरादा करता है वह उसके दिल में उस मूर्ति को उतार
[17:52]देता आप यह मूर्ति दिल में उतरना है उस दिल को पास
[17:56]होना जरूरी है अगर पाक नहीं होगा तो कभी भी यह उसमें
[18:01]नहीं देख सकता है मैं इसी इसी लिटिल किसी हिकमत के लिए
[18:08]यह फ़रमाया गया यह धप्पा गहरे तक है न कभी भी हिट
[18:10]मत हासिल नहीं हो सकती थी कि यह घी हिकमत लेकिन अगर
[18:17]हासिल हो जाए जो नूर की कैफियत रखती हो उल्लू को मजबूर
[18:20]करती है इसके लिए परवरदिगार ने फरमाया कि योर तिलक मत का
[18:26]मैया शा अल्लाह जिसे चाहता है एक चम्मच अदरक अभी मैं यह
[18:32]सा कमाना यह नहीं है कि कोई शख्स अपना तकिया ना करें
[18:34]और फिर भी अल्लाह ताला उसको था कर दे ऐसा नहीं है
[18:39]बल्कि इससे मुराद यह है कि परवरदिगार जो है वह कि जब
[18:46]तक किया नहीं करेगा उस वक्त तक उसे एक पता नहीं करेगा
[18:51]यादव मैं यह शाम में हर किस्म राज्य नहीं है जो खुदा
[18:56]न खास्ता हम कोशिश भी करे तब भी अलार्म मैंने देखा ऐसा
[18:57]नहीं है मैं यह पूरा किया होता है कि परवरदिगार लाभ बात
[19:03]है हम थक करेंगे अपना तैयार करना चाहे लेकिन जब तक हमारी
[19:10]खुलूस की कैफियत खुदा के सामने साबित नहीं होगी वह हमें एक
[19:13]बता नहीं करेंगे यह दबाव का ख़ुलूस को आजमाने के लिए परवरदिगार
[19:20]हो सकता है कि दो अपराध एक साथ एक ही जैसी मेहनत
[19:21]करें एक कोलकाता लाकर दूसरे को अ भी ना करें कुछ अर्से
[19:26]के लिए ना करें फिर भी यह देखने के लिए कि जिस
[19:31]तो मैंने अभी आता नहीं किया वह वाकई रन मेरा बंदा है
[19:36]या नहीं आप अगर उसके दिल में कहीं पर भी जरा सभी
[19:39]कोई ऐसा कि तरद्दुद शक कोई ऐसा भी को फिर का जिसे
[19:44]कहते शायद बार गर्भपात की होगा तो क्या होगा कुछ अर्से के
[19:49]बाद पुलिस सोचने लगेगा कि मुझे क्यों नहीं दिया जा रहा हूं
[19:53]खुदा मेरे को जरूर कर रहा है ना उसे मिला मंत्रालय किसको
[19:54]दिया चाहिए करता है वह मैं भी करता हूं जैसा इसने किया
[19:59]मैंने भी किया बल्कि फना फना चीज है तुम्हें से बेहतर था
[20:01]इसको अल्लाह ताला ने आता कर दिया मुझे क्यों नहीं आता किया
[20:05]बस अगर यह सोच रहा है तो इसका मतलब उसका विमान पहले
[20:10]ही पर हमले में सही नहीं है कि अगर दिमाग सही होगा
[20:15]तो क्या करेगा खुदा कितना दूर रखा था के ऊपर प्राजी रहेगा
[20:20]तब तुम करेगा और यकीनन अपने ऐप को तलाश करने की कोशिश
[20:23]करेगा ज्यादा प्रतिघात बालों का त्याग करता है जहां तक यह सब
[20:28]रात यह वाली कैफियत है लेकिन जिसको आता कर दे मने यो
[20:30]दिल है तुम्हारा जिसको हिकमत मिल जाए यह कुत्तिया खेरन कसीरा अल्लाह
[20:36]तबारक व ताला यह में इसको उपलब्ध है उसको बात ये कि
[20:39]क्या मिल जाती है ख़ैरे कसीर बंद कर दो कि यह जो
[20:47]ख़ैरे कसीर है यूं समझ लीजिए कि यह वह चीज है कि
[20:51]पूर्व पर ऑन लें और तमाम जितनी भी तालीम थे इस्लामियां हैं
[20:56]कि शहर विकसित सिर्फ दो ममता बात पर है एक ही कौशल
[21:01]के माना में है और कौशल के माना के अंदर जो कसरत
[21:07]थे खैर है वह हफ्ता इस लव थे ख़ैरे कसीर से भी
[21:11]ज्यादा है कि दैनिक औसत के अंदर जो खैर है और उसकी
[21:16]कसरत है उसको ना धो लें इंसानी यहां था कर सकती है
[21:22]ना अलार्म शुरू को बयान किया जा सके तभी महाराज चला और
[21:28]तस्वीरें को अवसर में आपकी संबंध में आश्वस्त किया बता दे पुत्तर
[21:31]सब्सक्राइब का यह सिर्फ लफ्ज़ों कौशल के अंदर जो कसरत मौजूद है
[21:39]उसे हम और आप तो सबूत भी दे कर सके एक पल
[21:43]कौशल के बाद अगर किसी मकाम पर आना तबारक व ताला ने
[21:49]ख़ैरे कसीर घोषित किया है तो वह मकाम हिकमत का मकान है
[21:53]हुआ है क्रमांक अगर हासिल हो जाए तो समझ लें कि क्या
[21:59]हासिल हो गया है थैरिचेस्ट कि अब खैर एक प्रसिद्ध कौन कराइए
[22:04]गौर कीजिएगा इसको थोड़ा सा तस्वीर में लेकर आएं ताकि बात हम
[22:07]लोगों को समझ में आ सके परवरदिगार कुछ लोगों ने आकर पैग़ंबरे
[22:14]अकरम सल्लल्लाहू अलैही वा आलेही वसल्लम से ने सवाल किया कि इसके
[22:21]बारे में हूं के बारे में भैया सरल ऊना कराने रूप है
[22:27]मेरे हबीब यह सवाल करते हैं इसके बारे में तुमसे रूठ के
[22:30]बारे में सवाल का चप्पल अरु होम नंबर अब ई ई है
[22:34]तो यह विवाह क्या कहते क्यों रुक मेरे परवरदिगार का नंबर है
[22:40]इस पर छाला अपनी जगह बहस है कि याद रखिएगा कि यहां
[22:45]पर इस उससे मुराद हमारी रूह नहीं है कि यहां पर लव
[22:50]जरूर से मुराद हमारी और आपकी भूख नहीं है यार उठ रहेंगे
[22:57]लाभकारक है लवस्ट्रक होता है कि जिसमें एक लफ्ज़ के कई मायने
[23:03]हैं ए पर्सन उर्दू में कि हमारे हाथ ज पहेलियां बच्चों को
[23:07]बचपन में कुछ सिखाया करते थे तो वहां पर अक्षर पहले दिव्या
[23:10]ज्योति क्लब से मुस्करा के ऊपर भिन्न होती थी मसलन एक पहेली
[23:17]बन जाती थी कि एक लव में जवाब दो कि मसलन समोसा
[23:23]क्यों ना खाया और जूता मारा क्यों ना पहनना दोनों का जवाब
[23:26]एक होना चाहिए सब फालतू ना खाया और जूता क्यों ना पहना
[23:33]अब इसका जवाब क्या है ताला न था अब तालाब लव ख्याल
[23:38]यह सुलभता उत्तर रखें अगर टलने से हो तो समोसे के लिए
[23:41]है कि समूह तलवार नहीं था और अगर 10वें से हो अलावा
[23:46]तो जूते के लिए है ज्यादा लाभदायक तलाश मुस्तरा है और हो
[23:49]सकते हैं इसके लिए और माना भी उधर इससे ज्यादा लव अफेयर
[23:54]चला यहां पर लंबे मुस्करा के जूस के द्वारा गलत माना है
[23:57]मैं इसको आदि में कैसे लगे तो उस तरह और इस तरह
[24:01]फैल पास है व्यास व नहीं आना चाहता हूं ज्यादा गुलाब जामुन
[24:06]स्ट्रक जितने भी हैं उन सबके लिए मैं तरीका प्यार क्या होता
[24:15]है कि अगर आप उनको मुक्त लिप्स जब तक आपके पास करीना
[24:19]ना हो उनसे कोई दूसरा माना नहीं समझा जा सकता लव जरूर
[24:21]के प्रति माह मैं संभाल लूंगा एक मानव फर्स्ट डे का नाम
[24:26]है द नज़र उन मलाइका रूबरू अल्लाह ताला शब-ए-कद्र में मलाइका और
[24:31]उनको दूर करता है तो मलाइका यहां पर करीना है तो यहां
[24:36]पर हूं कौन है फर्स्ट में से एक है पर इस तरह
[24:40]ज्यादा जब पूछा गया कि मामला फरमाया कि अल्लाह एक का बेसिक
[24:42]तमाम फरिश्तों के लिए है लेकिन फिर रुक रुक तरीन फर्स्ट है
[24:49]कि जिसके लिए हो सकता है किसी शहर में यह बात बाकि
[24:54]रह जाए कि पता नहीं वह फर्स्ट अनादर होता है या नहीं
[24:55]तो अल्लाह तबारक व ताला ने उसका अलग से धोकर फरमाया तरफ
[25:01]जरूर मलाइका तो वह कि इस मुकाम पर इतिहासकारों ने कहा ने
[25:07]वह बिल्कुल और होम विनम्र रबी यह बता रहा है कि यहां
[25:10]पर खरीदा जरूर यहां पर अल्लाह तबारक व ताला क्या आप माध्यम
[25:18]से एक नाम रहे और वे साफ-सफाई तो बुद्ध खेतों शहर में
[25:21]रूह जब मैं इसको मुस्तैदी कर लूं उसको खड़ा कर लो और
[25:26]फिर इसके अंदर अपनी रूप को खून आप के रूप में से
[25:30]कूड़ा तांबूल अनुसार यदि वह सब कुछ हो सकता करना है इस
[25:34]प्रकार पर तरीके से मालूम हो रहा है कि यहां पर जो
[25:36]भी है उससे मुराद हमारी गुरु है कि हमारे अंदर हात का
[25:41]जो वक़्त और हालात का बाय से ज्यादा लाड यह जो बता
[25:47]दें कि जहां पर फरमाया कि बोला रूम नंबर 20 फरमाया वह
[25:49]चीज तुम मैंने लेवल में इलाका लीला और तुम्हें जो फिल्म दिया
[25:56]गया है वह क्या है देहातीत अनिल सहगल में अब प्रभाव फरमाते
[26:00]हैं कि हे उसे बुरा झाले का नहीं बल्कि था या मत
[26:08]तक इंसानों को जितना फ्रिल दे दिया गया है वह सारे ऑयल
[26:10]को नजर में रखते हुए प्रबंधक आरके वर्मा रहा है वह मां
[26:17]होती है तुमने रेल में हिला चलिए आज अगर हम उडूम की
[26:22]शाखाओं को गिनना गिरने के लिए बैठे हैं वॉल्यूम की ब्रांच इसको
[26:25]करने के लिए बैठ जाए तो हम उसका यह आटा नहीं कर
[26:30]सकते कि किताबें लाइब्रेरी गुस्सा जुड़ा तो सपोर्ट कर ले तो आज
[26:35]तकरीबन कोई इंसान ऐसा नहीं होगा जो स्किन का के हाथों कर
[26:40]सके लेकिन परवरदिगार ने किसानों के लिए क्या फरमाया कि अल्लाह बहुत
[26:43]ही थोड़ा सा गिल्ट में था किया गया अब कयामत तक फिल्म
[26:48]और कहां पहुंचे तो इसका जिम्मेदार नहीं है लेकिन वह सारे का
[26:52]सारा ऑयल मददगार खुर्द किया है सलीम साहब गौर कीजिएगा अगर कितने
[26:56]एल्बम के लिए अल्लाह ताला फरमा रहा है कि कल है और
[27:00]उसके मुकाबले में फिक्र मत के लिए परवरदिगार यह कहे बता दूं
[27:06]टीचर फ्रंट अतिरथी इसमें चेहरे कशीर है तो जिसका कलील इतना ज्यादा
[27:10]हो उसका प्रसिद्ध कितना ज्यादा होगा ना को ज्यादा खड़ी महिला और
[27:17]फिर मनचला के गुणों की तरफ जो है मसूद आगे बढ़ किसी
[27:19]हिकमत के लिए क्या फरमाया मैंने आज किया उक्त इंसान कितना उसका
[27:25]जप तप किया ना हो यह एक मत उसके अंदर कभी भी
[27:29]ठहर नहीं सकती ज्यादा दूसरी ज्यादा उसे क्या पर मेघवर्ण मैं जो
[27:32]शख्स अपने बालों को खुदा के लिए 40 दिनों तक पॉलिश कर
[27:38]लेता है बात कर लेता है साफ कर लेता है परवरदिगार उसकी
[27:44]जवान थे फैक्ट मत के चश्मों को जारी कर देता है के
[27:47]लहरदार छिड़काव रखे का हुकूमत का जो असल में लंबा है वह
[27:54]किताबे नहीं है बल्कि अमल है और अमल में भी जब तक
[27:58]आम अलग तरह के लिए खाली ना हो और नर्स जब तक
[28:02]पाकीज़ा ना हो फिक्र मत उसमें ना आ सकती है धुम्रपान से
[28:04]जारी हो सकती है ज्यादा 40 दिन तक अगर इंसान मुश्किल समय
[28:09]लल्ला अमल को अंजाम दे तो परवरदिगार फरमाया रिवाइज में क्या कि
[28:13]परवरदिगार उसकी जवान सहित मत के चश्मों को जारी कर देता है
[28:19]ज्यादा ही हुकूमत को अपने वुजूद में लाने के लिए जरूरी क्या
[28:26]है अपना तकिया करना यह कीमत है जिसे कहा गया है कि
[28:33]मत आ कि यह हमारे हाथ केक और स्टेला हमें इस्तेमाल होने
[28:35]लगी ग्रिल में संस्था के लिए कि फिलॉसफी जो एल्बम है यह
[28:43]बुनियादी तौर पर आया है यूनान से इस नाम के साथ बुनियादी
[28:46]तौर पर फलसफा क्या है फलसफा किसी भी चीज की स्टफिंग करते
[28:52]ही इज्जत को जानने का नाम है है और यह चीज चुके
[28:58]इंसान के अंदर अल्लाह तबारक व ताला ने जुटी कैफियत को रखा
[29:05]हुआ है इंसान हर चीज की हकीकत को उसकी मां इज्जत को
[29:07]जानने की त्यों है ऐसा कैसे हैं ऐसा क्यों है यह हमेशा
[29:12]जानने की कोशिश इंसान के अंदर मौजूद रहती है अब आप और
[29:17]कि देगा कि बच्चों में चुके खूब वायरल न सानिया कमजोर होते
[29:23]हैं है और मुघल अपना होने की वजह से उनके अंदर इस
[29:26]मत की कूवत को शिद्दत के साथ पाई जाती है लिहाजा इनके
[29:31]पुरुष वेल मोहित मत कीजिए कैफियत हुए शहीद हुए कि हम और
[29:38]आप मसलन जो हेग उम्र के खास हिस्से में आ जाते हैं
[29:45]याद रखिएगा अगर हमारे शहरों में सवाल नहीं उठ रहे और हम
[29:47]चीजों की हकीकत को जानने की तरफ हमारे अंदर नहीं है तो
[29:53]इसका एक माना यह भी होता है कि हमारा लव हमारे ऊपर
[30:00]वाले को कि हमारे गुना हमारे कल और हमारे दिल की राह
[30:03]में रुकावट पर है है याद जिस इंसान के अंदर चीजों को
[30:12]जानने उनकी मां अहमियत को समझने और यह समझने के जिसके बूथ
[30:14]के अंदर सवाल है और पैदा हो रहा है यह अलामत है
[30:19]इस बात की क्यों स्किन अब इसके अंदर कहीं ना कहीं पाकीज़गी
[30:25]मौजूद है और की तरफ इस बात की अलामत दर्द ज्यादा यह
[30:27]बच्चे जो अक्सर सवाल करते हैं आप किसी क्यों क्या कैसे इसका
[30:32]नाम है फलसफा इसको मालूम करने का उसकी हकीकत को जानने का
[30:38]नाम है फ़लसफ़ा यूनान के ओलंपिया ने इस फिल्म के लिए कुछ
[30:42]उसूल मृतक लिए उन्होंने इसके ऊपर काम किया और कुछ ऐसे बुनियादी
[30:49]वॉल्यूम है कि जिन्होंने इस्तेमाल किया अलबत्ता हमारी एक बहुत ही अलबत्ता
[30:54]बेनेफिशियल कहूंगा कि आर्थिक स्थिति ठीक है कि जिससे अलबत्ता यह बात
[30:57]साफ है अलबत्ता दूसरी जाएंगे यह बात साबित है कि दुनिया में
[30:59]जितने भी वॉल्यूम और जितने भी टेक्नोलॉजी है उनका असल जब लंबा
[31:06]है वहीं वॉइस मेल जितनी भी दुनिया में टेक्नोलॉजी सही है इंसान
[31:09]जितनी भी तरक्की की है हर टेक्नोलॉजी और हर तरह की के
[31:16]पीछे कोई ना कोई न भी मौजूद रहा है फिलहाल हम अदृश्य
[31:19]इधर यह से अल्लाह तबारक व ताला में कपड़ों को सीने की
[31:23]जो टेक्निक सेवन सांस तक हुं मैं इसी तरह से हाथ रखे
[31:28]दाउद के जरिए अल्लाह ताला ने लोहे को नर्म करके इस्तेमाल करने
[31:32]की टेक्नीक हज़रत दाउद मुख तरह ज्यादा लोगों के तरीके से कश्ती
[31:38]बनाना इसी तरह से बहुत सारे आर्डर मार्ग के जरिए से नकारा
[31:41]कविता ने बहुत सारे ऑफर पैग़ंबरे अकरम सल्लल्लाहू अलैही वा आलेही व
[31:46]सल्लम कि आपका जो मौजूदा है वहीं के एल्बम हिकमत कम और
[31:56]ज्यादा ज्ञानी प्रांत कि इलाहाबाद यूनान में दिन फ़लसफ़ा जो अतिथि और
[32:01]इसको मामले में अव्वल कहा जाता है अरस्तु कि अरस्तु के बारे
[32:08]में अक्षर मुहावरे टीम का कहना यह है कि गैर मुमकिन है
[32:13]कि अरस्तु कोण अभी आएंगे इलाही में से हो कि जिम का
[32:15]नाम हम नहीं जानते हैं ताकि 124000 अभाव में सिर्फ चित्रों का
[32:22]नाम जानते हैं में बहुत अगर आप लोग लगा लेंगे तो 15
[32:26]20 से ज्यादा हम भैया के नाम हमें मालूम नहीं है कुछ
[32:29]तो बात थी जो 1 लाख 34 हजार में सर्बिया है अपने
[32:33]कुरान पढ़ना पहले खुले पांडे ने हाथ हमने हर कौम के लिए
[32:38]हाथी और न भेजा है इससे यह बात समझ में आती है
[32:42]कि इन थे यूनान की पंप के लिए पर लाने कोई ना
[32:42]कोई हाथ जोर कोई न भेजा होगा के बारे में क्यों यह
[32:47]बात कही जाती थी जो है वह नबी है इसलिए कि अरस्तु
[32:54]की है उसका दो फ़लसफ़ा है उस पर जो अठवाल है फल
[32:56]सबसे भेजो उसका काम है मांस की जगह सुकरात अरस्तु सुकरात सुकरात
[33:02]के लिए कहा जाता है कि हम बिहार में से होगा आप
[33:04]सुकरात के लिए क्यों कहा जाता है इसलिए कि सुकरात की हिकमत
[33:08]हैं इसको प्राप्त का रेल सुकरात में जो किताबे और फ़लसफ़ा के
[33:14]जो कुसूर उसने मृतक किए हैं उनको सामने रखते हुए कोई भी
[33:16]सुकरात के बारे में यह नहीं कह सकता कि यह आदमी को
[33:21]निभाना होगा कि क्या यह सब झूठ बोलने वाला होगा उसके बारे
[33:23]में यह देखा जा सकता अब जब ऐसा रक्षक यह कहता है
[33:27]कि मुझे कोई आवाज सुनाई देती थी जो मुझे की हिदायत करती
[33:33]है तो मुझे की रहनुमाई करती है मेरी टिप कि सुकरात के
[33:36]जुमलों में यह जितने भी मिलते हैं कि इस जुमले से लोगों
[33:43]ने यह किया है कि वह आवाज दोस्तों सुनाई देती थी तो
[33:48]यकीनन रही होगी और उनका ने इस चीज का क्योंकि जो आयत
[33:49]वहीं को बयान करती है उनमें से एक वहीं के कसम भी
[33:53]क्या है आवाज का मंदिर आए हजारों आना यदि किसी सोच के
[33:58]बगैर आवास का आना यह वही के सामने से कसम है ज्यादा
[34:03]लोगों ने इस बिना के ऊपर इसको तसव्वुर के एल्बम यकीनी तौर
[34:05]पर नहीं कह सकते कि सुकरात न भी चाहिए नहीं लेकिन अंतरराष्ट्रीय
[34:11]फिल्म और उसकी जो कैफियात है उससे सब लोग मानते थे कि
[34:14]यह मुसलमानों में एंटर कहां से हुआ यह मैंने पिछलग्गुओं मैं आपके
[34:19]समक्ष प्रस्तुत किया था कि जब बंद हुआ पास के बाद फलसफा
[34:26]जो दुनिया को बदला है और उनके बारे में क्या लिखे हैं
[34:27]उनके चाहने वाले के लिए बड़े एवं दोस्त लोग से अ है
[34:32]जबकि मैंने पिछलग्गुओं हूं मैं आपके साथ प्रकाशित किया था खबर 951
[34:38]यह बात चार्ज नुकसान हारून और महमूद का आखिरी नाम आता है
[34:41]यह इन्होने फ्रिल दोस्ती में यह काम अंजाम नहीं दिया थे बल्कि
[34:47]इन्होने अहले बैत दुश्मनी में यह का मर जाती है हां जब
[34:49]क्या था इन बादशाहों का हद तक यह था कि कोई एल्बम
[34:53]ऐसा हाथ आ जाए कोई चीज ऐसी हाथ आता है जिसका जवाब
[34:58]पहले बैक ना दे सके असलहा दत्त लेता अब लास्ट बात है
[35:03]अपने जितने भी एल्बम थे आरंभ में बुझाने में वह सारे के
[35:05]सारे ऐसे थे जिनमें से अक्षत चलेंगी अहले बैत के दरवाजे से
[35:10]फसल व पौराणिक कथा रहेगी पहले बैक के दरवाजे से हदीश पहले
[35:13]बैक से ज्यादा पैगंबर को घरवालों से ज्यादा पेन नंबर को जानने
[35:19]वाला कोई नहीं अगले टेस्ट ज्यादा हदीस करीब रखने वाला कोई नहीं
[35:22]अगर आप दब्यात कि आप उन लोगों की बात करते हैं तो
[35:27]जितने भी वॉल्यूम है वह मलाइका इंच लेंगे बाद बेबी जितने ओं
[35:29]थे हफ्ता तारीख के बारे में जो असल बुनियादी में का थे
[35:33]वह मलाई का इलाज के दिए हुए हैं बाकी जितने भी वॉल्यूम
[35:36]नजर आते थे वह सारे के सारे दिमाग में और बकरा तो
[35:41]सलाम वालेकुम मुजफ्फर सादिक अली सलातो सलाम के पास तमाम उम्र का
[35:51]जो मांस जो नंबर से पहले बेहतर है दूसरा इन के दिनों
[35:58]में ही पैदा हुई कि हम कोई ऐसा सिलसिला कोई ऐसा ही
[36:01]पकड़कर लेकर आएं कि जो ने Bigg Boss को कमज़ोर कर सके
[36:07]या नहीं तो कोई चीज ऐसी लग जाए तो कि दादा दफन
[36:13]को पता लगा कि जूनागढ़ में बड़ा के अनुसार किसी जमाने में
[36:18]बड़ा काम हुआ हो पड़े अजीबोगरीब किस्म के फलों में वहां पर
[36:20]प्रयास सीईओ और फ़लसफ़ा और मन तेज और यह सारी चीजें जो
[36:27]इन्होंने हिसार में के हंस अफेयर का और यूनान का एल्बम आने
[36:30]के बाद भी हो सकता है कहने बोतलें मुच्छड़ आपको सलाम किसी
[36:34]मसले का जवाब न दे पाए और हम इस तरीके से पहले
[36:39]बैलेंस रात को सलाम को जीत कर सकें ज्यादा एक लहर चलाई
[36:43]गई वह गहरी चलेगी वह बार फिर से स्वागत करता हूं क्या
[36:45]थी कि जो भी तर्जुबा करेगा किताब के वजन के बराबर उसे
[36:53]सोना मिलेगा अ है अब यह जो इंसेंटिव गए यह जो मुहूर्त
[37:00]है यह शहर एल्बम हरेक है मतलब अगर आज यहां पर ऐलान
[37:01]कर दूं आपकी मस्जिद में के दफन किताब का अगर किसी ने
[37:05]की अश्लील किताबों का किसी ने कर्ज माफ किया तो मैं किताब
[37:09]के वजन के बराबर सोना दूंगा तो शायद आपने इसे भी हर
[37:10]कोई इस कोशिश में लग जाएंगे यार हम विकास किताब को जमा
[37:15]कर दें क्योंकि किताब के वजन के बराबर सोना कुछ छोटी चीज
[37:19]नहीं है लेकिन नतीजा क्या निकलेगा नतीजा यह निकला कि जो तर्जुमा
[37:22]होगा वह गै़रिल बी तर्जुमा हो गया जेल भीतर जमा होकर पहुंचा
[37:29]तो इसमें जो खराबी भला दे इस्लामिया में फैलाना शुरू की उसका
[37:33]नतीजा यह निकला के बजाय फायदा होने के और ज्यादा नुकसान होने
[37:38]लगा और ऐसे शरीर के मेहरा फैलने लगे कि आप गौर कीजिएगा
[37:41]इसी वजह से इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम को सलाम [संगीत] कि हजरत को
[37:50]आंवले में आले मोहम्मद चुका जाता है हजरत को आंवले में आले
[37:55]मोहम्मद इसलिए भी कहा जाता है कि आप के दौर में सबसे
[37:57]ज्यादा ईंधन उपलब्ध कहा जाए तो इंटरनेशनल लेवल के मुहावरे हुए क्योंकि
[38:04]आप बातचीत शरीफ उत्सव सुपर पावर है और पूरी दुनिया जो अलार्म
[38:07]को इकट्ठा करके इमाम से क्या करा थे मुहावरे तो यह इनको
[38:12]ज़माने के इंटरनेशनल घटना के बाद रहे हैं बस इमाम के निर्धारित
[38:15]सलातो सलाम के सोमनाथ रहे हैं उनकी बड़ी तादाद और सारे के
[38:21]सारे अपने जमाने के इंटरनेशनल लेवल के उन नजरें ही क्यों होते
[38:23]थे उन्हें गहरा था कि की वजह से होते थे जो इंच
[38:27]की बेवकूफी की मदद से पैदा होना शुरू हो गए थे लेकिन
[38:32]आगे चलकर क्या हुआ लाभ की तरफ तक बनना शुरू करें कि
[38:34]वह ऊपर अहले बैत के बगैर थे उनके साथ भी कुछ लोगों
[38:38]ने बिलासपुर इन वॉल्यूम को पढ़ने के बाद कुछ न कुछ हासिल
[38:42]किया और कुच ना कुच अपने तौर पर लोगों के सामने पेश
[38:44]करने की कोशिश की पूरा सिलसिला है वह करें प्रॉब्लम है हर
[38:49]आदमी का नाम उसमें और बहुत सारे नाम है जो उस पर
[38:53]आते हैं कि जिन्होंने इन्हीं उनके ऊपर कोशिश की और अपने व्यक्तित्व
[38:56]को आपको यह बहुत सारे चीजों का जवाब देने की कोशिश की
[39:03]लेकिन हम दिन-रात जो भी इस मैदान में उतरा था जब उसको
[39:05]बात ध्यान हे बिदाई तो उसने आकर है बैटरी मुशर्रफ को सलाम
[39:09]के दरवाजे पर सर टिका दिया और वह यह मानने पर मजबूर
[39:14]हो गया आप यह की तरफ में अगर हिकमत का कोई लंबा
[39:15]है तो वह व्यक्ति ने मुशर्रफ को सलाम के सिवा कोई नहीं
[39:20]है कर दो है अब मैं हिस्ट्री फॉर थे में नहीं करूंगा
[39:29]कि पहले मशरूम कौन-कौन से व्यक्ति पर कौन-कौन से आप रात मशहूर
[39:35]नामों से फ्राई करना है मैंने अपने सीने का नाम है इनमें
[39:37]से बहुत सारे अलार्म कितने सीना में एक जने वह आउटस्टैंडिंग नाम
[39:44]था अब यह एक अलग बहस है कि हमारे हां हो चुके
[39:47]इराक तकरीबन 500 साल के बाद पता होने के बाद दूसरी खिलाफत
[39:53]में इरान फटा हुआ और उसके तकरीबन 500 से 600 साल तक
[39:55]इरान वह ऐसे सुन्नत मजा आ रहा उसका लेकिन पांच साल के
[40:01]बाद को सिया हो गया उसकी गुहार सब चीजों का प्रमुख अभियुक्त
[40:05]का या लेकिन जब सिया हुए हैं तो आप से लेकर तब
[40:07]से लेकर आज तक चिरांग और हम आपको बतौर एहसास दुनिया ए
[40:12]फेल हुए दो कोशिश किया जाता है क्योंकि अधिग्रहण किया चाय पिलाना
[40:16]घर जाकर देखेंगे तो अहले सुन्नत में भी इब्ने सीना का नाम
[40:22]बड़ी मुश्किल से उम्र के अंदर से बाहर निकलता है इसी तरह
[40:26]से मूल नक्षत्र का नाम लेते हुए तो आम उनकी बेचैनी का
[40:28]आलम है और आप उनके मौलवी अशरफ ने उनके नाम डब्लू से
[40:32]मूल नक्षत्र का नाम बड़ी मुश्किल से निकलता है ए मुन्ना ससुराल
[40:37]जिन्होंने समझ लिया तांत्रिक की ऐनक तरफ गौर कीजिए कि अल्लाह ताला
[40:41]उस कल में रेल मौको नहीं उतारता जिसमें जरा सभी मैन हो
[40:49]और तास्सुब जैसा को कचराघर किसी का एल्बम में मौजूद हो और
[40:52]फिर वहां एक मतदाता यह नामुमकिन है कि राधा हम इसको विद
[40:58]आर्य हमारा चैलेंज है अल्हम्दुलिल्लाह मत कब पहले बैक से जो हकीम
[41:02]और फलसफा और रफ्तार दुनिया में निकले हैं किसी और पर नहीं
[41:08]निकले कि नहीं निकले हम चैलेंज बाद हमारा आज के दौर में
[41:13]जब तक पूरी दुनिया को चयनित कर रहा हूं ना तब आपको
[41:16]मिलेगा और दबा की छुट्टियों के बराबर को मिलेगा जिन्होंने किया है
[41:28]इसका इजहार करें या ना करें है अपने मोबाइल का इलाज के
[41:33]पुतलों को बुला ले गए नथ के नामों को मुलाकात की हिट
[41:38]बातों को पढ़कर यह इस मुकाम पर पहुंचने की जम्मू खोलते हैं
[41:40]तो इनके अंदर से कुछ न कुछ काम की चीज निकल जाती
[41:43]है लेकिन वह जो और नफरत का यादव है कि कभी भी
[41:47]बना दें अमित का नाम नहीं लेते वरना यह जितने भी अपराध
[41:50]है इनमें से कोई भी नहीं की जिंदगियों में सेटिंग की तालीम
[41:53]में से आप अगर मलाकंड आपको में नहा कर दें तो शिवाय
[41:57]जहालत के बाद कुछ भी नहीं हुआ ए बिग बॉस की वजह
[42:00]से आप नहीं करते हैं कि हम नगर मौला-ए-कायनात का नाम लिया
[42:04]तो हमारी क्लिक हमसे दूर हो जाएगी मैं कहता हूं कि ऐसी
[42:06]शहर के ऊपर लाना थक जो अली की मोहब्बत के बगैर हो
[42:11]ज्यादा हमारा चैलेंज है बिल्कुल सॉफ्ट तक चले थे आज के दौर
[42:15]में भी आज तो लगवा दिया बल यहां पर दो उबला हुआ
[42:17]है तो अल्लाह कि तुम खुद रहे हों तो को दुरुस्त पड़ेगा
[42:25]इकट्ठा आंवला दबा शरण में थिस आईएस लव स्पाई वैस्टीज वैस्टीज शक्तियां
[42:31]आपको तरह पर मौसम कैसा है कि इस वक्त आपको कहीं नहीं
[42:36]मिलेगा एम समय नहीं जैसा हक यह इमाम खुमैनी के सहारे चैलेंज
[42:39]पूरी दुनिया को दिमाग जैसा कि मैंने जैसा मैंने जो हम की
[42:49]तस्वीर की है उसको समझने के लिए कि आपने जो शहर की
[42:56]तब स्क्रीन की है उसको समझने के लिए सिर्फ सरकार ही ज्यादा
[43:01]इस बात का आप इन तमाम लोगों में दौर से लेकर अब
[43:08]तक में अगर किसी को कहा गया है किसी को कहा गया
[43:14]है तो अ है अब आप अंदाजा लगाएं कि यह शक्शियत मुल्ला
[43:17]ससुराल फिल्म रोहित मत और फल सफिक्सेस मकाम पर पास होगा कि
[43:24]इन तमाम अपराधों में आई एम से लेकर मौजूदा दौर तक की
[43:26]अबतक के बीज अपराध है वह दबी मुलास अदरक का जिक्र करते
[43:32]हैं तो क्या कहते हैं शत्रुओं पहेलियां इलावा ही फल सबसे पहला
[43:35]ही हिट मत का जो सदर है उसका जो चीज है उसका
[43:39]जो सबसे बड़ा है वह कौन है मुलाकात रखना सकरा कौन है
[43:44]शत्रु दीन मोहम्मद अपने यह बड़ा ही राशि राशि बुनियादी तौर पर
[43:47]आपका ताल्लुकात से था खुशी राष्ट्रीय मैं आपको मशहूर गलत किया गया
[43:55]वह बोलना संग्रह और शत्रुघ्न हद तय है लिंग का मतलब क्या
[43:58]है वह तो अल्लाह ही नुव्विला से है वह लोग के जो
[44:04]अल्लाह की इश्क में और अल्लाह की तरफ जाने वाले फ्रेम और
[44:10]फल सफेद हुए दरद यह क्रिकेट में डूबे हुए हैं उनके लिए
[44:13]लाभ इस्तेमाल होता है इन सबको अच्छा घर का मुद्दा 17 का
[44:18]कमाल किया है हमला 17 का कमाल यह है कि आपने कुल्लू
[44:24]में अकेली और नकली नकली फ़लसफ़ा नकली वहीं और कछुए के जो
[44:27]मर जाते हैं और मल में है उनको इस तरीके से दूसरे
[44:31]में जाकर धमकियां है यह एक अ ज्ञानी जो अब तक समझ
[44:37]लेंगे इस सुकरात रोक लाख से लेकर और आज तक जो फल
[44:40]सपने में उन्होंने रख लीजिए यह क्या होता है जब तक आप
[44:42]उल्लू में अवधि में उन्हें बाह्य या नहीं को जब नहीं करते
[44:46]तब तक आप की बात लेखक तक प्रवास करती है उसके बाद
[44:50]प्रभावित नहीं करती है का रस महादेव के जहां पर आकर आपको
[44:57]कि प्रभाष खत्म होती है और कल की प्रभाव शुरू होती है
[45:00]ताकि प्रभाव जून में वह यानी उन्हें में शूद्र टेस्ट के जरिए
[45:07]से आगे प्रवास करती है गुर्दे तारे से कुंकुम और फल सपने
[45:10]में कोई और हंसती ऐसी नहीं थी कि जिस हंसती में आकर
[45:16]इन दोनों चीजों को धमकियां हो और हिकमत और वही को आपस
[45:20]में एक दूसरे से जंप करने के बाद नतीजा निकाला हो ज्यादा
[45:23]आपकी जो मशहूर तरीम किताब है जिसका नाम आपने हिकमतें मुक्त हालिया
[45:31]मुख्यालय का मतलब क्या है हालांकि अल्लाह तबारक व ताला से वह
[45:33]71 फलसफा के जो इला ही मत और फलसफा है कि यह
[45:38]आपने किताब लिखी फिक्र मत देवता आलिया है और किस किताब में
[45:47]आपने पूरा नाम है इसका अलग खत्म अतुल मुक्त करा लिया पीसेस
[45:50]सारे नकली तेल और बार फिक्र मत दे इलाइची मुताबिक यह एक
[45:57]महिला या इलाही फ़लसफ़ा इलायची तेल किस चीज में फेस पर नकली
[46:02]अतिलाभ अतुल 114 अखबार चार सफल अभिनेता लुट सबसे कमजोर रहेगी इस
[46:13]बारे में क्या है लेकिन इन सारे अरीबा के जरिए चार सफर
[46:18]है Dual सामने तय करने हैं अगर यह चार सफल सही मान
[46:20]आत्महत्या कर ले तो इंसान खुदा तक पहुंच जाता है कि यह
[46:25]400 पर अगर इंसान तय कर ले तो खुदा तक पहुंच जाता
[46:32]है तो पूरी किताब आपने इसके ऊपर देखिए और आखिरी उसमें निष्कर्ष
[46:35]करूं आपके समझते हैं जिंदगी ना माइन साला कभी मैंने आज से
[46:38]मुकद्दमा बनाया ताकि आपको मुलाकात सदरा की अहमियत वेब पहुंचा सकें ज्यादा
[46:49]उत्साहित कब खत्म तैयार किया वह इसीलिए था फ़लसफ़ा चमकता हुआ था
[46:52]वहीं से लिया था ताकि आपको यह बता सकूं कि एल्बम एक
[46:58]बात और फ़लसफ़ा की तकरीबन चार हजार साला तारीख मैप वाहिद शक्शियत
[47:02]के जिसने बेलवर हिकमत को के अल्लाह तक पहुंचने के लिए बाकायदा
[47:09]एक तरफ से कुल मिलाकर लिया को फॉलो व्याधि के साथ दुष्कर्म
[47:12]करके आप सिर्फ प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस के साथ किसी ने प्रेसिडेंट किया है
[47:17]उसका नाम शुरू होता है हलीमुल्ला सधी को बुला शाहदरा के बारे
[47:25]में बस एक बांसुरी दुबला किस्मत बाथरूम फिर आपकी जरूरतों को तमाम
[47:29]को इसकी तमाम महेश कुमावत अपनी इस तमाम उम्र की कुदरत के
[47:37]साथ मुल्ला शाहदरा आप कहां रहते थे कहा था रहस्यों वसुंधरा की
[47:42]काफी अरसे तक हो रही कहा कि में कहां-कहां पर है का
[47:46]हक हमसे तकरीबन 250 30 किलोमीटर के ऊपर एक छोटी-सी अवधि का
[47:54]है है और बोला सदरा की सवाने हयात में यह बात मिलती
[47:56]है जुमला सदरा जब कभी किसी ऐसी फल सफेदी डाल बहस में
[48:03]फंस जाते थे के जिसका उनको क ििए के मकानों के भाव
[48:10]तो कई सोचना से सोचने के बावजूद भी जवाब नहीं मिलता था
[48:15]कि ऐसे मामलों में फंस जाते थे जो उनके लिए तांबूल हल
[48:17]नहीं होता था तो का हाथ से ओम पैदल आते थे और
[48:23]सीधा कर हज़रत मासूमा सलामुल्लाह अलैहा कि शरीर पर खड़े हो जाते
[48:26]थे और उस वक्त तक खड़े रहते थे जब तक हज़रत मासूमा
[48:31]सलामुल्लाह अलैहा कि तरफ से उनको जवाब वसूल नहीं हो जाता अब
[48:37]आप देखिए कि मेरे जैसा अगर को जाहिल आप जिस तरह की
[48:39]बात करें तो आप कहेंगे यार अपने सौरभ के लिए इस तरह
[48:44]की बातें कर रहे हैं शत्रु का हल वहीं के जिसका एक
[48:48]मत फ़लसफ़ा और जिसकी किताबें यह सारा कुछ यह साबित करती है
[48:54]कि याद भी झूठ बोलने वाला आदमी ने कि वह अपने तमाम
[48:56]मेहनत और को अपने तमाम चीजों को बिना वजह किसी के नाम
[49:00]पर क्यों करेगा उसका एक तैराक यह बता रहा है कि उसने
[49:05]भी अपने अंकित हर आज जिस पर बाजार से भी है उस
[49:06]दरवाजे का नाम है मासूमा सलामुल्लाह अलैहा हां तुमसे हजरत के दरवाजे
[49:11]से आपने आकर यह सारे वॉल्यूम और यह सारी चीजें हासिल की
[49:15]और इस प्रकार है यह उबला संग्रह का कि वह यह कहते
[49:19]थे कि मुझे तो कोई मसला हल नहीं होता था तो मैं
[49:20]आकर बीवी के दरवाजे से फिल्म की सह रात को लेकर जाया
[49:26]करता था एक अलार्म सेट कर दो यह दावा करते हैं प्रबंधक
[49:31]आरके हुजूर में के बारे इलाहा व्यक्ति मोहम्मद वाले मोहम्मद रहमत पे
[49:35]लाखों सलाम हमें बेल मोहित मत हासिल करने की तौफीक हिदायत फर्म
[49:38]आप हमारे कुरूप को भी बारे इलाहा पाकीजा वर्मा हमारे रूस का
[49:45]तकिया वर्मा ताकि हमारे फ्लॉप फिल्म और हिम्मत के काबिल हो सके
[49:48]तुझे वास्ता है फिर हफ्ते शाह रा बाह भाई बाह बाह बनी
[49:53]हां आप तमाम हुकूमत तमाम हिकमतों के हटी के बारिश के मामले
[49:58]में ज़मानत सलातो सलाम के शुरू में ताजी शर्मनाक ताकि दिन के
[50:02]लिए खास माना से वक्त जो बाद रवायात के बता देख सन्न
[50:09]320 हिजरी हमारी और 11 अप्रैल तारीख है जिसमें वह बच्चे कुरा
[50:13]यह मुसलमान शत्रुओं सलाम का ह्रास हुआ है ज्यादा आज की तारीख
[50:20]खास तौर पर मजबूर है हजरत की अधिक खुराक या बाढ़ से
[50:22]दुआ करते हैं परवरदिगार परचम लहरा अभी हम अपने लिए हम अपनी
[50:26]हां हजरत की इस 1200 क्षेत्र ब्लुटूथ पैक परवरदिगार पर हफ्ते चेहरा
[50:32]भाभी अ परिहार ने मालती मुश्किल को बर्ड तरफ वर्मा उनको इसे
[50:38]जरूर लेना है फर्म आप ताकि वह इस सारे जुल्मों सितम का
[50:43]दुनिया से खाते बात कर सकें इन किताब ले सके अपनी दादी
[50:45]चला बहरा इंतकाम रह सके कर्बला आप हजरात हाई ब्लड प्रेशर रात
[50:50]को शराब से लेकर आज तक के होने वाले तमाम जुल्मों का
[50:52]इंतकाम ले सकें दुनियां तो आप लिरिक्स आफ से भर सके बारेला
[50:57]हफ्ते नेहरा व भी हार्बर पहले हम अपनी आप तमाम मुस्लिम अपने
[51:03]सामान में रख कमाल है महाराज साहब की हिफाजत फरमा आप हम
[51:06]सबको इमाम हसन अलैहिस्सलाम को सलाम के अनुसार परीक्षा होने की तौफिक
[51:12]अता फरमां तरफ बनाता बिल भरना इन नरकास जमशेदपुर अनुमति का यह
[51:16]खबर रहेंगे है
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