Volgende
1 Bekeken · 25/07/05
0 Bekeken · 25/06/29
0 Bekeken · 25/07/03
6- وجود خالق اور صانع کا اثبات ( برہان علیّت) - حجة الاسلام شيخ محمود حسين حيدري
0
0
1 Bekeken·
13/05/12
کائنات خودبخود وجود میں نهیں آسکتی هے, نه هی کسی مخلوق نے اسےبنایا هے , لهذا اس کائنات کو خدا کی ذات کے علاوه کوئی اور نهیں بنا سکتا هے. مزید باتوں کیلئے ملاحظه فرمائیے...حجة الاسلام شيخ محمود حسين حيدري
Laat meer zien
Transcript
[0:10]हो हो कायनात के खालिक और सनी का इस बात जैसा की
[1:26]आप हजरत के लूं में है इससे पहले वाले दर्श और सबक
[1:30]में ये बात बयान हो चुकी है कायनात के बड़े में दो
[1:39]नजर पे जाते हैं एक नजरिया मध्य परस्तों का जो कायनात को
[1:48]माता समझना है जिसके लिए खुदा गालिब और सनी की जरूर नहीं
[2:03]इंसान बहुत से वजूद में आता है इस दुनिया में कुछ दिन
[2:14]जिंदगी करता है मा जाता है और फिर फरार हो जाता है
[2:17]यह कायनात के बड़े में तसव्रे कायनात के बड़े में कायनात के
[2:32]बड़े में मां की तसव्वर रखना वालों का अकीदा ये है इंसान
[2:35]खुद से वजूद में आता है जिंदगी गुजरा है मा जाता है
[2:42]और फना हो जाता है ना किसी खालिक की जरूर है मैं
[2:45]किसी सनी की जरूर है ना किसी मकसद और हड़प केले पैदा
[2:51]किया गया है हक हुआ है और इसके मुकाबला में दूसरा नजरिया
[2:57]इलाही कायनात रखना वालों का नजाय है कायनात रखना दुनिया इंसान कायनात
[3:44]और इस कायनात में जितनी भी चीज हैं जो कुछ इस कायनात
[3:53]में उन सबका कोई बनाने वाला है पैदा करने वाला कोई है
[4:07]जो हकीम तवाना और दाना और खुदा पर इनाम रखना वालों ने
[4:20]खुदा पर अकीदा रखना वालों ने इलाही कायनात वालों ने अपने मुद्दा
[4:34]पर मुताबिक दलाल पेस किया हैं इंशाल्लाह जो लोग खुदा पर इनाम
[5:05]रखते जो लोग खुदा पर अकेला रखते हैं जो लोग दिनदार हैं
[5:09]जो लोग मजहबी है खुदा पर इनाम लाने मालूम के लिए खुदा
[5:18]के वजूद पर दलील यानी वो लोग जो खुदा पर इनाम ला
[5:25]चुके हैं वह लोग जो खुदा पर अकीदा रखते वो लोग जो
[5:31]आका में इलाही पर अमल पारा है वो लोग खुदा पर इनाम
[5:37]ला चुके हैं उनके लिए खुदा के वजूद पर दलील खुद ज्यादा
[5:42]परवरदिगार है सूरा फटिलत में इरशाद हुआ अावलम या किसी बेरा बिका
[6:23]अन्य हूं अलकूल हुसैन कबीर क्या परवरदिगार के लिए यह बात काफी
[6:31]नहीं है अवलं या फिर मेरा विकास क्या तेरे परिवार के लिए
[6:36]यह बात काफी नहीं है अन्य वाला कुंडेश्र्ड कबीर की वो हर
[6:43]चीज पर कुदरत रखना है वह हर चीज का रूम रखना है
[7:12]फॉर्मेट हैं इंसान के एनएफजी के अंदर दिखलाएंगे हम बहुत जल्दी हमारी
[7:59]खुशी और खुद इंसान की नफ्स में अपने वजूद की निशानियां को
[8:06]इंसान को दिखाएंगे बशर पर यह बात हो जाए की खुदा कुरान
[8:25]की रोशनी में खुदा पर अकीदा रखना वाले मन के लिए खुदा
[8:32]के वजूद पर इस बात की तस्वीर की गई है खुदा को
[8:53]पहचान का बेहतरीन तरीका और बेहतरीन जरिया पाव दिया सलाम खुदा के
[9:03]वजूद के बड़े में फॉर्मेट हैं फरमाया खुदा को अगर किसी ने
[9:17]पहचाना है तो मैंने और अली ने हाकी मनु में खुदा को
[9:22]मेरे और अली के बगैर किसी से नहीं पहचाना हत्या एक लास्ट
[9:26]एपिसोड दलाल तानी महबूब मैंने तुझे तेरे वासिल से ही तुझे पहचाना
[10:17]है अगर अली ने खुदा की हक खुदा की मार्फत अगर अली
[10:26]को हासिल हुई है तो यह अली का कमल भी है बल्कि
[10:32]महबूब बेकार महबूब मैंने तुझे तेरे वासिल से ही पहचाना है वो
[10:39]अंतर दलाल तानी और अपनी तरफ तूने ही मेरी रहनुमाई की है
[10:45]अगर तू मेरी रानी अली हक के मार्फत तेरे साथ की हाकी
[10:59]मार्फत अली हासिल नहीं कर पाते नहीं कर सकते थे लेकिन तूने
[11:02]ही मेरे रहनुमाई किया अपनी तरफ और तुझे मैंने तुझे तेरे वासिल
[11:10]से ही तुझे पहचाना है फॉर्मेट हैं उनसे तेरे वजूद के लिए
[11:55]क्यों कब और किस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है एक फकिब
[12:09]खान तेरी तरह मोहताज है उनसे तेरे वजूद के लिए क्यों कर
[12:30]इस्तेमाल किया जा सकता है नाम अकाल नाम मुमकिन है एक फकीर
[12:37]चीज के जारी एक मोहताज चीज के जारी अगर ये भी जाट
[12:42]की तारीफ करें अगर यह भी जाट को पहचान है जो तेरे
[12:57]लिए है जो तेरे लिए है ताकि वह चीज तेरे वजूद दूर
[13:20]और इजहार के लिए जरिया बन सके क्या कोई ऐसी चीज है
[13:22]कायनात में हरगिज़ नहीं तुझे ज्यादा रोशन और कायनात है ही नहीं
[13:34]प्यास जो खुद तारीफ है उसे तारीख के जर किसी वाजिद चीज
[13:42]पर इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है तारीख चीज के जारी तरीके
[13:50]के जारी और रोशनी के हिसाब कैसे किया जा सकता है तुम्हारी
[14:26]भी कब था जिसके लिए दलील की जरूर हो वह माता बायोडाटा
[14:45]तक दूर था की असर के जारी तुझ तक पहुंच जा सके
[14:58]फिर फॉर्मेट हैं ऐसे लोगों को खुदा इस जमीन पर अपना जनशीन
[15:27]बना देता है फॉर्मेट हैं मुक्तसर यह है की खुदा पारस तुम
[15:59]और खुदा पर इनाम रखना वालों और खुदा पर इनाम लाने वालों
[16:03]के लिए खुदा के लिए रखना वालों ने खुदा के वजूद पर
[16:36]जो दलीलें पेस की है उनमें से पहले दलील बरहन इलियट इसकी
[16:46]वजह के लिए अगर इंसान कोई इंसान चाहे छोटा हो चाहे बड़ा
[16:57]हो चाहे बड़ा हो चाहे जवान हो चाहे मर्द हो चाहे औरत
[17:02]नहीं करता अगर इंसान अगर वह पागल और दीवाना ना हो अपनी
[17:07]ताकत अपनी अठरा में या खुद अपने वजूद में अपनी तरफ और
[17:14]जो कुछ उसके डेयर इदराक में है और जो कुछ इंसान के
[17:24]टर्फ में है उसके बड़े में इंसान को मालूम होगा की कोई
[17:44]भी चीज कोई भी चीज यहां तक की यह अंगूठी कोई भी
[17:48]चीज आता ही अंगूठी एक छोटी सी चीज है इस दुनिया में
[17:57]किसी सबक और अल्लाह के बगैर वजूद में नहीं आई इसके लिए
[18:07]भी बनाने वाले की जरूर है इसका वजह क्या इसमें कोई बढ़ाने
[18:18]वाला है और यह जो लेते आसपास में लगे हुए हैं कभी
[18:25]कोई बहाने वाला है यह घर यह बिल्डिंग का कोई लिखने वाला
[18:59]जरूर होगा बिल्डिंग को देखकर यकीन करेगा इस बिल्डिंग का नक्शा खींचना
[19:06]वाला मजदूर और कारगर जरूर होगा और इसी तरह इंसान के हाथ
[19:21]में जो घड़ी है वह घड़ी देख कर इंसान यकीन करेगा की
[19:29]इसका कोई बनाने वाला जरूर होगा और इंसान इसी तरह इस पुरी
[19:35]कायनात में और खुद अपनी जाट में अगर दिक्कत करें और वजूद
[19:38]में करेगा की इस कायनात और खुद इंसान के वजूद में आने
[19:47]के लिए किसी ऐसे शबाब का मोहताज है जिसने इंसान को वजूद
[19:57]बाशा है जिसने कायनात को इनका नहीं कर सकता कायनात में कोई
[20:08]भी चीज शबाब और इल्लत के बगैर वजूद में नहीं आई कोई
[20:11]आखिर इंसान से इनका नहीं कर सकता पागल हो तो अलग सी
[20:17]बात है जिंदा मौजूद के सामने और जो लोग सुन रहे हैं
[20:34]इंसान के अनुमान से बैठे हुए इंसान के नाम से जिंदगी गुर्जर
[20:40]रहे इसका वजूद इस दुनिया में आने के लिए शबाब की जरूर
[20:46]है और ये सब अब तीन सूरा तू से खाली नहीं है
[20:50]की इंसान ने खुद अपने आप को पैदा किया है मोहम्मद हैदर
[20:56]अली ने खुद को पैदा किया है एक फर्ज है तू उसे
[21:02]खाली नहीं है अगर इंसान ने खुद को पैदा किया है तो
[21:12]खुद को पैदा करने से पहले या खुद को पैदा करने से
[21:14]पहले या बहुत मौजूद था या मासूम था यह दोस्त इंसान पैदा
[21:39]किया है या खुद उसकी तरह किया है मिसल के तोर पर
[21:51]किसी दूसरे इंसान ने यह किसी दूसरे वजूद ने इंसान को वजूद
[21:57]बख्श है और पैदा किया है तो वजूद अगर इंसान ने अपने
[22:08]आप को वजूद बख्श है और इंसान अपने आप का शबाब हो
[22:14]अपने आप के वजूद के लिए अल्लाह तो ये महान है माकूल
[22:16]नहीं इसलिए की यह फर्ज बातिल है इसलिए की इंसान अपनी वजूद
[22:26]का शबाब नहीं हो सकता क्यों इसलिए की भारत यह है की
[22:36]इंसान को वजूद देने से पहले से मौजूद था तो फिर अपने
[22:51]आप को बसना माना नहीं रखना है बहुत मौजूद नहीं था यह
[23:18]फर्ज करें या मौजूद था या नहीं था अगर मौजूद था तो
[23:21]उसको वजूद वासना माना पैदा नहीं करता अगर मौजूद नहीं था बहुत
[23:28]मौजूद नहीं है तो एक कैसे अपने आप को वजूद बन सकता
[23:37]है कैसे आपने आपको वजूद मिला सकता है एक से जो स्तन
[23:39]खुद नाम की कोई चीज नहीं वो खुद को वजूद मिला है
[23:43]अरे मैं इसी तरह इंसान को किसी और इंसान ने या किसी
[23:51]और दूसरी चीज नया किसी दूसरे मखलूक ने इंसान पहले वाला इंसान
[24:10]पहले इस दूसरे इंसान को वजूद बांटने से पहले सवाल उठाता है
[24:20]उसको किसने वजूद बाशा है फिर वही पहले वाला सवाल जो है
[24:26]दोरा आता है और फिर वही इसके अलावा उसे पे भी आता
[24:31]है अगर यह दूसरा मखलूक दूसरा इंसान जो अभी तीसरी इंसान को
[24:34]वजूद बख्शाल वजूद आता कर रहा है पहले मौजूद था तो ये
[24:41]सवाल पैदा हुआ था उसको किस ने मुझे बताता किया था बहुत
[24:46]आता नहीं कर सकता फर्ज है की दो सूरा खाली नहीं है
[24:51]या वो खुद भी इस इंसान की तरह मेरी तरह मौजूद था
[24:53]तो माना नहीं रखना की वो किसी और का मौजूद था तो
[25:00]फिर वजूद बचाना मनाने लगता अगर मौजूद नहीं था तो मालूम दूसरे
[25:08]के वजूद में लाने का शबाब नहीं बन सकता है किस तरह
[25:45]दूसरे मौजूद को वजूद आता कर सकता है नहीं बन सकता एक
[25:57]महदुम किसी मौजूद के लिए शबाब और अल्लाह नहीं हो सकता एक
[26:03]कुंडली हुकुम दुनिया की हर चीज के लिए जा रही है और
[26:12]पुरी कायनात के लिए जा रही है बस अकल हो कम लगती
[26:19]है जो चीज ना थी अब वजूद में आई है उनके लिए
[26:26]जरूरी है की कोई हलक करने वाला कोई पैदा करने वाला में
[26:51]आया हूं अब मौजूद हूं जरूरी है मेरे वजूद में आने के
[27:03]लिए जरूरी है कोई गलत करने वाला कोई पैदा करने वाला ऐसा
[27:10]खाली मौजूद हो जिसकी जाट क्या अंदर एडम की कोई गुंजाइश ना
[27:15]हो किसी इंसान के बड़े में का सकते की यह आबादी है
[27:21]आबादी मौजूद है की कायनात की किसी भी चीज के बड़े में
[27:26]आप ये नहीं का सकते की ये पहले से था नहीं ये
[27:27]चीज पहले से थी नहीं का शक्ति किसी के आखिर इस बात
[27:32]को काबुल करने के लिए तैयार नहीं है इसलिए की हर चीज
[27:36]के लिए लटका जरूर है और शबाब की जरूर है और हमारे
[27:37]सामने 1960 तक मैं इस दुनिया में नहीं था 66 के बाद
[27:44]है मैं कैसे त्याग कर सकता हूं मैं पहले से था आदम
[27:49]से पहले लिहाजा हर वजूद में आने वाली चीज के लिए जरूरी
[27:59]है की कोई हलक करने वाला पैदा करने वाला ऐसा खालिक हो
[28:06]जिसकी जाट के अंदर आदम की कोई गुंजाइश एन हो इसी बिना
[28:14]पर अखिल के हुकुम के मुताबिक कायनात का जरा जरा ऐसा सनी
[28:28]जिसका कोई और खाली एन हो और जिसका वजूद हयात कुदरत किया
[29:02]हुआ नहीं है लोग कहते हैं आलम आदि से बाद में बना
[29:19]है यह दुनिया कायनात बाद में आया है आलम के आदेश होने
[29:21]पर क्या दानी थे तो आपने फरमाया गौर से सुनो तुम 30
[29:35]साल पहले नहीं थे फिर हो गए अंकल तुम यह जानते हो
[30:10]वक्त अली और तुम यह भी जानते हो की नहीं तुम जैसे
[30:33]ने तुम्हें वजूद दिया है और यह इस बात पर दलील है
[30:42]की तुम पहले नहीं थे फिर हो गए और तुम्हें किसी दूसरे
[30:45]इंसान ने भी वजूद आता नहीं किया है और इसी तरह पुरी
[30:52]कायनात के मिसल यही है ये कायनात पहले नहीं थी अब और
[30:58]इसका कोई बनाने वाला खाली कोर्ट मौजूद है और उनसे पहले आदम
[31:33]के जमाने से ये बातें चली ए रही है सनी लिहाजतिन सलाम
[31:42]से पूछा रसूल अल्लाह इस बात पर क्या दलील है की आपका
[31:47]कोई पैदा करने वाला है आप यह बताइए की आपका कोई खाली
[31:53]है आपका कोई खुदा है आपका कोई सनी क्या दलील है आपके
[31:59]पास तो हजरत इमाम जफर अली सलाम ने फरमाया वजह तो नफ्सी
[32:03]लता जाते हैं मौजूदा वही पहले जो बयान है और वही है
[32:35]की यार मैंने अपने आपको वजूद बख्श है शादी का ऑल ए
[32:37]मोहम्मद ने खुद को वजूद में लाया है उन्होंने एक सूरत है
[32:43]और अपने आपको उज्जवल आता है और यह महान वकालत मौजूदा ये
[32:50]दो सूरत है एक ही शादी कर मोहम्मद ने खुद को उज्जवल
[32:58]बाशा है और उसे वक्त को वजूद वासने से पहले वो खुद
[33:02]मौजूद को वजूद देना राजमाता है यह दूसरी सूरत बादशाह है की
[33:40]मैं पहले से था फिर अपने आप को उज्जवल बख्श है ये
[33:45]तासीर है हासिल है हम आपके लिए महान है उसे वक्त मैं
[33:51]खुद नहीं था ये बगैर माफ है फॉर्मेट ये भी माहौल है
[34:03]क्यों इसलिए की मालूम वजूद की अल्लाह और शबाब नहीं बन सकता
[34:12]है हम दुआ करते हैं और उनके यहां कम पर अमल करने
[34:32]और अमर तेरा होने की तो फिर आता करें
0 Comments
sort Sorteer op
- Top Reacties
- Laatste Reacties
Volgende
1 Bekeken · 25/07/05
0 Bekeken · 25/06/29
0 Bekeken · 25/07/03
