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Seerat e Imam Reza a.s | H.I. Syed Urooj zaidi
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Record date: 12 Jun 2022 - سیرت امام رضا
AL-Mehdi Educational Society proudly presents new Executive Refresher Course for the year 2022 under the supervision of specialist Ulema and Scholars who will deliver though provoking lectures Every Weekend.
These video lectures are presented by aLmehdi educational society, Karachi for our youth.
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Transcript
[0:00]झाल एक बाउल त्यौहार में वजीर बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम [संगीत] है और संतुलित लहर
[0:23]ऑफ बड़ौदा मीन कि अस्सलातु वस्सलाम महागाव अशरफ अल अंबिया एवं और
[0:33]सलोनी बुखार तमन्ना बींध एक सज्जन वर्मा बुलाना अल्लाह रसूल अधिकारी वाघमारे
[0:39]नल मासूमीन मग मी टू कि अब उन्नत वक्ष में पकाएं लो
[0:48]हूं तो हर गांव तादाद काफी किताब हिल मजीद व खान है
[0:55]लख्मीचंद विस्मिल्लाह अल्लाह रब्बुल आलमीन हां यार यह हल्दी नाम वापसी एवं
[1:01]महक की ओर रसूल अल्लाह रुदल अमेरिकन पं यह पॉइंट तनाशा कंपिटिशन
[1:06]इन फारुक इलाही वसूली कि इन कुमकुम ना पगला ही बन गया
[1:15]हूं मैं आपसे और तालिका हनुमान अकुंठ तमाम धुंध व सलामती के
[1:24]लिए मल्लिका ने पाकिस्तान के इस तरह काम के लिए मुख्य मुद्दा
[1:27]दशा की हिफाजत के लिए प्रॉब्लम है यह की हिफाजत के लिए
[1:32]हाजरीन की तरह आजाद की वजह बनी के लिए विमानों के सैफ
[1:37]के लिए बेबो ना असीरों की रिहाई के लिए तमाम हाजरीन कि
[1:40]सर यह जॉब की वजह बनी के लिए जमीन की नाप बुद्धि
[1:45]के लिए मशरूम इन की कामयाबी के लिए और इमाम में आश्चर्य
[1:51]की जरूर में ताजिए के लिए एक बगल अंतर मोहम्मद इस अलावा
[1:57]पढ़िए एवं शुभकामनाएं एवं बहुत-बहुत बधाइयां कर दो [संगीत] को सबसे पहले
[2:04]ही बारगाहे इलाही में शुक्रगुज़ार हैं खुदावंद दोबारा बता दाने हमें आप
[2:08]की अदालत में हाजिर होने की तौफीक अता फरमाए इस ऑफिस पर
[2:14]सफलता वह तुम्हारा उजाला का शुक्र अदा करते हैं में मौजूद एक
[2:21]तू कि हज़रत इमाम में अध्ययन मोहसिन रजा लहरा तो अस्सलाम के
[2:26]हवाले से हैं हमने हजूम का रोज मिलाकर गिस्ता रोज 11 दिक्कत
[2:34]थी और रोजे मिला दें मसूद ई विलादत बादशाह आदत हजरत इमाम
[2:39]ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय सलातो सलाम था कि Bigg Boss अलार्म नंबर
[2:49]दूंगी कि दिमाग के हालात जिंदगी के हवाले से ही आज की
[2:52]इस डिश का मौजूद रखा गया है जो ब्राउन ने आज तक
[2:57]20 किया था यह मौजूद तमाम के हालात ए जिंदगी और संख्या
[3:02]में और इमाम अलैहिस्सलाम की सीरत ए तैयबा के हवाले से इंशाल्लाह
[3:09]मैं मुख्तसर सी गुप्त को आप की अदालत में बयान करूं इस
[3:11]मैसेज में आपने तो बच्चों से सुनना है और सुनना है और
[3:17]जो नकाब बयान होंगे इमाम की जिंदगी के हवाले से उस पर
[3:23]आपने तरीके से सुनवाई के बाद में फिर सवाल आपका सेशन होगा
[3:26]वह आप सब जानते हैं का दिमाग असल नाम के हवाले से
[3:30]आठवें इमाम हजरत हे बिदाई अकरम सल्लल्लाहू अलैही वा आलेही व सल्लम
[3:38]के 12वें मशीन अकाली दल तस्वीरों के मुताबिक जो रसूलुल्लाह सल्लल्लाहो अलैहे
[3:44]वसल्लम ने अपने 1200 मुकर्रर की है बालों को महिला ही उनमें
[3:48]से आठ हुए दिमाग में अली रज़ा अलैहिस्सलाम है और इमाम की
[3:55]जिंदगी के हवाले से मैं मुक्तसर से चीज है बयान करूंगा इसे
[3:59]का बल्कि हम इमाम की जिंदगी की जाने बाएं सीरप के हवाले
[4:04]से मैं दो जूनियर्स करूंगा खालीपन पहले भी हमने आप की खिदमत
[4:08]में सीरत के हवाले से बयान किया है कि ममता सीरत के
[4:13]सिरप के मानी लेकिन मैं मुक्तसर से दोबारा इकरार करूंगा रिवाइज करूंगा
[4:17]ताकि जो है वह जो आपने पहले सुना था वही दोबारा आपके
[4:23]जहन मशीन हो जाएगा और सीरत दरअसल सीरप लव से सीरप कहते
[4:29]हैं अरबी ज़बान का लफ्ज़ है उर्दू का लफ्ज़ नहीं है अरबी
[4:32]का लफ्ज़ सीरप कहते हैं अंदाज को कि रमेश को तरीका कार
[4:41]को आप अहमदाबाद तरीका का स्थित सीरप कहते हैं जैसे लव सैर
[4:46]सीन या रास्ते पर सैर अरबी ज़बान उयेदा चलने को कहते हैं
[4:54]चलना व करना जैसे हम चलते हैं वर्क करते उसको अरबी में
[4:57]सैर कहते हैं चलना और इसी से लव्स ए सीरियस है सीरत
[5:03]अंदाज को कहते हैं सैर चलने को कहते हैं सीरप चलने के
[5:10]अमदाबाद को कहते हैं है यानी और उन्हें वजह करूं कैफियत को
[5:14]कहते हैं हालत को कहते हैं कंडीशन को कहते हैं कंडीशन हालत
[5:22]कैफियत अमदाबाद रविश तरीका का यह सारे अदरवाइज सीरत के मानी में
[5:28]आते हैं है यानी मिसाल के तौर पर आप सब अभी नीचे
[5:31]बैठे हुए इस मस्जिद में आप लोग नीचे बैठे हुए और मैं
[5:36]भी बैठा हूं वह लेकिन मैं ऊपर बैठा हूं कुर्सी के ऊपर
[5:43]और आप नीचे बैठे हैं फर्श के ऊपर अब हमारे बैठने सब
[5:48]बैठे हुए हैं बैठे हुए तो सब है मैं भी बैठा हूं
[5:50]और आप भी बैठे हैं लेकिन बैठने का अंदाज अलग अलग रविश
[5:56]अलग एक कंडीशन अलग है कैफियत लागे मैं क्योंकि कुर्सी के ऊपर
[6:03]इसलिए तो पाओ अपने लटका के बैठा हूं नीचे क्योंकि ऊंचाई पर
[6:06]हूं मैं तो इसलिए मेरे बैठने का अंदाज अलग र आप जमीन
[6:11]पर बैठे हैं तो आपके बैठने का अंदाज अलग कर इस अंदाज
[6:16]को सीरप कहते हैं है यानी मिसाल के तौर पर है अब
[6:21]जैसे हम प्रॉब्लम की बात करते हैं यह सुंदरता के बारे में
[6:25]जैसे हम बात करते हैं अतः ब्रेडक्रंब और जो है वह मदीना
[6:29]में रहते थे तो ए मदीना में एक मुजरिम में रहते थे
[6:32]एक घर में रहते थे की तारीफ की किताब में जब बढ़ते
[6:36]हैं तो अहमद अकरम के बारे में क्या मिलता है कि रबड़
[6:38]हलवा पालन दिल्ली में फलां महल ले में मदीना में रहते थे
[6:44]यह सी व्रत नहीं है कोई अगर हम किसी तारे की किताब
[6:48]को पढ़ने उसमें भी लिखा हो कि पैग़ंबरे अकरम साला शहर में
[6:51]रहते थे यह सीरत नहीं है यह तारीफ है कि यह खबर
[6:57]है या आपको मैं बताऊं कि इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम मदीना में रहते
[7:04]थे इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम इरान के सुबह इसको थोड़ा सा में इरान
[7:07]तो शहद और आसान में रहते थे अगर मैं आपको यह बताऊं
[7:12]तो यह सीरत नहीं है यह तारीफ है तारीफ और चीज होती
[7:17]है सिरक और चीज होती है इन दोनों में फर्क है तार
[7:22]इस खबर को कहते हैं कोई खबर देना कोई न्यूज़ देना कोई
[7:25]खबर हम तक पहुंचना यह तारीफ कहलाती है यह हिस्ट्री कहलाती है
[7:31]48 खबर कहलाती है लेकिन सीरप खबर नहीं होती रक्त और इस
[7:39]नहीं होती सीरक हिस्ट्री नहीं होती सीरप तरीका कार होता है कि
[7:44]विमान में रज़ा अलैहिस्सलाम मदीना में रहते थे यह तारीफ है लेकिन
[7:50]इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के रहने का अंदाज किया था वह अंदाज सीरत
[7:56]है को समझाया फिर मैं आगे बढ़ता हूं अब कहां तरीका आकार
[7:59]रविश स्कूल सीरप कहते हैं इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम नमाज पढ़ते थे मेहतर
[8:07]नमाज पढ़ते थे इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम लोगों की मदद करते थे इमाम
[8:12]रज़ा अलैहिस्सलाम ने काम करते थे अल्लाह के दीन की तलाश करते
[8:18]थे लोगों तक पहुंचाते थे यह सब तारीफ है खबर है लेकिन
[8:20]इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम लोगो तक अधीन कैसे पहचानते थे कैसे वह तरीका
[8:27]कार सीरत है वह अंदाज सीरत है पहचानना तारीख है पहुंचाने का
[8:36]हम दिमाग यह सीरत है अ जाने मातरम अब हमने हमारे लिए
[8:39]जो हुकुम है आईआईएम की जिंदगी से हमारे लिए हुकुम है कि
[8:46]उनका अंदाज़ अपना वो हमें यह नहीं कहा जा रहा है कि
[8:50]आप मासूम बन जाओ हम में से कोई भी मासूम नहीं बन
[8:51]सकता बन सकता है कोई मासूम नहीं बन सकता लेकिन फॉर द
[8:56]के शिव के परम पराक्रम की जिंदगी या हफ्ता तुम्हारे लिए तमाम
[9:03]आलम में फसल खेत के लिए उस ओए हंसाना उस व्हाय हस
[9:05]न नमूना अमल रोल मॉडल रोल मॉडल है रोल मॉडल यानी जिस
[9:11]को देखकर मैंने अपने आपको बनाना है उसको रोल मॉडल कहते हैं
[9:17]बस तुझे सुनने हमें यह नहीं कहा जा रहा है कि हम
[9:18]मासूमीन एवं हम मासूम बन जाए हम आंसू नहीं बन सकते लेकिन
[9:24]हमें यह कहा जा रहा है कि मानसून की तरह की जिंदगी
[9:31]अपनों जो कमानी जो उसूल जो रूल्स आफ रेगुलेशन जो कायदे-कानून मासूमीन
[9:37]की जिंदगी में थे हम अपनाएं उसको सीरप कहते हैं यह सिर्फ
[9:45]है कि आज हम अपनी सीमा में था वैसा नाम किसी का
[9:47]सपना ही है उस पर हम कुक करेंगे इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम नहीं
[9:52]कैसे अमलोह के दिन की तब नीस कि किन हालात में कि
[9:58]कैसे कैसे मसाइल से अंदरूनी मसायल पैरों नीमच सायं तक शहरों के
[10:01]अंदर के मसाइल तस्वीरों के बाहर के कि तुम मत दे सुनो
[10:06]मियां के अंदरूनी मसाइल उम्मते सदा मियां के बैरूनी मसाइल इंटरनल इससे
[10:10]इंस्टेंटली इशूज बाहर अपनी अंदरूनी यह सारे मसालों फिर उसके बाद हुकूमत
[10:16]बेवकूफ बन वह बात की यह लगातार दुश्मनाने एडाप्ट यादगार पहले बैक
[10:23]का पोर्शन जो में रखना आई एम आप ज़ूम करना उनको संबधों
[10:28]में डालना उनको कैद करना उनको नजरबंद करना इन सारे मसालों के
[10:32]बावजूद दिमाग में राजा ने अल्लाह का दिन कैसे पहुंचाया उस तरीके
[10:40]को अपनाना सीरवी है है जिससे वह अपने आज अपनानी है अपना
[10:44]घर अपना वज़ूद अपनी औलाद अपने गली-मोहल्ले अपने अपना मूल अपना कैरियर
[10:50]या अपने तमाम उम्र हाई जिंदगी को किमाम में राज्य की कानून
[10:59]के मुताबिक डालना अमली तौर पर उनके सिर अ कोई विरोध नहीं
[11:02]है कि हां अगर सिंगर के भीतर मैं आपको इस तस्वीर दूं
[11:05]और कहूं कि आप सिरप की तस्वीरों पर पड़े तो आप का
[11:09]आगमन हो जाएगा हो जाएगा ऐसे कि मैं कहूं कि आप एक
[11:13]तस्वीर हैं और सोमवार कहें कि सीरियस सीरियस सीरियस सीरियस गौरव हम
[11:16]सिर्फ दिमाग में राजा पर चल पड़े नहीं क्योंकि सीरप अमली चीज
[11:20]है अब मलंग यानि फेल है काम है फेल काम को कहते
[11:26]हैं फाइनल आम फेल काम को कहते हैं इसलिए सीरप अमली तौर
[11:31]पर नहीं साल के तौर पर नमाज आप यहां पर अभी आपने
[11:37]नमाज पढ़ी है सब ने नमाज के लिए अगर आप ज़ूम करें
[11:39]और मस्जिद ऐसे टहलते रहे बाहर यहां पर दबाने से बस कहते
[11:46]रहे अब सलाह आप असला असला बात तो नमाज हो जाएगी नहीं
[11:51]होगी क्यों क्योंकि नमाज के लिए आपको अमली तौर पर अपने वजूद
[11:54]को मुहल्ले के ऊपर हासिल करना होगा खड़े होना है तकबीर अल्लाह
[12:01]राम कहना है काम करना है रुको करना है सूचित करना है
[12:04]तो शहीद पढ़ना है यह सारे जब आधा ले नमाज तरफ वाले
[12:10]नमाज अंजाम देंगे तो इसका मतलब कि हमने अब नमाज पढ़ी है
[12:16]नमाज हमने अंजाम दिए वरना समान सिलेबस नमाज नमाज कहने से नमक
[12:20]नहीं हो जाती है इसी तरह कृषि रथ जापान से कह देने
[12:24]से क्या सीरत दिमाग में प्रसिद्ध इमारतें मैं सिर्फ सलमान से कह
[12:27]देने से हम यदि किसी बात पर अमल नहीं कर सकते जब
[12:30]तक हम उसको अमली तौर पर अपनी जिंदगी में ना होना है
[12:35]बस समझ सुनी वह कानून व रविश वह तरीका कार हुक्मों रहा
[12:38]इस जिंदगी तो इनमें लार के जिंदगी में थे उनको लेकर अपनी
[12:46]जिंदगी उनके मुताबिक बनाना किसी रात है अपणी मैं आपको मुक्तसर सब
[12:50]बताऊंगा तारीफ हिस्ट्री के इमाम रजा का दौर ऐसा था दिमाग में
[12:55]नासा ने क्या किया यह मेरा के ऊपर क्या किया लगा रखी
[12:56]और किस हिट मत पर किस वसीयत से दिमाग में प्रसाद ने
[13:02]अल्लाह के दीन को भी पहुंचाया तस्वीरों के हक को भी बचाया
[13:07]और नजरिए महत्व यहां देखिए क्या-क्या काम की तबस्सुम ने अल्लाह के
[13:12]दीन की तब लीव्स तो हुई ना बात दिमाग मत यह ख्वाब
[13:17]इनको उम्मते इस्लामिया के जो आपका साइड से उनका दफ्फा किससे उस
[13:20]पार से मोर यह तीन से मुशरिकीन से और दृष्टि बड़े में
[13:26]आपके सब कष्ट इरान के अंदर सबसे बड़ा मतलब जो था वह
[13:33]जब दृष्टि था दृष्टि जिनको आज आज के जमाने में जब मैं
[13:35]ट्रांसलेट करूं तो पार्टी कहा जाता है पारसी पार्टियों का नाम सुना
[13:40]है आपने मजा बैक पारसी वायरल पाकिस्तान में तो बहुत कम है
[13:43]हिंदुस्तान में काफी पाए जाते हैं पारसी और हिंदुस्तान में बड़े बड़े
[13:46]बिजनेसमैन भी पारसी है आज जो अक्सर मां की जब 19 मिक्स
[13:50]की बात की जाती है इंडिया की तो पार्टियों ने काफी वहां
[13:56]पर बिजनेस अपना जन्म हुआ 12 पारसियों को तारीख उसकी जबान में
[14:00]जब दृष्टि कहा जाता है जब फर्स्ट मजा यह इरान के अंदर
[14:06]के बड़ा कभी महावत यह मजहब यह मसलक बड़ा कर दी मैं
[14:07]पयंबर अकरम के आने से पहले ही मौजूद था सब इरान की
[14:12]जमीन पर यह सब दृष्टि से आप और जब हमारा घाघरा उनकी
[14:17]जमीन पर आए हैं मामू नहीं दिमाग में राजा को वहां बुलाया
[14:22]है गिरफ्तार करवाकर बुलाया यह भी याद रखें कि हमारा मदीना में
[14:25]थे मदीना में मामू मामू का हिस्सा उस वक्त का बादशाह है
[14:32]वर्क था मामून इमाम रज़ा के दौर में मामून रशीद उस वक्त
[14:34]बात चाहे वह त्रासदी फाइबर 9 पास बनवा पास खानदान था मैं
[14:39]19 तारीख को उनके बयान करता हूं ताकि बच्चों को पता चल
[14:45]जाए बनूं अब्बास और बलों महत्व बड़े खानदान बरस अरे रिश्तेदार रहे
[14:49]हैं मुसलमानों के ऊपर बंधु मैया जी के बारे में जानते हैं
[14:54]लोग के मनहु न जाने क्या-क्या सोलंकी एक करवा जैसा सॉल्व वो
[14:57]मैया ने किया कर्बला के अंदर आले रसूल प्रसन्न किया और दिगर
[15:02]आई एम मृत्यु पर किया भरोसा पास जो थे वह सारी तौर
[15:07]पर सारी तौर पर अपने आपको हेल्प बैक का चाहने वाला कहते
[15:09]थे बनु मै यानि कि बलों मैयत तो जाहिर तौर पर सामने
[15:15]दुश्मन थे इसलिए बनो मैया को पहचान लिया गया बनो मगर सब
[15:19]पहचान लेते कृपया दुश्मन है वैसे हैं और बनो मैया ने आमिर
[15:22]और मुनीम पर सर्कुलर सितम की हमरो मोदी की शख्सियत कोशिश की
[15:26]अंदरूनी के खिलाफ माता दी की सा प्रोडक्ट यह सब हूं महात्मा
[15:28]गांधी बलों मैया ने किया बनो अब्बास जो था यह जनावे अब्बास
[15:35]रस मृतका के चाचा हैं हज़रत अब्बास प्रसन्नता के चचा हजरत याद
[15:41]सफलता बात नहीं जो इमाम हुसैन के भाई अब तो हद तक
[15:43]पस वह नहीं हुआ लगी है एक रसूल अल्लाह की चर्चा है
[15:47]और जनाब अब्बास उनकी उनका खानदान है यह दोनों पास उनकी नस्ल
[15:53]से हैं यानि उनके बेटे हैं अब्दुल्लाह इब्ने अब्बास और उबैदुल्लाह इब्ने
[15:57]अब्बास दो बेटे थे अब्दुल्लाह इब्ने अब्बास की फिर वाला दें फिर
[16:02]उनकी औलादें जब नीचे छठे किमाम के दौर तक कहीं तो उनमें
[16:08]जो है वह इब्राहिम इमाम अबू सवा मनसूर धमाल मचा यह सारे
[16:11]फिल्म इस जिले से ताल्लुक रखते हैं यह सारे नाम मुस्लिम मत
[16:15]करो आप तो मजबूरी का नाम भी याद होना चाहिए नाम भी
[16:21]सुनते जाएं और बंधु आप 56 यह आपके दौड़ भरी रिश्तेदार हैं
[16:24]यानी हुकूमत संभाली दोनों अब्बास ने जब हुकूमत संभाली तो उनके लिए
[16:29]यह भी याद रखिए मैं आपको थोड़ा सा दौड़ बताऊंगा ताकि फिल्मों
[16:33]में नजर दौड़ में आए थोड़ा सा पीछे चले छह उम्मीदवारों ताकि
[16:37]हमें बल्लू अब्बास का बर्थडे रिश्तेदार आना समझाए कि कैसे ड्राप पासवर्ड
[16:41]रिश्तेदार है वहां से समय हिस्सेदार है रिश्तेदार में आए कि उन्होंने
[16:46]का नाम ऐसे रैप कर लिया था यानी यह कहने के जैसे
[16:51]मैं ऑफ आज के जवानों समझाने के लिए वह झंडा ऐड कर
[16:57]उठाया झंझाल कि हम तो ऐड के चाहने वाले हमको चाहते हैं
[17:01]कि एडाप्टिव कि Bigg Boss ने यह काम जो करवाया था वन
[17:06]व पास को तो लोग पहचान लेते अगर वह लाइन तौर पर
[17:08]आते लेकिन दो बड़ी शक्तियां जो साहित और खुशियां आती जाहिर तौर
[17:14]पर यह कहने के नाम में हाथ यह कहते जैसे हम कैसे
[17:18]ना आज एजेंट बोलते हैं यह लार का एक्सीडेंट तो जाहिर तौर
[17:21]पर वह तो बड़ी शक्तियां भी कह सकते कि हम जाएगी तो
[17:26]रुचियां थे लेकिन हकीकत और परवरिश या नहीं थे तो उनके पास
[17:29]झंडा वंदन LMB का उठाया यहां बेवकूफ मत के लिए काम करेंगे
[17:35]हम लब्बैक उनके हक दिलाएंगे यह मैसेज सुनाओ लुट जायेंगे उन्होंने नाराजगी
[17:43]लगाया था लेकिन असल में उनके अंदर जो एजेंडा था उनके पास
[17:47]वह बनवास कथा दो बड़ी हस्तियां अपने नाम भी रुक जाएंगे एक
[17:53]इरान की जमीन पर के शत-शत जिसने बनो पास की हुकूमत के
[17:55]लिए पूर्ण ग्रहण बनाया है पूरी जमीन ना शादी की ग्रांट बनाया
[18:02]एक इंसान की संपत्ति और आसान थोड़ा सा उन जो आज आपको
[18:06]सुबह नजर आपने ना इरान में खुरासान यह आज तो चौरासिया हिसाब
[18:10]से जमीन हिसाब से वह सड़क कम हो गया है लेकिन उस
[18:14]वक्त किमाम में राजा के दौर में या टीका तारीख में जाएंगे
[18:16]तो और आसान और बसी था यानी सिर्फ एक शोभा नहीं था
[18:22]बल्कि और बल के बावजूद तो कभी नहीं कि पूरे इरान को
[18:27]थोड़ा सा ने कहा जाता है पूरे इरान की जमीन को आसमान
[18:32]रौशन के मुकाबले बास तारीख लिखने वालों के मुताबिक पूरे एग्जाम कुजूर
[18:36]आसान कहा जाता था और समझ सुनिए और आसान है कि जमीन
[18:41]पर एक व्यक्ति जिसने बनवा पास का को इस्तेमाल में लाने के
[18:45]लिए पूरा ग्राउंड बनाया था तो पूरा जमीन अपराधी की थी और
[18:51]दूसरी शक्शियत बगदाद इराक की जमीन पर थे तब जहीर ने दोनों
[18:53]नाम एक जो खुरासान की संपत्ति बड़ी शख़्सियत वह मशहूर आपने सुनी
[18:59]है अब वो मुस्लिम को आसानी से है अब मुस्लिम पुरानी यह
[19:05]ब्राउन के समीप साथ इस समय झंडा है लपेटकर उठाया था कि
[19:09]हम तो एलोवेरा के हाथ के लिए काम कर रहे हैं अहले
[19:10]बैत को हमेशा ध्यान कौन का हक दिलाएंगे इसमें झंडा क्यों पाया
[19:16]था लेकिन अब सवाल यह काम कर रहा था बनो पास के
[19:21]लिए असल में आंवला इक्वल वनवास कथा अब्बू सलाम अब्बू मुस्लिम और
[19:24]आसानी एक नाम यह है दूसरा जो बगदाद की सफल तथा यहां
[19:31]की ज़मीन पर जिसने नाम महल बैक कर लिया था इजलास मुकेश
[19:34]के लिए बकायदा बनो अब्बास को स्थिर बनाने के लिए पूरी समझा
[19:38]फांसी की उस शख्सियत का नाम है यह मशहूर देंगे क्योंकि ज्यादातर
[19:41]मेंबरों से इसको बयान नहीं किया जाता अबू सलेम अयाश हलाल है
[19:46]है अब मुस्लिम को आसानी से ईरान की जमीन पर अब रोशनलाल
[19:51]धेराव की ज़मीन पर अपनी असल में इसका लाल ने आप इससे
[19:58]अंदाज़ा करें अब असल में सफल नहीं एक बिजनस रखा अब हुआ
[20:03]के मकान पर अब वाह यह जगहों के नाम सुनते जाए ताकि
[20:05]आपसे फिर सवालात होंगे याद रखने अब वह अब मक्का में मक्का
[20:10]मक्का पता है ना कहां है पकडकर है मकर कहां है मक्का
[20:15]शहर है कि सऊदी अरब में मक्का के अंदर मक्का शहर के
[20:20]अंदर जैसे हमारे मुल्क पाकिस्तान और पाकिस्तान के शहर कराची मूल का
[20:26]मूल के शहर होते हैं इसी तरह सऊदी अरब एक मॉल गए
[20:31]उसका शहर है मक्का मदीना और ज्यादा और इस तरह मुख्तलिफ उसके
[20:41]शहर है मकवा के अंदर एक जगह है अफवाह अब यह मुकाम
[20:43]है जिस मकाम पर पयंबरी अकरम की वारदातें मौजूद चमक जनाब-ए-आमना सलामुल्लाह
[20:53]अलैहा का इंतकाल हुआ था जनाब-ए-आमना का वहां पर रहमत हुई थी
[20:57]इंतकाल हुआ था रस मलाई की लालसा का नाम क्या है हजरत
[21:03]बीबी आमना उनका जिस मकाम पर इंतकाल हुआ था वह म मेरे
[21:06]को वर्कर है उसी मकाम पर अब्बा सुलभता में अब मुसलमान सरकार
[21:14]ने इजलास रखा मीटिंग रखी बड़ा इजलास रखा तो हम लोगों को
[21:16]बुलाया हंसनी सादात हुसैनी सादात हंसनी सादात हुए थे जो इमामे हसन
[21:24]की औलाद में थे हुसैन की शहादत इमाम हुसैन के और आदमी
[21:29]से थे तमाम शक्तियां पुलिस ने वहां पर बुलाया और उमेश यादव
[21:31]को भी दावत दी छोटे मामलों को छोटे मामलों की दावत दी
[21:36]लेकिन तब वजह से सुनिएगा चटिया कुछ अभिनेता 32 खत लिखा कदम
[21:39]उठाया खत लेकर चटिया के पास जब वह आ जाए नाम का
[21:44]साधन खत लेकर तो इमाम अलैहिस्सलाम ने शादी हमसे पूछा किसका हाथ
[21:47]है तो साधु ने कहा कि अबू सहमा यह सलाह आप इससे
[21:53]अंदाज़ा करेंगे किमाम जानते थे कि कितना बड़ा सिर्फ इतना घर है
[22:00]इमाम ने खत को पढ़ा भी नहीं आ है और मैं अपने
[22:04]ख़ादिम को कहा कि यह खत जला दो ऊ कि अब सलमान
[22:09]सलधा खत जला हो हमने पढ़ा भी नहीं जला दिया वह आप
[22:14]बस आप अंदाजा करें क्योंकि हम आपको जानते थे कि इनकी सोच
[22:18]क्या है इनकी नियत है क्या है यह नाम है लपका ले
[22:22]रहे हैं लेकिन अंदर यह बन वह बात के साथ मिले हुए
[22:26]ज़ाहिरी तौर पर है बैक का नाम ले रहे थे लेकिन अंदर
[22:30]से यह व 5 से 7 मिनट दिमाग तो जानते थे इमाम
[22:33]ने आगाह भी किया लोगों को झूठे मामले में लोगों को मना
[22:36]भी किया क्या वह शर्मा शाम लाल की बातों में मत आओ
[22:40]लेकिन बाद विशुद्ध नहीं समझा उन्होंने बोला यह तो बड़ा पहले मैच
[22:42]का नाम लेना है ने बैंक को याद दिलाएगा उसकी बातों में
[22:46]आ गए तो एक न सिर्फ और आसान में अब मुस्लिम खोरासानी
[22:52]ने तैयार किया दूसरा लेकर बगदाद और इराक की संप्रभुता हमेशा लाल
[22:56]नेता तैयार किया लेकिन इन दोनों ने कि तमाम लगे को तैयार
[23:03]करके हुकूमत किसके सूरत की बहनों अब्बास कहते हैं कि ज्ञानीजन खास
[23:07]आदमी जो कि पूरा जो ग्राम बनाया बनवास के लिए बनाया इस
[23:13]तरह बनो अब्बास इस जार में आ गए यानी धन व अब्बास
[23:15]पहले बैक का नाम लेकर एक बार में आए आप के आठवें
[23:21]माधव हे मेरे हमसफ़र से बताया इस पोस्टर में लाने वाले यह
[23:29]दो बड़ी शक्तियां थी मीणा याद रखे हैं हमेशा हमेशा हुकूमतें जब
[23:32]भी रिश्तेदार में आती हैं तो इस्तेमाल हमेशा ऐसी शक्तियां कि चिंता
[23:39]अश्रुत आम में होता है या तो वह मजहबी शक्तियां तो होती
[23:45]है या वह पॉलिटिकल शक्तियां तो होती है सियासी होती है या
[23:49]वह किसी भी है तो मार से लोगों में का बेहतरीन होती
[23:51]है हुकूमत होने से काम लेती है क़ाबिल ऐतराम शक्तियां से काम
[23:58]लेकर टू टेक 19th जरिए से तो फिर लोग उनको मतलब यह
[23:59]कहने कि लोग उनकी हिमायत करते हैं या वोट देते हैं हिमायत
[24:05]करते फिर इस पर एक बार में आते बस आप समझ से
[24:09]सुने तस्वीरों को बस सीरप की जरूरत है आगामी की जरूरत होशियारी
[24:12]की तरह से छठे मांगे दौर में आपकी देखें के सदस्य सह
[24:17]आरोपी आए छोटे भीम के पास इमाम के साहब हैं आकर कहने
[24:22]लगे यह भी जरा जाहिर उद्दीन से इन्होंने देख इतने बड़े-बड़े लश्कर
[24:25]तैयार होने छोटे हमको आपसे बोला कि माला आप अपने हथेलियों श्याम
[24:29]करें अब मुस्लिम भी आपके साथ है अब वह सलमा भी आपके
[24:33]साथ तो छैयां ने सधीर को क्या जवाब दिया सुनने छह मामले
[24:40]में सदर को कहां के एप ज़हीर मेरे पास ह की शिष्या
[24:43]17 भी नहीं है सेवेंटीन 1717 0 मामले का मेरे पास 17
[24:51]भी नहीं है और तुम चलो हफ्ते लिए श्याम करो या नहीं
[24:53]वह जो 1 लाख कलश कर थोड़ा शांत की जमीन पर अब
[24:58]मुस्लिम ने तैयार किया था और वह जो हजारों का लश्कर इराक
[25:02]की जमीन पर abu-salma ने तैयार किया था प्रेम मिश्रा जिसने दोनों
[25:06]तस्करों को रद्द कर दिया रमेश यादव ने कहा कि जाहिर तौर
[25:11]पर हमारा नाम ले रहे हैं लेकिन इतिहास हमारी नहीं करते शोर
[25:14]नहीं है न में देता है हमारी नहीं करते यह बेशऊर है
[25:18]यह हर झंडे के पीछे लब्बैक कहते हैं निकल पड़ते हैं और
[25:24]हम रोमनी ने ओबामा का यह बयान किया अमरमणि ने कहा कि
[25:29]लोगों के तीन गुरु हैं तब बच्चों से सुनने याद तुमने नहजुल
[25:31]बलाग़ा मालिक का नाम आवेदन करते लोगों के तीन गुरु हैं एक
[25:39]आंवले में रब्बानी है और दूसरा तालिबे इल्म जो अल्लाह की राह
[25:42]पर चल पड़ा है दो शुरू हो गए एक आलू में रब्बानी
[25:47]और दूसरा तालिबे इल्म जो अल्लाह की राह पर चल पड़ा है
[25:53]और तीसरा इमाम ने कहा हमारा जन्म रह ह मा जून रावण
[25:55]की सलाह हनुमान जी की जन्म तिथि के मौला अली की तब
[26:00]हमने बहुत सारी टर्म सी के कंप्यूटर की टर्म सी की है
[26:04]मेडिकल की टर्म सीखते हैं हम साइंस की प्रमुख सीखते टाइम्स कहते
[26:07]हैं टेक्नोलॉजी सीखते ना हम मेडिकल की टर्म सीखते हैं और जितने
[26:13]भी फील लो की कोशिशें मौला अली की कमजोरी सीखे हैं ए
[26:15]मालिक किस तरह आप भी ठीक है मालिक करें तीसरा गुरु है
[26:20]हमारा जून राह हम जोन रा दाणा मुनासिब कर रेवड़ रेवड़ बोलते
[26:25]रेवड़ जैसे बकरियों का पेड़ होता है ना बकरियों का रेवाड़ बस
[26:31]पीछे चरवाहे के चल पड़ता है बगैर सोचे-समझे क्योंकि वक्रीय है वह
[26:34]मैं आपको तो नहीं है लेकिन वाला आईने में साल दिए उनकी
[26:39]समझाया इंसानों को है और फिर इमाम ने कहा कि या तो
[26:40]आलंबनों फिर आगे चलकर फरमाते मावा लिया तो आलिम बनो या तालिबे
[26:47]इल्म बहनों वरना हम जो मेरा नाम शुमार हो जाओगे वरना ऐसे
[26:51]लश्कर में शुमार हो जाओगे जो बगैर सोचे-समझे हर किसी के पीछे
[26:57]चल पड़ता है बगैर सोचे-समझे बेशक उन लोगों के लश्कर में शामिल
[27:01]मत हो पेशेंट सूरी ने हर इमाम को रुलाया है बेशऊरी ई
[27:07]एम ए राजा को तनहा कर देती है बेशऊरी इमाम काज़िम को
[27:12]14 साल कैद करवाती है बेशऊरी प्रॉमिस अधिक तो यह हलवा थी
[27:19]मेरे पास 17 सुभाष चौरसिया नहीं है बेशऊर बी कर बलात् जैसा
[27:22]वाकया करवा देती है बेशऊरी मालिक को तन्हा कराती है बे चोरी
[27:28]के मामले में हसन के नीचे से मस न हुआ लेती है
[27:32]बे सॉरी एग्जाम में स्त्री को नजरबंद करा देती है बेशऊरी तमाम
[27:35]मुसलमानों को पड़ता है में ले जाती है कि बेशक हो रही
[27:41]है मैं सिर्फ हम कातिल पर लॉन्ग गाउन करके ना चले जाएं
[27:44]हमें यह भी पता हो के सबसे बड़े कातिल ओं आईएम के
[27:50]कातिल जितने बड़े मुजरिम थे उनसे बड़े मुजरिम बेशऊर अवाम थी खामोश
[27:54]आवाम थी साइलेंट अक्सरियत थी साइलेंट मेजॉरिटी थी सामाजिक शर्यती इसकी वजह
[28:03]से Bigg Boss संघ को आप देखें इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम ने कैसा
[28:07]लेकिन फिर भी हमारे किसी भी इमाम ने अपना काम नहीं छोड़ा
[28:12]डटे रहे अल्लाह की राह पर डटे रहना या तो उन्हें जहर
[28:14]दे दिया जाता था यह तलवार से सहित कर दिया जाता था
[28:18]यही होता नायरा इमामों के साथ क्यों पता ऐसा क्यों क्रॉस जहां
[28:20]पर डटे रहे अपने काम को नहीं छोड़ा झांक कर देखे मामला
[28:25]का रस नाम का दौरा इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के दौर में पहली
[28:29]याद लगा ई-मेल खोल कहते हैं या नी एक बड़ा इमाम चौक
[28:35]पर जो परेशान था लेकिन उसका मुकाबला किया अपनी बशीर अपनी हिम्मत
[28:42]से इलाहाबाद की सबसे पहला प्रेशर जो इमाम के ऊपर डाला हुआ
[28:45]था वह खुद मामून रशीद यानी सैफ का भी प्रेशर था हुकूमत
[28:51]की जानिब से था और वह क्या था मामून जो है वह
[28:55]इमाम को शिकंजे में रख जानते ही मांग बुलाया था मामू ने
[28:58]मदीना से इसलिए नहीं बताया था कि वह हमसे मोहब्बत करता था
[29:03]इमाम से अक़ीदत रखता था इसलिए नहीं बुलाया था बल्कि इसलिए बुलाया
[29:06]था कि ताकि इमाम की तमाम तरफा लियाकत और एक्टिविटीज पर निगाह
[29:13]रखे किमाम क्या कर रहे हैं जिससे मिल रहे हैं कहीं कोई
[29:15]तहरीर तो नहीं बना रहे कहीं कोई जो है वह मन अब
[29:19]हम ग्रुप पर यह तैयार नहीं कर रहे हुकूमत के खिलाफ कहीं
[29:22]कोई ऐसा कुछ नहीं कर दिया नहीं एक तौर पर किमाम में
[29:24]राजा को खुरासान बुलाकर नजरबंद किया हुआ था नैनीताल में रसायन पड़ी
[29:30]गुर्जरों ने अपनी ज़िंदगी गुजार रही है आप यार अपने में क्या
[29:33]पढ़ते अस्सलामो अलाइका या गरीब बल हो रहा कि मानवता के लिए
[29:37]पढ़ते हैं ना कि गरीब गुरबा गरीब उर्दू सम्मान में शरीफ उसे
[29:44]कहते हैं जिसके पास पैसे ना हो लेकिन अरबी में शरीक उसे
[29:47]नहीं कहते जिसके पास पैसे ना हो यह रामाबी में उर्दू में
[29:51]अरबी में ना तो अरबी में गरीब उसे नहीं गए थे जिसके
[29:57]पास पैसे ना हो अरबी में गरीब उसे कहते हैं जिससे वतन
[29:59]छुड़वा दिया जाए जिसके पास मददगार ना हो जिसके पास अनुसार ना
[30:06]हो जिसके पास पैरोकार ना हो जिसको तनहा कर दिया जाए उसे
[30:09]गरीब अरबी में कहा जाता है यानी गरीब उन हो रब्बा जिससे
[30:14]बटन छुड़वा दिया किमाम में राजा को महमूद ने शिकंजों में रखा
[30:20]हुआ था यानी बुलाकर नजरबंद किया हुआ था जाहिर तौर पर लोगों
[30:22]को वह यह पेश करता था लोगों के सामने के मामले में
[30:26]यह जो है वह हमारे जो हुकूमत का हिस्सा है लेकिन हमें
[30:31]आशा ने कहा था मैं तुम्हारे किसी भी इस काम में रुकती
[30:35]काम में मैं तुम्हारे साथ नहीं बैठूंगा ना तुम्हारी हुकूमत को मैं
[30:38]मजबूत करूंगा क्योंकि तुम्हारा बात इल्जाम है जालिमों का नेताम पाते होता
[30:45]है माह में बताने बात इल्जामों याद रखें कि मैं राजा ने
[30:48]बात इल्जामों की हिमायत नहीं की ना बादल ने शामों में बैठकर
[30:55]बात इल्जाम को मजबूत किया पलकें आई आकर देखें अली विन्यस्त एन
[30:59]को अगर इमाम ने हुकूमत चंद्र भेजा के जाओ जाकर हुकूमत में
[31:06]रहो बाजार आंवलों तो अली विन्यस्त जैन इमाम के गहने जैसे हम
[31:09]जैसे आज जवान उर्दू में कैसे हम ऊपर खबरी खबर देने वाला
[31:15]मुजफ्फर इमाम ने अपना एक नुमाइंदा वहां रखा हुआ था लिव इन
[31:18]एक टाइम ज़ाहिरी तौर पर हुकूमत में गए लेकिन इमाम रजा को
[31:23]आकर खबर देते थे कि तस्वीरों के खिलाफ यह प्रोपेगंडा होने वाला
[31:27]है यह मामलों को आकर पूरी आगे ही हुकूमत की जो अंदर
[31:31]की जो रिपोर्ट होती थी वही आपको देते थे फिर कि हिट
[31:35]मत हम लिए तैयार करते वक्त आवाज सुनने एक महा जेमे नगा
[31:38]के लिए था सबसे बड़ा होता बाहर हुकूमत की जानिब से परेशान
[31:42]त्यागी महासभा और एक और महाराज कि बच्चों पर 9th मई इस्लामिया
[31:49]के आकात क्योंकि हमारा साथ नहीं किसकी सिरप पर अमल किया अपने
[31:56]जब परम पराक्रम किसी रखे यानि भीम तौहीद अलम नवयुवक यह सारे
[31:59]जो अकाउंट से तौहीद अलम वक्त कयामत की जो चकित दें उम्मतें
[32:03]इस्लामियां है मैं तो इतना वक्त और कयामत फिर अलॉय इमामत अ
[32:10]कई दशकों में आ जाती लेकिन तोहीद एक नवयुवक और कयामत यह
[32:17]तीन अकाउंट में हम उम्मीद के साथ मुस्तरा करें तमाम उम्र के
[32:20]साथ पहले हमने इन तीनों अब कई दें इस्लामिया का दावा किया
[32:26]तो अब मैं आपको एक और सफेद बता दूं तो वजह से
[32:30]सुनियेगा और सुनिएगा कि मैंने शुरू में क्या बयान किया था जब
[32:33]तक टीम अब जब स्टीम फिराक में था जब तक टीम अब
[32:39]का एक पैरोकार था बहुत बड़ा फॉलो बरसा उसका नाम है फसल
[32:46]झुर्रियां टाइम ए पागल झुर्रियां आ सकते हैं नाम इसका पता है
[32:50]सूर्या सकते हैं इसको इसलिए कहा जाता है कि मामून की हुकूमत
[32:56]में इसके पास दो बड़े मनसब और पौधे थे दो बड़े ओहदे
[33:02]थे कि मामून के हुकूमत इमाम मूसा सद्र सा बादशाह था और
[33:06]फसल था यह मामून के हुकूमत में इस मामले कप का वजीर-ए-आजम
[33:13]था कि एक पौधा आपके पास था प्राइम मिनिस्टर का वजीरे आज़म
[33:16]का और दूसरा और तथा यह फौज का जबड़ा भी था मानूंगी
[33:21]ए पागल झुर्रियां पैन कमानी यह झुर्रियां तेंदुओं को कहा जाता है
[33:30]जिसके पास दो औरतें हूं एक यह प्राइम मिनिस्टर भी था कि
[33:32]बजे अलार्म पिता और दूसरा चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बता यानि मामून
[33:40]की सोच का सर्राफ बताया कि दोनों हृदय फसल के पास से
[33:47]जैसे कि आप जानते हैं जैसे परवेज मुशर्रफ का दौर गुजर रहा
[33:49]था तो दोनों थे उधर सदर भी था और वर्दी भी ची
[33:54]गाणी आर्मी का भी सराहा और सदर बेटा इसी तरह है फसल
[33:59]था कि सूर्या सकते हैं इसको कहा जाता है फसल दरअसल सर्च
[34:03]टीम अब कथा लेकिन यह मुसलमान हो गया था लेकिन एक और
[34:09]चीज याद रखें यह जाहिरी तौर पर मुसलमान हुआ था लेकिन यह
[34:12]इसका एक हादसा था इसका खतरनाक विटामिन था वह आज हम जानते
[34:20]क्या था यह फसल इसलिए मुसलमान हुआ था यह कहता था कि
[34:25]जितने भी इरानी हैं उस वक्त मेरा किरदार में समय क्या था
[34:28]कि जितने भी रानी है यह सब सरकशी थे इनको मुसलमान कर
[34:33]दिया गया और मौसम इस्लाम की तली हुई थी इस वजह से
[34:38]ईरान में फिर मुसलमान हो गए तो फसल यह कहना था कि
[34:39]फसल अपने साथ टीम अपना मकसद अपना एवं यह लेकर आया था
[34:45]कि सारी और उसने कि मुसलमान हो गया लेकिन दिल से मुसलमान
[34:50]नहीं हुआ था इसका तक यह था कि मैं सारे ईरानियों को
[34:52]वापस जर्बदस्ती बनाऊंगा अ के जरिए बड़ा खतरनाक मंसूबा लेकर यह हुकूमत
[35:01]के पौधे पर पास हो गया था यानी सारी पावर जिसके पास
[35:04]सिंह व जीरा समभाग चीफ आफ आर्मी स्टाफ भी था तो कितनी
[35:09]बड़ी पावर होती है एक मिनट का एक उंगली करके दो बड़े
[35:14]और देश के पास से तो कितनी बड़ी पावर होगी अब हमें
[35:19]राजा का मुकाबला असल मुकाबला था वह फसल से था अब देखिए
[35:21]मैं में लगा कि एक बात और वशीकरण बता रहा हूं किमाम
[35:24]में रह जाने बगैर हथियार के कितना बड़ा जहाज किया है इस्लामी
[35:27]जिहाद नजरिया टी जी हां तबीयत है जी हां यह आप तलवार
[35:34]से बड़ा ज्यादा होता है अब का साइज के दीपक सिहाग अगर
[35:40]एम ए राजा फसल से इन अपराधों के दीपा का ज्यादा करते
[35:42]ना तो आज रात में आपको एक विशेष नजर नहीं आता था
[35:46]कि इरान आज आप देखे अल्हम्दुलिल्लाह इरान वह मुच्छड़ बन गई है
[35:54]जो तैयार कर रहे भर और तस्वीरों का इमाम बन गया है
[36:00]धनियां ओला आज अपना कर सकते हैं कि ईरान को इरान से
[36:02]हरा दिया सऊदी में है वहां पर तो इस्लाम है वहां पर
[36:07]जो निशान है विलायत यह की करने शाम नोटिफिकेशन आज हम उसे
[36:12]फॉलो करते हैं ना तो कि वह अधीन है अच्छा अब समझ
[36:17]में आ का दिमाग में लोगों का मुकाबला कि सदा सबसे बड़ा
[36:20]फसल से फसल जोड़ रहा टाइम है आज मैं आपको मिसाल दूं
[36:25]और आज साधु समाज में समझाऊं फसल जानते क्या एवं रखता था
[36:28]वहीं रखा था कि तमाम जो इन लोगों को मुसलमानों को हर
[36:32]दृष्टि बनाऊंगा आज अभी आपने हालिया खबर सुनी है ना कि हिंदुस्तान
[36:35]में क्या हो रहा है हिंदुस्तान में दो अज्ञात और हैं अभी
[36:40]आपने देखा कि बीजेपी के रहनुमा ए नूपुर शर्मा इस मलऊनों और
[36:45]अपने परम पराक्रम की शान में गुस्ताखी की अभी सबको आपको खबर
[36:48]मिल गई है सोशल मीडिया आप देखते हैं बीजेपी वह जमात है
[36:53]हिंदुस्तान के अंदर आप देख रहे हैं वहां क्या हो रहा है
[36:55]यह वह जमात है जो हिंदुओं के साथ भी मुकेश नहीं है
[37:00]यह भी याद रखें और एक और चीज याद रखें हिंदुस्तान में
[37:05]सारे हिंदू सिद्ध पसंद नहीं है ये सब हिंदू नहीं है इधर
[37:12]पोर्शन यह सिर्फ एक जमात एक पार्टी है बीजेपी भारतीय जनता पार्टी
[37:15]जिसका असर बड़ा यह नरेंद्र मोदी है ज्यादा समय मांगा जो एक्स्ट्रा
[37:19]धार में के पार्टी अभी हुकूमत किसी पार्टी के हिंदुस्तान में यह
[37:24]पार्टी प्रोपेगंडा करके हिंदुओं को उकसाती है मुसलमानों के खिलाफ आजमा सूर्य
[37:29]हो गई कि भारत खाना जंगी के गाने बजा रहा है इतनी
[37:34]खतरनाक सूरते हाल है अभी मीडिया पर पाबंदी लगी हुई है न्यूज
[37:36]नहीं दिखा रहे हैं सत्ता के YouTube चैनल जो इंडिया के न्यूज
[37:42]YouTube चैनल से से कि मीडिया वाले नहीं जो बाज़ू पर से
[37:48]YouTube चैनल जो हक अंदर के दिखा रहे थे उन पर भी
[37:49]बैन कर दिया इंडियन गवर्मेंट ने हिंदुस्तानियों को मत ने उनपर बैन
[37:55]कर दिया और वह बंद हैं इस YouTube चैनल भी बंद कर
[37:56]दिए बस अब आप अंदाजा करें लेकिन यह बीजेपी सवाल यह बनता
[38:02]है यह बीजेपी यह कर क्यों रही है क्या मकसद है तो
[38:07]मैं आपको इसका हम बताता हूं बीजेपी के जो शिद्दत पसंद और
[38:10]एक्ट्रेस रहनुमाई जितने भी और इनकी सपोर्ट में जो वहां के एक्सट्रीमिस्ट
[38:20]पंडित है एक्सेस पंडित उन सब के बयानात अंदर रिकॉर्ड है मीडिया
[38:24]पर मौजूद ने इन सब का यह कहना है अब मैं उनके
[38:27]बयानात बता रहा हूं कि यह जुल्म क्यों कर रहे हैं मुसलमानों
[38:29]पर हिंदुस्तान में उनका हाथ लगी है वह यह कहते हैं कि
[38:34]भरे शरीर की जमीन हिंदुस्तान पाकिस्तान दोनों मर गए शरीर कहलाते हैं
[38:38]उत्तर प्रदेश शरीर की जमीन पर जितने भी मुसलमान हैं यानी मैं
[38:44]आप पाकिस्तानी मुसलमान और हिंदुस्तानी मुसलमान जितने भी हैं हिंदू यह बीजेपी
[38:50]के एक्सट्रीमिस्ट सिद्ध पसंद लोगों का यह कहना है कि जितने भी
[38:54]मुसलमान हैं यह पहले हिंदू थे कि उनका चेहरा यह पहले हिंदू
[39:00]थे और अब हम इनको वापस हिंदू बनाएंगे अगर प्यार से नहीं
[39:04]बनेंगे तो मार से बनाएंगे डंडे से बनाएंगे तलवार से बनाएंगे और
[39:10]अगर इन्होंने अपना मजहब तब्दील नहीं किया हिंदू नहीं हुए तो इनको
[39:13]काट दिया जाए मार दिया जाए यह नजरिया बीजेपी का है जिसके
[39:20]तहत बीजेपी वहां पर हिंदुस्तान मुसलमानों पर जुल्म कर रही है कि
[39:24]यह उनका नजरिया अ कि यह मैंने तारीख में हिमांशु लिए बीच
[39:28]में हवाला दिया था कि हमें पता चल जाए कि आज क्या-क्या
[39:32]मामला हो रहे हैं यानी वह यह कह रहे हैं कि इन
[39:36]तमाम मुसलमानों को वापस हिंदू बनाओ कि अगर आप अगर हिंदुस्तान के
[39:42]मुसलमान अगर हिंदुओं जाते हैं तो बीजेपी के लिए फिर हम इनको
[39:44]नहीं पा रहे हैं तो फिर वह SMS सिद्ध पसंद जो हिंदू
[39:49]है वो क्या है हम इनको नहीं मारेंगे है लेकिन यह भी
[39:52]याद रखें कि मुख्य किसी से नहीं है इन्होंने सिखों को भी
[39:57]मारना कि सिखों के साथ भी बुरा बर्ताव कर रहे हैं वहां
[39:59]पर के बीजेपी वाले और शोध अपने बाज हिंदू जो एक शहर
[40:05]जाने दारानगर बयान भी दे देना कोई हिंदू यह कहते कि मुसलमान
[40:09]है मुसलमानों पर नहीं करना चाहिए ऐसी को में नहीं करना चाहिए
[40:12]बाद उसके खिलाफ भी अफ्रीका ठवा दिए हैं हिंदुस्तान की सूरते हाल
[40:16]के अंदर की कि उनके खिलाफ f i r कटवाने जो अपने
[40:20]हिंदुस्तान के क्यों कटवा दी इस वजह से क्योंकि उन्होंने एक जुमला
[40:23]बोल दिया कि इस जल नहीं होना चाहिए बस इस बयान पर
[40:27]इन्होंने उन लोगों को मैंने छोड़ा था इस वजह से बहुत हाफ
[40:31]के अंदर है वहां का हिंदू भी और वहां के मुसलमान है
[40:36]कि सूरतेहाल वहां पर पैदा कर दी गई है बहरहाल तमाम मुसलमानों
[40:38]को आलमी सत्ता के ऊपर आवाज़ उठानी चाहिए आदमी था पर अरब
[40:45]मालिक ने एक काम किया कि अपनी मां से यूआईटी ने सऊदी
[40:48]अरब ने कतर ने और इधर ने अपने जो मार्किट से मार्ग
[40:51]जैसे स्मार्ट होते हैं यह हमारे अपने मिनट और बड़े-बड़े मेगा मार्ट
[40:56]बन इस मार्ग से हिंदुस्तानी प्रोडक्ट जाहिरी तौर पर हटा दी और
[40:59]मीडिया को बुलाकर देखा है तो हमने हिंदुस्तानी प्रोडक्ट का बायकाट कर
[41:02]दिया यह अरब की मुनाफिकात है झूठ बोल रहे हैं आप अरब
[41:07]अरब से ज्यादा भी कर सकते हैं जानते क्या कर सकते हैं
[41:12]28.84 अरब हिंदुस्तानी रूपीस के मुताबित सऊदी अरब सालाना हिंदुस्तान को तेल
[41:23]देता है कि अगर सिर्फ सऊदी अरब हिंदुस्तान का तेल बंद कर
[41:26]दे हिंदुस्तान के अंदर दिवालिया हो जाएगा फैक्ट्रियां बंद हो जाएंगे ये
[41:30]सब सऊदीया एक मॉल यानि इतना बड़ा तेल हिंदुस्तान वह सऊदी अरब
[41:37]से ले रहा है क्या प्रोडक्ट का बाइक को टक्कर देने से
[41:40]गुस्ताख ए रसूल कम हो जाएगी हिंदुस्तान में एक ही यह नकुल
[41:45]शर्मा यह कि नहीं है हजारों मुकुल शर्मा बैठी हैं दोपहर अकरम
[41:48]की शान में गुस्ताखी कर दें कभी कुरान की बेहुरमती करतें दौरान
[41:53]पर बिल्डरों व फैसलें मस्जिदों में जलाए गए के मध्य प्रदेश रियासत
[41:59]के अंदर Vaseline या तो केंद्र की काम हो रहा है राजस्थान
[42:01]के अंदर हुए हैं हालिया वक्त दैनिक कोई ऐसी रियासत न हिंदुस्तान
[42:06]की जहां से खबरें आ रही हो कि फलां जगह मस्जिद तो
[42:10]यह हो गया फलां जगह यह किया है और मुसलमान ख्वातीन कि
[42:12]इस जत्थे में महफूज नहीं है इसमें धरि बस अंदाजा करें मैं
[42:17]अब वापस जाऊंगा अपने मौजूद थे तब से सोने के मैंने मैसेज
[42:23]देना था यह वहां गेस्ट मिस जो बीजेपी वाले वह कहते हैं
[42:26]इनको वापस हिंदू बनाओ फसल झुर्रियां तह0 ही कह रहा था इस
[42:32]समारोह के दौर में फसल जी कह रहा क्व आपस में जबरदस्ती
[42:38]बनाऊंगा अब आए यहां पर जाने फसल क्या करता था बड़े-बड़े डेढ-डेढ
[42:43]समझते जो तो हित के कार्य नहीं होते जो माता पर से
[42:48]मैटर लिस्ट है जो यह कहते हैं कि कायनात खुद फल को
[42:54]यह अल्लाह नकल नहीं की ऐसे मेट्रो लिस्ट ऐसे डेहरी ऐड से
[42:57]मुद्दीन फसल लेकर आता था इनामी राशि से मनाने के लिए लेकिन
[43:03]अल्हम्दुलिल्लाह हम आंसू में हमें राजा उनको मना घरों में शिकस्त दी
[43:06]थे सुसाइड से बातें इल्मी तौर पर इमाम से बड़ा इमाम के
[43:11]दौर में कोई भी नहीं था प्रेम का एक में है इधर
[43:14]यह दूसरा महासभा सुनने मैं इसी पर वस्तुओं को समेटकर तमाम कर
[43:19]दूंगा फिर हम दर्द को यहीं पर खत्म करेंगे पहला महाशय घुमाते
[43:24]इस्लामिया रूपा कि अ लगातार को इमाम रजा ने रोका कितना बड़ा
[43:28]काम किया है मेरा सामने तलवार से बड़ा जी हां देंगे तलवार
[43:33]से बड़ा ज्यादा मैंने कहा ना कि अगर दिमाग में जहां फसल
[43:38]झुर्रियां आ सकता है कि यह लगातार को पार किया लगातार को
[43:43]सर्कस क्योंकि अ लगातार को इरानियों के ऊपर ना रोकते तो आज
[43:45]भी रानी मुसलमान नवगछिया ना होता है तू ही मेरा सामने इतना
[43:52]बड़ा काम किया कि पूरे ईरान को म्यूट बना दिया पुरे इरफान
[43:55]को लंबा ऐसा बनाया गया ल हमदुलिल्ला आवाज कि पूरी दुनिया में
[44:03]कि अगर तस्वीरों का कंपेरिजन किया जाए तो अल हमदुलिल्ला पूरी दुनिया
[44:09]में अगर सुपर पावर के सामने कोई कषायों अग्रसर बुलंद है सर
[44:13]उठाया हुआ है अगर इस जप के साथ जी रहा है तो
[44:18]वह स्कैन इरानी तैयार है जबकि साथ जी रहे आप देखें इतनी
[44:24]पाबंदियों के बावजूद अब हम पाकिस्तानी हुकूमत जाती है ना पाबंदी लग
[44:28]जाएंगे हम कैसे करें हम यूरोप के साथ नहीं चलेंगे हो जाएगा
[44:32]हमारी स्किन मिक्स जब हो जाएगी आइए मैप से फंड नहीं लिया
[44:33]तो यह कहते हैं उनको मोदी इरान को तो कोई आई MS
[44:38]Word नहीं देना है है लेकिन याद रखो आप आइए मैप केवल
[44:43]आम हो इरानी एम्मा में राजा के गुलाम है है इसीलिए घोषाल
[44:46]है अलहम दू लीला देखें हां ठीक है क्राइसिस होते हैं महंगाई
[44:52]होती है सब कुछ है लेकिन इस जप का दार्थ दिमाग में
[44:54]राजा के बेटे ने मा में राजा के फ़र्ज़ंद ने जिसका नाम
[44:58]सैयद अली हमला यह दोनों को इस कदर दिया हुआ पूरी कौम
[45:03]को इस पर ध्यान दें अली ने फर्ज नेहरा ने जिसका नाम
[45:05]सैयद अली सामना यह आग्रह पर इमोशन पूरी कौम को संभाला होगा
[45:09]और लेकर चल रहा है 40 सालों से अल्हम्दुलिल्लाह और इंशाल्लाह शुरू
[45:14]होंगे आगे निकालना और हॉर्न नाबूत होंगे जो दुश्मने अहले बैत और
[45:17]दुश्मने सिचुएशन बस तुझे सुनिए दूसरी यलगार किमाम में राजा के दौर
[45:24]में क्या हुई तस्वीरों के इंटरनल जूस बस मुक्तसर सुनने में ज्यादा
[45:28]इसकी डिटेल में जाऊंगा चरणों के आकार ईद पर यह लगा और
[45:32]अंदर से और वह था तस्वीरों के अंदर फिर से बनाना है
[45:34]हैं और जानते हैं किसने की यह लगातार अब सुनकर बड़े हैरान
[45:41]होंगे लेकिन तारीफ है किमाम में राजा के सगे भाई ने है
[45:46]जिसका नाम है गद्य मैं एक बैक शहीद तो वहीं से ज्यादा
[45:53]सादात हैं चौथे मामले में जांच सहित वह नहीं वह अलग हैं
[45:54]दिमाग में राजा के सगे भाई का नाम था जैद इसमें दावा
[46:00]इमामत किया इसने कहा कि किमाम में बसाए मामले के मेहमान हूं
[46:08]मैं कि इसने सैद ने तमाम रवा का सगा भाई दिमाग मीका
[46:10]सिंह का सगा बेटा सर जरा देखें कितना गलत सोच रहा है
[46:17]लेकिन देखिए इसका किरदार देख किरदार किया था वह अब इसके अलावा
[46:21]इमामत किया है और फिर क्या किया जैसे इस दवा इमामत किया
[46:25]अकेला नहीं था इसको सपोर्ट करने वाला खुफिया तौर पर मामून था
[46:31]पीछे से हुकूमत सपोर्ट करती थी मामू सपोर्ट करता था हैं और
[46:34]इसमें एक महा खड़ा किया फिर का बना दिया इमाम रजा के
[46:38]दौर में फिर कब बन गया उस पर का कॉर्नर सिरके का
[46:41]नाम कब सिरका इस दे दिया है सातवां से दौड़ में बना
[46:45]था फिर का स्वागत किया है जो स्माइली आज के दौर में
[46:53]स्माइली स्माइली जो है वह छठे माह के बेटे खास माइल जिनका
[46:55]इंतकाल छैयां के दौर में हो गया था स्टेम के बड़े बेटे
[47:03]थे इस्माइल इस्माइल बिन जायफर इनका नाम था इस्माइल का इंतकाल छोटे
[47:07]मांग और में हो गया था इमाम ने उनका जनाजा जगह-जगह रखकर
[47:12]मुझे उनका जनाजा लेकर जा रहे ने कब्रिस्तान तो इमाम ने फतेह
[47:15]मामने जनाब ए स्माइल का जनाधार जगह-जगह रखकर कफन हटा हटा कर
[47:20]लोगों को चेहरा दिखाया और बताया कि देखो इस्माइल का इंतकाल हो
[47:22]गया इस्माइल का इंतकाल हो गया इस्माइल का इंतकाल हो गया फिर
[47:28]दफना दिया लेकिन इस्माइल के बाद फ्लोवर ऐसे थे यानी यह बेशर्म
[47:31]लोग थे इनको हुकूमत रुक साथी हारून रशीद ने उकसाया था हारून
[47:37]ने और उकसाया यह था कि इस्माइल जो था इसने यह जानते
[47:39]हाथों में क्या प्रॉफिट करवाया था मजा भी लोगों से करवाया था
[47:45]प्रोपेगंडा और वह करवाया था कि इस्माइल जो था वह कि इंतकाल
[47:47]नहीं हुआ इस्माइल पर दबाव में चला गया वह इमाम मेंहदी है
[47:51]है यह और फिर आज जो इस्माइली हैं वह इस्माइल तक इमामत
[47:58]को मानते हैं और इस्माइल के फॉलोवर्स बन गए जनाब स्माइल वाला
[48:03]बन गए लेकिन इस्माइल का इंतकाल हुआ है मां में सादिक़ अलैहिस्सलाम
[48:06]ने जगह-जगह चेहरा दिखाया जान-बूझकर दिखाया हमने बार-बार के ताकि तुम लोग
[48:11]बाद में प्रोपेगंडे का शिकार ना हो लेकिन वे शोर और फिर
[48:15]भी हो जाते थे बेशऊरी इसलिए इसलिए खतरनाक चीज है बस आता
[48:17]मुझे सुनने यह इस तरीके को कहते हैं फिर का वर्क किया
[48:22]तारीफ की जबान में तारीफ की टर्म्स में तारीख की सलाह में
[48:27]सिर्फ वापसी या वारिस या वारिस या कहते हैं वक्त वक्त कहते
[48:30]रुक जाने को रोकना है कि यह इस्माइल पर आकर इन की
[48:36]इमामत रुक गई इनके जो फिर कथा यह फॉलो बस इस्माइल पर
[48:39]आकर इमामत रुक गई इसलिए इनको फिरौतियां कहां गया अब फिर कई
[48:45]वापसी या सातवें किमाम के दौर में बन चुका था सातवें मामले
[48:49]दौड़ में साथ में इमाम की ज्यादातर जिंदगी के बहाने में खुजली
[48:52]गुर्जरी हम आपको तकलीफ कमाकर कब मिला साथ में इमाम को इसलिए
[48:55]सिरका वापसी व मजबूत हो गया दिमाग को मौका कब मिला तब
[49:00]इसका फिर करवाते हैं मजबूत होगा लेकिन जब आठवें का दौर आया
[49:04]तो एक सिरका वापसी से पहले से नशेड़ियों के अंदर था अब
[49:06]यह सगे भाई ने एक और फल का बना दिया फिर कैसे
[49:11]दिया कि हमारा के सगे भाई ने और मुर्गा बना दें फिर
[49:14]कर दिया अब यहां से इमाम ने इस तरीके का भी मुकाबला
[49:18]करना था उस फिर कभी मुकाबला करना था और दोनों के आखिरी
[49:22]दम मिक्स करके जो तस्वीरों को बेवकूफ बनाया जा रहा था विमान
[49:25]में राजा ने अपनी तालीमात के जरिए बताया कि नाम वापसी या
[49:30]और नगद दिया बल के इमाम मियां के अकाउंट व है जो
[49:36]हमारी ताली मांस है इसे बाहर जा के सबसे बड़ा कारनामा यह
[49:38]था बस मैं यहां गुप्त को तमाम करता हूं पहली डीजल कार
[49:42]बड़ी बाहर से उम्मत के ऊपर से ही तोहीद नवयुवक कयामत का
[49:48]दिखाओ फिर अंदर से तस्वीरों के ऊपर यह अंदर से पहले में
[49:50]लगातार छह बना यह तो मैंने दो कि मिसाल दिया ऐसे कई
[49:55]बातें आपसे दो या फिर के बने बड़े बड़े फिरके के दो
[49:59]थे एमएलए सारे इन से मुकाबला किया इन के जितने भी लोग
[50:01]आते थे उनसे भी मना त्राहिमाम ने किया और इन सभी तस्वीरों
[50:05]के आकार का डिब्बा के और बचाया और अल हमदुलिल्ला आज 9th
[50:10]सखियों के दुरुस्त और बेहतरीन अदाकारी दिमाग में राजा की तालीम आपकी
[50:17]सूरत हमारे पास मौजूद आज सुबह मशहद में नजफ में हमारे बड़े
[50:19]हो जाए अल्मियां में अल हमदुलिल्ला आज जो उबला हुआ नजर आते
[50:24]हैं दिमाग में रज़ा अलैहिस्सलाम की तालीम आपके मरहूम इन थे इमाम
[50:28]रज़ा अलैहिस्सलाम की बेहतरीन तालीम आठवें माह में राजा ने इतने कठिन
[50:32]दौर में है और मिक्स के मामले में राजा को जाहिर तौर
[50:36]पर नजरबंद किया हुआ था ऐसे दौर में में राजा नहीं यह
[50:42]तालीमात पहुंचाई हमारा सलाम है मेरा कि जो शख्स पर पंचाल आदर्श
[50:45]को तमाम करते दुआ करते अल्लाह ताला हमें यह मेरा किसी से
[50:49]फैला समझने की तौफीक अता फरमाए यही सीधा हमने अपनी है कठिन
[50:54]दौर भी हो अपने आकार का डिब्बा भी करना है और अपने
[50:56]अकाउंट को इंशाल्लाह लोगों तक बेहतरीन तरीके से समझना भी और पहचानना
[51:04]भी यह एक बार जरुर पढ़े मोहम्मद आदि मौजूद थे
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